ईरान की सेना ने इस्राइल पर हमले रोकने की घोषणा की है। यह दोनों देशों के बीच कई दिनों से जारी तनाव के बाद स्थिति को शांत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। एएफपी की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
वेस्ट बैंक में सोमवार को एक ईरानी मिसाइल को इंटरसेप्ट करने के दौरान मलबा एक बस्ती में गिरा, जिससे तीन घर क्षतिग्रस्त हो गए। इस्राइली मीडिया की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में घटनास्थल से धुएं कागुबार उठता दिखाई दिया। हालांकि, इस्राइल की आपातकालीन बचाव सेवा मैगन डेविड एडोम ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं मिली है।
हमले के बाद यरुशलम क्षेत्र और वेस्ट बैंक के कुछ हिस्सों में हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे। इस दौरान मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रही वायु रक्षा प्रणालियों की वजह से धमाकों की आवाजें भी सुनी गईं। समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, ये आवाजें मिसाइलों को बीच रास्ते में नष्ट करने के प्रयास के दौरान सुनाई दीं।
इसके बाद ईरान ने मिसाइलों की दूसरी खेप भी दागी, जिसके चलते इस्राइली सेना ने मध्य इस्राइल के लोगों को सुरक्षित स्थानों और बंकरों में जाने का निर्देश दिया।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है, जब अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। इससे पहले रविवार को इस्राइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत में हवाई हमले किए थे, जिनमें दो लोगों की मौत हो गई थी। इसके जवाब में ईरान ने कई मिसाइलें दागीं। वहीं, सोमवार तड़के इस्राइल ने पश्चिमी और मध्य ईरान के कई ठिकानों पर जवाबी हमले किए।
इस्राइली सेना ने पुष्टि की है कि उसकी वायुसेना ने ईरान के दक्षिण-पश्चिमी इलाके में स्थित महशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर हवाई हमला किया है। सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एयरफोर्स ने इस रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्र के कई ठिकानों को निशाना बनाया। महशहर ईरान का ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल हब माना जाता है। हालांकि, हमले में हुए नुकसान की पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह हमला ऐसे समय हुआ है जब ईरान और इस्राइल के बीच लगातार मिसाइल और एयरस्ट्राइक का दौर जारी है। दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव ने पूरे पश्चिम एशिया को बड़े युद्ध के मुहाने पर ला खड़ा किया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने एक बार फिर मध्यस्थता की कोशिश तेज कर दी है। कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर अमेरिका-ईरान वार्ता और क्षेत्रीय सुरक्षा हालात पर चर्चा की। कतर ने कहा कि वह तनाव कम करने और स्थायी शांति स्थापित करने की हर कोशिश का समर्थन करता है। दूसरी ओर, ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने जाफा में एक अहम इस्राइली ठिकाने पर हमला करने का दावा किया है। इसी बीच आईआरजीसी ने ऑपरेशन नस्र के तहत इस्राइल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस पर मिसाइल हमले का दावा किया। जवाब में इस्राइल ने ईरान के महशहर पेट्रोकेमिकल प्लांट पर एयरस्ट्राइक की पुष्टि की। लगातार हमलों के बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि उसने इस्राइल के नेवतिम और तेल नोफ एयरबेस को निशाना बनाकर बड़ा मिसाइल हमला किया है। आईआरजीसी ने इसे “ऑपरेशन नस्र” नाम दिया है। ईरान ने कहा कि यह हमला उसके रडार ठिकानों पर हुए इस्राइली हमलों के जवाब में किया गया। दूसरी ओर, इस्राइल ने भी ईरान के महशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर एयरस्ट्राइक की पुष्टि की है। मिसाइल हमलों के बाद इस्राइल में सायरन बज उठे और लोगों को सुरक्षित ठिकानों में जाने के निर्देश दिए गए। इस पूरे घटनाक्रम के बीच मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप लगातार दोनों देशों से तनाव कम करने की अपील कर रहे हैं।
ईरान ने फिर दागीं मिसाइलें, रक्षा प्रणाली सक्रिय इस्राइली सेना ने दावा किया है कि ईरान ने एक बार फिर इस्राइल की ओर नई मिसाइलें दागी हैं। सेना के अनुसार, मिसाइलों की पहचान होते ही देश की रक्षा प्रणालियों को सक्रिय कर दिया गया और उन्हें रोकने की कोशिश की जा रही है। इससे पहले भी दोनों देशों के बीच मिसाइल और हवाई हमलों का सिलसिला जारी रहा है।
