08:24 AM, 05-Aug-2024
मेरठ कोतवाली के गुदड़ी बाजार तिहरे हत्याकांड में अदालत ने सभी आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्याकांड में अदालत ने इजलाल कुरैशी और शीबा समेत 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था। सभी आरोपियों को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट लाया गया। इस दाैरान कचहरी में बड़ी संख्या पुलिस और पीएसी तैनात रही। किसी को भी चेकिंग के बिना अंदर नहीं जाने दिया गया।
23 मई 2008 की दोपहर बागपत और मेरठ जिले की सीमा पर बालैनी नदी के किनारे तीन युवकों के शव पड़े मिले। इनकी पहचान मेरठ निवासी सुनील ढाका(27) निवासी जागृति विहार, पुनीत गिरि(22) निवासी परीक्षितगढ़ रोड और सुधीर उज्ज्वल(23) निवासी गांव सिरसली, बागपत के रूप में हुई। पुलिस जांच में सामने आया कि 22 मई की रात तीनों की हत्या कोतवाली के गुदड़ी बाजार में हाजी इजलाल कुरैशी ने अपने भाइयों और साथियों के साथ मिलकर की। पुलिस ने इस मामले में 14 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया।
शीबा सिरोही को हत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले में 16 साल बाद दो अगस्त को अपर जिला जज स्पेशल कोर्ट एंटी करप्शन-2 पवन कुमार शुक्ला ने इजलाल कुरैशी पुत्र इकबाल, अफजाल पुत्र इकबाल, महराज पुत्र मेहताब, कल्लू उर्फ कलुआ पुत्र हाजी अमानत, इजहार, मुन्नू ड्राइवर उर्फ देवेंद्र आहूजा पुत्र विजय, वसीम पुत्र नसरुद्दीन, रिजवान पुत्र उस्मान और बदरुद्दीन पुत्र इलाहीबख्श और शीबा सिरोही पर लगाए गए आरोपों को सही मानते हुए दोषी करार दिया। दो आरोपी इसरार और माजिद की मौत हो चुकी है। एक आरोपी शम्मी जेल में है, उसका ट्रायल चल रहा है। परवेज की हाईकोर्ट में अपील पेंडिंग है। रविवार को सभी 10 दोषियों को अदालत ने आजीवन कारावास की सजा और 50-50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।