राम मंदिर में स्थापित होने वाली रामलला की मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार अरुण योगीराज की मां सरस्वती ने कहा कि मैं बहुत खुश हूं, यह पिछले छह महीनों में उसने जो किया उसका नतीजा है। उसके पिता उसकी कला देखकर खुश होते।
शारदा पीठ के शंकराचार्य जगदगुरु सदानंद सरस्वती ने कहा कि भागवान राम का प्रत्येक भक्त और सनातन धर्म का अनुयायी 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर बेहद खुश है। हम इस पल का लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। यह जगह सदियों से विवादित रही। कोर्ट के आदेश के अनुसार मंदिर का निर्माण हो रहा है और अब प्राण प्रतिष्ठा होने जा रही है। ये बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था।
मंदिर ट्रस्ट ने सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश के पखावज से लेकर तमिलनाडु के मृदंग तक, अयोध्या में राम मंदिर प्रतिष्ठा समारोह का जश्न मनाने के लिए देश भर के विभिन्न शास्त्रीय वाद्ययंत्र बजाए जाएंगे। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि 22 जनवरी को भव्य समारोह के दौरान प्रदर्शन करने के लिए भारत के विभिन्न हिस्सों से संगीतकारों का चयन किया गया है।
भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को अयोध्या में 22 जनवरी को राम लला की प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होने का आमंत्रण मिला है। धोनी को आमंत्रण देने के लिए राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े लोग उनके घर गए थे। धोनी ने इस दौरान कहा कि वह कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जाएंगे। आमंत्रण मिलने से वह काफी खुश हैं। धोनी से पहले महानतम बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर को आमंत्रित किया जा चुका है।
महाभारत सीरियल में भगवान कृष्ण की भूमिका निभाने वाले नीतीश भारद्वाज ने कहा है कि भगवान राम की तरह कृष्ण को भी उनकी मथुरा की जन्मभूमि वापस मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जन्मस्थान की तुलना किसी भी अन्य स्थान से नहीं की जा सकती। एतिहासिक प्रमाणों से यह स्थापित हो गया है कि भगवान कृष्ण काल्पनिक पात्र नहीं थे। द्वारका से मिले प्रमाणों ने उन्हें इतिहास पुरूष के रूप में स्थापित कर दिया है। अब ऐसे इतिहास पुरुष भगवान कृष्ण को बिना कोई देरी किए उनकी जन्मभूमि मिलनी चाहिए।
केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने कहा, 'बहुत प्रसन्नता का विषय है और पूरा देश हर्षोल्लासित है कि 550 साल की गुलामी को दूर करके आज भगवान राम की प्रतिमा की प्रतिष्ठा का समय आ गया है...देश रामराज्य की स्थापना की तरफ बढ़ेगा।'
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा कृष्णशिला पर निर्मित मूर्ति का चयन भगवान श्री रामलला सरकार के श्री विग्रह के रूप में प्रतिष्ठित होने हेतु किया गया है।
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। अयोध्या जोन के आईजी प्रवीण कुमार ने बताया कि सीसीटीवी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, तकनीक, कैमरा, ड्रोन और मानव श्रृंखला की मदद से हम कार्रवाई कर रहे हैं।
चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश के गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसमें खिलाड़ी, लेखक, वैज्ञानिक सहित अलग-अलग विधाओं के प्रतिष्ठित लोगों को बुलाया गया है।
श्री राम जन्म भूमि क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय की ओर से डाक से भेजे गए पत्र में श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम तीन घंटे से ज्यादा समय तक चलने की बात कही गई है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, श्री राम जन्म भूमि क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास मौजूद रहेंगे।
ट्रस्ट ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर जो खाका खींचा है, उसे भी तीन घंटे से ज्यादा कार्यक्रम के मद्देनजर ही बनाया है। दिक्कत से बचने के लिए संत-महंतों से समय से पूर्व पहुंचने का आग्रह किया गया है। कहा गया है कि निमंत्रण पत्र व्यक्तिगत है। केवल एक ही व्यक्ति का प्रवेश संभव होगा। सेवक व शिष्य को बाहर रहना होगा। सेवक या शिष्य के लिए स्वतंत्र निमंत्रण पत्र नहीं हो सकता है, क्योंकि कार्यक्रम स्थल पर बैठने की व्यवस्था सीमित है।
