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Ram Navami 2025: शुभ योग में श्रीराम जन्मोत्सव आज, जानें महत्व और रामलला को प्रसन्न करने के उपाय

Sun, 06 Apr 2025 03:01 PM IST
मेघा कुमारी धर्म डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Happy Ram Navami 2025 Wishes Images, Quotes, Status, Messages in Hindi: 6 अप्रैल 2025 को राम नवमी मनाई जा रही है। इस दिन चैत्र नवरात्रि की महानवमी भी है, जिसमें मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। दरअसल, चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को पुण्य तिथियों में से एक माना गया है। इस तिथि को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था, जिसे राम नवमी के रूप में मनाया जाता है। रामलला के जन्मोत्सव की खुशी में देशभर में पूजा के साथ-साथ शोभा यात्राएं भी निकाली जाती हैं। ऐसे में आइए इस दिन की पूजा विधि और महत्व के बारे में जानते हैं...
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Ram Navami 2025 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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राम नवमी का महत्व

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राम नवमी का पर्व हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है और विशेष रूप से भगवान श्रीराम की पूजा की जाती है। राम नवमी का पर्व भारतीय संस्कृति और परंपरा में काफी विशेष स्थान रखता है। इसे भगवान श्रीराम की मर्यादा, वीरता, और धर्म के प्रति उनकी निष्ठा का प्रतीक माना जाता है। इस दिन श्रद्धालु भगवान श्रीराम की पूजा करने के साथ-साथ उनके आदर्शों को अपनाने का प्रयास करते हैं।

मान्यता है कि इस दिन भगवान श्रीराम की पूजा करने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का वास होता है, साथ ही जीवन के तमाम संकट समाप्त होते हैं। साथ ही, इस दिन विशेष रूप से मां दुर्गा के नौवें रूप सिद्धिदात्री की भी पूजा की जाती है, जो सुख-समृद्धि और सभी बाधाओं से मुक्ति प्रदान करने वाली मानी जाती हैं। 

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रामनवमी के अवसर पर अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया गया।
 

राम नवमी - फोटो : adobe stock
राम नवमी शुभ मुहूर्त 2025
  • राम नवमी की पूजा का शुभ समय:  06 अप्रैल 2025, प्रातः 11:08 मिनट से  दोपहर 01:39 मिनट तक 
  • राम नवमी मध्याह्न मुहूर्त - प्रातः 11:07 से दोपहर 13:39 तक 

नागपुर के श्री पोद्दारेश्वर राम मंदिर में नवरात्रि के अवसर पर मंगल आरती की जा रही है।

राम नवमी शुभ योग
पंचांग के अनुसार राम नवमी पर पुष्य नक्षत्र बन रहा है। इसके अलावा इस दिन सुकर्मा योग बना रहेगा, जो शाम 6 बकर 54 मिनट तक है। इसके बाद धृति योग का निर्माण होगा।

रामनवमी के अवसर पर अयोध्या के राम मंदिर में उमड़े श्रद्धालु, लगाई पवित्र डुबकी

नवमी के अवसर पर वाराणसी के अष्टभुजी मंदिर में भक्तों की उमड़ी भीड़, की पूजा-अर्चना
 

राम नवमी - फोटो : adobe stock
राम नवमी पूजा विधि
  • राम नवमी की पूजा के लिए सुबह ही स्नान कर लें।
  • अब एक चौकी लेकर उसपर भगवान श्री राम, सीता जी, लक्ष्मण जी और हनुमान जी की मूर्ति स्थापित कर दें।
  • अब भगवान राम को चंदन लगाकर उन्हें फूल, अक्षत, धूप अर्पित करें।
  • इसके बाद शुद्ध देसी घी से दीप जलाकर प्रभु को मिठाई व फलों का भोग लगाएं।
  • अब आप श्रीरामचरितमानस, सुंदरकांड या रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करें।
  • इस दौरान भगवान राम के मंत्रों का भी जाप करें, इससे मन में सकारात्मक भाव बना रहता है
  • अब प्रभु की आरती करें और पूजा में हुई भूल की क्षमा मांगे।

