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Krishna Janmashtami Live: मथुरा, वृंदावन में जन्माष्टमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

Thu, 07 Sep 2023 04:34 PM IST
विनोद शुक्ला धर्म डेस्क, अमर उजाला

खास बातें

 Jai Shri Krishna Janmashtami Wishes, Songs, Bhajan in Hindi: देशभर में आज भी कृष्ण जन्माष्टमी की धूम है। ग्रंथों के अनुसार योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, मध्य रात्रि, वृषभ लग्न और बुधवार के दिन हुआ था। इस बार जन्माष्टमी 6 और 7 सितंबर दो दिन मनाई जा रही है।
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Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes - फोटो : अमर उजाला
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लाइव अपडेट

04:32 PM, 07-Sep-2023

Aarti Kunj Bihari Ki Lyrics

श्रीकृष्ण की आरती

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला 
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला

गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक

चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग,  मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।

अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।

जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू 
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू 

हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

03:34 PM, 07-Sep-2023

आज जन्माष्टमी पर करें ये उपाय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी के दिन अगर कुछ उपाय किया जाय तो कान्हा जी के साथ-साथ मां लक्ष्मी जी की भी कृपा पा सकते हैं। जन्माष्टमी पर उपवास रखते हुए कान्हा जी की विधिवत पूजा के साथ तुलसी दल चढ़ाएं और लड्डू गोपाल को झूला जरूर झूलना चाहिए।

02:53 PM, 07-Sep-2023

बाल गोपाल को माखन-मिश्री का भोग क्यों लगाया जाता है।

भगवान कृष्ण को माखन और मिश्री बहुत ही प्रिय होता था। कान्हा जी अपने बचपन में अपने सखा संग मिलकर माखन चुराया करते थे। इसी को देखते हुए भगवान कृष्ण को भोग में माखन-मिश्री का भोग लगाते हैं।
 

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02:28 PM, 07-Sep-2023

जन्माष्टमी का त्योहार रात को क्यों मनाया जाता है

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्य रात्रि में हुआ था। इस कारण से हर एक साल जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। 
 

01:56 PM, 07-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : अमर उजाला

भगवान कृष्ण के जीवन से सीख- सेहतमंद जीवन से मिलती है विजय

कान्हा का बचपन माखन-मिश्री खाते हुए गुजरा। आज भी लोग लड्डू गोपाल का यही भोग लगाते हैं। ये इस बात का संकेत है कि हमारा आहार अच्छा, शुद्ध और बल देने वाला होना चाहिए।  शरीर को निरोगी रखना है तो बचपन से ध्यान देने की जरूरत है। 
 

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01:32 PM, 07-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023: 5 verses of Geeta - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami 2023: भगवान कृष्ण के जीवन से सीखें, अपने जीवन को कैसे बनाए श्रेष्ठ 

जीवन संघर्ष है... करें अच्छे तरीके से मुकाबला...

आज जन्माष्टमी का पावन पर्व है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागृह में हुआ था। पैदा होते ही रात में यमुना पार कर गोकुल ले जाया गया। तीसरे दिन राक्षसी पूतना मारने आ गई। यहां से शुरू हुआ संघर्ष देह त्यागने से पहले द्वारिका डुबोने तक रहा। कृष्ण का जीवन कहता है, आप कोई भी हों, संसार में आए हैं तो संघर्ष हमेशा रहेगा। मानव जीवन में आकर ईश्वर भी सांसारिक चुनौतियों से बच नहीं सकता। कृष्ण कहते हैं परिस्थितियों से भागो मत, उसके सामने डटकर खड़े हो जाओ। क्योंकि, कर्म करना ही मानव जीवन का पहला कर्तव्य है, हम कर्मों से ही परेशानियों को जीत सकते हैं। कृष्ण ने कभी किसी बात की शिकायत नहीं की,उन्होंने हर परिस्थिति का सामना किया और विजयी रहे।

01:03 PM, 07-Sep-2023

आज जन्माष्टमी पर इन मंत्रों को करें जाप

  • ॐ क्लीं कृष्णाय नमः। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। ॐ अच्युतानंत गोविंदाय नमः।
  •  ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने। प्रणत: क्लेशनाशाय गोविंदाय नमोऽ नम:।|
  •  अच्युतानन्त गोविंद नामोच्चारण भेषजात्। नश्यन्ति सकला रोगा: सत्यं सत्यं वदाम्यहम्।|
  • अहं वैश्वानरो भूत्वा प्राणिनां देहमाश्रितः। प्राणापान समायुक्तः पचाम्यन्नं चतुर्विधम्।|
  • ॐ क्लीं देवकीसुत गोविंद वासुदेव जगत्पते। देहि मे तनयं कृष्ण त्वामहं शरणंगतः।।

