रैली के बाद, तारिक रहमान अपनी मां पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया से मिलने अस्पताल जाने वाले हैं, जहां वे एवरकेयर हॉस्पिटल, बशुंधरा में इलाज करवा रही हैं। उनके आने से पहले बड़ी संख्या में पार्टी के नेता और कार्यकर्ता अस्पताल के बाहर इकट्ठा हुए हैं, ताकि उन्हें देखा जा सके।
17 साल बाद बांग्लादेश लौटे BNP के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान ने ढाका में आयोजित रैली में देश में शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि चाहे पुरुष हों, महिलाएं हों या बच्चे, बांग्लादेश की शांति और सम्मान बनाए रखना सबसे पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी से मिलकर अपने देश को बेहतर बनाने की बात कही। रैली में तारिक रहमान ने मार्टिन लूथर किंग जूनियर का जिक्र करते हुए कहा कि हमें किसी भी कीमत पर बांग्लादेश में शांति बनाए रखनी होगी। मेरे पास अपने देश के लोगों के लिए योजना है। उन्होंने मार्टिन लूथर किंग के ‘I have a dream’ भाषण का संदर्भ भी दिया।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के नेता तारिक रहमान के 17 साल लंदन में निर्वासन में रहने के बाद बांग्लादेश लौटने पर, बांग्लादेश अवामी लीग की स्टूडेंट विंग, बांग्लादेश स्टूडेंट्स लीग के प्रेसिडेंट सद्दाम हुसैन ने कहा, 'बांग्लादेश अभी संवैधानिक और सुरक्षा संकट में है। बांग्लादेश में सबसे ज्यादा जरूरत एक निष्पक्ष सरकार बनाने और स्वतंत्र, निष्पक्ष और सबको शामिल करने वाले चुनाव कराने की है। उग्रवाद भी बढ़ रहा है। इसलिए बीएनपी के एक्टिंग चेयरमैन के लौटने से बांग्लादेश की समस्या हल नहीं होगी। इससे एकतरफा चुनावों को बढ़ावा मिलेगा... यह असल में अवैध सरकार और बीएनपी-जमात गठबंधन के बीच एक बैकडोर डील है ताकि एकतरफा चुनाव कराए जा सकें; लोकतंत्र का सवाल फिर से सिलेबस से बाहर हो जाएगा।'
बांग्लादेश संकट पर अवामी लीग की स्टूडेंट विंग, बांग्लादेश स्टूडेंट्स लीग के प्रेसिडेंट सद्दाम हुसैन ने कहा, बांग्लादेश में पूरी तरह से अराजकता का माहौल है... भीड़ असल में बांग्लादेश पर राज कर रही है... सरकार हर संभव तरीके से इसमें मदद कर रही है। चरमपंथी खुलेआम इंटरनेशनल आतंकवादी संगठनों, पाकिस्तान समर्थित संगठनों और उन लोगों से मिल रहे थे जिन्हें पहले भी भयानक हमलों के लिए दोषी ठहराया गया था... उस्मान हादी के भाई ने जो कहा, वह मौजूदा हालात की दुखद लेकिन सही तस्वीर दिखाता है... बांग्लादेश के अंदर जो कुछ भी हुआ, उसके लिए सरकार जिम्मेदार है।
बांग्लादेश संकट पर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा, 'इस पर कड़ी प्रतिक्रिया होनी चाहिए और सभी हिंदुओं को इसका सामना करने के लिए एकजुट होना चाहिए।'
बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल के बीच अंतरिम सरकार ने साफ कर दिया है कि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय संसदीय चुनावों में हिस्सा नहीं ले पाएगी। वजह यह है कि देश में फिलहाल अवामी लीग की राजनीतिक गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार के प्रेस सचिव शफीकुल आलम ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिन दलों की गतिविधियां प्रतिबंधित हैं, वे चुनाव प्रक्रिया में भाग नहीं ले सकते, और इस नियम के तहत अवामी लीग भी चुनाव से बाहर रहेगी।
बुधवार को सलाहकार परिषद की बैठक के बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक पत्रकार ने सवाल किया कि क्या अमेरिका के कुछ सांसदों ने अवामी लीग पर लगे प्रतिबंध को लेकर चिंता जताते हुए मुख्य सलाहकार को कोई पत्र भेजा है। इस पर शफीकुल आलम ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं देखा है और न ही उन्हें इसकी जानकारी है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अवामी लीग को लेकर सरकार का रुख बिल्कुल साफ है और मौजूदा हालात में पार्टी को चुनाव में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस फैसले को बांग्लादेश की राजनीति में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि अवामी लीग लंबे समय तक देश की सत्ता और राजनीति का अहम हिस्सा रही है।
बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान कड़ी सुरक्षा के बीच ढाका हवाई अड्डे से रवाना हो गए हैं। बीएनपी स्थायी समिति के सदस्यों की तरफ से स्वागत किए जाने के बाद वे दोपहर 12:33 बजे हवाई अड्डे से निकले। जानकारी के मुताबिक, तारिक रहमान सीधे 300 फीट स्थित रैली को संबोधित करने के लिए रवाना हुए। हवाई अड्डे की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद, वे गुरुवार को दोपहर 12:35 बजे एक विशेष बस से सड़क मार्ग से रवाना हुए। उसी बस में बीएनपी के महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर और अन्य स्थायी समिति के सदस्य भी सवार थे।
इससे पहले, उनकी पत्नी और बेटियां एक अन्य वाहन से हवाई अड्डे से रवाना हो चुकी थीं। तारिक रहमान 17 साल बाद बांग्लादेश लौटे और गुरुवार को सुबह 11:40 बजे ढाका के हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे। बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर BG-202 बुधवार को स्थानीय समयानुसार शाम 6:15 बजे लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे से रवाना हुआ था।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यकारी अध्यक्ष तारिक रहमान गुरुवार को ढाका पहुंचे, जिससे 17 साल का उनका स्व-निर्वासन खत्म हो गया। रहमान की वापसी ऐसे समय में हुई है जब प्रमुख युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देश में अशांति और राजनीतिक अस्थिरता की एक नई लहर चल रही है। हादी ने पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को सत्ता से हटाने में अहम भूमिका निभाई थी।
बीएनपी स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। उनके साथ उनकी पत्नी जुबैदा रहमान और बेटी जैमा रहमान भी थीं। बीमार पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के 60 वर्षीय बेटे रहमान, आने वाले फरवरी के आम चुनावों में प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में उभरे हैं। रहमान की बांग्लादेश वापसी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जमात बांग्लादेश के टूटे-फूटे राजनीतिक परिदृश्य में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है। बीएनपी ने 12 दिसंबर को रहमान की वापसी की घोषणा की, जिससे अटकलें लगने लगीं क्योंकि 29 नवंबर को एक फेसबुक पोस्ट में रहमान ने कहा था, 'किसी भी बच्चे की तरह,' वह अपनी गंभीर रूप से बीमार मां के संकट के क्षण में उनके पास रहना चाहते हैं।
बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के समर्थक ढाका हवाई अड्डे की ओर मार्च कर रहे हैं, जहां पार्टी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान जल्द ही पहुंचने वाले हैं। वे 17 साल लंदन में निर्वासन में रहने के बाद बांग्लादेश लौट रहे हैं।
बीएनपी के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान की वापसी से पहले कड़ी सुरक्षा के बीच आज सुबह हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के सीआईपी गेट पर एक बुलेटप्रूफ बस पहुंची। लाल और हरे रंग से रंगी इस विशेष रूप से तैयार की गई बस के किनारों पर बीएनपी अध्यक्ष खालिदा जिया, तारिक रहमान और पार्टी संस्थापक जियाउर रहमान के बड़े चित्र लगे हैं। वाहन पर लोकतंत्र और राजनीतिक संघर्ष को उजागर करने वाले नारे भी प्रदर्शित हैं।
बस में मजबूत खिड़कियां लगी हैं और हवाई अड्डे के सीआईपी क्षेत्र में प्रवेश करते ही सुरक्षाकर्मी इसे घेरे हुए दिखाई दिए। नाम न बताने की शर्त पर बात करते हुए बीएनपी के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि हवाई अड्डे की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद तारिक संभवतः बस में सवार होकर सीधे एवरकेयर अस्पताल जाएंगे, जहां वे अपनी बीमार मां से मिलेंगे। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल जाते समय वे 36 जुलाई एक्सप्रेसवे (जिसे 300 फीट रोड के नाम से भी जाना जाता है) पर एक सभा में संक्षिप्त भाषण देंगे। हवाई अड्डे और उसके आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और सेना, पुलिस, रैब और अन्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के सदस्यों को उनकी आवाजाही के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैनात किया गया है।