ईरान के तबरीज शहर में सोमवार सुबह इस्राइल ने हवाई हमला किया। अर्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक, हमला एक सैन्य केंद्र पर किया गया। पूर्वी अजरबैजान प्रांत के संकट प्रबंधन विभाग के प्रमुख ने बताया कि यह हमला तेहरान और इस्फहान में हुए धमाकों के साथ लगभग एक ही समय पर हुआ। हालांकि, तबरीज के सैन्य केंद्र पर हुए हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमले के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
ईरान में बिगड़ते क्षेत्रीय हालात के बीच भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने सभी भारतीयों को ईरान की यात्रा से बचने की सलाह दी है। साथ ही वहां मौजूद भारतीय नागरिकों से उपलब्ध परिवहन साधनों के जरिए जल्द से जल्द ईरान छोड़ने को कहा गया है। दूतावास ने कहा कि क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम को देखते हुए यह सलाह दोहराई जा रही है। भारत लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
यमन के हूती विद्रोही समूह ने इस्राइल पर ईरान के मिसाइल हमले का खुलकर समर्थन किया है। हूती समूह ने कहा कि रेजिस्टेंस एक्सिस पूरी तरह एकजुट है और क्षेत्रीय घटनाक्रम पर लगातार समन्वय बना हुआ है। समूह ने चेतावनी दी कि अगर इस्राइल ने तनाव बढ़ाया तो उसे और बड़े जवाबी हमलों का सामना करना पड़ेगा।
ईरान बोला- सऊदी एयर बेस पर हमने कोई मिसाइल नहीं दागी ईरान ने सऊदी अरब के अल-खार्ज एयर बेस पर हमले की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरानी सरकारी प्रसारक आईआरआईबी के मुताबिक एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि ईरान ने अल-खार्ज एयर बेस की ओर कोई भी गोली या मिसाइल नहीं दागी है। यह बयान उस समय आया जब अल-खार्ज इलाके में धमाके जैसी खबरें सामने आईं और सऊदी सिविल डिफेंस ने संभावित खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया था। अधिकारियों ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की थी। हालांकि बाद में सऊदी अरब ने कहा कि खतरा टल गया है। फिलहाल घटना को लेकर तनाव बना हुआ है।
इस्राइल में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मध्य इस्राइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए। चैनल 12 की रिपोर्ट में कहा गया कि गुश दान, यरूशलम और आसपास के क्षेत्रों में लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक संभावित हमले के खतरे को देखते हुए इस्राइल ने अपना हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियां और रक्षा प्रणाली पूरी तरह अलर्ट पर हैं। फिलहाल किसी नुकसान या हताहत की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
इस्राइल की सेना ने दावा किया है कि यमन की दिशा से उसकी सीमा की ओर एक मिसाइल दागी गई है। सेना के अनुसार मिसाइल का पता लगते ही रक्षा प्रणाली को तुरंत सक्रिय कर दिया गया और खतरे को रोकने के लिए इंटरसेप्टर सिस्टम काम में लगाए गए।इस्राइली सेना ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। फिलहाल किसी बड़े नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस हमले ने क्षेत्र की सुरक्षा चिंताओं को और बढ़ा दिया है।
सऊदी अरब के सिविल डिफेंस विभाग ने अल-खर्ज गवर्नरेट में जारी संभावित खतरे का अलर्ट वापस ले लिया है। विभाग ने कहा कि अब स्थिति सामान्य है और खतरा टल चुका है। इससे कुछ देर पहले प्रशासन ने लोगों को घरों में रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी थी। हालांकि अधिकारियों ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि खतरा किस प्रकार का था। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इस अलर्ट ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इलाके में निगरानी बनाए हुए हैं और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।
सऊदी अरब में अलर्ट जारी सऊदी अरब के सिविल डिफेंस विभाग ने अल-खर्ज गवर्नरेट में संभावित खतरे को लेकर चेतावनी जारी की है। अधिकारियों ने लोगों से तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने और अगली सूचना तक घरों से बाहर न निकलने की अपील की है। प्रशासन ने कहा कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। फिलहाल खतरे की प्रकृति को लेकर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की गई है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस अलर्ट को गंभीर माना जा रहा है। सऊदी प्रशासन ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है।
