हमास के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने पर रूस की निंदा
इस्राइल ने हमास के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने के लिए रूस की निंदा की है। साथ ही रूस के दौरे पर गए हमास के प्रतिनिधियों को देश से निष्कासित करने की मांग की है। इस्राइल कने हमास को आईएसआईएस से भी खूंखार आतंकवादी संगठन बताया है।
हमास का प्रतिनिधिमंडल बंधकों की रिहाई पर बातचीत के लिए मास्को के दौरे पर गया है, क्योंकि बंधकों में रूसी नागरिक भी शामिल हैं। वहीं, रूस ने मौजूदा युद्ध के लिए अमेरिकी कूटनीति की विफलताओं को जिम्मेदार ठहराया है और इस्राइल-हमास के बीच युद्धविराम का आह्वान किया है। रूस संकट के समाधान के लिए सभी प्रमुख भागीदारों इस्राइल, हमास, फलस्तीनी प्राधिकरण और ईरान के साथ लगातार संपर्क में है।
इस्राइल के हमले में मारा गया हमास के खुफिया निदेशालय का डिप्टी चीफ
इस्राइल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के गाजा पट्टी में किए गए हवाई हमले में हमास के खुफिया ब्यूरो का डिप्टी चीफ शादी बरुद (Shadi Barud) मारा गया। इस्राइली सेना ने गुरुवार को यह जानकारी दी। आईडीएफ ने बरुद पर सात अक्तूबर को दक्षिणी इस्राइल में हमलों की साजिश रचने के लिए हमास नेता याह्या सिनवार के साथ काम करने का आरोप लगाया था।
आईडीएफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक बयान में कहा, इससे पहले, बरुद ने खान यूनिस क्षेत्र में बटालियनों का नेतृत्व किया और आतंकवादी समूह के खुफिया निदेशालय में विभिन्न पदों पर कार्य किया। पोस्ट में कहा गया है कि हम बर्बर हमलों के लिए जिम्मेदार हमास नेताओं और आतंकियों पर हमला करना और उन्हें खत्म करना जारी रखेंगे।
केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) की प्रमुख सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने नागरिकों की कथित अंधाधुंध हत्याओं की निंदा की। गुरुवार को कोझीकोड में विशाल रैली का आयोजन करने वाली IUML ने कहा, गाजा पट्टी पर इस्राइली हमले में महिलाएं और बच्चे भी मारे जा रहे हैं। विरोध में हजारों IUML समर्थकों ने फलस्तीन एकजुटता मानवाधिकार रैली में भाग लिया। उद्घाटन IUML नेता पनाक्कड़ सैयद सादिक अली शिहाब थंगल ने किया। कार्यक्रम में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य शशि थरूर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस्राइल की डिफेंस फोर्सेज (IDF) के जवान हमास के आतंकी ठिकानों को लगातार निशाना बना रहे हैं। इसी बीच हमास ने एक बयान में कहा, इस्राइल के हमलों के कारण गाजा में मारे गए बंदियों की अनुमानित संख्या लगभग 50 है। अल-कसम ब्रिगेड के टेलीग्राम अकाउंट के अनुसार, हमास की सशस्त्र शाखा अल-कसम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने गुरुवार को कहा कि इस्राइली हमलों के कारण गाजा में मारे गए हमास के बंदियों की अनुमानित संख्या लगभग 50 है। हालांकि, हमास के प्रवक्ता ने और कोई ब्योरा नहीं दिया।
करीब 20 दिनों से जारी हिंसक संघर्ष के बीच एक चौंकाने वाले घटनाक्रम में हमास के प्रतिनिधिमंडल के रूस दौरे की खबर सामने आई है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान कहा, गाजा को नियंत्रित करने वाले उग्रवादी फलस्तीनी समूह- हमास का प्रतिनिधिमंडल वर्तमान में मॉस्को का दौरा कर रहा है। रूस की सरकारी समाचार एजेंसी- आरआईए ने फलस्तीनी प्रतिनिधिमंडल के एक सूत्र के हवाले से कहा कि मास्को का दौरा करने वाले देशों में हमास के वरिष्ठ सदस्य अबू मरज़ूक भी शामिल हैं। बता दें कि रूस मध्य पूर्व के सभी प्रमुख देशों से संबंध रखता है। इनमें इस्राइल, ईरान, फलस्तीनी प्राधिकरण और हमास प्रमुख हैं।