12:37 PM, 07-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023: कृष्ण जन्माष्टमी तिथि और नक्षत्र 

आज, गुरुवार 7 सितंबर को जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। वैदिक पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय के समय जन्म नक्षत्र और अष्टमी तिथि दोनों ही होने के कारण और उदया तिथि का ध्यान में रखते हुए मथुरा, वृंदावन, द्वारका और इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी मनाई जा रही है। 
 

12:13 PM, 07-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023:जन्माष्टमी पर कान्हाजी के 8 प्रिय फूल और पत्र जरूर चढ़ाएं

वैजयंती, गेंदा, गुलाब, कमल, मालती, केवड़ा, कनेर और और मौलश्री जैसे फूल अर्पित करें वही पत्र की बात करें तो तुलसी, बेलपत्र, शमी, कुशा, दूर्वा, भृंगराज, अपामार्ग और मोरपंख जरूर चढ़ाएं।

11:52 AM, 07-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023: नोएडा के इस्कॉन मंदिर में हुई मंगला आरती

देश के सभी कृष्ण मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी की धूम दिखाई दिखाई दे रही है। वृंदावन, मथुरा और इस्कॉन के मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया है। जन्माष्टमी के मौके पर नोएडा के इस्कॉन मंदिर में आज तड़के मंगला आरती की गई। सुबह से भक्तों की भारी भीड़ मंदिर में एकत्रित हो रही है। 
 

11:44 AM, 07-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023: आज जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त

जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन मनाया जाता है। पहले दिन गृहस्थ जबकि दूसरे दिन वैष्णव संप्रदाय के लोग कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाते हैं। कृष्ण जन्मोत्सव पर मथुरा, वृंदावन समेत कई कृष्ण मंदिरों में धूमधाम और उत्साह के साथ जन्मोत्सव मनाया जाता है। आज की बात करें तो रात 12 बजकर 02 मिनट से लेकर 12 बजकर 48 मिनट तक का अच्छा मुहूर्त बन रहा है। 

11:22 AM, 07-Sep-2023

घर पर जरूर लगानी चाहिए श्रीकृष्ण की तस्वीरें

संपूर्ण जीवन के प्रतीक श्री कृष्ण की उपासना से सुख, शांति, आरोग्य एवं लाभ की प्राप्ति होती है एवं इनका वास्तुदोष निवारण में भी बड़ा महत्व है। घर, कार्यस्थल में श्री कृष्णजी की तस्वीर को लगाने पर भगवान प्रसन्न होकर वहां की नकारात्मक ऊर्जा को दूर कर अपने भक्तों की परेशानियों को दूर कर देते हैं। 
 

10:46 AM, 07-Sep-2023
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

Krishna Janmashtami 2023: कृष्ण जन्माष्टमी पर राशि अनुसार भोग लगाकर करें प्रसन्न

  • मेष राशि-  मेष राशि के जातकों के लिए कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल पर घी का भोग लगाएं।
  • वृषभ राशि- वृषभ राशि के लोग जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को माखन का भोग लगाएं।    
  • मिथुन राशि- इस राशि के जातकों को आज के दिन भगवान कृष्ण को दही का भोग अवश्य लगाएं।
  • कर्क राशि- जन्माष्टमी के दिन कान्हा को दूध केसर का भोग लगाएं।    
  • सिंह राशि- कृष्ण जन्माष्टमी के दिन बाल गोपाल को माखन मिश्री का भोग लगाएं।
  • कन्या राशि- कन्या राशि के जातकों को लड्डू गोपाल को माखन का भोग लगाना शुभ होगा।
  • तुला राशि- देसी घी का भोग लगाएं।
  • वृश्चिक राशि - माखन या दही का भोग अर्पित करना अच्छा रहेगा।
  • धनु राशि- धनु राशि के जातकों को जन्माष्मटी के दिन बाल गोपाल को पीली मिठाई का भोग लगा सकते हैं।
  • मकर राशि -कृष्ण जन्माष्टमी के दिन लड्डू गोपाल को मिश्री का भोग लगाएं।
  • कुम्भ राशि- भगवान श्री कृष्ण को सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
  • मीन राशि- भगवान कृष्ण को बर्फी और केसर का भोग लगाएं।