ईरान की राजधानी तेहरान में रविवार सुबह दो धमाकों की आवाज सुनाई देने के बाद हड़कंप मच गया। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, पश्चिमी तेहरान में स्थानीय समयानुसार सुबह 4:43 और 4:45 बजे विस्फोट हुए। हालांकि तेहरान फायर विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि किसी भी रिहायशी इलाके को निशाना नहीं बनाया गया है। उन्होंने बताया कि फायर विभाग पूरी तरह अलर्ट पर है और हालात पर नजर रखी जा रही है। फिलहाल धमाकों से हुए नुकसान या किसी के हताहत होने की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि इस्राइल ने ईरानी जमीन पर एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया है। आईआरजीसी का बयान सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने जारी किया। बयान में कहा गया कि इस्राइल ने हवाई प्लेटफॉर्म से मिसाइल दागकर कई ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि हमले में हुए नुकसान या हताहतों की आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
दरअसल, तेहरान ने पहले ही जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। यह चेतावनी इस्राइल द्वारा रविवार को बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर किए गए हवाई हमले के बाद दी गई। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका ने कुछ दिन पहले इस्राइल से ऐसी कार्रवाई से बचने का आग्रह किया था, लेकिन इसके बावजूद हमला किया गया। ऐसे में पश्चिम एशिया तनाव में गतिरोध और गहराने की आशंका है।
समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इस्राइली हमले के बाद ईरान ने देश का मुख्य हवाई अड्डे के आस-पास का एयरस्पेस बंद कर दिया है। तेहरान के इमाम खुमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के करीब एयरस्पेस बंद किए जाने के बाद बीते करीब 100 दिनों से जारी टकराव बढ़ने की आशंका है।
अमेरिका पर टिकीं नजरें
रविवार और सोमवार की दरम्यानी रात इस्राइल की तरफ से लेबनान पर किए गए हमलों के बाद ईरान ने इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाया है। ऐसे में नजरें अमेरिका के रुख पर भी टिकी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक ट्रंप ने इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से फोन पर बात की है।
इस्राइली सेना ने दावा किया है कि ईरान की ओर से दागी गई सभी मिसाइलों को उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। वहीं, ईरानी सेना ने इस्राइल को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने लेबनान पर अपने हमले नहीं रोके तो उसे और भी विनाशकारी प्रहारों का सामना करना पड़ेगा। ईरान ने आरोप लगाया कि बेरूत के दक्षिणी उपनगरों को निशाना बनाकर और दक्षिणी लेबनान में हमले तेज करके इस्राइल ने सभी सीमाएं पार कर दी हैं।
इस बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि उसने अमेरिका के साथ युद्धविराम को इस शर्त पर स्वीकार किया था कि यह सभी मोर्चों पर लागू होने वाला युद्धविराम होगा। आईआरजीसी ने संकेत दिया कि लेबनान में जारी इस्राइली सैन्य कार्रवाई इस समझ के विपरीत है। दूसरी ओर, इस्राइल के दक्षिणपंथी राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गविर ने ईरान के हमले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'तेहरान को जलना होगा।'
इस्राइल का कहना है कि यह कार्रवाई ईरान समर्थित संगठन हिजबुल्ला द्वारा उत्तरी इस्राइल पर की गई गोलीबारी के जवाब में की गई। बेरूत पर इस्राइली हमला ऐसे समय में हुआ जब कुछ ही दिन पहले लेबनान और इस्राइल की सरकारों ने अमेरिका की मध्यस्थता में आयोजित वार्ता के दौरान युद्धविराम पर सहमति जताई थी। हालांकि, हिजबुल्ला ने इस समझौते को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, बेरूत के एक रिहायशी भवन पर हुए इस हमले में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 20 अन्य घायल हुए हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस ताजा घटनाक्रम ने क्षेत्रीय स्थिरता और शांति प्रयासों को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।