बिमान बांग्लादेश एयरलाइंस की एक फ्लाइट, जिसमें वे सवार थे, सिलहट के उस्मानी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रुकी और सुबह करीब 9:58 बजे ढाका पहुंची। इससे पहले तारिक ने सुबह करीब 9:30 बजे अपने सत्यापित फेसबुक प्रोफाइल पर लिखा, '6,314 लंबे दिनों के बाद, बांग्लादेश के आसमान में।' उनकी फ्लाइट के सुबह 11:50 बजे हजरत शाहजलाल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने का कार्यक्रम है।
इस समय बांग्लादेश राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। फरवरी में होने वाले चुनाव से पहले हालात तनावपूर्ण हैं। अवामी लीग, जिसे भारत के करीब माना जाता है, चुनाव नहीं लड़ रही। अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस के दौर में भारत से दूरी और पाकिस्तान से नजदीकी बढ़ने के संकेत मिले हैं। कट्टरपंथी संगठन जमात-ए-इस्लामी फिर से सक्रिय हुआ है, जिसे भारत पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़ा मानता है। ऐसे में भारत को लगता है कि बीएनपी अपेक्षाकृत उदार और लोकतांत्रिक विकल्प हो सकती है, भले ही अतीत में भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास रही हो।
भारत-बीएनपी संबंधों में नरमी के संकेत
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीमार खालिदा जिया के प्रति चिंता जताई। बीएनपी ने इसके लिए आभार जताया। वर्षों बाद दोनों पक्षों के बीच यह एक सकारात्मक संदेश माना गया।
बांग्लादेश की राजधानी ढाका में बुधवार शाम एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। मोगबाजार इलाके में स्थित एक फ्लाईओवर से असामाजिक तत्वों ने नीचे देसी बम (क्रूड बम) फेंका, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब देश पहले से ही राजनीतिक और सामाजिक तनाव से गुजर रहा है।
एक स्थानीय अखबार के अनुसार, मृतक की पहचान 21 वर्षीय सियाम मजूमदार के रूप में हुई है। वह एक स्थानीय मोटर पार्ट्स की दुकान में काम करता था। बताया गया कि सियाम फ्लाईओवर के नीचे एक चाय की दुकान पर चाय पी रहा था, तभी ऊपर से फेंका गया बम उसके पास आकर फटा। धमाका इतना तेज था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं हातिरझील थाने के इंस्पेक्टर (ऑपरेशंस) मोहम्मद मोहीउद्दीन ने बताया कि बम फ्लाईओवर से अज्ञात लोगों द्वारा फेंका गया। हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है।
तारिक रहमान आज दोपहर ढाका पहुंचेंगे। पार्टी के लाखों समर्थक एयरपोर्ट से उनके घर तक रोड शो में शामिल होंगे। वहीं सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं। सरकार ने विशेष ट्रेनें चलाई हैं ताकि समर्थक राजधानी पहुंच सकें। हालांकि, कट्टरपंथी तत्व इस शक्ति प्रदर्शन से खुश नहीं हैं। चुनाव से पहले बीएनपी और जमात के बीच टकराव की आशंका भी जताई जा रही है।
कौन हैं तारिक रहमान?
वे पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 2008 से लंदन में रह रहे थे और वहीं से बीएनपी का नेतृत्व कर रहे थे। उन पर भ्रष्टाचार और 2004 के ढाका ग्रेनेड हमले जैसे मामलों में सजा सुनाई गई थी। बीएनपी का कहना है कि ये मामले राजनीतिक बदले की कार्रवाई थे। तारिक रहमान की वापसी बीएनपी के लिए नई ऊर्जा है, लेकिन चुनौती बड़ी है, पार्टी को एकजुट रखना, युवाओं का भरोसा जीतना, हिंसा और अस्थिरता से जूझ रहे देश को स्थिर दिशा देना।
जमात से दूरी, यूनुस पर सवाल
तारिक रहमान ने साफ कहा है कि वे जमात-ए-इस्लामी से गठबंधन नहीं करेंगे। उन्होंने यूनुस सरकार पर भी सवाल उठाए हैं कि वह लंबे समय की विदेश नीति तय करने का अधिकार नहीं रखती। उन्होंने अपनी विदेश नीति को बांग्लादेश फर्स्ट बताया है- 'ना दिल्ली, ना पिंडी (रावलपिंडी), सबसे पहले बांग्लादेश।' यह बयान भारत के लिए संकेत है कि बीएनपी पाकिस्तान की ओर झुकाव से दूरी बना सकती है।
बांग्लादेश में पिछले साल शेख हसीना सरकार के वक्त शुरू हुई हिंसात्मक घटनाएं अब भी एक साये की तरह देश में व्याप्त हैं। भले ही दावा किया गया कि अंतरिम सरकार के शासनकाल में इन पर लगाम लगी और शांति कायम हुई, लेकिन ये सच्चाई से परे हैं। फिलहाल करीब एक महीने से इनमें बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिली है। अब बांग्लादेश में आम चुनाव की ओर बढ़ रहा है, वहीं पूर्व पीएम खालिदा जिया की हालात चिंताजनक बनी हुई है। इन सबके बीच कभी बांग्लादेश की राजनीति का डार्क प्रिंस कहे गए, तारिक रहमान, 17 साल बाद स्वदेश लौट रहे हैं। गुरुवार को उनकी ढाका वापसी को बांग्लादेश की राजनीति में एक निर्णायक पल माना जा रहा है।