10:11 AM, 07-Sep-2023

कृष्ण जन्माष्टमी की पूजन सामग्री

आज भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी बहुत ही धूम-धाम के साथ मनाई जा रही है। भाद्रपद माह के अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में भगवान कृष्ण का जन्म हुआ था। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण के लड्डू गोपाल के स्वरूप की पूजा की जाती है। जन्माष्टमी पर बाल गोपाल की पूजा की तैयारियां कई दिनों पहले से होने लगती है। आइए जानते हैं बाल गोपाल की पूजा में किन-किन चीजों का होना जरूरी होता है। 

बाल गोपाल की मूर्ति,  झूला, बांसुरी, एक नया आभूषण, मुकुट, तुलसी के पत्ते, हल्दी, पान, सुपारी, गंगाजल, सिंहासन, चंदन, अक्षत, मक्खन, केसर, छोटी इलायची, कलश, इत्र, सिक्के, सफेद कपड़ा, लाल कपड़ा, कुमकुम, नारियल, मौली, लॉन्ग, इत्र, दिया, धूप बत्ती, फल, कपूर और मोरपंख ।

09:59 AM, 07-Sep-2023

Janmashtami 2023 Puja Muhurat: कब है जन्माष्टमी रात्रि का पूजन मुहूर्त 

निशीथ पूजा मुहूर्त : 23:56 से 24:42 मिनट तक
अवधि : 45 मिनट
जन्माष्टमी पारणा मुहूर्त ( 08 सितंबर 2023) : सुबह 06 बजे के बाद
 

09:48 AM, 07-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : Amar Ujala

Krishna Janmashtami 2023: जन्माष्टमी दो दिन क्यों ? जानें क्या कहते हैं शास्त्र और वैदिक पंचांग

योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्मदिन 'जन्माष्टमी' का पर्व आज बड़े उत्साह के साथ मनाया जाएगा। अक्सर देखा गया है कि, यह पर्व दो दिनों-तिथियों में मनाया जाता रहा है। बहुत कम ऐसा अवसर आता है कि गृहस्थ और वैष्णव संन्यासियों का ये पावन पर्व एक साथ मने। स्मृति ग्रंथों के अनुसार योगेश्वर श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, मध्य रात्रि, वृषभ लग्न और बुधवार के दिन हुआ था इसमें कोई मतभेद अथवा विवाद कभी नहीं रहा। इनमें से अधिकांश योग इस वर्ष 06 सितंबर, बुधवार को विद्यमान था, इसलिए देश के कई भागों में यह पर्व इसी दिन मनाया गया।

देश के जिस भाग में सूर्योदय कालीन तिथि को वरीयता दी जाती है वहां और वैष्णव सम्प्रदाय तथा सन्यासियों द्वारा यह पर्व 07 सितंबर गुरुवार को सूर्योदयकालीन अष्टमी तिथि के दिन मनाया जायेगा, क्योंकि ये भक्त अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल को ही वरीयता देते हैं। इस वर्ष रात्रि में नवमी (रिक्ता तिथि) व्याप्त होगी। शास्त्रों में रिक्ता तिथि में किया गया कार्य बहुत शुभ नहीं माना जाता किंतु उस दिन यदि शनिवार हो तो ये शुभ होता है और न हो, तो कार्यसिद्धि के लिए शनि की होरा का समय ग्रहण किया जा सकता है। ऐसी मान्यता है कि श्रीकृष्ण के जन्म के समय मध्य रात्रि में वसुदेव जी जब इन्हें लेकर मथुरा से गोकुल के लिए प्रस्थान किए तो उनके गोकुल पहुंचने तक 'ब्रह्ममुहूर्त' लग चुका था इसलिए वृंदावन गोकुल आदि के भक्त उदयातिथि की अष्टमी को ही जन्माष्टमी मानते हैं।

09:36 AM, 07-Sep-2023

Janmashtami 2023: मथुरा, वृंदावन और इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी की धूम

आज मथुरा, वृंदावन, द्वारिका और इस्कॉन मंदिर समेत देश-विदेश के सभी मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। आज कान्हा के स्वागत में उनकी नगरी सजी है। वृंदावन के बांके बिहारी समेत सभी मंदिरों को रोशनी और फूलों से सजाया जा रहा है। सुबह से ही देश-विदेश से श्रद्धालु कान्हा की नगरी में एकत्र होने लगे हैं। बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त अपने आराध्य के दर्शन के लिए वृंदावन, मथुरा और इस्कॉन के मंदिर में एकत्रित हो रहे हैं।

09:26 AM, 07-Sep-2023
Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes - फोटो : अमर उजाला

