ट्रंप की रैली में फायरिंग करने वाले बंदूकधारी ने एक सुरक्षा अधिकारी पर भी राइफल तानी थी। गोलीबारी शुरू करने से कुछ देर पहले उसे ट्रंप की रैली के लिए प्रस्तावित जगह से करीब 50 फीट दूर बनी इमारत की छत पर पाया गया था। समाचार एजेंसी एपी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि ट्रंप ने रविवार दोपहर होने वाली रिपब्लिकन कन्वेंशन के लिए मिल्वौकी की यात्रा करेने का एलान किया।
पेन्सिलवेनिया में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर जानलेवा हमले के मामले में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा, ट्रंप पर हमले की जांच 'पूरी तरह से और तेजी से' करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने गोलीबारी कांड के बाद अमेरिकी जनता से अपील की है कि गोली चलाने का मकसद क्या रहा होगा? इसके बारे में 'अनुमान या अटकलें लगाने' से बचें। उन्होंने रैली के दौरान ट्रंप की हत्या के प्रयास के बाद सुरक्षा उपायों की स्वतंत्र समीक्षा का आदेश भी दिया है
डोनाल्ड ट्रंप की रैली के दौरान हुए हमले पर पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो ने कहा कि 'पिछली रात इस देश के लिए चौंकाने वाली थी। राजनीतिक असहमति को कभी भी हिंसा से संबोधित नहीं किया जा सकता। असहमति ठीक है, लेकिन हमें उन मतभेदों को सुलझाने के लिए एक शांतिपूर्ण राजनीतिक प्रक्रिया का उपयोग करने की आवश्यकता है। यह एक ऐसा क्षण है जहां सभी नेताओं की नैतिकता के साथ बोलने और काम करने की जिम्मेदारी बनती है। सभी नेताओं को स्थिति को शांत करने और मौजूदा घृणित बयानबाजी से ऊपर उठकर देश के लिए बेहतर भविष्य तलाशने की जरूरत है।'
पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के बाद अमेरिका सुरक्षा एजेंसिया हाई अलर्ट पर हैं। राष्ट्रपति बाइडन हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। अब खबर आई है कि राष्ट्रपति बाइडन देश को संबोधित करेंगे और ट्रंप पर हुए हमले की जानकारी देंगे।
जांच में पता चला है कि संदिग्ध हमलावर थॉमस मैथ्यू क्रुक्स ने जिस राइफल से ट्रंप पर गोलियां चलाईं, उसे हमलावर के पिता ने छह महीने पहले ही खरीदा था। फिलहाल एफबीआई हमले की वजह का पता लगाने में जुटी है। जांच अधिकारी संदिग्ध हमलावर के बारे में ज्यादा जानकारी जुटाने में लगे हैं।
जांच में पता चला है कि ट्रंप पर फायरिंग करने वाला हमलावर बम बनाने की तैयारी कर रहा था। दरअसल हमलावर के घर की तलाशी में उसकी कार में बम बनाने का सामान बरामद हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हमलावर किसी बड़ी साजिश की योजना बना रहा था।
ट्रंप के हमलावर का एक कथित वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में हमलावर रैली के नजदीक की एक छत पर पेट के बल रेंगता दिखाई दिया। हमलावर का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि हमलावर हाथ में राइफल पकड़े हैं और उसके बाल लंबे हैं और आंखों पर चश्मा है।
डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले के बाद उनकी पत्नी मेलानिया ट्रंप ने एक बयान जारी किया है। इस बयान में मेलानिया ने कहा कि 'जब मैंने अपने पति पर हमला होते हुए देखा तो मुझे अपना और अपने बेटे का जीवन के लिए डर लगा, लेकिन मैं सीक्रेट सर्विस के बहादुर एजेंट्स को धन्यवाद देती हूं कि उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बगैर मेरे पति को बचाया। बदलाव की हवा पहुंच गई है।' मेलानिया ने हमले में मारे गए और घायल हुए मासूम लोगों के परिजनों के प्रति भी संवेदना जाहिर की। साथ ही ट्रंप के समर्थकों को भी धन्यवाद दिया।