भगवान श्री राम की आरती
श्री राम चंद्र कृपालु भजमन हरण भाव भय दारुणम्।
नवकंज लोचन कंज मुखकर, कंज पद कन्जारुणम्।। 
कंदर्प अगणित अमित छवी नव नील नीरज सुन्दरम्।
पट्पीत मानहु तडित रूचि शुचि नौमी जनक सुतावरम्।।
भजु दीन बंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकंदनम्।
रघुनंद आनंद कंद कौशल चंद दशरथ नन्दनम्।।
सिर मुकुट कुण्डल तिलक चारु उदारू अंग विभूषणं।
आजानु भुज शर चाप धर संग्राम जित खर-धूषणं।।
इति वदति तुलसीदास शंकर शेष मुनि मन रंजनम्।
मम ह्रदय कुंज निवास कुरु कामादी खल दल गंजनम्।।
छंद 
मनु जाहिं राचेऊ मिलिहि सो बरु सहज सुंदर सावरों।
करुना निधान सुजान सिलू सनेहू जानत रावरो।।
एही भांती गौरी असीस सुनी सिय सहित हिय हरषी अली।
तुलसी भवानी पूजि पूनी पूनी मुदित मन मंदिर चली।।
।।सोरठा।।
जानि गौरी अनुकूल सिय हिय हरषु न जाइ कहि।
मंजुल मंगल मूल वाम अंग फरकन लगे।।

चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि आज - फोटो : adobe stock
चैत्र नवरात्रि की नवमी तिथि आज
Chaitra Navratri 2025 Day 9 Maa Siddhidatri Puja: चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर राम नवमी के साथ-साथ चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन भी होता है। इस दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा का विधान है। मां सिद्धिदात्री की अराधना करने से भक्तों को सिद्धियों की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि स्वयं भगवान शिव ने भी सिद्धि प्राप्त करने के लिए मां सिद्धिदात्री की उपासना की थी। मां दुर्गा को सर्पित नवरात्रि के नौ दिनों का आज आखिरी दिन है। आज मां सिद्धिदात्री की पूजा, हवन और कन्या पूजन भी किया जाता है। इसके बाद लोग अपने व्रत का पारण करते हैं। 

मां सिद्धिदात्री का स्वरूप
सिंह पर सवार, कमल पुष्प पर आसीन, अत्यंत दिव्य स्वरूप वाली मां सिद्धिदात्री चार भुजाओं वाली हैं। इनके दाहिने तरफ के नीचे वाले हाथ में चक्र, ऊपर वाले हाथ में गदा और बायीं तरफ के नीचे वाले हाथ में शंख और ऊपर वाले हाथ में कमल पुष्प है। सिद्धिदात्री देवी सरस्वती का भी स्वरूप माना गया है जो श्वेत वस्त्रालंकार से युक्त महाज्ञान और मधुर स्वर से अपने भक्तों को सम्मोहित करती हैं।

तीन शुभ योग में होगा रामलला का सूर्य तिलक
रामलला के दरबार में रामजन्मोत्सव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस साल रामनवमी के दिन, जब रामलला का जन्मोत्सव मनाया जाएगा, ठीक उसी समय सूर्य तिलक भी होगा। तीन शुभ योग रवि योग, सर्वार्थसिद्धि योग और सुकर्मा में रामलला का सूर्य तिलक किया जाएगा। बता दें, रविवार की दोपहर ठीक 12 बजे भगवान सूर्य रामलला के ललाट का तिलक करेंगे।