Happy Krishna Janmashtami 2023: आज दोस्तों, रिश्तेदारों और अपनों को दें कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

राधा की भक्ति
मधुर मुरली की मिठास
माखन का स्वाद और ब्रज की गोपियों का रास।
आइए मिलके बनाते हैं श्री कृष्ण जन्माष्टमी को खास 
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
-------------------------
माखन चोर नंद किशोर
बांधी जिसने प्रीत की डोर
हरे कृष्ण हरे मुरारी
पूजती जिन्हे दुनिया सारी
आओ उनके गुण गाएं
सब मिल के जन्माष्टमी मनाएं
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं
-----------------------------------------
माखन चुराकर जिसने खाया
बंसी बजाकर जिसने नचाया
खुशी मनाओ उसके जन्मदिन की
जिसने दुनिया को प्रेम का रास्ता दिखाया।
कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं

09:13 AM, 07-Sep-2023

वैष्णव सम्प्रदाय औ संन्यासी आज मना रहे है जन्माष्टमी

देश के जिस भाग में सूर्योदय कालीन तिथि को वरीयता दी जाती है वहां और वैष्णव सम्प्रदाय तथा सन्यासियों द्वारा यह पर्व 07 सितंबर, गुरुवार को सूर्योदयकालीन अष्टमी तिथि के दिन मनाया जा रहा है। क्योंकि ये भक्त अष्टमी और नवमी तिथि के संधिकाल को ही वरीयता देते हैं।|

03:57 PM, 06-Sep-2023
Krishna aarti - फोटो : अमर उजाला

Aarti Kunj Bihari Ki : जन्माष्टमी पर पूजा में जरूर करें आरती कुंज बिहारी की....

कृष्ण जन्माष्टमी के दिन माखन-मिश्री और पंचामृत का भोग लगाने और कुंज बिहारी की आरती करने से भगवान कृष्ण जल्द प्रसन्न होते हैं।
श्रीकृष्ण की आरती

आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की,श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला 
श्रवण में कुण्डल झलकाला,नंद के आनंद नंदलाला

गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली
लतन में ठाढ़े बनमाली भ्रमर सी अलक, कस्तूरी तिलक

चंद्र सी झलक, ललित छवि श्यामा प्यारी की,
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की, आरती कुंजबिहारी की…॥

कनकमय मोर मुकुट बिलसै, देवता दरसन को तरसैं।
गगन सों सुमन रासि बरसै, बजे मुरचंग,  मधुर मिरदंग ग्वालिन संग।

अतुल रति गोप कुमारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

जहां ते प्रकट भई गंगा, सकल मन हारिणि श्री गंगा।
स्मरन ते होत मोह भंगा, बसी शिव सीस।

जटा के बीच,हरै अघ कीच, चरन छवि श्रीबनवारी की

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ ॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

चमकती उज्ज्वल तट रेनू, बज रही वृंदावन बेनू 
चहुं दिसि गोपि ग्वाल धेनू 

हंसत मृदु मंद, चांदनी चंद, कटत भव फंद।
टेर सुन दीन दुखारी की

श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥
॥ आरती कुंजबिहारी की…॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

आरती कुंजबिहारी की
श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥

02:50 PM, 06-Sep-2023

जन्माष्टमी पूजा विधि

  • जन्माष्टमी के दिन प्रातः जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें ।
  • माता देवकी और भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति या चित्र पालने में स्थापित करें। 
  • पूजन में देवकी,वासुदेव,बलदेव,नन्द, यशोदा आदि देवताओं के नाम जपें।
  • रात्रि में 12  बजे के बाद श्री कृष्ण का जन्मोत्सव मनाएं।
  • जन्माष्टमी पर कान्हा को पीले चंदन या फिर केसर का तिलक जरूर लगाएं, साथ ही साथ उन्हें मोर के मुकुट और बांसुरी जरूर अर्पित करें। 
  • लड्डूगोपाल को पंचामृत से अभिषेक कराकर भगवान को नए वस्त्र अर्पित करें एवं झूला झुलाएं। 
  • तुलसी डालकर माखन-मिश्री व धनिये की पंजीरी का भोग लगाएं।
  • अंत में आरती करके प्रसाद को वितरित करें।

