भारतीय हॉकी टीम ने चेन्नई में खेले गए एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीत लिया है। मलयेशिया के खिलाफ रोमांचक फाइनल में भारत एक समय 1-3 से पीछे चल रहा था, इसके बाद तीसरे क्वार्टर में एक मिनट के अंदर दो गोल दाग टीम इंडिया ने जबरदस्त वापसी की। चौथे क्वार्टर में चौथा गोल दाग भारतीय टीम ने 4-3 से मैच जीता और चौथी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के खिताब पर कब्जा जमाया। अब भारत सबसे ज्यादा चार बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाला देश बन गया है। पाकिस्तान ने तीन बार यह खिताब जीता है।
इससे पहले भारत ने 2011, 2016 और 2018 में यह ट्रॉफी जीती थी। 2018 में भारत और पाकिस्तान संयुक्त रूप से विजेता रहा था, क्योंकि फाइनल बारिश की वजह से रद्द हो गया था। पांच साल बाद एक बार फिर टीम इंडिया चैंपियन बनी है। भारतीय टीम इस पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। भारतीय हॉकी टीम को अब हांगझोऊ एशियन गेम्स में हिस्सा लेना है। ऐसे में इस जीत से जरूर भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा होगा।
हाफटाइम तक भारत का खराब खेल
हाफटाइम तक मलयेशिया की टीम 3-1 से आगे थी। सबसे खराब बात यह रही है कि टीम इंडिया ने मैच का पहला गोल दागा था। जुगराज सिंह ने नौवें मिनट में गोल कर भारतीय टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई थी। हालांकि, इसके बाद से भारतीय टीम पटरी से उतर गई और मलयेशिया ने लगातार काउंटर अटैक किए। 14वें मिनट में अजराई अबु कमाल ने फील्ड गोल कर मलयेशिया को बराबरी कराई। इसके बाद दूसरे क्वार्टर में रहीज राजी ने 18वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर और 28वें मिनट में मोहम्मद अमिनुद्दीन ने पेनल्टी कॉर्नर पर ही ड्रैगफ्लिक से गोल दाग अपनी टीम को भारत के खिलाफ 3-1 से आगे कर दिया। पहले दो क्वार्टर में भारत ने कुछ आसान पेनल्टी कॉर्नर भी गंवाए।
तीसरे-चौथे क्वार्टर में टीम इंडिया की वापसी
तीसरे क्वार्टर में भारत ने जबरदस्त वापसी की। एक मिनट के अंदर दो गोल दाग भारतीय टीम ने स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। हाफ-टाइम के बाद भारत ने काउंटर अटैक जारी रखा। इसका फल मैच के 45वें मिनट में जाकर मिला, जब भारत के काउंटर अटैक पर अपने बॉक्स के अंदर मलयेशिया ने फाउल किया। इस पर भारत को रेफरी ने पेनल्टी स्ट्रोक अवॉर्ड किया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल दाग स्कोर 3-2 कर दिया। इसी मिनट (45वें मिनट) में गुरजंत सिंह ने काउंटर अटैक पर फील्ड गोल कर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। भारतीय टीम ने चौथे क्वार्टर मं 56वें मिनट में अपना चौथा गोल दागा। आकाशदीप सिंह ने काउंटर अटैक कर बेहतरीन फील्ड गोल किया और इस तरह टीम इंडिया चैंपियन बनी।
भारतीय टीम ने चौथे क्वार्टर मं 56वें मिनट में अपना चौथा गोल दागा। आकाशदीप सिंह ने काउंटर अटैक कर बेहतरीन फील्ड गोल किया। अब टीम इंडिया 4-3 से आगे है। दूसरे क्वार्टर में टीम इंडिया 3-1 से पीछे चल रही थी, लेकिन तीसरे और चौथे क्वार्टर में जबरदस्त वापसी करते हुए भारत ने 4-3 की बढ़त बना ली है।