इस्राइल और हमास के युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब, ओमान, कतर, कुवैत, मिस्र और मोरक्को के विदेश मंत्रियों ने गुरुवार को एक मंच पर दिखे। इस्राइली बमबारी में गाजा पट्टी पर आम नागरिकों को निशाना बनाए जाने का आरोप लगाते हुए अरब देशों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के उल्लंघन की निंदा की। इन देशों के संयुक्त बयान के मुताबिक आत्मरक्षा का अधिकार कानून तोड़ने और फलस्तीनियों के अधिकारों की उपेक्षा को उचित नहीं ठहरा जा सकता।
पश्चिमी एशिया (मध्य पूर्व) में जारी इस्राइल और हमास के हिंसक संघर्ष के बीच बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने गुरुवार को कहा कि इस्राइल को अपनी रक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने कहा कि हमास की तरफ से भविष्य में होने वाले किसी भी हमले को रोकने की कार्रवाई करने का अधिकार इस्राइल के पास है, लेकिन गाजा की पूर्ण नाकाबंदी या मानवीय मदद की खेप को रोकना उचित नहीं ठहराया जा सकता। प्रधानमंत्री डी क्रू के मुताबिक, "आज, हमास के पास दो बंधक हैं; इस्राइल के 222 बंधक, लेकिन वे गाजा की आबादी को भी बंधक बना रहे हैं।"
तुर्की के राष्ट्रपति तैय्यप एर्दोगन ने इस्राइल और हमास के युद्ध के बीच गुरुवार को कहा कि किसी को भी गाजा में हिंसा के सामने तुर्की से चुप रहने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अंकारा में एक भाषण के दौरान एर्दोगन ने कहा कि तुर्की की नजर में गाजा की जनता, फलस्तीनी नागरिक, इस्राइली और सीरियाई बच्चों के बीच कोई अंतर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि तुर्की गाजा में मानवीय सहायता पहुंचाने के लिए मिस्र के साथ अपने प्रयास तेज करेगा।
बच्चों की शिक्षा और उनके जीवन को बेहतर बनाने पर काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था- यूनिसेफ ने गाजा में इस्राइली सेना की कार्रवाई में बड़ी संख्या में बच्चों के हताहत होने को "चौंकाने वाला" बताया है। उन्होंने बच्चों की मौत की निंदा करते हुए कहा, मरने वाले बच्चों की संख्या अब बढ़कर लगभग 3,000 हो गई है।
यूनिसेफ ने कहा, गाजा पट्टी की स्थिति हमारी सामूहिक चेतना पर बड़ा धब्बा है। मध्य पूर्व और उत्तरी अफ्रीका के लिए यूनिसेफ के क्षेत्रीय निदेशक एडेल खोदर ने कहा, बच्चों की मृत्यु और चोटों की दर बेहद चौंकाने वाली है। उन्होंने कहा, "इससे भी अधिक भयावह तथ्य यह है कि जब तक तनाव कम नहीं होता, और जब तक भोजन, पानी, चिकित्सा आपूर्ति और ईंधन सहित मानवीय सहायता की अनुमति नहीं दी जाती है, तब तक रोज मरने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि जारी रहेगी।"
युद्ध की विभिषिका इतनी निर्मम होती है कि उसमें इंसानी जान की कोई कीमत नहीं रह जाती और मरने वाले लोग महज एक नंबर बनकर रह जाते हैं। ऐसा ही गाजा पट्टी में देखने को मिल रहा है, जहां अब तक इस्राइली गोलाबारी में छह हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इतने बड़े पैमाने पर मौत होने के कारण गाजा पट्टी में लोगों को बिना पहचान के सामूहिक कब्रों में दफनाया जा रहा है। एक फलस्तीनी नागरिक ने बताया कि शवों को नाम की बजाय नंबर देकर दफनाया जा रहा है। अब गाजा पट्टी के कुछ परिवारों ने अपने परिजनों को खास रंग के ब्रेसलेट पहनाने शुरू कर दिए हैं ताकि इस्राइली हमले में उनकी मौत की स्थिति में ब्रेसलेट से शव की पहचान की जा सके। पढे़ं पूरी खबर...
इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष को आज 20 दिन होने जा रहे हैं। दोनों तरफ से हुए हमलों में अब तक करीब आठ हजार लोगों की जान जा चुकी है। फिलहाल, युद्ध के थमने का कोई आसार नहीं दिख रहा है। इस बीच, एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमला करने से पहले हमास के सैकड़ों आतंकवादियों ने ईरान में एक विशेष प्रशिक्षण लिया गया था। पढ़ें पूरी खबर...