02:12 PM, 06-Sep-2023
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

Janmashtami 2023: मोरपंख, गाय और सुदर्शन चक्र

मोरपंख
श्री कृष्ण के मुकुट पर मोरपंख सबसे पहले उनकी माता यशोदा ने लगाया था । प्रेम में ब्रह्मचर्य की महान भावना को समाहित करने के प्रतीक रूप में कृष्ण मोरपंख को अपने सिर पर धारण करते हैं।यह उनके प्रेम और सौंदर्यबोध का प्रतीक है।
अजितंजय
श्रीकृष्ण ने गुरु पुत्र को शंखासुर दैत्य से मुक्त कराया था। श्री कृष्ण को यह धनुष उनके गुरु सांदीपनि ने सौपा था।अजितंजय धनुष गुरु सम्मान का प्रतीक है।
गाय
संसार में पृथ्वी और गौ से बड़ा कोई उदार और क्षमादान नहीं। गाय,भगवान श्री कृष्ण को अतिप्रिय है,इसका कारण यह है गाय सब कार्यों में उदार तथा समस्त गुणों की खान है।यह क्षमा और उदारता का प्रतीक है।
सुदर्शन चक्र
शिक्षा ग्रहण करने के बाद भगवान कृष्ण की मुलाकात जब विष्णुजी के अन्य अवतार परशुराम से हुई तब परशुरामजी ने उन्हें सुदर्शन चक्र भेंट किया था। यह दूरदर्शिता और दृढ़ संकल्प का प्रतीक है।

 

01:47 PM, 06-Sep-2023
जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं - फोटो : amar ujala

Janmashtami 2023: बांसुरी, वैजयंती माला और विराट रूप

  • बांसुरी

सर्वप्रथम नंदबाबा ने अपने कान्हा के लिए बांसुरी लेकर दी थी। श्री कृष्ण हर पल प्रेम और शांति का संदेश देने वाली बांस की बांसुरी को अपने साथ रखते हैं। बांसुरी सम्मोहन,ख़ुशी ,आकर्षण व  मन की शांति  का प्रतीक मानी गई है।
  • विराट रूप

 विश्वरूप अथवा विराट रूप भगवान कृष्ण का सार्वभौमिक स्वरूप है। महाभारत युद्ध होने से पूर्व कुरुक्षेत्र में श्री कृष्ण ने अर्जुन को अपने विराट रूप के दर्शन करवाए थे। यह रूप ऊर्जा का प्रतीक है          
  • वैजयंती माला

श्री कृष्ण को वैजयंती के फूल और इसकी माला बेहद प्रिय है भगवान श्री कृष्ण ने जब पहली बार राधाजी व अन्य गोपियों के साथ रासलीला खेली थी,तब वैजयंती की माला राधाजी ने उन्हें पहनाई थी।यह प्रेम का प्रतीक मानी जाती है।

01:26 PM, 06-Sep-2023
Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes - फोटो : अमर उजाला

जानिए सुदर्शन चक्र से लेकर मोरपंख तक भगवान कृष्ण के प्रतीकों के मायने...

6 और 7 सितंबर दो दिनों तक इस बार पूरे देश में कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया जा रहा है। श्री कृष्ण जन-जन के लिए ऐसे आदर्श हैं, जो सभी को सुखी जीवन जीने के सूत्र सिखाते हैं। जन्माष्टमी के अवसर पर आइए जानते हैं भगवान कृष्ण के 10 प्रतीक के बारे में....

  • चंदन

चंदन भगवान कृष्ण को अत्यंत प्रिय है। इसके बिना इनकी पूजा पूर्ण नहीं होती। यह गोपी चंदन,हरि चंदन,सफ़ेद चंदन सहित कई प्रकार का होता है। चंदन ताजगी का प्रतीक है।
  • गोवर्धन पर्वत

श्री कृष्ण के बृज में स्थित गोवर्धन पर्वत उठाए स्वरूप की पूजा-अर्चना की जाती है। गोवर्धन पर्वत को भक्तजन गिरिराज जी भी कहते हैं। ये भगवान से सरंक्षण पाने का प्रतीक है।
  •  रासलीला

भगवान का यह स्वरूप मन को सकारात्मक ऊर्जा से भरने वाला एवं आनंद देने वाला है। इस रूप के दर्शन मात्र से समस्त चिंताएं दूर होती हैं इसलिए ये आनंद का प्रतीक है।

01:04 PM, 06-Sep-2023

जन्माष्टमी पर जरूर करें भगवान श्रीकृष्ण के मंत्र का जप और पाठ

  • ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः

  • ॐ श्री कृष्णाय गोविन्दाय गोपीजन वल्लभाय नमः

  • ॐ श्री कृष्णाय नमः

12:52 PM, 06-Sep-2023
Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes - फोटो : अमर उजाला

