Raksha Bandhan 2026 Shubh Muhurat: आज राखी बांधने का शुभ मुहूर्त क्या है
वैदिक पंचांग के अनुसार, आज शुक्रवार 28 अगस्त को राखी बांधने का सबसे शुभ और अच्छा मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। वहीं इसके अलावा दिन में दूसरे मुहूर्तो में भी राखी बांध सकते हैं।
Raksha Bandhan 2026: आज रक्षाबंधन पर लग रहा है चंद्र ग्रहण
आज सावन पूर्णिमा पर देशभर में उत्साह के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। आज के दिन ही साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी है। भारतीय समय के अनुसार, चंद्र ग्रहण सुबह 6 बजकर 55 मिनट से शुरू होगा जो 12 बजकर 30 मिनट तक चलेगा। ग्रहण का चरम सुबह करीब 9 बजकर 43 मिनट पर होगा।
Rakhi bandhne Ka Shubh Muhurat: सुबह राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
आज का शुभ मुहूर्त- सुबह 7 बजकर 33 मिनट से लेकर 9 बजकर 48 मिनट तक।
आज का लाभ मुहूर्त- सुबह 7 बजकर 33 मिनट से 09 बजकर 10 मिनट तक।
आज अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त- सुबह 09 बजकर 10 मिनट से लेकर 9 बजकर 48 मिनट तक
Happy Raksha Bandhan 2026 Wishes: अपनों को भेजें राखी की शुभकामना संदेश
आज देश में बड़े ही उत्साह और जोश के साथ रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी बांधती हैं और आरती उतारकर उनके जीवन की मंगलकामना करती हैं। ऐसे में आज के दिन भाई-बहन को भेजें राखी की शुभकामना संदेश....
राखी का धागा है विश्वास की डोर,
बचपन की यादें हैं इसमें भरपूर।
भाई-बहन का रिश्ता है अनमोल,
इस रिश्ते को बना लें और भी खास।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
आज दिन बहुत खास है,
बहन के लिए कुछ मेरे पास है।
उसके सुकून के खातिर ओ बहना,
तेरा भाई हमेशा तेरे आस-पास है।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
खुशनसीब है वो बहन,जिसके पास भाई होता है
चाहे कितने भी मुश्किल हों हालात
भाई हमेशा साथ होता है।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
बहन की राखी में बंधा है दुआओं का धागा,
भाई की कलाई पर सजे प्यारे वादे का इरादा।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
माना तुमसे लड़ती हूं, झगड़ती हूं मैं
पर हक से तुमसे सब कह सकती हूं मैं
भाई का प्यार दुनिया का सबसे अनमोल रिश्ता है
तुम्हारे होने से दुनिया की सबसे लकी बहन हूं मैं।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
राखी का त्योहार है खुशियों की बौछार,
बहन का प्यार और भाई का उपहार।
रिश्तों में मिठास घोलता ये त्योहार,
मुबारक हो आपको राखी का त्योहार।
रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं
Happy Raksha Bandhan 2026: आज इतने बजे तक रहेगी श्रावण पूर्णिमा तिथि
आज श्रावण पूर्णिमा के दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण पूर्णिमा बीते दिन 27 अगस्त 2026 को सुबह 09 बजकर 09 मिनट से शुरू हो चुकी है जो आज यानी 28 अगस्त को सुबह 09 बजकर 49 मिनट पर खत्म हो जाएगी। उदया तिथि के आधार पर आज पूरे दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा।
Raksha Bandhan 2026: आज रक्षाबंधन पर सावन का आखिरी दिन
आज श्रावण पूर्णिमा है और इसी के साथ आज सावन का पवित्र महीना भी खत्म हो जाएगा। इसके बाद भाद्रपद माह की शुरूआत होगी। ऐसे में आज के दिन बहनें राखी बांधने के साथ भगवान शिव की विधि-विधान के साथ पूजा करें। शिवलिंग पर जलाभिषेक, दूधाभिषेक करना बहुत ही शुभ रहेगा।
Raksha Bandhan 2026 Rakhi Timing: राहुकाल में ना बांधे राखी
