राम नवमी के शुभ अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए हिमाचल के मंडी से भाजपा की लोकसभा उम्मीदवार नामित होने के बाद चुनावी राजनीति में कदम रखने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इस साल 22 जनवरी को मंदिर के भव्य उद्घाटन के दिन राम मंदिर की अपनी यात्रा का एक वीडियो क्लिप साझा किया।
विदिशा से भाजपा प्रत्याशी शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि "आज का दिन विषेश इसलिए है कि 500 साल की प्रतीक्षा के बाद रामलला अयोध्या में जन्म स्थान पर दिव्य और भव्य मंदिर में विराजे हैं। पूरा देश आनंद के सागर में डूबा है। भगवान से प्रार्थना है कि सब पर कृपा और आशीर्वाद की वर्षा करें।"
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रामनवमी के शुभ अवसर पर सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। यह पावन पर्व हमें सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने का संदेश देता है। निस्वार्थ प्रेम, पराक्रम और उदारता के उच्चतम आदर्श स्थापित करने वाले मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम का संपूर्ण जीवन मानव जाति के लिए प्रेरणास्रोत है। आज के शुभ दिन हम ऐसे राष्ट्र के निर्माण का संकल्प लें जहां सबका जीवन गरिमापूर्ण हो और सर्वत्र समृद्धि का संचार हो।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा कि "नलबाड़ी की सभा के बाद मुझे अयोध्या में रामलला के सूर्य तिलक के अद्भुत और अप्रतिम क्षण को देखने का सौभाग्य मिला। श्रीराम जन्मभूमि का ये बहुप्रतीक्षित क्षण हर किसी के लिए परमानंद का क्षण है। ये सूर्य तिलक, विकसित भारत के हर संकल्प को अपनी दिव्य ऊर्जा से इसी तरह प्रकाशित करेगा।
केंद्रीय मंत्री और नागपुर से भाजपा उम्मीदवार नितिन गडकरी ने कहा कि "यह पूरे देश के लिए बेहद खुशी की बात है कि भगवान राम की जन्मभूमि पर राम मंदिर का निर्माण हो गया है। आज हम देशभर में रामनवमी मना रहे हैं। भगवान राम हमारे इतिहास और संस्कृति के प्रतीक हैं। आज भगवान राम के आशीर्वाद से हमने राम राज्य की स्थापना का संकल्प लिया है।
राम नवमी की तारीख चंद्र कैलेंडर से निर्धारित होती है इसलिए यह सुनिश्चित करने के लिए कि शुभ अभिषेक निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो, 19 गियर की विशेष व्यवस्था की गई है। डॉ. चौहान का कहना है कि, गियर-बेस्ड सूर्य तिलक मैकेनिज्म में बिजली, बैटरी या लोहे का उपयोग नहीं किया गया है।
प्रोजेक्ट सूर्य तिलक में एक गियर बॉक्स, रिफ्लेक्टिव मिरर और लेंस की व्यवस्था इस तरह की गई है कि मंदिर के शिखर के पास तीसरी मंजिल से सूर्य की किरणों को गर्भगृह तक लाया गया। इसमें सूर्य के पथ बदलने के सिद्धांतों का उपयोग किया गया। सीबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. प्रदीप चौहान ने बताया कि, शत प्रतिशत सूर्य तिलक रामलला की मूर्ति के माथे पर अभिषेक हुआ।
सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) रुड़की के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को तैयार किया था। इसके डिजाइन को तैयार करने में टीम को पूरे दो साल लग गए थे। 2021 में राम मंदिर के डिजाइन पर काम शुरू हुआ था। सीबीआरआई के वैज्ञानिकों की एक टीम ने सूर्य तिलक मैकेनिज्म को इस तरह से डिजाइन किया था कि हर साल राम नवमी के दिन दोपहर 12 बजे करीब चार मिनट तक सूर्य की किरणें भगवान राम की प्रतिमा के माथे पर पड़ें। इस निर्माण कार्य में सीबीआरआई के साथ सूर्य के पथ को लेकर तकनीकी मदद बेंगलूरु के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एस्ट्रोफिजिक्स (आईआईए) की भी ली गई है। बेंगलूरु की एक कंपनी ऑप्टिका ने लेंस और ब्रास ट्यूब का निर्माण किया है।
अयोध्या राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि "मैं सभी को राम नवमी की शुभकामनाएं देता हूं। सफल प्रयास किए गए हैं और आज तय कार्यक्रम के अनुसार सूर्य की किरणें राम लला की मूर्ति के माथे पर पड़ीं। 'गरबा गृह' पूरे देश में मनाया जा रहा है।
रामनवमी के असवर पर भगवान रामलला का सूर्याभिषेक किया गया। सूर्य की किरणों से रामलला का सूर्याभिषेक किया गया।
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद पहली रामनवमी पर उत्सव मनाया जा रहा है। भक्तों का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। 'सूर्यतिलक' का मुहूर्त भी करीब आ रहा है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनवमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम नवमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में हवन किया।
अयोध्या में श्रृंगार हॉट से हनुमानगढ़ी मार्ग पर हादसा हो गया है। भक्ति पथ पर शो लाइट का एंगल गिर गया है। एंगल की चपेट में आने से महिला श्रद्धालु घायल हो गई हैं। आनन फानन थाना राम जन्मभूमि प्रभारी ने घायल महिला को श्रीराम अस्पताल पहुंचाया। महिला की हालत खतरे के बाहर है। जर्जर पोल और अस्थाई छाजन को देखते हुए भक्ति पथ का श्रृंगार हाट से हनुमानगढ़ी का मार्ग बंद कर दिया गया है। अब हनुमानगढ़ी चौराहे से हनुमानगढ़ी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं को भेजा जा रहा है।
पूरे देश में रामनवमी के अवसर पर भक्तों ने पूजा-अर्चना की और भगवान राम से आशीर्वाद मांगा। रामनवमी के अवसर पर अयोध्या के हनुमान गढ़ी मंदिर में भी भक्त पूजा-अर्चना के लिए उमड़े।
रामनवमी के मौके पर आस्था का सैलाब अयोध्या में उमड़ पड़ा। रामलला के दर्शन के लिए लाखों भक्त अयोध्या में हैं।
राम नवमी उत्सव पर राम जन्मभूमि मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास कहते हैं कि राम लला को छप्पन भोग लगाया गया। पूरी व्यवस्था कर ली गई है। आज राम नवमी का मेला है। भक्त प्रार्थना कर रहे हैं और आज सब कुछ विशेष है।
रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में राम मंदिर में पूजा की गई। रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहली बार अयोध्या के राम मंदिर में रामनवमी मनाई जा रही है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया है कि "श्री राम नवमी की पावन बेला में आज, श्री राम जन्मभूमि मंदिर में प्रभु श्री रामलला सरकार का दिव्य अभिषेक किया गया"।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जीवन और उनके आदर्श विकसित भारत के निर्माण के सशक्त आधार बनेंगे। उनका आशीर्वाद आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान करेगा। प्रभु श्रीराम के चरणों में कोटि-कोटि नमन और वंदन!