Janmashtami 2023 Upay: पंचामृत और माखन मिश्री का लगाएं भोग

  • पंचामृत और माखन मिश्री

भगवान कृष्ण की पूजा में पंचामृत विशेष रूप से चढ़ाया जाता है। इसे गाय के दूध, दही, घी, शहद व शक्कर मिलाकर तैयार किया जाता है। इसका सेवन करने से कई तरह की बीमारियां और मानसिक विकार दूर होते हैं। वहीं भगवान कृष्ण को माखन-मिश्री अत्यंत प्रिय है। जन्माष्टमी पूजन के समय आप भगवान को माखन मिश्री का भोग जरूर लगाएं।ऐसा करने से आपके रिश्ते मधुर बनेंगे व घर में सुख-समृद्धि का वास होगा।
 

12:27 PM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami - फोटो : अमर उजाला

Janmashtami 2023 Upay: कृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को अर्पित करें बांसुरी

  • बांसुरी

भगवान कृष्ण को बांसुरी बहुत ही प्रिय होती है। ऐसे में जन्माष्टमी के दिन एक बांसुरी लाएं और उस बांसुरी को भगवान श्री कृष्ण को अर्पित करने के बाद वह बांसुरी अपने बेडरूम में अपने बैड के पास रखें। ऐसा करने से आपका वैवाहिक जीवन सुखमय हो जाएगा। वही अगर घर का कोई सदस्य अक्सर बीमार रहता है तो दरवाज़े के ऊपर अथवा सिरहाने बांसुरी रखने से स्वास्थ्य लाभ मिलेगा।

11:57 AM, 06-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023 Upay: कृष्ण जन्माष्टमी पर तुलसी का उपाय...

  • तुलसी

भगवान कृष्ण को तुलसी का पौधा बहुत ही प्रिय होता है। तुलसी को देवी लक्ष्मी का ही रूप माना गया है। जन्माष्टमी पर जिस भी चीज का भोग लगाएं उसमें तुलसी के पत्ते जरूर रखें। किसी कारणवश भोग न भी लग पाएं तो सिर्फ तुलसी के पत्ते चढ़ाने से भी कान्हा की कृपा के साथ लक्ष्मीजी की कृपा से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती और भाग्य का साथ मिलता है।
 

11:51 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023: 5 verses of Geeta - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami 2023 Upay: कृष्ण जन्माष्टमी पर जरूर करें ये उपाय...

  • मोरपंख

इस बार कृष्ण जन्माष्टमी 6 और 7 सितंबर को मनाई जा रही है। जन्माष्टमी पर कई तरह के उपाय किए जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण को मोर मुकुटधारी भी कहते हैं। जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को मोरपंख भी अर्पित करना चाहिए। इसके बाद इस मोर पंख को अपनी तिजोरी में रख लें। इससे धन लाभ के योग बनते हैं साथ ही आर्थिक परेशानी भी दूर हो जाती है।

11:40 AM, 06-Sep-2023
Happy Krishna Janmashtami 2023 Wishes - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami Wishes: कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं...

  • माधव

भगवान कृष्ण का एक नाम माधव भी है। माधव नाम के पीछ दो कथाएं सबसे ज्यादा प्रचलित है।  वसंत ऋतु का ऋतुओं में वसंत के समान श्रेष्ठ होने के कारण कृष्ण का नाम माधव पड़ा है, वहीं त्रेतायुग में एक मधु नाम का राक्षस था और इस मधु का पुत्र यादवराज था। कान्हा के मधु के वंश में जन्म लेने कारण इन्हें माधव भी कहते हैं। 

11:15 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami Wishes: कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं...

  • केशव

भागवत और गर्ग संहिता में कान्हा जी के स्वरूप का वर्णन मिलता है। भगवान कृष्ण का एक नाम केशव भी है। सुंदर केशों के कारण भगवान कृष्ण का नाम केशव रखा गया है। गोपियां और बृजवासी कान्हा के सुंदर केश के कारण उन्हें केशव कहकर बुलाते थे।

11:07 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami Wishes: कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं...

  • मधुसूदन

जिस तरह के मुर राक्षस के वध के कारण भगवान कृष्ण का एक नाम मुरारी पड़ा, उसी तरह मधु नाम के दैत्य के वध करने के कारण भगवान कृष्ण का नाम मधुसूदन पड़ा।

10:54 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : अमर उजाला

भगवान कृष्ण का नाम "मुरारी" कैसा पड़ा?