आज देशभर में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जा रहा है। आज के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगी जिसके चलते पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। राखी बांधने का सबसे अच्छा मुहूर्त आज सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। लेकिन आज के दिन राहुकाल में भूलकर भी राखी ना बांधे। आज राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। ऐसे में इस दौरान राखी बांधने से बचें।
मेष राशि वाले भाई को बहनें बांधे इस रंग की राखी
मेष राशि के स्वामी ग्रह मंगल देव होते हैं जो ऊर्जा, उत्साह और साहस के प्रतीक है। ऐसे में इस राशि के भाई को लाल रंग की राखी बांधना शुभ होगा। इससे जीवन में जोश, उत्साह और सफलता की प्राप्ति होती है।
Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने का आज का शुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार आज राखी बांधने का सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। साथ ही आज के दिन भद्रा का साया नहीं रहेगा जिससे पूरे दिन राखी बांध सकते हैं।
Rakhi Bandhne Ka Shubh Muhurat 2026: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
आज राखी बांधने का सबसे अच्छा मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
Raksha Bandhan 2026: राखी बांधते समय बोलें यह मंत्र
रक्षाबंधन पर राखी बांधते समय राजा बली से जुड़े मंत्र का जप जरूर करें।
येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।
Rakhi Bandhne Ka Shubh Muhurat Kab Hai: राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
चौघड़िया शुभ मुहूर्त
अमृत मुहूर्त- सुबह 6. 08 बजे से 10.53 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12. 04 बजे से लेकर 12.53 मिनट तक
शुभ मुहूर्त- दोपहर 12.28 बजे से लेकर 2. 03 मिनट तक
अपराह्र काल मुहूर्त- दोपहर 1.44 बजे से लेकर शाम 4. 16 मिनट तक
चर मुहूर्त- शाम 5.13 मिनट से 6. 48 मिनट तक
Rakhi Bandhne Ka Shubh Muhurat Kab Hai: सुबह 9:48 के बाद भी बांध सकते हैं राखी
पंचांग के अनुसार, आज 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा तिथि सुबह 09 बजकर 48 मिनट पर खत्म हो जाएगी। ऐसे में लोगों के मन में यह भ्रम है कि क्या पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। उदया तिथि के आधार पर आज पूरे दिन रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। ऐसे में बिनी किसी दुविधा के पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। बस केवल राहुकाल से समय का ध्यान रखें।
Raksha Bandhan 2026: वृषभ राशि वाले भाई को इस रंग की बांधे राखी
वृषभ राशि के स्वामी ग्रह शुक्रदेव होते हैं, जो सुख, सौंदर्य और प्रेम के प्रतीक है। आज रक्षाबंधन पर पीले और गुलाबी रंग की राखी बांधना बहुत ही शुभ रहेगा।
Raksha Bandhan 2026 Bhadra Kaal: रक्षाबंधन पर भद्राकाल
आज रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। रक्षाबंधन पर भाई की कलाई में राखी तब बांधी जाती है जब भद्रा नहीं होती है। पंचांग के अनुसार 27 अगस्त को ही भद्रा खत्म हो गई थी जिसके कारण आज रक्षाबंधन पर भद्रा नहीं है। ऐसे में बिना दुविधा के पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है।
Raksha Bandhan 2026 : ऐसे शुरू हुई राखी बांधने की परंपरा