प्रदेश भर के तीर्थ स्थलों पर बिकने वाले खड़ाऊ यहीं से बनकर जाते हैं। इसकी वजह से स्थानीय कारीगर और व्यवसायी अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। खड़ाऊ का कारोबार दिन पर दिन बढ़ रहा है। अयोध्या में बनी खड़ाऊ मथुरा से लेकर काशी, प्रयाग और अन्य तीर्थ स्थलों पर खूब पसंद की जाती हैं। पूजा पाठ में आवश्यकता के साथ गुरुकुलों में आचार्य व शिष्य और साधु-संत भी खड़ाऊ ही पहनते हैं। ऐसे में जहां भी धार्मिक स्थल हैं, वहां खड़ाऊ की मांग बनी रहती है।
श्रीराम मंदिर में 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह तीन घंटे से ज्यादा चलेगा। इस दौरान गर्भ गृह में प्रधानमंत्री के साथ पांच विशिष्ट अतिथि ही मौजूद रहेंगे। अन्य लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में सात हजार से ज्यादा विशिष्टजन आमंत्रित हैं। निमंत्रण पत्र देने के पहले इसकी सूचना संतों को डाक विभाग से भी भेजी गई। इसमें कार्यक्रम के समय एहतियात बरतने की बावत भी जानकारी दी गई है।
राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम से पहले आम आदमी पार्टी ने बड़ी घोषणा की है। दिल्ली की सभी विधानसभाओं में मंगलवार को सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया जाएगा। हर महीने के पहले मंगलवार को आम आदमी पार्टी सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का आयोजन करेगी। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने यह एलान किया है।
डॉ. परविंदर सिंह ने बताया कि अयोध्या में सांस्कृतिक व कला केंद्र खोलने को लेकर थाईलैंड की ओर से प्रस्ताव पत्र श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को दिया गया है। यह केंद्र न केवल स्थानीय समुदाय के बीच बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। पर्यटकों के लिए सुलभ कला के अवसर प्रदान करने में सहायक होगा। डॉ़ बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने बताया कि हम इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाएंगे। यह पहल अयोध्या व थाईलैंड के संबंधों को नया आयाम देगी।
डॉ. परविंदर सिंह ने कहा कि राममंदिर का उद्घाटन विश्व के हर एक सनातनी के लिए गौरवशाली दिन है। राममंदिर का दर्शन कर व मंदिर निर्माण का साक्षी बनकर अभिभूत हूं। इसलिए अयोध्या में ही नहीं, पूरी दुनिया में सनातनी उत्सव मनाएंगे। थाईलैंड में भी 22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उत्सव मनाने की तैयारी चल रही है। उन्होंने बताया कि हिंदू धर्म का थाईलैंड के राज परिवार पर सदियों से गहरा प्रभाव रहा है। माना यह जाता है कि थाईलैंड के राजा भगवान विष्णु के अवतार हैं। थाईलैंड में राजा को राम कहा जाता है। राज परिवार अयोध्या नामक शहर में रहता है। यहां का राष्ट्रीय ग्रंथ रामायण है। जिसे थाई भाषा में ‘राम-कियेन’ कहते हैं, जिसका अर्थ राम-कीर्ति होता है, जो वाल्मीकि रामायण पर आधारित है।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर पूरी दुनिया में उत्साह है। इसी क्रम में थाईलैंड में भी उत्सव मनाने की तैयारी चल रही है। भारत दौरे पर आए राजदूत (विश्व शांति संस्थान संयुक्त राष्ट्र) डॉ़ परविंदर सिंह व शाही राजनयिक थाई पुजारी फ्रापलाड नारोंग ने अयोध्या पहुंचकर रामलला के दरबार में हाजिरी लगाई। डॉ़ परविंदर सिंह ने बताया कि थाईलैंड की अयोध्या भी प्राण प्रतिष्ठा उत्सव के लिए तैयार हो रही है। राम हम सबके आराध्य हैं। भव्य आयोजन होगा।
22 जनवरी को रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी में अयोध्यावासी तमाम तरह से तैयारियां करने में जुटे हैं। कोई रंगोली बनाकर प्रभु का स्वागत करने की तैयारी में है तो किसी ने रंग-बिरंगी झालरों से घर को सजाकर आतिशबाजी की योजना बनाई है। रामभक्तों की भावनाओं का सम्मान करते हुए जिला प्रशासन ने भी तैयारी की है। लोग सुलभतापूर्वक आतिशबाजी कर सकें, इसके लिए अस्थायी तौर पर दुकानें सजाई जाएंगी। सिटी मजिस्ट्रेट अरविंद द्विवेदी ने बताया कि आवेदन की प्रक्रिया पर विचार किया जा रहा है। शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। तीन दिन के लिए लाइसेंस देने की योजना है।
रामलला के स्वागत में जिले में जमकर आतिशबाजी हो सकेगी। आसानी से लोगों को सामग्री उपलब्ध कराने के लिए दिवाली की तर्ज पर शहर के जीआईसी में आतिशबाजी की दुकानें सजेंगी। 19 जनवरी से ही दुकानें लगाने की योजना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने अस्थायी लाइसेंस जारी करने की कवायद शुरू की है।
अयोध्या राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह पर श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि "प्रतिष्ठा की दृष्टि से जो भी आवश्यक तैयारी है वो पूरी चल रही हैं। एक ओर भव्य मंदिर लगभग खड़ा हो चुका है, दूसरी ओर अयोध्या सज रही है... 17 जनवरी के दिन भगवान राम लला अपने मंदिर में प्रवेश करेंगे..."