  • मुरारी

भगवान कृष्ण को मुरारी कहने के पीछे एक पौराणिक कथा है। कथा के अनुसार महर्षि कश्यप और दिति की एक राक्षस पुत्र था। जिसका नाम मुरा था। राक्षस मुरा ने अपने बल और पराक्रम से स्वर्ग पर विजय हासिल कर ली थी। तब इंद्र समेत सभी देवता परेशान होकर भगवान कृष्ण से प्रार्थना की। इसके बाद भगवान कृष्ण और पत्नी सत्यभामा ने युद्ध में मुरा का वध कर दिया था और इंद्र को दोबारा से स्वर्ग लोक सिंहासन दिलवाया। मुरा राक्षस के अरि होने से भगवान कृष्ण का नाम मुरारी पड़ा। यहां अरि का अर्थ होता है शत्रु। शास्त्रों के अनुसार शुभ कार्यों में बिघ्न न पड़े इसलिए मुरारी का नाम जाप करना शुभ माना जाता है। 

10:13 AM, 06-Sep-2023
Happy Krishna Janmashtami 2022 Wishes - फोटो : अमर उजाला

Janmashtami 2023 Wishes: कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं...

माखन का कटोरा, मिश्री का थाल, मिट्टी की खुशबू,
बारिश की फुहार, राधा की उम्मीदें, कृष्ण का प्यार, 
मुबारक हो आपको जन्माष्टमी का त्योहार।

राधा की भक्ति
मधुर मुरली की मिठास
माखन का स्वाद और ब्रज की गोपियों का रास।
आइए मिलके बनाते हैं श्री कृष्ण जन्माष्टमी को खास 

कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं

09:45 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : अमर उजाला

Krishna Janmashtami 2023: मथुरा, वृंदावन और इस्कॉन मंदिर में कृष्ण जन्माष्टमी कब?

हर वर्ष देशभर में भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में बहुत हि उत्साह और भक्ति के साथ मनाया जाता है। कृष्ण जन्माष्टमी पर मथुरा, वृंदावन और इस्कॉन मंदिर में विशेष तरह के आयोजन किए जाते हैं। लेकिन इस साल अष्टमी तिथि दो दिन होने के कारण जन्माष्टमी का त्योहार 6 और 7 सितंबर दो दिन मनाई जा रही है। गृहस्थ लोगों के लिए जन्माष्टमी 6 सितंबर को जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोगों के लिए 7 सितंबर को जन्माष्टमी है।  मथुरा, वृंदावन और इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी 7 सितंबर को मनाई जाएगी। 

09:31 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami Wishes - फोटो : अमर उजाला

Janmashtami 2023 Date In India: आज कब से शुरू हो रही है अष्टमी तिथि

हिंदू पंचांग के अनुसार आज यानी 06 सितंबर 2023 को भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि है। आज यह सप्तमी तिथि शाम  03 बजकर 36 मिनट तक रहेगी फिर इसके बाद अष्टमी तिथि लग जाएगी। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि बहुत ही खास मानी जाती है क्योंकि इस तिथि पर भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। कृष्ण जन्माष्टमी तिथि पर भगवान कृष्ण के बाल गोपाल स्वरूप की विधिवत पूजा और जन्मोत्सव मनाया जाता है। 

09:18 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023: 5 verses of Geeta - फोटो : अमर उजाला

Happy Janmashtami: वर्षों बाद जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग

इस वर्ष कृष्ण जन्माष्टमी पर दुर्लभ संयोग बना हुआ है। शास्त्रों के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग में मध्य रात्रि को हुआ था। इस वर्ष भी कृष्ण जन्माष्टमी पर रोहिणी नक्षत्र का योग है, जो एक बहुत ही दुर्लभ संयोग माना जा रहा है। 

08:40 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023: 5 verses of Geeta - फोटो : अमर उजाला

Happy Janmashtami 2023: गर्ग संहिता में जन्माष्टमी

गर्ग संहिता के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म मां देवकी की कोख से भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि, रोहिणी नक्षत्र, हर्षण योग और वृषभ लग्न में मध्य रात्रि को हुआ था।

08:35 AM, 06-Sep-2023
Krishna Janmashtami 2023: 5 verses of Geeta - फोटो : अमर उजाला

विष्णु और ब्रह्रा पुराण में कृष्ण जन्माष्टमी का वर्णन

विष्णु और ब्रह्रा पुराण के अनुसार कृष्ण जन्माष्टमी में उल्लेख मिलता है कि भगवान योगनिद्रा से कहते हैं कि भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि में मैं जन्म लूंगा। 