पीएम मोदी ने अगली पोस्ट में लिखा प्रभु श्रीराम भारतीय जनमानस के रोम-रोम में रचे-बसे हैं, अंतर्मन में समाहित हैं। भव्य राम मंदिर की प्रथम रामनवमी का यह अवसर उन असंख्य राम भक्तों और संत-महात्माओं को स्मरण और नमन करने का भी है, जिन्होंने अपना पूरा जीवन राम मंदिर के निर्माण के लिए समर्पित कर दिया।
पीएम मोदी ने लिखा यह पहली रामनवमी है, जब अयोध्या के भव्य और दिव्य राम मंदिर में हमारे राम लला विराजमान हो चुके हैं। रामनवमी के इस उत्सव में आज अयोध्या एक अप्रतिम आनंद में है। 5 शताब्दियों की प्रतीक्षा के बाद आज हमें ये रामनवमी अयोध्या में इस तरह मनाने का सौभाग्य मिला है। यह देशवासियों की इतने वर्षों की कठिन तपस्या, त्याग और बलिदान का सुफल है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामनवमी के मौके पर देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा देशभर के मेरे परिवारजनों को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव रामनवमी की अनंत शुभकामनाएं! इस पावन अवसर पर मेरा मन भावविभोर और कृतार्थ है। ये श्रीराम की परम कृपा है कि इसी वर्ष अपने कोटि-कोटि देशवासियों के साथ मैं अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा का साक्षी बना। अवधपुरी के उस क्षण की स्मृतियां अब भी उसी ऊर्जा से मेरे मन में स्पंदित होती हैं।
रामनवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अयोध्या में राम मंदिर में भगवान रामलला के दर्शन करने के लिए पहुंचे हैं।
अयोध्या में रामनवमी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु राम मंदिर में पहुंचे हैं। भगवान रामलला के दर्शन करने के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है।
रामनवमी के अवसर पर अयोध्या में राम मंदिर के साथ ही हनुमान गढ़ी में भी बड़ी संख्या में भक्तों की रौनक है।
रामनवमी पर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पर अयोध्या रेंज के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि व्यवस्था पहले से ही की गई है। हमने इलाकों को दो सेक्टर में बांटा है। सुबह 3:30 बजे दर्शन शुरू हो गए हैं।
रामलला के दर्शनों के लिए सरयू के तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की जमावड़ा है। हर कोई जल्द से जल्द आस्था की डुबकी लगाकर रामलला के दर्शन के लिए मंदिर की ओर जाने को बेताब है।
500 वर्ष बाद बुधवार को शुभ योग में रामलला एक हजार करोड़ रुपये से निर्मित भव्य महल में अपना जन्मदिन मनाएंगे। सूर्यवंशी भगवान राम के मस्तक पर दोपहर 12:16 बजे स्वयं भगवान सूर्य की किरणें उनका तिलक करेंगी। यह विज्ञान और इंजीनियरिंग के अदभुत प्रयोग से सफल होगा। इस बार का रामजन्मोत्सव अद्भुत, अलौकिक व अविस्मरणीय हो, कुछ ऐसी तैयारी करने में शासन, प्रशासन और राममंदिर ट्रस्ट जुटा रहा। रामजन्मोत्सव के दिन बुधवार को रामलला स्वर्णमुकुट व रत्नजड़ित पीले रंग की पोशाक धारण कर भक्तों को दर्शन देंगे।
राम मंदिर के बाहर आज तड़के से ही भक्तों की भीड़ है। सरयू में डुबरी लगाकर श्रद्धालु कतार में रामलला के दर्शनों के लिए मंदिर में प्रवेश कर रहे हैँ।
राममंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद यह पहली रामनवमी है। इसीलिए यह रामनवमी खास और ऐतिहासिक है। आज दिन में भगवान श्रीराम का सूर्य तिलक होगा। लेकिन उससे पहले ही रामलला के दर्शनों के लिए रामभक्त अयोध्या में उमड़ पड़े हैं। सवेरे से ही रामभक्तों ने सरयू में डुबकी लगाकर मंदिर की राह पकड़ ली है।