मां सिद्धिदात्री की आरती

जय सिद्धिदात्री माँ तू सिद्धि की दाता।
तू भक्तों की रक्षक तू दासों की माता॥

तेरा नाम लेते ही मिलती है सिद्धि।
तेरे नाम से मन की होती है शुद्धि॥

कठिन काम सिद्ध करती हो तुम।
जब भी हाथ सेवक के सिर धरती हो तुम॥

तेरी पूजा में तो ना कोई विधि है।
तू जगदम्बें दाती तू सर्व सिद्धि है॥

रविवार को तेरा सुमिरन करे जो।
तेरी मूर्ति को ही मन में धरे जो॥

तू सब काज उसके करती है पूरे।
कभी काम उसके रहे ना अधूरे॥

तुम्हारी दया और तुम्हारी यह माया।
रखे जिसके सिर पर मैया अपनी छाया॥

सर्व सिद्धि दाती वह है भाग्यशाली।
जो है तेरे दर का ही अम्बें सवाली॥

हिमाचल है पर्वत जहां वास तेरा।
महा नंदा मंदिर में है वास तेरा॥

मुझे आसरा है तुम्हारा ही माता।
भक्ति है सवाली तू जिसकी दाता॥

कन्या पूजन 2025 - फोटो : adobe stock
कन्या पूजन का महत्व 
नवरात्रि के पावन दिनों में देवी उपासना का विशेष महत्व होता है और इस दौरान कन्या पूजन को अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना गया है। नवरात्रि में किसी भी दिन कन्या पूजन किया जा सकता है, लेकिन विशेष रूप से अष्टमी और नवमी तिथि को इसका विशेष फल प्राप्त होता है। बता दें, नवरात्रि पर जितना महत्व देवी आराधना का होता है उतनी ही नौ दिनों के उपवास के बाद अष्टमी और नवमी तिथि पर कन्या पूजन का होता है। कन्या पूजन से मां दुर्गा का पूर्ण आशीर्वाद मिलता है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि के साथ धन और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। 

कन्या पूजन का समय
राम नवमी पर कन्या पूजन का अभिजित मुहूर्त- 06 अप्रैल सुबह 11 बजकर 59 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 50 मिनट तक।
 

क्यों आवश्यक है कन्या पूजन ?
कन्या, सृष्टि की सृजन श्रृंखला का अंकुर होती है और प्रकृति स्वरूपा मां शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं। शास्त्रों के अनुसार, संसार संचालन में शक्ति के नौ रूप, नौ ग्रह और नौ प्रकार की भक्ति महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नवरात्रि में मां दुर्गा की कृपा प्राप्त करने के लिए भक्तजन उपवास, पूजा और अनुष्ठान करते हैं, जिससे जीवन के भय, विघ्न और शत्रुओं का नाश होकर सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। मान्यता है कि हवन, जप और दान से अधिक कन्या पूजन से देवी प्रसन्न होती हैं। श्रद्धा और भक्ति भाव से की गई कन्या पूजन के अनुसार विभिन्न प्रकार के फलों की प्राप्ति होती है।

कन्या पूजन 2025 - फोटो : adobe stock
कन्या स्वरूप और उनकी पूजा के लाभ
दुर्गा सप्तशती में उल्लेख मिलता है कि दुर्गा पूजन से पहले कन्या पूजन करना चाहिए, तत्पश्चात मां दुर्गा की आराधना करनी चाहिए। नवरात्रि के नौ दिनों में कन्या पूजन करते समय यह ध्यान रखना चाहिए कि कन्याओं की उम्र दो वर्ष से कम और दस वर्ष से अधिक न हो।

कुमारी (2 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से सभी दुखों और दरिद्रता का नाश होता है।

त्रिमूर्ति (3 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से धन लाभ होता है।

कल्याणी (4 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से सभी क्षेत्रों में सफलता और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है।

रोहिणी (5 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से घर-परिवार में सभी रोग दूर होते हैं।

कलिका (6 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से ज्ञान, बुद्धि, यश एवं विजय प्राप्त होती है।