तीसरे क्वार्टर में भारत ने जबरदस्त वापसी की। एक मिनट के अंदर दो गोल दाग भारतीय टीम ने स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। हाफ-टाइम के बाद भारत ने काउंटर अटैक जारी रखा। इसका फल मैच के 45वें मिनट में जाकर मिला, जब भारत के काउंटर अटैक पर अपने बॉक्स के अंदर मलयेशिया ने फाउल किया। इस पर भारत को रेफरी ने पेनल्टी स्ट्रोक अवॉर्ड किया। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने गोल दाग स्कोर 3-2 कर दिया। इसी मिनट में गुरजंत सिंह ने काउंटर अटैक पर फील्ड गोल कर स्कोर 3-3 से बराबर कर दिया। अब चौथे क्वार्टर यानी आखिरी 15 मिनट का खेल बाकी है।
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में हाफटाइम तक मलयेशिया की टीम 3-1 से आगे है। उसने अब तक भारत के खिलाफ शानदार खेल दिखाया है और मेजबान टीम को गोल करने का कोई मौका नहीं दिया है। भारत ने कुछ आसान पेनल्टी कॉर्नर भी गंवाए हैं।
सबसे खराब बात यह रही है कि टीम इंडिया ने मैच का पहला गोल दागा था। जुगराज सिंह ने नौवें मिनट में गोल कर भारतीय टीम को 1-0 से बढ़त दिलाई थी। हालांकि, इसके बाद से भारतीय टीम पटरी से उतर गई और मलयेशिया ने लगातार काउंटर अटैक किए। 14वें मिनट में अजराई अबु कमाल ने फील्ड गोल कर मलयेशिया को बराबरी कराई। इसके बाद दूसरे क्वार्टर में रहीज राजी ने 18वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर और 28वें मिनट में मोहम्मद अमिनुद्दीन ने पेनल्टी कॉर्नर पर ही ड्रैगफ्लिक से गोल दाग अपनी टीम को भारत के खिलाफ 3-1 से आगे कर दिया।
भारतीय डिफेंस काफी खराब रहा। मलयेशिया ने लगातार एक के बाद एक कई काउंटर अटैक किए। भारतीय डिफेंस काफी ढीला दिखा। टीम ने कई आसान पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करने के मौके भी गंवा दिए। इस तरह मलयेशिया ने 3-1 की बढ़त बना रखी है। अब दो और क्वार्टर का खेल बचा है और भारत को खिताब जीतने के लिए पहले दो गोल को मेकअप करना होगा, फिर जीत की कोशिश करनी होगी।
मलयेशिया ने दूसरे क्वार्टर में 18वें मिनट में अपना दूसरा गोल दागा। रहीम राजी ने पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैगफ्लिक से गोल हासिल किया, जिसका भारतीय डिफेंडर्स के पास कोई जवाब नहीं था। दूसरे क्वार्टर में मलयेशिया की टीम 2-1 से आगे है।
मलयेशिया ने 14वें मिनट में फील्ड गोल कर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। मलयेशिया के लिए यह गोल अजरई अबू कमाल ने किया। पहले क्वार्टर के बाद स्कोर 1-1 की बराबरी पर है। इस क्वार्टर के आखिरी कुछ मिनट में भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम इंडिया इसे भुना नहीं पाई। हरमनप्रीत मैदान पर ही मौजूद थे।
भारत ने मैच में गोल स्कोरिंग की शुरुआत की है। आठवें मिनट में टीम इंडिया को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस पर जुगराज सिंह ने ड्रैग-फ्लिक पर गोल कर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। नौवें मिनट में उन्होंने गोल किया। कप्तान हरमनप्रीत उस वक्त मैदान पर मौजूद नहीं थे, इसी वजह से जुगराज ने ड्रैग-फ्लिक किया।
भारत और मलयेशिया के बीच एशियन हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में खिताबी भिड़ंत की शुरुआत हो चुकी है। फिलहाल पहले क्वार्टर का खेल जारी है।
भारत: कृष्ण बहादुर पाठक, वरुण कुमार, जरमनप्रीत सिंह, मनप्रीत सिंह, हार्दिक सिंह, गुरजंत सिंह, मनदीप सिंह, हरमनप्रीत सिंह, सुमित, शमशेर सिंह, आकाशदीप सिंह।
मलयेशिया: हफीजुद्दीन ओथमान, मुजाहिर अब्दु, मरहान जलील, अशरन हमसामी, फैजल सारी, रजी रहीम, फैज जली, अज़ुआन हसन, अबू कमाल अजराई, नजमी जाजलान, अमीरुल अजहर।
