नेपाल में जनकपुर यानी माता सीता का गृहनगर जनकपुर अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले रोशन है। माता सीता का जनकपुर 'राम नाम' से गूंज उठा है।
उत्तर प्रदेश में कटरा और अयोध्या के बीच सरयू नदी पर बना रेलवे पुल रात में मंत्रमुग्ध कर देने वाली रोशनी से जगमगा रहा है।
तिरुमल तिरुपति देवस्थानम ट्रस्ट की ओर से तीन टन लड्डू शनिवार को जहाज से एयरपोर्ट पहुंचा। अयोध्या के महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी को यह भेंट किया गया। महापौर ने इस उपहार को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट को समर्पित किया। विमान से 343 बक्सों में यह लड्डू यहां पहुंचा था। इसे 16 छोटे वाहनों से ले जाया गया। तिरुपति से आए लड्डू प्रसाद को प्राण प्रतिष्ठा में आने वाले अतिथियों को दिया जाएगा।
अयोध्या। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने वाले राज्य अतिथियों की संख्या करीब 600 हो गई। राज्य अतिथि लखनऊ और अयोध्या पहुंचेंगे। महानायक अमिताभ बच्चन और फिल्म अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के प्राइवेट चार्टर्ड प्लेन से सीधे अयोध्या पहुंचने की खबर है। शुक्रवार को राज्य अतिथियों की संख्या पांच सौ छह थी, लेकिन करीब 600 बताई गई है। इनमें लगभग तीन सौ राज्य अतिथि सीधे अयोध्या पहुंचेेंगे। अन्य के लखनऊ पहुंचने की सूचना है। अयोध्या और लखनऊ में पूरा प्रशासन व्यवस्था में लगा हुआ है।
दिल्ली में 22 जनवरी को मीट की दुकान बंद रह सकती हैं। दिल्ली मीट मर्चेंट एसोसिएशन के महासचिव इरशाद कुरैशी ने शनिवार को सभी व्यापारियों से अयोध्या में राम लला की प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मीट की दुकानें बंद रखने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि इस कोशिश से दोनों समुदायों के बीच एकता और सद्भाव को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि मंदिर के उद्घाटन के दौरान एक दिन के लिए कारोबार बंद करने से व्यापारियों पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।
वहीं दिल्ली के कनॉट प्लेस के कई रेस्टोरेंट्स ने भी 22 जनवरी को ग्राहकों को मीट नहीं परोसने का ऐलान किया है। नई दिल्ली ट्रेडर्स एसोसिएशन (एनडीटीए) के संयुक्त सचिव अमित गुप्ता ने कहा कि कनॉट प्लेस के कई रेस्तरां उस दिन केवल शाकाहारी भोजन परोसेगें।
विभिन्न कारणों से एम्स दिल्ली 21 फरवरी तक हाई अलर्ट पर रहेगा। इस दौरान एम्स का आपातकालीन सेवाएं हर सुविधा के लिए तैयार रहेगा। इस दौरान किसी भी प्रकार की आपातकालीन सुविधा के लिए एम्स खुद को तैयार रखेगा। इसे लेकर एम्स ने एक आदेश जारी किया है।
22 जनवरी को रामलला मंदिर प्राण प्रतिष्ठा में पीएम मोदी के शामिल होने का विस्तृत कार्यक्रम
• सुबह 10:25 बजे: अयोध्या एयरपोर्ट पर आगमन
• सुबह 10:45 बजे: अयोध्या हेलीपैड पर आगमन
• सुबह 10:55 बजे: श्री राम जन्मभूमि पर आगमन
• सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक: आरक्षित
• दोपहर 12:05 बजे से 12:55 बजे तक: प्राण प्रतिष्ठा समारोह
• दोपहर 12:55 बजे: पूजा स्थल से प्रस्थान
• दोपहर 1:00 बजे: सार्वजनिक समारोह स्थल पर आगमन
• दोपहर 1:00 बजे से 2:00 बजे तक: अयोध्या में एक सार्वजनिक समारोह में भाग लेना
• 2:10 बजे: कुबेर टीला के दर्शन
तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम टेलीविजन चैनल, श्री वेंकटेश्वर भक्ति चैनल पर 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लाइव दिखाएगा।
भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जे पी नड्डा अयोध्या में राम मंदिर के प्रतिष्ठा समारोह में शामिल नहीं होंगे। उस दिन दिल्ली के झंडेवालान मंदिर के कार्यक्रम में शामिल होंगे। नड्डा ने प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में आमंत्रित करने के लिए श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को धन्यवाद दिया है। जो मंदिर के निर्माण और प्रबंधन के प्रभारी हैं।
अमेरिका से आए एक भक्त चैतन्य स्वामी ने कहा कि मैं न्यूयॉर्क, अमेरिका से आया हूं। मैं यहां आया हूं क्योंकि भगवान राम का मंदिर बन रहा है। अयोध्या एक खूबसूरत जगह है।