चण्डिका (7 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से धन, सुख और ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है।

शाम्भवी (8 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से युद्ध एवं न्यायालय में विजय तथा यश की प्राप्ति होती है।

दुर्गा (9 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से समस्त विघ्न-बाधाओं का नाश होता है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है एवं कठिन कार्यों में सफलता मिलती है।

सुभद्रा (10 वर्ष की कन्या) – इसके पूजन से सभी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं एवं सभी प्रकार के सुख प्राप्त होते हैं।

राम नवमी पर करें ये खास उपाय
  • यदि आपके विवाह में देरी हो रही है, या कोई बाधा आ रही है, तो श्रीराम और माता सीता को हल्दी, कुमकुम और चंदन अर्पित करें।
  • अगर आप लंबे समय से बीमारियों से जूझ रहे हैं, तो इससे छुटकारा पाने के लिए हनुमान जी के मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ करें।
  • संतान प्राप्ति के लिए नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर माता सीता के चरणों में अर्पित करें। इसके साथ ही ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें।
  • धन-समृद्धि के लिए राम नवमी के दिन घर के मुख्य द्वार पर 11 दीपक जलाएं और श्रीराम दरबार की पूजा करें। 

श्री राम चालीसा


॥चौपाई॥  

 
श्री रघुवीर भक्त हितकारी। सुन लीजै प्रभु अरज हमारी॥

निशिदिन ध्यान धरै जो कोई। ता सम भक्त और नहिं होई॥

 ध्यान धरे शिवजी मन माहीं। ब्रह्म इन्द्र पार नहिं पाहीं॥

दूत तुम्हार वीर हनुमाना। जासु प्रभाव तिहूं पुर जाना॥

 तब भुज दण्ड प्रचण्ड कृपाला। रावण मारि सुरन प्रतिपाला॥

तुम अनाथ के नाथ गुंसाई। दीनन के हो सदा सहाई॥

 ब्रह्मादिक तव पारन पावैं। सदा ईश तुम्हरो यश गावैं॥

चारिउ वेद भरत हैं साखी। तुम भक्तन की लज्जा राखीं॥

 गुण गावत शारद मन माहीं। सुरपति ताको पार न पाहीं॥

नाम तुम्हार लेत जो कोई। ता सम धन्य और नहिं होई॥

 राम नाम है अपरम्पारा। चारिहु वेदन जाहि पुकारा॥

गणपति नाम तुम्हारो लीन्हो। तिनको प्रथम पूज्य तुम कीन्हो॥

 शेष रटत नित नाम तुम्हारा। महि को भार शीश पर धारा॥

फूल समान रहत सो भारा। पाव न कोऊ तुम्हरो पारा॥

 भरत नाम तुम्हरो उर धारो। तासों कबहुं न रण में हारो॥

नाम शक्षुहन हृदय प्रकाशा। सुमिरत होत शत्रु कर नाशा॥

 लखन तुम्हारे आज्ञाकारी। सदा करत सन्तन रखवारी॥

ताते रण जीते नहिं कोई। युद्घ जुरे यमहूं किन होई॥

 महालक्ष्मी धर अवतारा। सब विधि करत पाप को छारा॥

सीता राम पुनीता गायो। भुवनेश्वरी प्रभाव दिखायो॥

 घट सों प्रकट भई सो आई। जाको देखत चन्द्र लजाई॥

सो तुमरे नित पांव पलोटत। नवो निद्घि चरणन में लोटत॥

 सिद्घि अठारह मंगलकारी। सो तुम पर जावै बलिहारी॥

औरहु जो अनेक प्रभुताई। सो सीतापति तुमहिं बनाई॥