भारत और मलयेशिया के बीच एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल देखने के लिए केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन चेन्नई के स्टेडियम में मौजूद रहेंगे।
जापान ने दक्षिण कोरिया को तीसरे स्थान के लिए मैच में हरा दिया। जापान ने कोरिया पर 5-3 से जीत हासिल की। जापान आज तक कभी खिताब नहीं जीत पाया है, लेकिन तीसरे स्थान के लिए मैच में उसने डिफेंडिंग चैंपियंस दक्षिण कोरिया को आसानी से हरा दिया। कोरिया ने 2021 में पिछली बार हुए इस टूर्नामेंट का खिताब जीता था। जापान के लिए रयोमा ओका (तीसरे मिनट), रयोसी काटो (नौवें मिनट), केंटारो फुकुदा (28वें मिनट), शोता यामादा (53वें मिनट) और केन नागायोशी (58वें मिनट) ने गोल किया। वहीं कोरिया के लिए जोंगह्युन जांग (15वें और 33वें मिनट) और चेओलियन पार्क (26वें) ने गोल दागा।
श्रीजेश, जो अपना 301वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेलेंगे, उन्होंने भारत के गोलकीपिंग विभाग के बारे में बात की। श्रीजेश ने कहा, "अच्छे गोलकीपर आ रहे हैं। (कृष्ण) पाठक वास्तव में धीरे-धीरे अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं। पवन (मलिक) हमारे साथ हैं। सूरज (करकेरा) भी वहां हैं। जूनियर स्तर पर हमारे पास अच्छे कीपरों का पूल है। गोलकीपिंग एक जिम्मेदार काम है। एक बार जब आप गोल खा लेते हैं, तो आपको पता होना चाहिए कि उस दबाव और स्थिति को कैसे संभालना है और इसे कैसे मैनेज करना है। अनुभव इसमें आपकी मदद करेगा, जबकि मेरा यह भी मानना है कि गोलकीपिंग अब सुरक्षित हाथों में है।
भारत ने टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा 25 गोल किए हैं, जबकि जापान ने सबसे ज्यादा पेनल्टी स्ट्रोक (1) को गोल में बदला है। इस बीच भारत ने सर्वाधिक पेनल्टी कॉर्नर गोल (15) भी हासिल किये। इस टूर्नामेंट में अब तक कुल 79 गोल हुए हैं। इनमें से 40 फील्ड गोल, 38 पेनल्टी कॉर्नर और एक पेनल्टी स्ट्रोक पर गोल हुए हैं। खिलाड़ियों को 39 ग्रीन कार्ड और 17 यलो कार्ड मिले हैं।
फाइनल से पहले भारतीय कप्तान हरमनप्रीत ने कहा, "हर कोच की एक अलग मानसिकता होती है। हमारे पिछले कोच अच्छे रहे हैं। यहां तक कि वह (फुल्टन) भी अच्छे हैं। हर कोच टीम की बेहतरी के बारे में सोचता है। वह अच्छा काम कर रहे हैं। हम अपनी टीम में संरचनात्मक बदलाव लाए हैं, इतने कम समय में टीम को मैनेज करना हमारे लिए बेहद सकारात्मक बात है। इसका पूरा श्रेय कोच को जाता है। फाइनल में जगह पक्की करना हमारे लिए बहुत बड़ी बात है और हम फाइनल में अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे। यह एक कठिन मैच होगा, लेकिन हम पूरी तरह से तैयार हैं और जानते हैं कि हमारे लिए जीतना महत्वपूर्ण है।''
भारत और मलयेशिया के बीच टक्कर की बात करें तो दोनों टीमें 34 बार आमने-सामने आ चुकी हैं। भारत ने 23 और मलयेशिया ने सात मैच जीते हैं। चार मुकाबले ड्रॉ पर समाप्त हुए। भारत का मलयेशिया के खिलाफ जीत प्रतिशत 67.65 है।
नमस्कार! अमर उजाला के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। आज एशियन चैंपियंस ट्रॉफी हॉकी के फाइनल में भारत का सामना मलयेशिया से है। भारतीय टीम चौथी बार यह खिताब जीतने उतरी है, जबकि मलयेशिया कभी यह खिताब नहीं जीत पाया है। हालांकि, टीम पांच बार तीसरे स्थान पर रह चुकी है। दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है।