प्राण प्रतिष्ठा समारोह, गणतंत्र दिवस और आगामी त्योहारों के मद्देनजर लखनऊ में धारा 144 लागू कर दी गई है।
शनिवार को रामनगरी पहुंचने वाले अतिथियों में मुख्य रूप से ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद, मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, साध्वी ऋतंभरा, योग गुरु बाबा रामदेव, बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री और युग पुरुष परमानंद शामिल हैं। इसी तरह विभिन्न अखाड़ों के महंत और पंचों के साथ बड़ी संख्या में आमंत्रित अन्य धर्माचार्यों के आने का सिलसिला जारी है।
चिड़ियाघर के निदेशक डॉ मनोज शुक्ला ने बताया कि 21 जनवरी को चिड़ियाघर में आने वाले किसी व्यक्ति का नाम राम शब्द से शुरू हो रहा है तो उन्हें प्रवेश टिकट दर में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसके लिए ऐसे लोगों को टिकट घर पर अपना आधार कार्ड या परिचय पत्र दिखाना होगा।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान के क्रम में शनिवार को विराजमान रामलला की पालकी यात्रा धूमधाम से रामजन्मभूमि परिसर में निकाली गई। इससे पहले शनिवार को अनुष्ठानों की शुरूआत गणपति की आराधना के साथ हुई। फिर मंडप के सारे आवाहित देवताओं का पूजन हुआ। इसी क्रम में रामलला के अचल विग्रह को जगाया गया ।
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए विशिष्ट अतिथियों का आगमन शुरू हो गया है। कई मेहमान शनिवार को ही रामनगरी पहुंच गए। बड़ी संख्या में आमंत्रित जन रविवार को पहुंचेंगे। कई वीवीआईपी ऐसे भी होंगे जो सीधे 22 जनवरी को ही विमान से आएंगे और फिर उसी दिन लौट जाएंगे। यहां रात्रि प्रवास करने वाले मेहमानों को होटल, टेंट सिटी और आश्रमों में तैयार किए गए विशेष कक्षों में ठहराया जा रहा है।
आरएसएस अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील अंबेडकर ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा की मुख्य पूजा के लिए देशभर से प्रमुख लोगों को ही बुलाया गया है।
22 जनवरी को राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। सरकार ने देश के लोगों से 22 जनवरी को दिवाली मनाने के लिए कहा है। जिसको लेकर केंद्र और राज्यों में आधे दिन की छुट्टी का एलान किया गया है। अयोध्या में 22 जनवरी को होने वाले प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर दिल्ली में भी आधे दिन की छुट्टी का एलान किया है।
अयोध्या में राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह से पहले मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है।
22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले जर्मनी से श्रद्धालु अयोध्या पहुंचे। इस्कॉन के राष्ट्रीय प्रचारक, युधिष्ठिर गोविंद दास ने कहा, 'यह एक ऐतिहासिक क्षण है। दुनिया भर के हिंदू भक्त 500 वर्षों से इसका इंतजार कर रहे थे। अयोध्या का पूरी तरह से पुनर्निर्माण किया गया है। इस्कॉन भी 22 जनवरी को दुनिया भर में अपने मंदिरों में एक कार्यक्रम का आयोजन कर रहा है। हम उस दिन राम कथा और भंडारा का आयोजन करेंगे।'
छह महीने में बना करीब 400 किलो वजनी ताला और चाबी 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले अलीगढ़ से अयोध्या पहुंच गया है।
अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पहले पूरे नगर में जश्न का माहौल है। हर कोई श्रीराम के रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह के पहले यूपी पुलिस के जवानों ने लता मंगेशकर चौक के सामने प्रस्तुति दी और प्रभु श्रीराम की प्रार्थना की।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय के आवास के बाहर एसएसबी जवान तैनात।
अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह से पहले चंडीगढ़ में 150 क्विंटल लड्डू बनाए जा रहे हैं।
श्री राम की बचपन की तस्वीरें उस द्वार पर सजी हैं जहां से आमंत्रित लोग 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए श्री राम मंदिर में प्रवेश करेंगे।
