बांग्लादेश के मौजूदा हालात पर 1971 के युद्ध के दिग्गज और विंग कमांडर देवेंदर जीत सिंह कलेर ने कहा, मंजर दिल दहलाने वाले हैं। किसी भी चीज पर नियंत्रण नहीं है। आगजनी और दंगे हो रहे हैं। भीड़ ही सब कुछ नियंत्रित कर रही है। इन लोगों को किसका समर्थन प्राप्त है, यह समझना मुश्किल है। छात्रों का विरोध इस तरह का रूप नहीं ले सकता। इसके पीछे कोई साजिश है... हिंदुओं पर बहुत अत्याचार हो रहे हैं। इतना सब कुछ छात्रों के बूते नहीं हो सकता। छात्रों की मांगें जायज हैं और उन्हें पूरा किया गया है। जब तक यह अराजकता खत्म नहीं हो जाती, अंतरिम सरकार कैसे बनेगी? इसे सिर्फ सेना ही खत्म कर सकती है... उन्होंने कहा कि सेना को कर्फ्यू लगाना चाहिए।
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बुधवार को बताया कि उनकी मां ने इस बारे में अभी कोई निर्णय नहीं लिया है कि वो अमेरिका रहेंगी या यूनाइटेड किंगडम में रहेंगी। शेख हसीना के बेटे ने आगे बताया कि फिलहाल वह कुछ समय तक दिल्ली में ही रहेंगी। बता दें कि बाग्लादेश में सरकारी नौकरियों के लिए कोटा प्रणाली को समाप्त करने की मांग को लेकर छात्रों के नेतृत्व में देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद शेख हसीना ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया और भारत आ गईं थी।
बांग्लादेश में अराजकता के बीच भारत में घुसपैठ की बड़ी कोशिश नाकाम की गई है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आज शाम बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह उत्तर बंगाल से लगे अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कई जगहों पर जमा हुआ और इस दौरान वे भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहे थे। मौके पर मोर्चा संभालते हुए बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, नागरिक प्रशासन और बीएसएफ कर्मियों की मदद से वहां हटाया गया है।
2015 से मेघालय में रह रहे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता सलाहुद्दीन अहमद ने बुधवार को दावा किया कि उनके देश में व्यापक विरोध प्रदर्शन प्रधानमंत्री शेख हसीना के 'कुशासन' का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार नौ साल पहले बांग्लादेश से उनके गायब होने के लिए जिम्मेदार है, उन्होंने कहा कि अब उन्हें घर लौटने की उम्मीद है। बता दें कि सलाहुद्दीन अहमद 2001 से 2006 तक बीएनपी के सत्ता में रहने के दौरान संचार मंत्री थे। सलाहुद्दीन अहमद ने पहले दावा किया था कि उन्हें बांग्लादेश से अगवा कर लिया गया था और उन्हें नहीं पता कि वे मई 2015 में शिलांग कैसे पहुंचे।
बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता के बीच अंतरिम सरकार के कार्यवाहक के तौर पर नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस कल शपथ ग्रहण करेंगे। बांग्लादेश सेना के प्रमुख वकर-उज-जमान ने मुहम्मद यूनुस के शपथ ग्रहण की जानकारी दी है।
हाल ही में जेल से रिहा की गई बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया को अब नया पासपोर्ट मिल गया है। उनकी पार्टी ने ये जानकारी साझा की है। बता दें कि 79 वर्षीय खालिदा जिया को 2018 में भ्रष्टाचार के लिए 17 साल जेल की सजा सुनाई गई थी। बांग्लादेश नेशनल पार्टी (बीएनपी) की अध्यक्ष फिलहाल कई बीमारियों का इलाज करा रही हैं। उन्हें हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के पतन के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन के कार्यकारी आदेश पर रिहा कर दिया गया। जिया दो साल से अधिक समय से जेल में थीं।
बांग्लादेश की स्थिति पर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा, 'निश्चित रूप से यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे पड़ोसी देश में ऐसी राजनीतिक अस्थिरता आई है। जिस तरह से एक निर्वाचित सरकार को गिराया गया... एक व्यक्ति सब कुछ चुन सकता है, लेकिन अपना पड़ोसी नहीं चुन सकता। हमारे पड़ोस में जिस तरह की स्थिति पैदा हुई है, भारत सरकार सतर्क है और निगरानी कर रही है ताकि इसका किसी भी तरह से भारत पर असर न पड़े।'
बांग्लादेश में जारी सियासी उथल-पुथल के बीच भारत ने उच्चायोग और वाणिज्य दूतावास में तैनात गैरजरूरी कर्मचारियों को वापस बुलाने का फैसला किया है। इसे लेकर सरकार ने एडवायजरी भी जारी की है।
शिवसेना (UBT) सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, 'जल्द से जल्द वहां (बांग्लादेश) स्थिरता हो और शांति बहाल हो क्योंकि अगर वहां पर अस्थिर हालात रहते हैं तो यह पूरे क्षेत्र के लिए हानिकारक है। वहां पर काफी बड़ी संख्या में हमारे नागरिक और विद्यार्थी भी हैं। हमें सरकार से उम्मीद है कि सरकार उन्हें जल्द से जल्द वापस भारत में लाने और जब तक वो भारत में नहीं लौटते हैं तब तक उनके लिए सुरक्षित माहौल बनाने की ओर ध्यान देगी।'