टोक्यो ओलंपिक के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में भारत को हार का सामना करना पड़ा है। उसे विश्व चैंपियन बेल्जियम के हाथों 5-2 से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस हार के साथ ही भारत के फाइनल में पहुंचने का सपना भी टूट गया है। हालांकि भारत अभी भी कांस्य पदक अपने नाम कर सकता है। ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी के मैच की हारने वाली टीम से वह प्लेऑफ यानी कांस्य पदक वाले मैच में पांच अगस्त को भिड़ेगी।
इस बार बेल्जियम को पैनल्टी स्ट्रोक मिला और उसके स्टार खिलाड़ी हेंड्रिक्स ने मैच का तीसरा जबकि टूर्नामेंट का 14 वां गोल दाग दिया। इसी के साथ बेल्जियम ने अब 4-2 की मजबूत बढ़त ले ली है।
आखरी के सात मिनट में बेल्जियम पूरी तरह से भारत पर हावी है।
बेल्जियम को मिला लगातार तीन पैनल्टी कॉर्नर, मैच का कुल 10वां पैनल्टी कॉर्नर और हेंड्रिक्स ने उसे गोल में तब्दील कर दिया। अब बेल्जियम ने ले ली है अहम बढ़त।
तीसरा क्वार्टर समाप्त हो चुका है और अभी भी दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर हैं। आखिरी 15 मिनट का खेल बाकी।
सीआरपीएफ के जवान भी भारत-बेल्जियम का मैच देख रहे हैं और हौसला बढ़ा रहे हैं। जम्मू के सीआरपीएफ कैंप में जवानों ने भारत माता की जय के नारे लगाए।
बेल्जियम ने भी अपना रेफरल गंवा दिया है। वहीं भारत पैनल्टी कॉर्नर को भुनाने में नाकाम रहा।
भारत को मिला पैनल्टी कॉर्नर लेकिन बेल्जियम ने रेफरल की मांग की है।
खेल दोबारा शुरू, मैच के आखिरी और अहम 30 मिनट। दोनों टीमें फिलहाल 2-2 की बराबरी पर हैं।
दूसरे सेमीफाइनल का दूसरा क्वार्टर समाप्त हो चुका है। हाफ टाइम के बाद दोनों ही टीमें 2-2 की बराबरी पर हैं। इस हाफ टाइम में बेल्जियम को अधिक पैनल्टी कॉर्नर मिले हैं, जिसपर भारतीय टीम को लगाम लगाने की जरुरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी भारत और बेल्जियम के बीच चल रहे हॉकी सेमीफाइनल को देख रहे हैं। उन्होंने ट्वीट कर टीम का हौसला बढ़ाया और शुभकामनाओं के साथ लिखा, 'मुझे अपनी टीम और उनकी स्किल पर गर्व है।'
भारत ने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया हालांकि वह पैनल्टी कॉर्नर पर लगाम लगाने में नाकाम रही है।
भारत ने अपना रेफरल गंवाया, उसे पैनल्टी कॉर्नर भी नहीं मिला। अब उसके पास मैच के लिए एक भी रेफरल नहीं बचा है।
बेल्जियम को पांचवां पैनल्टी कॉर्नर मिला। इस बार हेंड्रिक्स ने कोई गलती नहीं की और मैच का अपना पहला जबकि टूर्नामेंट का 12वां गोल किया। अब दोनों टीमें 2-2 की बराबरी पर पहुंच गई हैं।
भारत ने बेल्जियम के खिलाफ पहले क्वार्टर में 2-1 की मनोवैज्ञानिक और अहम बढ़त ले ली है। हालांकि दूसरे क्वार्टर में बेल्जियम को लगातार तीन पैनल्टी कॉर्नर मिले। लेकिन भारत के मजबूत डिफेंस की वजह से बेल्जियम एक भी गोल नहीं कर पाया।
मैच का पहला क्वार्टर समाप्त हो चुका है। मैच के दूसरे मिनट में बेल्जियम से गोल खाने के बाद भारत ने जोरदार खेल दिखाया और एक मिनट के अंदर सातवें और आठवें मिनट में दो गोल कर मजबूत बढ़त ले ली।
भारत ने एक मिनट के अंतराल पर अपना दूसरा गोल दागा। इस बार मनदीप सिंह ने गेंद को गोलपोस्ट में डाला। इसके साथ ही भारत ने बेल्जियम के खिलाफ 2-1 की बढ़त ले ली है।
भारत की तरफ से 7वें मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पहला गोल दागा।
भारतीय टीम को आठवें मिनट में पहला पैनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन वह गोल में तब्दील नहीं हो पाया। हालांकि भारत को एक और पैनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार टीम ने अपना खाता खोला।
बेल्जियम ने मैच के शुरुआती दो मिनट में ही पैनल्टी कॉर्नर हासिल किया और उसे गोल में बदलने में कामयाब रहे। लुइपेर्ट ने बेल्जियम की तरफ से पहला गोल किया। 1-0 से आगे हुई विश्व चैंपियन।
दोनों टीमें मैदान में, राष्ट्रगान के बाद मुकाबला शुरू
भारतीय टीम ने ग्रुप ए में पांच में से चार मुकाबले जीते और दूसरे स्थान पर रही, उसके बाद टीम ने क्वार्टरफाइनल में ग्रेट ब्रिटेन को 3-1 से हराया। वहीं बेल्जियम ने ग्रुप बी में पांच में से चार मुकाबले जीते और एक ड्रॉ खेला। इसके बाद क्वार्टरफाइनल में स्पेन को 3-1 से हराया।
रियो ओलंपिक के बाद से दोनों ही टीमों के बीच मुकाबला बराबरी का रहा है। इसे इसी से समझा जा सकता है कि दोनों टीमों में 2016 ओलंपिक के बाद से 16 मुकाबले खेले गए हैं। इसमें भारत ने 6 मैच जीते हैं और छह हारें जबकि चार मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
सेमीफाइनल मुकाबले के लिए भारतीय एकादश का ऐलान हो गया है। मनप्रीत सिंह की अगुवाई में टीम इतिहास दोहराने को तैयार है।
नमस्कार आप सभी का स्वागत है अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में। आज टोक्यो ओलंपिक में भारत के लिए बेहद अहम दिन है। आज सेमीफाइनल में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का मुकाबला बेल्जियम से होगा। मुकाबला अब से कुछ ही देर में सात बजे से शुरू होगा। भारतीय टीम ने अब तक शानदार प्रदर्शन किया है और उससे एक और जीत की उम्मीद है।
भारतीय पुरुष हॉकी टीम आज सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन बेल्जियम को हराकर फाइनल में जगह बनाने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। आठ स्वर्ण पदक सहित 11 ओलंपिक पदक जीतने वाले भारत का ओलंपिक में समृद्ध इतिहास है और मनप्रीत सिंह की अगुवाई वाली टीम उस गौरव को लौटाने की राह पर है।