 इच्छा ते कोटिन संसारा। रचत न लागत पल की बारा॥

जो तुम्हे चरणन चित लावै। ताकी मुक्ति अवसि हो जावै॥

 जय जय जय प्रभु ज्योति स्वरूपा। नर्गुण ब्रह्म अखण्ड अनूपा॥

सत्य सत्य जय सत्यव्रत स्वामी। सत्य सनातन अन्तर्यामी॥

 सत्य भजन तुम्हरो जो गावै। सो निश्चय चारों फल पावै॥

सत्य शपथ गौरीपति कीन्हीं। तुमने भक्तिहिं सब विधि दीन्हीं॥

 सुनहु राम तुम तात हमारे। तुमहिं भरत कुल पूज्य प्रचारे॥

तुमहिं देव कुल देव हमारे। तुम गुरु देव प्राण के प्यारे॥

 जो कुछ हो सो तुम ही राजा। जय जय जय प्रभु राखो लाजा॥

राम आत्मा पोषण हारे। जय जय दशरथ राज दुलारे॥

 ज्ञान हृदय दो ज्ञान स्वरूपा। नमो नमो जय जगपति भूपा॥

धन्य धन्य तुम धन्य प्रतापा। नाम तुम्हार हरत संतापा॥

 सत्य शुद्घ देवन मुख गाया। बजी दुन्दुभी शंख बजाया॥

सत्य सत्य तुम सत्य सनातन। तुम ही हो हमरे तन मन धन॥

 याको पाठ करे जो कोई। ज्ञान प्रकट ताके उर होई॥

आवागमन मिटै तिहि केरा। सत्य वचन माने शिर मेरा॥

 और आस मन में जो होई। मनवांछित फल पावे सोई॥

तीनहुं काल ध्यान जो ल्यावै। तुलसी दल अरु फूल चढ़ावै॥

 साग पत्र सो भोग लगावै। सो नर सकल सिद्घता पावै॥

अन्त समय रघुबरपुर जाई। जहां जन्म हरि भक्त कहाई॥

 श्री हरिदास कहै अरु गावै। सो बैकुण्ठ धाम को पावै॥

 ॥ दोहा॥

 सात दिवस जो नेम कर, पाठ करे चित लाय।

हरिदास हरि कृपा से, अवसि भक्ति को पाय॥

 राम चालीसा जो पढ़े, राम चरण चित लाय।

जो इच्छा मन में करै, सकल सिद्घ हो जाय॥

 ।।इतिश्री प्रभु श्रीराम चालीसा समाप्त:।।

प्रभु श्रीराम को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम
  • राम नाम का जाप करें
  • श्रीरामचरितमानस और सुंदरकांड का पाठ करें
  • सत्य, धर्म के रास्ते पर चलें
  • राम नवमी और एकादशी का व्रत करें
  • हनुमान जी की भक्ति करें

राम नवमी - फोटो : freepik.com
राम नवमी पूजा मंत्र
इस दिन श्रीराम के विभिन्न मंत्रों का जाप करने का विशेष महत्व होता है। 
"ॐ श्री रामचन्द्राय नमः"
"ॐ रां रामाय नमः" 
श्रीराम तारक मंत्र "श्री राम, जय राम, जय जय राम" 
श्रीराम गायत्री मंत्र "ॐ दाशरथये विद्महे, सीतावल्लभाय धीमहि। तन्नो रामः प्रचोदयात्॥" 
इस दिन इन मंत्रों का जाप करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

राम नवमी के अवसर पर अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला के माथे पर ‘सूर्य तिलक’ 

राम नवमी - फोटो : adobe stock
प्रभु श्रीराम के जीवन से सीखें ये खास बातें

संयम और धैर्य
भगवान श्रीराम ने कठिन से कठिन हालातों में भी आत्मसंयम, धैर्य और साहस से अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। उन्होंने कभी भी क्रोध में आकर कोई निर्णय नहीं लिया, बल्कि हर चुनौती का सामना शांति और विवेक के साथ किया।

वचन के प्रति अटल
श्रीराम अपने वचनों के प्रति अत्यंत निष्ठावान थे। उन्होंने जीवन भर अपने वचनों और दायित्वों का पूरी निष्ठा से पालन किया।

