मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर रामलला के दरबार में दीप प्रज्ज्वलित किया और फिर सरयू की महाआरती में शामिल हुए। राम दरबार में दीप प्रज्ज्वलन होने के बाद ही राम की नगरी 29 लाख दीयों से दमक उठी।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि अब दुनिया भर के सनातन धर्मावलंबी अयोध्या आ रहे हैं। भारत के अलग-अलग कोनों से लोग रामलला का दर्शन करने आ रहे हैं। आज अयोध्या में विकास हो रहा है।
ये वही उत्तर प्रदेश है जहां गरीबों के घर में शौचालय बन रहा है। लोगों को कोरोना काल से ही राशन का वितरण किया जा रहा है और अगर बीमार हो जाएं तो पांच लाख रुपये का सुरक्षा कवर आयुष्मान योजना के रूप में दिया जा रहा है। प्रदेश में अब रामराज्य की स्थापना हो चुकी है। अब तैहिक, दैविक और भौतिक किसी भी तरह का दुख लोगों को नहीं हैं।
आज प्रदेश में कानून का राज है। पहले त्योहारों के समय दंगे होते थे। पहले लोग सोच नहीं सकते थे कि प्रदेश में शांति हो भी सकती है। आठ साल के बाद यूपी माफियाराज-गुंडाराज से मुक्त हो चुका है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। अब अपराधी भयभीत हैं। किसान खुशहाल हैं। युवाओं के लिए अवसर हैं। महिलाएं सुरक्षित हैं। हर हृदय में उत्साह और उमंग है और जहां कभी गोलियां चली थीं वहां अब दीप प्रज्ज्वलित हो रहे हैं।
रामनगरी में दीपोत्सव पर एक बार फिर त्रेता युग जीवंत हो गया। पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से राम, लक्ष्मण, सीता और हनुमान के स्वरूप रामकथा पार्क हेलीपैड पहुंचे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई मंत्रियों के साथ भगवान के स्वरूपों की अगवानी की। यहां राम जानकी की वंदना के साथ भरत मिलाप भी हुआ। उनके साथ अन्य मंत्रियों ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के साथ संत, महंत, जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी मौजूद हैं।
राम की पैड़ी पर 29 लाख 25 हजार 051 दीये बिछा दिए गये हैं। दीपोत्सव पर 26 लाख 11 हजार 101 दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाया जाएगा। इस कार्य में 33000 वालंटियर्स लगाए गए हैं।
इसी तरह राम मंदिर के गेट नंबर तीन का नामकरण जगद्गुरु मध्वाचार्य के नाम से किया गया है। राम मंदिर के तीनों प्रमुख द्वारों के नामकरण की प्रक्रिया दीपोत्सव के मौके पर पूरी हो गई है।
राम मंदिर में दीपोत्सव मनाने की भव्य तैयारी की गई है। मंदिर परिसर की रंग-बिलंगी झालरों से सजावट की गई है। पूरे मंदिर को फूलों से सजाया गया है। सभी द्वारों को भी फूलों से सजाया गया है। राम मंदिर के यह सभी द्वार दीपोत्सव के मौके पर अद्भुत नजारा पेश कर रहे हैं।
राम मंदिर में राजा राम की इस बार पहली दिवाली बेहद भव्य होने जा रही है। राम मंदिर के प्रथम तल पर राम दरबार की स्थापना के बाद यह पहली दिवाली है। इस बीच राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से श्रीराम जन्मभूमि के तीनों द्वारों का नामकरण कर दिया गया है। एक दिन पहले धनतेरस के मौके पर राम मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार का नामकरण जगद्गुरु रामानंदाचार्य के नाम से हुआ था। इसके बाद दीपोत्सव के मौके पर गेट नंबर 11 जिसे वीआईपी प्रवेश द्वार के रूप में जाना जाता है, इसका नामकरण जगद्गुरु आदि शंकराचार्य के नाम से कर दिया गया है। इसी गेट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और अन्य विशिष्ट जन रामलला के दर्शन के लिए जाते हैं।