08:04 AM, 06-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023 Date:7 सितंबर को वृंदावन, इस्कान और मथुरा में जन्माष्टमी 

भगवान कृष्ण का जन्म अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का यह पर्व 5250 वां कृष्ण जन्मोत्सव है। कुछ विद्वानों का मत है कि कृष्ण जन्माष्टमी तिथि और नक्षत्र के संयोग होने की वजह से 6 सितंबर की रात को मनानी चाहिए। वहीं द्वारिका, वृंदावन, मथुरा और इस्कान के मंदिरों में जन्माष्टमी 7 सितंबर को मनाई जा रही है। 
 

07:31 AM, 06-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023 Date: जन्माष्टमी 2023 शुभ तिथि

भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि प्रारंभ- 06 सितंबर 2023 को दोपहर 03 बजकर 37 मिनट से
भाद्रपद कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि समापन- 07 सितंबर 2023 को शाम 04 बजकर 14 मिनट पर 

कृष्ण जन्माष्टमी 2023 शुभ मुहूर्त (Krishna Janmashtami 2023 Shubh Muhurat)
रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ- 06 सितंबर 2023 को सुबह 09 बजकर 20 मिनट से
रोहिणी नक्षत्र समापन- 07 सितंबर 2023 को सुबह 10 बजकर 25 मिनट तक

निशिताकाल पूजा मुहूर्त (गृहस्थ)- 07 सितंबर को रात 11 बजकर 57 मिनट से 12 बजकर 42 मिनट
निशिताकाल पूजा मुहूर्त (वैष्णव)- 08 सितंबर को सुबह 12 बजकर 02 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट

07:23 AM, 06-Sep-2023

Janmashtami 2023 : जन्माष्टमी पर बालगोपाल को जरूर चढ़ाएं यह भोग

भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान विष्णु के अवतार श्रीकृष्ण का जन्म मथुरा में हुआ था। हर साल भव्य तरीके से जन्माष्टमी का पर्व मनाया जाता है। जन्माष्टमी पर कान्हा जी को भोग में पंचामृत  जरूर चढ़ाएं। इसके अलावा माखन, मिसरी, मेवा, दही और धनिए की पंजीरी को जरूर अप्रित करें।

07:07 AM, 06-Sep-2023

Janmashtami 2023 Shubh Muhurt: जन्माष्टमी का शुभ मुहूर्त 

इस वर्ष भी जन्माष्टमी का पर्व दो दिन मनाया जा रहा है। गृहस्थ लोग 6 सितंबर को जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोग 7 सितंबर को जन्माष्टमी मना रहे हैं। जन्माष्टमी के लिए पूजा का शुभ मुहूर्त 6 सितंबर को रात 11 बजकर 56 मिनट से लेकर रात 12 बजकर 42 मिनट तक रहेगा।

07:01 AM, 06-Sep-2023

Krishna Janmashtami 2023 : कृष्ण जन्माष्टमी कब मनाएं

हिंदू धर्म में कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है। पूरे देश में जन्माष्टमी के पर्व को विशेष रूप से मनाया जाता है। इस दिन प्रमुख कृष्ण मंदिरों को भारी भीड़ होती है। इस बार जन्माष्टमी का त्योहार 2 दिन मनाया जा  रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि आज यानी 06 सितंबर को दोपहर 3 बजकर 37 मिनट से आरंभ हो जाएगी जिसका समापन कल 7 सितंबर को शाम 4 बजकर 14 मिनट पर होगा। इसके अलावा खास बात ये है कि इस तिथि पर रोहिणी नक्षत्र रहेगी। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस वर्ष गृहस्थ लोग 6 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएं जबकि वैष्णव संप्रदाय के लोग 7 सितंबर को जन्माष्टमी मनाएं। 

06:43 AM, 06-Sep-2023

Krishna Janmashtami Live: मथुरा, वृंदावन में जन्माष्टमी आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और उपाय

Krishna Janmashtami 2023: देशभर में कहीं आज तो कहीं कल कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था। इस साल भी कृष्ण जन्माष्टमी की तिथि को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई है कि भगवान कृष्ण का प्राकट्य पर्व किस दिन मनाया जाय। कहीं 6 सितंबर को कृष्ण जन्माष्टमी तो कहीं 7 सितंबर को मनाने की बात हो रही है। आइए विस्तार से जानते हैं कृष्ण जन्माष्टमी का पर्व कब और कैसे मनाया जाय, पूजा का शुभ मुहूर्त क्या होगा, पूजा विधि, पूजन सामग्री और कौन से दुर्लभ योग बन रहे हैं। 

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