योजनाबद्ध जीवन 
श्रीराम हर कार्य सोच-समझकर और पूर्व नियोजन के साथ करते थे। माता सीता को वापस लाने के लिए उन्होंने समुद्र पार करने हेतु रामसेतु का निर्माण कराया, जो उनके रणनीतिक कौशल को दर्शाता है।

राम नवमी पर करें ये एक काम
कहा जाता है कि राम नाम में वह शक्ति है, जो असंभव को संभव कर सकती है। संत तुलसीदास जी ने कहा है, "कलियुग केवल नाम अधारा, सुमिर-सुमिर नर उतरहि पारा।" इसका अर्थ है कि इस युग में यदि कोई साधना सर्वोत्तम है, तो वह राम नाम का जप है। "श्री राम जय राम जय जय राम" का जाप करें और अपने जीवन को शुभता और शांति से भर लें।

hanuman ji - फोटो : adobe stock
राम नवमी पर करें हनुमान चालीसा का पाठ
 

हनुमान चालीसा Hanuman Chalisa

दोहा

श्रीगुरु चरन सरोज रज निजमनु मुकुरु सुधारि।
बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि।।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरौं पवन-कुमार।
बल बुधि बिद्या देहु मोहिं, हरहु कलेस बिकार।।

चौपाई

जय हनुमान ज्ञान गुन सागर।
जय कपीस तिहुं लोक उजागर।।
रामदूत अतुलित बल धामा।
अंजनि-पुत्र पवनसुत नामा।।

महावीर विक्रम बजरंगी।
कुमति निवार सुमति के संगी।।
कंचन वरन विराज सुवेसा।
कानन कुण्डल कुंचित केसा।।

हाथ बज्र औ ध्वजा बिराजै।
काँधे मूँज जनेऊ साजै।
शंकर सुवन केसरीनंदन।
तेज प्रताप महा जग वन्दन।।

विद्यावान गुणी अति चातुर।
राम काज करिबे को आतुर।।
प्रभु चरित्र सुनिबे को रसिया।
राम लखन सीता मन बसिया।।

सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा।
विकट रूप धरि लंक जरावा।।
भीम रूप धरि असुर संहारे।
रामचंद्र के काज संवारे।।

लाय सजीवन लखन जियाये।
श्रीरघुबीर हरषि उर लाये।।
रघुपति कीन्ही बहुत बड़ाई।
तुम मम प्रिय भरतहि सम भाई।।

सहस बदन तुम्हरो जस गावैं।
अस कहि श्रीपति कंठ लगावैं।।
सनकादिक ब्रह्मादि मुनीशा।
नारद सारद सहित अहीसा।।

जम कुबेर दिगपाल जहां ते।
कवि कोविद कहि सके कहाँ ते।।
तुम उपकार सुग्रीवहिं कीन्हा।
राम मिलाय राज पद दीन्हा।।

तुम्हरो मंत्र विभीषन माना।
लंकेश्वर भये सब जग जाना।।
जुग सहस्र योजन पर भानू।
लील्यो ताहि मधुर फल जानू।।

प्रभु मुद्रिका मेलि मुख माहीं।
जलधि लांघि गये अचरज नाहीं।।
दुर्गम काज जगत के जेते।
सुगम अनुग्रह तुम्हरे तेते।।

राम दुआरे तुम रखवारे।
होत न आज्ञा बिनु पैसारे।।
सब सुख लहै तुम्हारी सरना।
तुम रक्षक काहू को डरना।।

आपन तेज सम्हारो आपै।
तीनों लोक हांक तें कांपै।।
भूत पिसाच निकट नहिं आवै।
महाबीर जब नाम सुनावै।।

नासै रोग हरै सब पीरा।
जपत निरंतर हनुमत बीरा।।
संकट तें हनुमान छुड़ावै।
मन क्रम वचन ध्यान जो लावै।।

