सूर्य तिलक और आरती के बाद दर्शन मिले तो भक्त उनकी भक्ति में पूरी तरह लीन हो गए। वह मंदिर परिसर में ही बैठकर उनकी आराधना में लीन दिखे।
रामनवमी पर रामलला का सूर्य तिलक होने के बाद विशेष आरती की गई। इस मौके पर आराध्य के दर्शन पाकर श्रद्धालुओं ने खुद को धन्य माना। मंदिर परिसर श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर के ऊपरी हिस्से पर लगे दर्पण पर सूर्य की किरणें गिरीं। यहां से परावर्तित होकर पीतल के पाइप में पहुंचीं। पाइप में लगे दर्पण से टकराकर किरणें 90 डिग्री कोण में बदल गईं। लंबवत पीतल के पाइप में लगे तीन लेंसों से किरणें आगे बढ़ते हुए गर्भगृह में लगे दर्पण से टकराईं। यहां से 90 डिग्री का कोण बनाकर 75 मिलीमीटर टीके के रूप में रामलला के ललाट को सुशोभित किया।
रामनगरी पहुंचे श्रद्धालुओं ने सरयू में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ कमाया। इसके बाद उन्होंने हनुमान गढ़ी और रामलला के साथ ही विभिन्न मंदिरों में दर्शन किए।
फैजाबाद लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी को मात देकर समाजवादी पार्टी से सांसद बने अवधेश प्रसाद ने चुनाव जीतने के बाद पहली बार राम मंदिर पहुंचकर रामलला के दर्शन किए। इससे पहले वह राम मंदिर और रामलला को लेकर दिए अपने बयानों से चर्चा में रहे हैं। रामनवमी पर उन्होंने रामलला के दरबार में मत्था टेका। इस दौरान उन्होंने खुद को रामलला का बड़ा भक्त बताया।
राम मंदिर में श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। लोग आराध्य की एक झलक पाने को आतुर हैं। मंदिर में भीड़ प्रबंधन के लिए व्यवस्था चाक चौबंद है। श्रद्धालुओं को किसी तरह की समस्या न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
राम मंदिर के मुख्य गेट के सामने कांटों पर लेटे बाबा श्रद्धालुओं में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। लोग इन्हें काटों वाले बाबा के नाम से जानते हैं। श्रद्धालु उनके पैर छूकर उनका आशीर्वाद ले रहे हैं। इससे पहले महाकुंभ में भी काटों वाले बाबा चर्चा में आए थे। हालांकि, दोनों बाबा एक ही हैं, इसकी पुष्टि नहीं है।
सरयू स्नान के बाद श्रद्धालु बालक राम के दर्शन करने के लिए मंदिर की तरफ बढ़ रहे हैं। मंदिर की तरफ जाने वाले रास्तों पर मानव शृंखला बनी हुई है।
जिन ड्रोनों से श्रद्धालुओं पर सरयू के पवित्र जल की बारिश कराई जा रही है, वो भगवा रंग के हैं। उन पर जय श्री राम अंकित किया गया है। ताकि, श्रद्धालुओं पर आराध्य प्रभु का आशीर्वाद यूं ही बरसता रहे।
राम जन्मोत्सव का साक्षी बनने अयोध्या आने वाले भक्तों पर ड्रोन से सरयू के पवित्र जल की फुहारों से बारिश कराई गई। इस दौरान मंदिर के सामने भक्तों की लंबी-लंबी कतारें दिखीं।
सरयू स्नान के बाद श्रद्धालुओं का कारवां नागेश्वर नाथ, हनुमानगढ़ी, कनक भवन और राम मंदिर की ओर रवाना हो रहा है। सरयू के घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। जल पुलिस के साथ एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की तैनाती की गई है। राम मंदिर में दर्शन पूजन का दौर शुरू हो गया है।