विदेश मामलों के विशेषज्ञ रोबिंदर सचदेव ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि हो सकता है कि ट्रंप की नीतियों से नाराज होकर ही किसी ने इस हमले को अंजाम दिया हो। रोबिंदर सचदेव ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं है कि अमेरिका ट्रंप की पहचान एक बांटने वाले नेता की है। उन्होंने ये भी कहा कि यकीनन ट्रंप पर हमले का अमेरिकी चुनाव पर बड़ा असर होगा। इससे ट्रंप के लिए सहानुभूति पैदा होगी और इससे ट्रंप की छवि भी एक मजबूत नेता के तौर पर मजबूत होगी।
हमले के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप पूरी तरह से ठीक और पूरे जोश में हैं। ट्रंप के प्रचार अभियान के एक वरिष्ठ सलाहकार ने यह जानकारी दी है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा 'इस समय, यह पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि हम एकजुट रहें और अमेरिकी होने के नाते अपना सच्चा चरित्र दिखाएं, मजबूत और दृढ़ बने रहें और बुराई को जीतने न दें।'
डोनाल्ड ट्रंप पर हमलावर ने जिस राइफल से गोली चलाई, वो एआर-15 राइफल है और यह बेहद खतरनाक राइफल मानी जाती है। इस राइफल की खासियत ये है कि इससे सटीक निशाना लगाना आसान है और यही वजह है कि शूटिंग प्रतिस्पर्धाओं में खिलाड़ी इस राइफल का इस्तेमाल करते हैं। इस राइफल से निकली की गोली की गति इतनी तेज होती है कि वह एक सेकेंड में छह फुटबाल के मैदानों के बराबर दूरी को पार कर सकती है। यही वजह है कि अगर यह निशाने को भेदती है तो इसकी मार बेहद खतरनाक होती है और अगर शरीर के किसी अहम अंग में लग जाए तो तुरंत ही व्यक्ति की मौत हो सकती है।
डोनाल्ड ट्रंप पर हमले को लेकर दुनियाभर से प्रतिक्रिया सामने आ रही है। अमेरिकी मीडिया ने ट्रंप पर हमले की घटना को डरावना करार दिया है और कहा कि जब ट्रंप पर हमला हुआ, वह डरावने पल थे। साथ ही कहा गया है कि अमेरिका में लोकतंत्र के लिए राजनीतिक हिंसा एक बड़ा खतरा है।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की घटना पर असम के सीएम हिमंता बिस्व सरमा ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि दुनियाभर में दक्षिणपंथी नेताओं को कट्टरपंथी वामपंथ द्वारा निशाना बनाया जा रहा है। ट्रंप पर हमले को भी उन्होंने इसी बात से जोड़ा। सरमा ने सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में लिखा कि 'शारीरिक रूप से हो या फिर किसी अन्य तरीके से दक्षिणपंथी नेताओं को पूरी दुनिया में कट्टरपंथी वामपंथ द्वारा सक्रिय तौर पर निशाना बनाया जा रहा है। हालांकि ये हमले राष्ट्र पहले की विचारधारा को हरा नहीं सकेंगे।' असम सीएम ने डोनाल्ड ट्रंप के शीघ्र ठीक होने की कामना भी की।
एफबीआई की जांच में पता चला है कि डोनाल्ड ट्रंप पर रैली के दौरान गोली चलाने वाला आरोपी थॉमस मैथ्यू क्रुक्स पढ़ाई में तेज था और गणित में उसने 500 डॉलर का एक पुरस्कार भी जीता था। थॉमस साल 2022 में बेथल पार्क हाई स्कूल से ग्रेजुएट हुआ था और उसने नेशनल मैथ एंड साइंस इनीशिएटिव में 500 डॉलर का स्टार अवार्ड भी जीता था। आरोपी के पिता का कहना है कि उन्हें नहीं पता कि क्रुक्स ने ट्रंप पर हमला क्यों किया।