झांकियों की शोभायात्रा में सिर पर मटकी रखकर महिलाओं के समूह ने विशेष नृत्य प्रस्तुत किया। शोभायात्रा का लोगों ने जगह-जगह स्वागत किया।
दीपोत्सव पर निकाली जा रही झांकियों की शोभायात्रा के मनमोहक दृश्यों को देखकर लोग रोमांचित हो उठे। परिसर जयकारों से गूंजता रहा।
दीपोत्सव पर निकाली जा रही झांकियों की शोभायात्रा में अलग-अलग जगहों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।
नौवें दीपोत्सव पर झांकियों की शोभायात्रा का रंगारंग आगाज हो गया है। झांकियां देखने के लिए छतों व सड़कों पर लोगों की भीड़ उमड़ी है।
दीपोत्सव पर झांकियों की शोभायात्रा का आगाज हो गया है। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर इसे रवाना किया। शोभायात्रा साकेत महाविद्यालय से निकली। यह रामपथ पर लगभग चार किलोमीटर की दूरी तय करेगी। कई प्रदेशों के लोक कलाकार अपनी प्रस्तुति दे रहे हैं। रामकथा पार्क में सीएम योगी आदित्यनाथ दोपहर को शोभायात्रा का स्वागत करेंगे।
इस मौके पर पूर्व सांसद लल्लू सिंह, महापौर महंत गिरीश पति त्रिपाठी, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, विधायक रामचंद्र यादव, विधायक वेद प्रकाश गुप्त, विधायक चंद्रभानु पासवान व अन्य भाजपा नेता मौजूद रहे।
थोड़ी देर में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह शोभायात्रा को रवाना करेंगे। शोभायात्रा में शामिल झांकियों में विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित अयोध्या की उपलब्धियों को दर्शाया गया है। इसके अलावा रामायण कालीन प्रसंग की भी छटा देखने को मिल रही है।
झांकियों की यह शोभायात्रा रामपथ से होते हुए रामकथा पार्क तक जाएगी। वहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शोभायात्रा की अगवानी करेंगे। पूरे रास्ते घरों की छतों से पुष्प वर्षा करके लोग स्वागत करेंगे। हजारों की संख्या में लोग इस शोभायात्रा को देखने के लिए साकेत महाविद्यालय पहुंचे हैं। इसमें स्थानीय लोगों के साथ देश-विदेश के पर्यटक और श्रद्धालु भी शामिल हैं।
भगवान राम के लंका विजय कर वापस अयोध्या आने की खुशी में मनाए जा रहे दीपोत्सव की सतरंगी छटा रामनगरी में रविवार की सुबह से ही हर तरफ बिखरने लगी है। दीपोत्सव की शुरुआत साकेत महाविद्यालय में झांकियों की शोभायात्रा के साथ होने जा रही है। यहां से 21 झांकियां निकाली जा रही हैं।
लंका विजय के बाद श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में त्रेता की तर्ज पर लोगों ने घरों को सजाया है। घरों व दुकानों की दरों-दीवारों पर रामकथा व शुभता के प्रतीकों को चित्रित किया गया है। शाम होते ही पूरी अयोध्या में अवधपुरी रघुनंदन आए, घर-घर नारी मंगल गाए... जैसे मंगल गीत गूंजने लगते हैं।
अयोध्या पर शोध करने वाले डॉ. हरिप्रसाद दुबे कहते हैं कि अवध में उत्सव है भारी... दीपोत्सव में कुछ इसी तरह का माहौल है। पूरी अयोध्या रोशनी से नहा उठी है। ऐसी सजावट हुई है कि मानो देवलोक पृथ्वी पर उतर आया है। चमचमाती सड़के। एक रंग में रंगे भवन। आकर्षक लाइटिंग। रामकथा आधारित तोरण व स्वागत द्वार अयोध्या की शोभा बढ़ा रहे हैं।
सीएम गुरु वशिष्ठ की भूमिका में श्रीराम का राजतिलक करेंगे। इसके बाद राज्यपाल आनंदी बेन पेटल, प्रदेश सरकार के दोनों डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव मौर्या व प्रदेश सरकार के अन्य मंत्री सीताराम की आरती उतारेंगे। फिर एक-एक कर साधु-संत भी राम दरबार की आरती करेंगे।