रक्षाबंधन का त्योहार हर वर्ष श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि पर मनाया जाता है। शास्त्रों में रक्षा बंधन को मनाने के पीछे कई पौराणिक कथाएं हैं जिसमें एक कथा भगवान विष्णु और राजा बलि से जुड़ी हुई है। पौराणिक कथा के अनुसार जब भगवान विष्णु ने वामन अवतार के रूप में राक्षस राज बलि से तीन पग में उनका सारा राज्य मांग लिया था और उन्हें पाताल लोक में निवास करने को कहा था। तब राजा बलि ने भगवान विष्णु को अपने मेहमान के रूप में पाताल लोक चलने को कहा। जिसे विष्णुजी मना नहीं कर सके। लेकिन जब लंबे समय तक श्री हरि अपने धाम नहीं लौटे तो लक्ष्मीजी को चिंता होने लगी। तब नारद मुनि ने उन्हें राजा बलि को अपना भाई बनाने की सलाह दी।अपने पति को वापस लाने के लिए माता लक्ष्मी गरीब स्त्री का रूप धारण कर राजा बलि के पास पहुंच गईं और उन्हें अपना भाई बनाकर राखी बांध दी। इसके बदले उन्होंने भगवान विष्णु को पाताल लोक से ले जाने का वचन मांग लिया। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा थी और माना जाता है कि तभी से रक्षाबंधन का पर्व मनाया जाने लगा है।
Rakhi Bandhne Ka Time: आज ये है राखी बांधने का मुहूर्त
आज श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि है जिसमें रक्षाबंधन का पर्व मनाया जा रहा है। इस बार भद्रा नहीं होने के कारण दिन भर राखी बांधी जा सकती है जिसमें सबसे अच्छा शुभ मुहूर्त सुबह से लेकर 9 बजकर 48 मिनट का मुहूर्त सबसे अच्छा है।
Raksha Bandhan Timing: सुबह, दोपहर और शाम राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
आज रक्षाबंधन है। शास्त्रों के अनुसार सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक राखी बांधने की परंपरा है। ऐसे में आइए जानते हैं सुबह से लेकर शाम तक राखी बांधने का मुहूर्त
सुबह- 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक।
अभिजीत मुहूर्त- दोपहर 12. 04 बजे से लेकर 12.53 मिनट तक
शुभ मुहूर्त- दोपहर 12.28 बजे से लेकर 2. 03 मिनट तक
अपराह्र काल मुहूर्त- दोपहर 1.44 बजे से लेकर शाम 4. 16 मिनट तक
चर मुहूर्त- शाम 5.13 मिनट से 6. 48 मिनट तक
Rakhi Bandhne Ka Time: क्या होता है भद्राकाल ?
आज रक्षाबंधन पर भद्रा का साया नहीं है, जिसके कारण पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। लेकिन आप सभी के मन में यह सवाल पैदा हो रहा होगा कि आखिरकार क्या होता है भद्रा काल। मुहुर्त्त चिन्तामणि शास्त्र के अनुसार जब भद्रा काल प्रारंभ होता है तो इसमें शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। भद्रा काल में राखी बांधना भी शुभ नहीं माना गया है। मान्यता के अनुसार चंद्रमा की राशि से भद्रा का वास तय किया जाता है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त
सुबह- 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक।
दोपहर 12. 04 बजे से लेकर 12.53 मिनट तक
अपराह्र काल मुहूर्त- दोपहर 1.44 बजे से लेकर शाम 4. 16 मिनट तक
शाम- 5.13 मिनट से 6. 48 मिनट तक
Today Raksha Bandhan Muhurat: राखी बांधने का आज का शुभ मुहूर्त
आज भद्रा काल नहीं होने के कारण रक्षाबंधन पर पूरे दिन राखी बांधी जा सकती है। राखी बांधने का सबसे पहला शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 57 मिनट से लेकर सुबह 9 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा कई दूसरे मुहूर्त भी है जिसमें राखी बांधी जाएगी। आज अभिजीत मुहूर्त में राखी बांधने के लिए सुबह 11 बजकर 56 मिनट से लेकर 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा।
Timings for Raksha Bandhan 2026: राखी बांधन के कुछ दूसरे मुहूर्त
शुभ चौघड़िया: दोपहर 12 बजकर 28 मिनट से दोपहर 2 बजकर 03 मिनट तक
अपराह्र काल : दोपहर 01 बजकर 44 मिनट से शाम 4 बजकर 16 मिनट तक