भगवान राम की मूर्ति पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास ने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा पूरी होने से पहले भगवान राम की मूर्ति के नेत्र नहीं खुलेंगे, उन्हें कपड़े से ढका गया है। आंखें दिखाई नहीं की जा सकतीं। जिस तस्वीर में मूर्ति में भगवान राम की आंखें खुली हुई, वह असली मूर्ति नहीं है। मूर्ति की तस्वीरें कैसे वायरल हो रही हैं, इसकी जांच होनी चाहिए।
आज राम मंदिर के गर्भगृह को 81 कलशों के जल से 'जिन्हें अलग-अलग नदियों के जल से इकट्ठा किया गया है' उनसे पवित्र किया जाएगा।
हिंदू सेना के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली के बाबर रोड पर 'अयोध्या मार्ग' का स्टीकर लगाया।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के लिए रामलला के एक रजत विग्रह का निर्माण कराया गया है। दस किलो वजन के इस विग्रह में रामलला धनुष-बाण धारण किए हैं। पूजन की कुछ विधि ऐसी हैं जिन्हें अचल विग्रह के साथ नहीं पूरा किया जा सकता, क्योंकि अचल विग्रह भारी है। उसे बार-बार हिलाया नहीं जा सकता। इसलिए पूजन की कुछ विधियां इसी रजत विग्रह के साथ पूरी की जा रही हैं। आचार्य केशव शास्त्री ने बताया कि भगवान राम ने जब रावण को मारने के लिए उसकी नाभि पर अग्निबाण चलाया था तो उस समय उनका जो स्वरूप था, उसी में रजत विग्रह निर्मित है।
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रामनगरी आने वाले श्रद्धालुओं को शनिवार से तीन दिनों तक रामलला के दर्शन नहीं होंगे। 20 व 21 को अस्थायी राममंदिर में दर्शन बंद रहेगा, जबकि 22 जनवरी को नए मंदिर में रामलला की अचल मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस दिन केवल प्राण प्रतिष्ठा समारोह में मौजूद अतिथियों को ही दर्शन मिलेगा। आम श्रद्धालु 23 को ही नए मंदिर में रामलला के दर्शन कर पाएंगे।
प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान के क्रम में शनिवार को 81 कलशों के विविध औषधियुक्त जल से रामलला के अचल विग्रह को स्नान कराया जाएगा। वहीं, अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला की चल मूर्ति भी शनिवार को नवनिर्मित गर्भगृह में प्रवेश करेगी। राममंदिर निर्माण के प्रभारी गोपाल राव ने बताया कि अस्थायी मंदिर में विराजमान रामलला की चल मूर्ति समेत अन्य प्रतिमाओं को शनिवार को नवनिर्मित मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कराया जाएगा। प्राण प्रतिष्ठा के क्रम में शनिवार को रामलला का शक्कर व फल से अधिवास कराया जाएगा। इसके लिए यज्ञ, हवन, वेदों के पारायण समेत अन्य अनुष्ठान होंगे।
रामलला के प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के बाद लखनऊ से अयोध्या के बीच रोजाना 80 बसों का संचालन किया जाएगा। इससे तकरीबन 40 हजार श्रद्घालुओं को राहत मिलेगी। बस अड्डों से हर 20 मिनट के अंतराल पर यात्रियों को बसें उपलब्ध होंगी। हाल ही रोडवेज प्रशासन ने कैसरबाग से अयोध्या के बीच एसी जनरथ बसों का संचालन शुरू किया है। वहीं 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद श्रद्धालुओं के लिए रोडवेज लखनऊ से अयोध्या के बीच 80 बसें संचालित करेगा। आलमबाग, चारबाग, कैसरबाग और अवध बस स्टेशन से अयोध्या के लिए सीधी बसों की साधारण सेवाएं चलेंगी। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक आरके त्रिपाठी ने बताया कि इससे लखनऊ से अयोध्या के बीच साधारण बसों की संख्या दोगुनी हो जाएगी। इन बसों की समय सारिणी बस अड्डों पर लगे एलईडी स्क्रीन पर दिखेगी। इस बाबत तैयारियां पूरी हो गई हैं। सभी बस अड्डों पर श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई गई हैं। इनसे श्रद्धालु बसों के आवागमन की जानकारी ले सकते हैं। परेशानी होने पर यात्री टोल फ्री नंबर-18001802877 पर संपर्क कर सकते हैं।
श्री राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के मद्देनजर यातायात डायवर्जन शुक्रवार की मध्य रात्रि से लागू हो जाएगा। डायवर्जन के चलते लखनऊ, गोंडा, बस्ती, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, अमेठी से अयोध्या की ओर आने वाले वाहनों को अलग-अलग मार्गों से गंतव्य तक भेजा जाएगा। अयोध्या में तीन दिनों के लिए बाहरी व्यक्तियों की एंट्री भी नहीं होगी। जो वहां के स्थानीय लोग हैं उन्हें पहचान पत्र दिए गए हैं।