इस्राइल के सैनिकों ने बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात को गाजा पट्टी में कई ठिकानों को निशाना बनाया। बताया गया है इस्राइली सैनिक इस दौरान गाजा में पैदल ही घुस गए और कई लक्ष्यों पर हमला बोला। माना जा रहा है कि इस्राइली सेना आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर गाजा पट्टी पर जमीनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
संयुक्त राष्ट्र की तरफ से गाजा में ईंधन खत्म होने के दावे पर इस्राइल ने बयान जारी किया है। इस्राइल ने इन दावों को अतिश्योक्तियों से भरा बताया। इस्राइली सेना के प्रवक्ता ने बताया कि गाजा में अब भी बिजली और पानी की व्यवस्था है। यानी ईंधन की कमी की बात झूठी है। उन्होंने कहा यह जरूर है कि गाजा में स्थिति बहुत अच्छी नहीं है, लोगों को मुश्किल आ रही है। कुछ लोगों की मौत हुई है और कई घायल हैं, जो कि खेदपूर्ण है।
इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि हमास ने 224 लोगों को अपने यहां बंधक बना रखा है। गौरतलब है कि हमास ने सात अक्तूबर को इस्राइल पर हमला बोला था। इनमें 1400 लोगों की मौत हुई थी, जबकि कई लोगों को बंधक बना लिया गया था। इस घटना के बाद ही इस्राइल ने गाजा पट्टी पर हमले शुरू कर दिए थे।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल-हमास संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे को लेकर हाल ही में जी-20 सम्मेलन के दौरान हुआ एलान भी हमास की तरफ से इस्राइल पर अचानक किए गए हमले का एक कारण हो सकता है। गौरतलब है कि यह परियोजना चीन के बेल्ट एंड रोड परियोजना को चुनौती देने वाली साबित हो सकती है। हालांकि युद्ध की वजह से तीन अलग-अलग भू-क्षेत्रों को जोड़ने वाली इस परियोजना पर फिलहाल रोक लग गई है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस्राइल और हमास के बीच जारी संघर्ष का दायरा पश्चिम एशिया से बाहर भी प्रभाव डाल सकता है। रूस का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र में गाजा पर हमलों को रुकवाने का उसका प्रस्ताव पास नहीं हो सका। उधर गाजा पट्टी में भी इस्राइल के हमलों के चलते मानवीय मदद पहुंचाने में मुश्किलें आ रही हैं।
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार को देश को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में इस्राइल-हमास के बीच चल रहे युद्ध का जिक्र करते हुए बताया कि इस युद्ध का दो मुख्य उद्देश्य है। पहला हमास की सैन्य और शासन क्षमताओं को नष्ट करना और दूसरा बंधकों को सुरक्षित वापस लाना। पढ़ें पूरी खबर...
इस्राइल, फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास के साथ अपने इतिहास की सबसे बड़ी लड़ाइयों में से एक लड़ रहा है। ऐसे वक्त में इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का बेटे याइर नेतन्याहू की इस्राइल में गैरमौजूदगी की चर्चा हो रही है। बता दें कि हमास के इस्राइल पर हमले में 1400 इस्राइली नागरिकों की मौत हुई है। इसके बाद इस्राइल ने हमास के खिलाफ युद्ध का एलान कर दिया है। इसके लिए दुनियाभर से इस्राइली नागरिक अपने काम-धंधे छोड़कर देश के लिए लड़ने के लिए इस्राइल पहुंच रहे हैं। वहीं खबर है कि पीएम बेंजामिन नेतन्याहू का बेटा याइर नेतन्याहू इस साल की शुरुआत में अमेरिका के फ्लोरिडा गया था और अभी भी वहीं पर है। पढ़ें पूरी खबर...
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस्राइल-हमास संघर्ष को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे को लेकर हाल ही में जी-20 सम्मेलन के दौरान हुआ एलान भी हमास की तरफ से इस्राइल पर अचानक किए गए हमले का एक कारण हो सकता है। गौरतलब है कि यह परियोजना चीन के बेल्ट एंड रोड परियोजना को चुनौती देने वाली साबित हो सकती है। हालांकि युद्ध की वजह से तीन अलग-अलग भू-क्षेत्रों को जोड़ने वाली इस परियोजना पर फिलहाल रोक लग गई है।
Israel Hamas War LIVE news: इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष को अब 17 दिन हो चुके हैं। इस बीच दोनों तरफ से हुए हमलों में अब तक करीब आठ हजार लोगों की जान जा चुकी है। जहां हमास के हमले में इस्राइल के 1400 से ज्यादा नागरिक मारे गए हैं, वहीं इस्राइली सेना के पलटवार में गाजा पट्टी में 6500 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इस बीच गाजा पर इस्राइल की तरफ से लगाए गए आपूर्ति प्रतिबंधों की वजह से आम जरूरतों की कई चीजों की किल्लत हो गई है। ईंधन की कमी के चलते यहां अस्पतालों में भी आम लोगों की ठीक से इलाज नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि डॉक्टर सिर्फ आपात मामलों को ही इलाज के लिए भर्ती कर पा रहे हैं।