सब पर राम तपस्वी राजा।
तिनके काज सकल तुम साजा।
और मनोरथ जो कोई लावै।
सोई अमित जीवन फल पावै।।

चारों युग परताप तुम्हारा।
है परसिद्ध जगत उजियारा।।
साधु-संत के तुम रखवारे।
असुर निकंदन राम दुलारे।।

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता।
अस वर दीन जानकी माता।।
राम रसायन तुम्हरे पासा।
सदा रहो रघुपति के दासा।।

तुम्हरे भजन राम को भावै।
जनम-जनम के दुख बिसरावै।।
अन्त काल रघुबर पुर जाई।
जहाँ जन्म हरि-भक्त कहाई।।

और देवता चित्त न धरई।
हनुमत सेई सर्व सुख करई।।
संकट कटै मिटै सब पीरा।
जो सुमिरै हनुमत बलबीरा।।

जै जै जै हनुमान गोसाईं।
कृपा करहु गुरुदेव की नाईं।।
जो सत बार पाठ कर कोई।
छूटहिं बंदि महा सुख होई।।

जो यह पढ़ै हनुमान चालीसा।
होय सिद्धि साखी गौरीसा।।
तुलसीदास सदा हरि चेरा।
कीजै नाथ हृदय महँ डेरा।।

दोहा 
पवनतनय संकट हरन, मंगल मूरति रूप।
राम लखन सीता सहित, हृदय बसहु सुर भूप।।

Ram Navami 2025 - फोटो : freepik
राम नवमी के दिन इन राशि वालों पर बरसेगी भगवान राम की कृपा
  • ज्योतिषियों के अनुसार मेष राशि वालों के लिए राम नवमी बेहद शुभ रहने वाली है। आपको नौकरी और व्यापार में मनचाहा लाभ होने की संभावना है। यात्रा के योग बन रहे हैं। 
  • सिंह राशि वालों के लिए राम नवमी लाभ के अवसरों से भरी रहने वाली है। आपको परिवार में चल रही समस्याओं से छुटकारा प्राप्त होगा। भगवान राम की कृपा से सभी विरोधियों से मुक्ति प्राप्त होगी। 
  • धनु राशि वालों के लिए राम नवमी बेहद खास है। कोर्ट व सरकारी कामों में आ रही बाधाओं से मुक्ति मिलेगी। धन लाभ के अवसरों में वृद्धि होने से आपको खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।

प्रतिदिन प्रभु का स्मरण करने के लिए मंत्र

 

|| श्री राम जय राम जय जय राम || 
 

मनोकामना पूर्ति हेतु मंत्र


|| श्री रामचन्द्राय नमः || 

Ram Navami 2025 - फोटो : freepik
सर्वार्थसिद्धि भगवान राम ध्यान मंत्र

ॐ आपदामप हर्तारम दातारं सर्व सम्पदाम, 
लोकाभिरामं श्री रामं भूयो भूयो नामाम्यहम,
श्री रामाय रामभद्राय रामचन्द्राय वेधसे रघुनाथाय नाथाय सीताया पतये नमः।।

राम नवमी 2025 की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
नवमी तिथि मधुमास पुनीता,
शुक्ल पक्ष अभिजीत नव प्रीता,
मध्य दिवस अति शीत न घामा,
पवन काल लोक विश्रामा।
राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं

राम नवमी 2025 की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
राम जी की ज्योति से नूर मिला है,
सबके दिलो को सुरूर मिला है,
जो भी गया राम जी के द्वार,
कुछ न कुछ जरूर मिला है।
राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं
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राम नवमी 2025 की शुभकामनाएं - फोटो : Amar Ujala
श्री राम के चरण कमल पर शीश झुकाएं,
जीवन में हर खुशियां पाएं।
राम नवमी की हार्दिक शुभकामनाएं
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