भारत ने फाइनल में कुवैत को हराकर सैफ चैंपियनशिप टूर्नामेंट जीत लिया है। उसने नौवीं बार इस खिताब को अपने नाम किया है। भारत इससे पहले 1993, 1997, 1999, 2005, 2009, 2011, 2015 और 2021 में चैंपियन बना था। टूर्नामेंट के 14 साल के इतिहास में भारत नौ बार चैंपियन बना है और चार बार वह उप विजेता रहा।
भारत ने पेनल्टी शूटआउट में कुवैत को 5-4 से हराया। बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में निर्धारित 90 मिनट तक दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर रहीं। उसके 30 मिनट के एक्स्ट्रा टाइम में भी कोई भी टीम दूसरा गोल नहीं कर सकी। ऐसे में मैच का फैसला पेनल्टी शूटआउट में हुआ।
गुरप्रीत सिंह ने दिलाई जीत
भारत को यह जीत गोलकीपर गुरप्रीत सिंह ने दिलाई। उन्होंने पेनल्टी शूटआउट में शानदार प्रदर्शन किया और कुवैत के कप्तान खालिद अल इब्राहिम का आखिरी शॉट रोक दिया। पेनल्टी शूटआउट में दोनों टीमों को पांच-पांच गोल मारने के मौके मिलते हैं। इसमें चूकने वाली टीम मैच हार जाती है। निर्धारित पांच-पांच शॉट के बाद दोनों टीमें चार-चार की बराबरी पर थीं। भारत के लिए उदांता सिंह और कुवैत के मोहम्मद अब्दुल्ला गोल करने से चूक गए थे। चार-चार की बराबरी के बाद सडेन डेथ की बारी आई। इसमें जो टीम गोल करने से चूकती है वह सीधे हार जाती है। उसे दूसरा मौका नहीं मिलता है। सडेन डेथ में भारत के लिए नाओरेम महेश सिंह ने गोल किया। वहीं, कुवैत के कप्तान खालिद का शॉट भारत के गोलकीपर गुरप्रीत सिंह ने रोक दिया। वह टीम इंडिया के हीरो बन गए।
भारत और कुवैत के बीच सैफ चैंपियनशिप का फाइनल मैच पेनल्टी शूटआउट में पहुंच गया है। दोनों टीमें निर्धारित 90 मिनट के बाद एक्स्ट्रा टाइम में भी दूसरा गोल नहीं कर सकीं। स्कोर 1-1 की बराबरी पर रहा। भारत सेमीफाइनल में लेबनान के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में ही मैच जीता था।
एक्स्ट्रा टाइम में पहले हाफ का खेल समाप्त हो गया है। 105 मिनट के कुल खेल के बाद दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। भारतीय टीम ने एक्स्ट्रा टाइम के पहले हाफ में कुछ अच्छे प्रयास किए, लेकि्न उसे सफलता नहीं मिली। अब 15 मिनट का खेल और होगा। अगर नतीजा नहीं निकला तो पेनल्टी शूटआउट में फैसला होगा।
निर्धारित 90 मिनट में मैच का फैसला नहीं हुआ है। भारत और कुवैत की टीमें 1-1 की बराबरी पर रही हैं। अब दोनों टीमों को 15-15 मिनट के दो हाफ अतिरिक्त दिए जाएंगे। अगर इसमें मैच के विजेता का फैसला नहीं हुआ तो पेनल्टी शूटआउट होगा।
भारत और कुवैत के बीच फाइनल मैच में 80 मिनट का खेल हो चुका है। दोनों टीमों को दूसरे गोल का इंतजार है। अगर निर्धारित 90 मिनट तक कोई टीम बढ़त नहीं ले पाती है तो एक्स्ट्रा टाइम में मैच चला जाएगा। इसमें दोनों टीमों को 15-15 मिनट के दो हाफ खेलने को मिलेंगे। अगर एक्स्ट्रा टाइम में भी मैच का नतीजा नहीं निकलता है तो फिर पेनल्टी शूटआउट होगा।
मैच में एक घंटे का खेल पूरा हो गया है। 60 मिनट के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर है। दूसरे हाफ में भारतीय टीम पहले से ज्यादा आक्रामक नहीं आ रही हैं। कुवैत के खिलाफ लगातार फाउल कर रहे हैं। इस कारण 60वें मिनट में हमद अल कलाफ को यलो कार्ड भी दिखाया गया।
भारत और कुवैत के बीच दूसरे हाफ का खेल शुरू हो गया है। दोनों टीमें 1-1 की बराबरी पर हैं। भारत दूसरे हाफ में बढ़त लेकर मैच को समाप्त करना चाहेगा। वह एक्स्ट्रा टाइम या पेनल्टी शूटआउट में मैच को नहीं जाने देगा।
