शुक्रवार को कोलकाता की एक कोर्ट ने बांगियो हिंदू जागरण मंच के 12 सदस्यों को अंतरिम जमानत दे दी, जिन्हें यहां बांग्लादेश उप उच्चायोग के बाहर कथित तौर पर हिंसक प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों को अंतरिम जमानत की अन्य शर्तों के तहत 6000 रुपये के बॉन्ड और 3000 रुपये के दो रजिस्टर्ड जमानतदार देने को कहा गया है।
कोर्ट ने आदेश दिया, 'अगले चार महीनों तक, या फाइनल रिपोर्ट जमा होने तक, जो भी पहले हो, हर आरोपी को हफ्ते में तीन बार जांच अधिकारी से मिलना होगा,' और कहा कि जमानत पर रहते हुए आरोपी जांच की प्रगति में दखल नहीं देंगे। पड़ोसी देश में एक हिंदू व्यक्ति की जघन्य हत्या के विरोध में बांग्लादेश मिशन के बाहर हिंसक प्रदर्शन में कथित तौर पर शामिल होने के आरोप में मंगलवार को सात महिलाओं सहित उन्नीस लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
सभी 19 लोगों पर हत्या का प्रयास, दंगा, गैरकानूनी सभा, सार्वजनिक रास्तों में खतरा और बाधा पैदा करने, जानबूझकर सरकारी कर्मचारी को चोट पहुंचाने के साथ-साथ सरकारी कर्मचारी पर हमला करने या बल प्रयोग करने के आरोप लगाए गए थे। मुख्य सरकारी वकील सौरिन घोषाल ने गिरफ्तार किए गए 19 लोगों में से 12 के लिए पुलिस रिमांड मांगी थी। आखिरकार 12 लोगों को दो दिनों के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। बाकी सात महिलाओं को कोर्ट ने जमानत दे दी।
हिंदू समर्थक संगठन हिंदू संहति के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को पड़ोसी देश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कथित हमलों के विरोध में कोलकाता में बांग्लादेश के उप उच्चायोग कार्यालय तक एक रैली निकाली। यह रैली उत्तरी कोलकाता के सियालदाह स्टेशन से शुरू हुई और शहर के मध्य भाग में स्थित बेकबागन में राजनयिक मिशन कार्यालय की ओर बढ़ी, जिसमें सीमा पार अल्पसंख्यक हिंदुओं पर कथित अत्याचारों के खिलाफ नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं को सुरक्षा प्रदान करने और अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग वाला एक ज्ञापन सौंपने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, पुलिस की ओर से रोके जाने पर प्रदर्शनकारियों ने उच्चायोग के बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पश्चिम बंगाल के होटल व्यवसायियों के एक संघ ने पड़ोसी देश में राजनीतिक उथल-पुथल को देखते हुए सिलीगुड़ी और उसके आसपास के इलाकों में बांग्लादेशियों को आवास प्रदान करना अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया है। ग्रेटर सिलीगुड़ी होटलियर्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से जारी एक हालिया नोटिस के मुताबिक यह फैसला उन घटनाओं से जुड़ा है जिन्होंने भारत-बांग्लादेश संबंधों में तनाव पैदा किया है। इनमें भारतीय ध्वज के प्रति कथित अनादर और बांग्लादेशी नागरिकों के एक वर्ग की ओर से भड़काऊ बयान शामिल हैं।
नॉर्थ अमेरिकन पंजाबी एसोसिएशन (एनएपीए) ने शुक्रवार को बांग्लादेश में एक और हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या की कड़ी निंदा की। एनएपीए ने कहा कि ये घटनाएं चिंताजनक हैं और देश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का एक उदाहरण हैं। बांग्लादेश में बुधवार को अमृत मंडल नामक एक हिंदू व्यक्ति की कथित जबरन वसूली के आरोप में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। यह घटना मयमनसिंह में ईशनिंदा के आरोपों में एक अन्य हिंदू व्यक्ति दिपू दास की पीट-पीटकर हत्या करने और उसके शरीर को आग लगाने के एक सप्ताह बाद हुई है।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा पर कांग्रेस नेता उदित राज ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा, 'क्या तारिक रहमान की वापसी के बाद बांग्लादेश धर्मनिरपेक्ष बना रहेगा और अल्पसंख्यक समुदायों की रक्षा करेगा।' उदित राज ने बांग्लादेश में हाल ही में मची सियासी उथल-पुथल में जमात-ए-इस्लामी हिंद और पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के प्रभाव का हवाला दिया।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता विनोद बंसल ने कहा कि बांग्लादेश में बदलते राजनीतिक परिदृश्य के बीच हिंदुओं के खिलाफ हिंसा पूरी दुनिया के लिए एक बड़ी चेतावनी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र को तत्काल दखल देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि बंगाल की संस्कृति को नष्ट करने की कोशिश एक गंभीर चिंता का विषय हैं।
ओडिशा के पुरी में बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद ने बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हो रहे अत्याचारों के विरोध में जगन्नाथ मंदिर के सामने एक विरोध रैली निकाली।
अभिनेता मनोज जोशी ने न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा, 'गाजा या फिलिस्तीन में कुछ होने पर तो सब लोग आगे आते हैं, लेकिन बांग्लादेश में किसी हिंदू की हत्या होने पर कोई आगे नहीं आता। यह बहुत दुख की बात है। समय ही इसका जवाब देगा।'
बांग्लादेश में कानून-व्यवस्था के बिगड़ते हालात के बाद अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के विशेष सहायक खुदा बख्श चौधरी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। डेली स्टार की रिपोर्ट के मुताबिक मामले से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि 12 फरवरी को होने वाले राष्ट्रीय चुनाव से पहले कानून और व्यवस्था को संभालने के तरीके को लेकर सरकार की चिंताएं बढ़ गई थीं।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि जुलाई में हुए विद्रोह के बाद 10 नवंबर, 2024 को खुदा बख्श को विशेष सहायक नियुक्त किया गया था। उनसे उम्मीद थी कि वह कानून प्रवर्तन एजेंसियों, विशेष रूप से पुलिस के भीतर अनुशासन बहाल करने और मनोबल बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
दिपू चंद्र दास की नृशंस हत्या के मामले में बांग्लादेश पुलिस ने बड़ा बयान जारी किया है। पुलिस के मुताबिक दीपू चंद्र दास की मौत को लेकर दर्ज मामले में चार आरोपियों ने अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। आरोपियों तारिक हुसैन, मानिक मिया, निजामुल हक और अजमल छागिल ने वरिष्ठ न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराए।
बीएनपी प्रमुख तारिक रहमान शुक्रवार को मतदाता के तौर पर पंजीकरण कराएंगे। उन्हें आज ही पहचान पत्र दिए जाने की संभावना है। रहमान शनिवार को बोगुरा-6 निर्वाचन क्षेत्र से नामांकन पत्र लेंगे। यह आगामी संसदीय चुनावों में उनके सियासी मैदान में उतरने की ओर बड़ा इशारा है।
दीपू दास की हत्या के बाद ढाका और बांग्लादेश के अन्य हिस्सों में कारखाने के श्रमिकों, छात्रों और मानवाधिकार समूहों की ओर से व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। भारत ने भी अल्पसंख्यक समुदायों की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।