प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर श्रीरामजन्मभूमि परिसर में बिजली आपूर्ति के लिए बने बिजली तंत्रों व परिसर में लगे आरएमयू (रिंग मेन यूनिट) का परीक्षण सोमवार से तीन दिन तक होगा। इस दौरान अति अल्प अवधि में परिसर की बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। अधिशासी अभियंता प्रदीप कुमार वर्मा ने बताया कि परिसर में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए रिंग मेन यूनिट लगाई गई है। इसकी मदद से एक लाइन से बिजली गुल होने पर सेकंडों में दूसरी लाइन से आपूर्ति बहाल हो जाएगी। इसके परीक्षण के लिए मुख्यालय से निर्देश मिले हैं। यह कार्य 15 से 18 जनवरी तक पूर्ण किया जाएगा।
सोमवार को ही साकेत पेट्रोल पंप के पास बस्ती के शशिकांत दुबे का भजन और अयोध्या के शीतला प्रसाद वर्मा का फरुवाही लोकनृत्य होगा। धर्मपथ पर अयोध्या के ही राजेश गौड़ का कहरवा लोकनृत्य होगा। गोंडा की श्वेता सिंह भजन व लोकगीत प्रस्तुत करेंगी। रामघाट हाल्ट पर रमा प्रजापति बधावा लोकनृत्य से रूबरू कराएंगी। साकेत कॉलेज के पास सुल्तानपुर के दयाशंकर पांडेय का अवधी लोक गायन तो प्रकृति यादव का लोकनृत्य होगा। पराग डेयरी पर मुकेश कुमार की फरुवाही लोकनृत्य की प्रस्तुति देखने को मिलेगी। तुलसी उद्यान मंच पर झांसी के सीताराम कुशवाहा का भजन और जौनपुर के अशोक कुमार का लोक गायन होगा। प्रयागराज के ओमप्रकाश शर्मा शहनाई वादन करेंगे।
रामकथा पार्क में 15 जनवरी से प्रसिद्ध कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर की कथा होगी। सोमवार को राम की पैड़ी पर देश के अनेक राज्यों के लोग भी अपनी प्रस्तुति देंगे। राम की पैड़ी पर महाराष्ट्र के शैलेष भागवत शहनाई वादन करेंगे। महाराष्ट्र के हर्ष वर्धन की सारंगी और दिल्ली के शाश्वत मंडल भजन से श्रीराम के चरणों में अपनी हाजिरी लगाएंगे। अनुज मिश्र का कथक, ज्योति श्रीवास्तव ओडिशी नृत्य, अंजना झा व सुरभि शुक्ला कथक पर प्रस्तुति देंगी। मीनू ठाकुर राम की पैड़ी पर कुचिपुड़ी नृत्य से दर्शकों को भाव-विभोर करेंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर रामनगरी में उत्तर प्रदेश समेत समूचे देश की सांस्कृतिक विधाओं का संगम हो रहा है। एक तरफ रामकथा पार्क में देवकी नंदन ठाकुर की कथा का आगाज होगा तो राम की पैड़ी, धर्मपथ, तुलसी उद्यान, सर्किट हाउस के पास, राज सदन, साकेत कॉलेज आदि स्थानों पर दर्शक फरुवाही, भजन, बधावा लोकनृत्य, अवधी लोक गायन आदि से जुड़ी सांस्कृतिक गतिविधियों से परिचित होंगे।
मकर संक्रांति पर सोमवार को स्नान-दान का पुण्यकाल रहेगा। रामनगरी में सरयू स्नान व दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। रामलला सहित अधिकांश मंदिरों में सोमवार को ही खिचड़ी का त्योहार मनाया जाएगा। स्नान के लिए भारी भीड़ उमड़ने की संभावना को देखते हुए रामनगरी में यातायात डायवर्जन लागू किया गया है। वहीं सरयू के घाटों पर पानी कम होने से श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सर्दी के मौसम में सरयू घाटों से दूर चली गई हैं। उधर रामजन्मभूमि परिसर में मकर संक्रांति मनाई जाएगी। मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास ने बताया कि रामलला को खिचड़ी, सब्जी, पूड़ी, दही, पापड़, घी व अचार का भोग लगाकर सभी को प्रसाद वितरित किया जाएगा।