भारत और कुवैत के बीच सैफ चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले में हाफटाइम का खेल हो चुका है। स्कोर 1-1 की बराबरी पर है। कुवैत के लिए शबीब अल खलिदी ने 14वें मिनट में पहला गोल किया तो भारत के लिए लालियानजुआला चांगटे ने बराबरी का गोल दागा। पहले हाफ में भारत और कुवैत की टीम ने चार-चार शॉट गोलपोस्ट पर लगाए। इनमें से कुवैत का एक शॉट ही टारगेट पर रहा। उसी पर उसे गोल मिल गया। भारत ने तीन प्रयास किए। भारत के पास 54 प्रतिशत पजेशन रहा।
भारत के लिए मैच में पहला गोल लालियानजुआला चांगटे ने किया। कुरुनियन के पास पर सुनील छेत्री ने गोलपोस्ट की ओर समद को गेंद दिया। समद ने कोई गलती किए बिना चांगटे की ओर गेंद को भेज दिया। इसके बाद चांगटे ने कुवैत के गोलकीपर को छकाते हुए शानदार गोल किया। भारत ने मैच में अब वापसी कर ली है और स्कोर 1-1 से बराबर हो गया है।
भारत के अनुभवी डिफेंडर संदेश झिंगन को मैच का पहला यलो कार्ड दिखाया गया है। उन्हें मैच के 28वें मिनट में पहली वॉर्निंग मिली है। दूसरी ओर, कुवैत के खिलाड़ी हसन अल एनेजी मैच से बाहर हो गए हैं। वह चोट के कारण मैदान से बाहर गए। उनके स्थान पर हमद अल हरबी मैदान पर आए हैं। 30 मिनट के बाद कुवैत मैच में 1-0 से आगे है।
फाइनल में कुवैत ने शुरुआती हमला किया और 14वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली। उसके लिए शबीब अल खलिदी ने गोल किया। भारतीय डिफेंडर के पास कुवैत के इस हमले का कोई जवाब नहीं था। विपक्षी खिलाड़ियों ने जबरदस्त तालमेल बनाकर टीम इंडिया के खिलाफ गोल दागा। इसके ठीक बाद 16वें मिनट में सुनील छेत्री ने शानदार शॉट मारा, लेकिन वह कुवैत के गोलकीपर को नहीं भेद सके।
भारत और कुवैत के बीच 10 मिनट का खेल चुका है। दोनों टीमों को पहले गोल का इंतजार है। स्कोर अभी भी 0-0 की बराबरी पर है। टीम इंडिया ने शुरुआती 10 मिनट में गोल के लिए एक शॉट टारगेट पर लगाया है। हालांकि, उसे सफलता नहीं मिली है।
बेंगलुरु में भारत और कुवैत के बीच सैफ चैंपियनशिप का फाइनल मुकाबला शुरू हो गया है। टीम इंडिया की नजर नौवीं बार चैंपियन बनने पर है। वह शुरुआती मिनटों में बढ़त हासिल करना चाहेगी।
स्टिमैक को टूर्नामेंट में दो बार पाकिस्तान और कुवैत के खिलाफ रेड कार्ड दिखाया गया है। जिसके चलते उन पर दो मैचों का प्रतिबंध लगा है। भारत की फाइनल में निगाहें सुनील छेत्री पर होंगी। लेबनान के खिलाफ उनकी सहायता के लिए महेश सिंह को उनके पीछे खिलाया गया था। गावली फाइनल में भी इसी रणनीति को अपना सकते हैं। छेत्री ने पाकिस्तान के खिलाफ तीन, नेपाल और कुवैत के खिलाफ एक-एक गोल किया था। लेबनान के खिलाफ उन्होंने पेनाल्टी शूटआउट में गोल किया था। गावली को उम्मीद है कि साहल अब्दुल समद, महेश सिंह, उदांता सिंह पहले की तरह गति और ऊर्जा के साथ खेलेंगे।
भारत ने सेमीफाइनल में लेबनान को पेनाल्टी शूटआउट में 4-2 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई थी, जबकि कुवैत ने एक्स्ट्रा टाइम में बांग्लादेश को 1-0 से हराया था। यह टूर्नामेंट में दूसरा मौका होगा जब दोनों टीमें आपस में टकराएंगी। इससे पहले ग्रुप में मैच में दोनों टीमों के बीच मुकाबला 1-1 से बराबर छूटा था। भारत को यह ड्रॉ अंतिम क्षणों में अनवर अली के आत्मघाती गोल के कारण खेलना पड़ा था।
नमस्कार, अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। सैफ चैंपियनशिप में भारतीय फुटबॉल टीम का मुकाबला फाइनल में कुवैत से होगा। दोनों टीमों के बीच यह मैच बेंगलुरु के श्री कांतीरवा स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय टीम इस बार टूर्नामेंट में एक भी मैच नहीं हारी है। ग्रुप राउंड में उसने पाकिस्तान और नेपाल को हराया था। वहीं, कुवैत से मैच ड्रॉ रहा था। सेमीफाइनल में टीम इंडिया को लेबनान के खिलाफ पेनल्टी शूटआउट में जीत मिली थी।