बांग्लादेश की वर्तमान प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी ने एक बार फिर आम चुनावों में शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही वे 5वीं बार देश की कमान संभालेंगी। समाचार एजेंसी एएफपी ने चुनाव निकाय के हवाले से बताया कि उनकी पार्टी को कम से कम आधी सीटें मिलीं।
छिटपुट हिंसा और मुख्य विपक्षी बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी (बीएनपी) के बहिष्कार के बीच हुए आम चुनावों में बांग्लादेश की प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना रविवार को गोपालगंज-3 निर्वाचन क्षेत्र से फिर से संसद के लिए चुनी गईं। 76 वर्षीय हसीना को 249,965 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी बांग्लादेश सुप्रीम पार्टी के एम निजाम उद्दीन लश्कर को सिर्फ 469 वोट मिले। गोपालगंज के उपायुक्त और रिटर्निंग ऑफिसर काजी महबुबुल आलम ने नतीजे की घोषणा की। हसीना ने 1986 के बाद से आठवीं बार गोपालगंज-3 सीट जीती है।
बांग्लादेश चुनाव आयोग ने रविवार को कहा कि यूक्रेन और जर्मनी के हैकरों ने उसके एप पर साइबर हमला किया। इस वजह से देश में 12वें आम चुनाव के दौरान उसका कामकाज धीमा हो गया। चुनाव आयोग (ईसी) के सचिव एमडी जहांगीर आलम ने कहा कि हमने 'स्मार्ट इलेक्शन मैनेजमेंट बीडी' नाम का एक मोबाइल एप्लिकेशन बनाया है। इससे वास्तविक समय पर मतदान की जानकारी मिलती है। हालांकि, मतदान के दौरान मतदाताओं ने रविवार सुबह से शिकायत की कि ईसी एप ठीक से काम नहीं कर रहा है। जांच के बाद पता चला कि एप पर यूक्रेन और जर्मनी के हैकर्स ने साइबर अटैक किया था।
बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने रविवार को कहा कि उन्हें चुनावों को लेकर विदेशी मीडिया की स्वीकृति की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि देश के लोगों के बीच उनकी स्वीकार्यता ही सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। हसीना ने यह टिप्पणी देश के 12वें आम चुनाव में अपना वोट डालने के बाद की। मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने चुनावों का बहिष्कार किया था। निर्वाचन आयोग के शुरुआती अनुमान के मुताबिक, मतदान लगभग 40 प्रतिशत हुआ है लेकिन अंतिम आंकड़ा बाद में ही सामने आएगा।
छिटपुट हिंसा, मुख्य विपक्षी पार्टी बीएनपी और उसके सहयोगियों के बहिष्कार के बीच बांग्लादेश के लोग रविवार को आम चुनाव में वोट डालने के लिए कम संख्या में बाहर निकले। ऐसे में उम्मीद है कि प्रधानमंत्री शेख हसीना लगातार चौथी बार जीत हासिल कर सकती हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त काजी हबीबुल अवल ने कहा कि शुरुआती अनुमान के मुताबिक, मतदान लगभग 40 प्रतिशत हुआ, लेकिन अंतिम गिनती के बाद यह आंकड़ा बदल सकता है।
गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने रविवार को कहा कि मुख्य विपक्षी दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) ने संसदीय चुनाव में हिस्सा नहीं लिया, क्योंकि उसे पता था कि वह हार जाएगी। बीएनपी ने विभिन्न बहानों, विभिन्न मांगों के साथ चुनाव का बहिष्कार करने की रणनीति अपनाई है। उन्होंने 2018 के चुनाव में हिस्सा लिया और कुछ संसदीय सीटें जीतीं, लेकिन इस साल उन्होंने यह जानकर कदम पीछे खींच लिए कि वे हार जाएंगे।
बांग्लादेश में सात घंटे की वोटिंग पूरी हो चुकी है। यहां दोपहर तीन बजे तक सिर्फ 27.15% वोट पड़े। इलेक्शन कमीशन के सेक्रेटरी जहांगीर आलम ने इसकी जानकारी दी। वोटिंग शाम पांच बजे तक जारी रहेगी।
राजधानी ढाका के हजारीबाग में दो क्रूड बम से विस्फोट हुआ। इसमें एक बच्चे सहित चार लोग घायल हो गए। इन्हें ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के 10 जिलों में कम से कम 14 मतदान केंद्रों और दो स्कूलों में आम चुनाव से कुछ घंटे पहले शुक्रवार शाम और शनिवार तड़के आग लगा दी गई।
बांग्लादेश के नरसिंहदी में इब्राहिमपुर सरकारी प्राथमिक विद्यालय को पोलिंग बूथ बनाया गया था। यहां फिलहाल वोटिंग को रोक दिया गया है। निर्वाचन अधिकारी बदीउल आलम ने बताया कि वोटिंग शुरू होने के बाद आठ-10 लोगों ने यहां बैलेट पेपर खींचने की कोशिश की। इसके बाद पोलिंग बूथ के इंचार्ज ने वोटिंग रोकने का फैसला किया।
बांग्लादेशी अभिनेता और बांग्लादेश अवामी लीग के उम्मीदवार फिरदौस अहमद ने कहा, 'हम बहुत उत्साहित हैं और इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने अभी अपना वोट दिया है। पूरा देश केंद्रों पर आ रहा है और मतदान कर रहा है। हम जीतेंगे, मुझे 100 फीसदी विश्वास है। मैं जीतूंगा और प्रधानमंत्री हसीना पांचवीं बार सत्ता में वापस आएंगी।'