चर चौघड़िया: शाम 5 बजकर 13 मिनट से 6 बजकर 48 मिनट तक
Raksha Bandhan 2026: श्रावण पूर्णिमा का महत्व
आज श्रावण पूर्णिमा पर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाता है। इस पर्व को भारत में अलग-अलग धार्मिक मान्यताओं के साथ मनाई जाती है। उत्तर भारत में इस दिन को रक्षाबंधन का पावन पर्व मनाया जाता है। दक्षिण भारत में रक्षाबंधन के पर्व को नारियली पूर्णिमा के रूप में मनाई जाती है। मध्य भारत में इसे कजरी पूनम तो गुजरात में पवित्रोपना के रूप में मनाया जाता है।
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन की पूजा की थाली में क्या-क्या रखें
रक्षाबंधन पर शुभ मुहूर्त में राखी बांधने का विधान होता है और राखी की थाली में राखी, रोली, कुमकुम, अक्षत, दीपक, फल-फूल, मिठाई आदि होनी चाहिए।
Timings for Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर कब है राहुकाल
आज रक्षाबंधन है और सुबह से ही बहनें अपने भाइयों की कलाई में राखी बांध रही है। लेकिन आज राहुकाल में राखी बांधने से बचें। शास्त्रों में राहुकाल में शुभ कार्य करना वर्जित होता है। आज राहुकाल का समय सुबह 10 बजकर 54 मिनट से लेकर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा।
Raksha Bandhan 2026 Muhurt Timings: दोपहर में क्या रहेगा रक्षाबंधन का शुभ मुहूर्त
आज दोपहर रक्षाबंधन पर राखी बांधने का शुभ मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से लेकर शाम 7 बजे तक रहेगा। जिसमें बहनें अपने भाइयों को राखी बांध सकती है।
Raksha Bandhan 2026: राखी बांधने के नियम
- - पुरुषों और अविवाहित कन्याओं को दाएं हाथ में रक्षासूत्र बाँधना चाहिए।
- - विवाहित स्त्रियों के लिए बाएं हाथ में राखी बांधनी चाहिए।
- - राखी बंधवाते समय हाथ की मुट्ठी को बंद रखना चाहिए और दूसरा हाथ सिर पर रखें।
- - सबसे पहले अपने इष्टदेव को राखी बांधनी चाहिए।
- - भूलकर भी काले रंग की राखी ना बांधे।
Raksha Bandhan 2026: दोपहर इस समय खत्म होगा राहुकाल
पंचांग के अनुसार अब से थोड़ी देर पहले राहुकाल शुरू हो चुका है जो दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इस दौरान राहुकाल में राखी बांधने से बचें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहुकाल में शुभ कार्य करना अच्छा नहीं माना जाता है।
Raksha Bandhan 2026: आज सावन पूर्णिमा पर शिव-पार्वती की करें पूजा
आज रक्षाबंधन है और सावन माह की पूर्णिमा तिथि है। इस तिथि पर भगवान शिव-पार्वती,गणेश,कार्तिकेय एवं नंदी की पूजा करनी बेहद शुभ मानी जाती है। भगवान शिव के शिवलिंग के ऊपर रुद्राभिषेक करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं वहीं, शिवजी पर दूध चढ़ाने से कुंडली में चंद्र दोष मुक्ति मिलती है।
Raksha Bandhan 2026: सावन पूर्णिमा पर सत्यनारायण कथा सुनने का महत्व
सावन पूर्णिमा पर राखी बांधने के साथ-साथ भगवान विष्णु और लक्ष्मी की पूजा करने के लिए उत्तम तिथि है। यदि आपके घर में काफी समय से आर्थिक तंगी चल रही है या फिर कारोबार में सफलता नहीं मिल रही है तो प्रत्येक पूर्णिमा पर सत्यनारायण भगवान की कथा सुनने और पूजन करने से आपको विशेष लाभ होगा और आपके घर में धन की वृद्धि होगी।
Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पूजा थाली सामग्री
रक्षाबंधन पर पूजा की थाली में राखी, रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई और आरती की सामग्री रखी जा सकती है। थाली को आकर्षक बनाने के लिए फूल, पत्तियां या छोटी रंगोली का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।