जांच में खुलासा हुआ है कि डोनाल्ड ट्रंप पर हमले का आरोपी थॉमस मैथ्यू क्रुक्स रिपब्लिकन पार्टी से ही जुड़ा था और वह नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव में पहली बार वोट करने वाला था। अमेरिका में वोट देने की न्यूनतम उम्र 18 साल है। ट्रंप की जहां रैली हो रही थी, वहां से आरोपी 56 किलोमीटर दूर बेथल पार्क इलाके में रहता था। बेथल पार्क की निर्वाचन लिस्ट की जांच से आरोपी के रिपब्लिकन पार्टी से जुड़े होने का पता चला। गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप भी रिपब्लिकन पार्टी की तरफ से ही राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार हैं। ऐसे में रिपब्लिकन पार्टी समर्थक होने के बावजूद उसके पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप पर हमले की घटना हैरान करने वाली है। आरोपी युवक को ट्रंप पर हमले के कुछ देर बाद ही सीक्रेट सर्विस के जवानों ने गोली मार दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई।
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर हमले के आरोपी की पहचान हो गई है। आरोपी की पहचान थॉमस मैथ्यू क्रुक्स के रूप में हुई है। 20 वर्षीय आरोपी को सुरक्षाबलों ने मौके पर ही ढेर कर दिया था। आरोपी पेन्सिल्वेनिया के बेथल पार्क इलाके का निवासी था।
अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, थॉमस मैथ्यू ने गोलीबारी के लिए समारोह स्थल से कुछ ही दूर एक उत्पादन प्लांट को चुना था। वह पेंसिलवेनिया में ही बेथेल पार्क का रहने वाला था। बताया गया है कि उसने खुद को बटलर ग्राउंड में ट्रंप के संबोधन वाले स्टेज से 130 कदम दूर पोजिशन किया था। उसके गोलीबारी करने के तुरंत बाद ही सीक्रेट सर्विस के स्नाइपर ने उसे गोली मार दी। बाद में जांच के दौरान हमले वाली जगह से एआर-स्टाइल राइफल भी बरामद की गई।
व्हाइट हाउस के अधिकारी के मुताबिक, राष्ट्रपति जो बाइडन ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की। राष्ट्रपति ने पेंसिल्वेनिया के गवर्नर जोश शापिरो और बटलर मेयर बॉब डेंडोय से भी बात की। आज रात राष्ट्रपति वाशिंगटन डीसी लौट रहे हैं। कल सुबह व्हाइट हाउस में ने सुरक्षा और कानून प्रवर्तन अधिकारियों से ब्रीफिंग लेंगे।
एफबीआई ने घटना को लेकर जानकारी दी। जांच एजेंसी ने बताया कि एफबीआई के अधिकारी पेंसिल्वेनिया के बटलर में घटनास्थल पर मौजूद हैं और जांच कर रहे हैं। एजेंसी ने कहा कि आगे बढ़ने पर एफबीआई अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के साथ संयुक्त रूप से काम करना जारी रखेगी।
राइफल लिए ट्रंप से 50 फीट दूर था हमलावर, दागीं पांच गोलियां
बीबीसी के हवाले से आई पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि उसने पूर्व राष्ट्रपति की रैली वाली जगह के पास 'छत के ऊपर एक आदमी' को देखा था। वह व्यक्ति हमसे 50 फीट दूर, हमारे बगल वाली इमारत की छत पर रेंगकर चढ़ रहा था। उसके पास एक राइफल थी। थोड़ी ही देर में पांच गोलियां चलीं।
यूएस सीक्रेट सर्विस ने दिया बयान
एंथनी गुग्लिल्मी ने कहा कि गोली चलने के बाद सीक्रेट सर्विस ने तत्काल सभी सुरक्षात्मक उपाय किए। फिलहाल पूर्व राष्ट्रपति सुरक्षित हैं। सीक्रेट सर्विस के अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे हैं। जल्द ही इस संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने त्वरित कार्रवाई करने वाले कानून प्रवर्तन अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों का आभार प्रकट किया। प्रवक्ता स्टीवन चेउंग ने बताया, ट्रंप फिलहाल ठीक है और स्थानीय चिकित्सा केंद्र पर जांच की जा रही है। इस संबंध में अधिक जानकारी बाद में दी जाएगी।