मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अपने गौरव के अनुरूप सम्मान प्राप्त कर रहीं हैं। लखनऊ से अयोध्या के लिए जल्द ही हेलीकॉप्टर सेवा शुरू होने जा रही है। सरयू में क्रूज चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सब कुछ समय पूर्व तक कल्पना से परे था लेकिन रामकृपा से आज यह सब साकार हो रहा है।
अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर पूरे देश में धूम मची है। हर कोई 22 जनवरी को होने वाले समारोह को अपने तरीके से यादगार बनाने में जुटा है। ऐसे में गुलाबी मीनाकारी के राष्ट्रीय अवॉर्ड से सम्मानित हस्तशिल्पी वाराणसी के कुंज बिहारी ने सोने, चांदी और डायमंड से 108 दिनों की मेहनत से श्रीराम मंदिर की अनुकृति बनाई है। जीआई और ओडीओपी उत्पादों में शुमार गुलाबी मीनाकारी की चमक पूरी दुनिया में है।
चंपत राय ने कहा था कि 2 जनवरी को न्यूनतम विधियों की जरूरत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में दिन के 12:20 बजे प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान आरंभ होगा। यह पूजा करीब 40 मिनट तक चलेगी। इसके बाद करीब 75 मिनट पीएम मोदी, सीएम योगी, संघ प्रमुख मोहन भागवत संदेश देंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास आशीर्वाद देंगे।
अनुष्ठान का कार्यक्रम 21 जनवरी तक चलेगा। रामलला की प्रतिमा 18 जनवरी को गर्भगृह में निर्धारित आसन पर स्थापित कर दी जाएगी। पिछले 70 वर्षों से पूजित वर्तमान प्रतिमा को भी नए मंदिर के गर्भगृह में ही रखा जाएगा। जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया था।
नगालैंड के कोहिमा में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि 22 जनवरी का जो कार्यक्रम है वो राजनीतिक कार्यक्रम बन गया है। भाजपा और RSS ने 22 तारीख को एक चुनावी फ्लेवर दे दिया है। इसलिए कांग्रेस अध्यक्ष ने वहां जाने से इंकार कर दिया।
अयोध्या में भगवान श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा के लिए अनुष्ठान प्रारंभ हो गया है। अनुष्ठान का आयोजन नगर के विवेक सृष्टि आश्रम में किया जा रहा है। इसके लिए सरयू में स्नान के बाद काशी के विद्वान पूजन सामग्री के साथ अनुष्टान स्थल पहुंच गए हैं। कार्यक्रम के मुख्य यजमान डॉ. अनिल मिश्रा और प्रतिमा बनाने वाले अरुण योगीराज भी वहां मौजूद हैं। आज प्रायश्चित और कर्म कुटी पूजन किया जाएगा।
प्रभु श्री राम अपनी जन्मस्थली पर पांच शताब्दियों के पश्चात फिर पधार रहे हैं। इस पावन अवसर का साक्षी बनने के लिए सम्पूर्ण ब्रह्मांड उत्सुकता से प्रतीक्षा में है। प्रभु श्री राम के स्वागत की भव्यता को बढ़ाने के लिए, हम दुनिया भर के सभी रामभक्तों से एक लघु वीडियो के माध्यम से इस ऐतिहासिक आयोजन के बारे में अपने विचार और भावनाएं व्यक्त करने का आग्रह करते हैं। आप ये वीडियो अपने पूरे नाम, जगह और संक्षिप्त व्यक्तिगत नोट के साथ #ShriRamHomecoming लिखकर सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर सकते हैं।
निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने कहा कि जिस स्थान पर रामलला थे। वह निर्मोही अखाड़े का था। वहां पूजा-अर्चना की जाती थी। पहले आरती की जा रही थी। लेकिन अधिकारियों ने हमें रोक दिया। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद रामलला की पूरी संपत्ति वापस मिल गई। हमारे 'पंच', सभी संत और दुनिया भर के राम भक्त उत्साहित हैं।
निर्मोही अखाड़ा अनुष्ठानों से खुश नहीं के दावे पर निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेंद्र दास ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोई भी कुछ भी कह सकता है। मैं व्यक्तिगत रूप से हर दिन सुबह और शाम को आरती में शामिल होता हूं। मैं वैष्णव पद्धति से पूजा अर्चना हो रही है। पूरा ट्रस्ट वैष्णव संप्रदाय के अनुसार चल रहा है। उन्होंने आगे कहा कि हमारे अखाड़े को निमंत्रण मिला है। हम सभी लोग संतुष्ट हैं। सभी शामिल होने जा रहे हैं। नाखुश होने वाली बात ही नहीं है।
20-21 जनवरी को श्रद्धालु श्रीराम लला के दर्शन नहीं कर सकेंगे। 23 से नए विग्रह के दर्शन आम लोगों के लिए खुल जाएंगे। दुनिया के 50 देशों से 53 लोग आमंत्रित किए गए हैं।
भोपाल से करीब तीन सौ कुंतल लकड़ियां व हवन सामग्री आई है। आंध्रप्रदेश के भक्तों ने 111 किलो देसी घी के लड्डू समर्पित किए हैं। पिछले दिनों वडनगर गुजरात से आए राममंदिर मॉडल को कारसेवकपुरम में पुराने मंदिर मॉडल के पास ही स्थापित कर दिया गया है। इसी क्रम में बांके बिहारी धाम से भी विशेष आभूषण रामलला के लिए आए हैं। इनमें कई प्रकार की माला, शंख, इत्र, कपड़े, बांसुरी आदि शामिल हैं। यह सामान श्रीरामजन्मभूमि के मुख्य अर्चक आचार्य सत्येंद्र दास को सौंपे गए हैं।
राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर अयोध्या में सुरक्षा व्यवस्था पर स्पेशल डीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार का कहना है कि उन स्थानों पर पुलिस के लिए एक अलग ड्रेस कोड होगा जहां आम जनता या आम लोग रहेंगे। जहां श्रद्धालु दर्शन करेंगे, वहां तैनात सभी पुलिसकर्मी बिना हथियार के होंगे और हथियार के साथ पुलिसकर्मी पुलिस की वर्दी में होंगे। हमने तकनीक को भी शामिल किया है और कैमरों के जरिए निगरानी की जाएगी। कुछ प्रशिक्षु आईपी अधिकारी भी अलग-अलग राज्यों से आए हैं। विभिन्न भाषाएं बोलने वाले लोग अयोध्या आएंगे और उनके सहज अनुभव के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि से 1,000 किलोग्राम लड्डुओं का भोग अयोध्या भेजा गया है।
ताजनगरी आगरा से 56 किस्मों का प्राचीन पेठा आगरा से अयोध्या पहुंच गया है।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शुरू की गई पिंक ऑटो सेवा को लेकर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया प्रदूषण रहित यह वाहन अयोध्या के लोगों के लिए है। यह एक सराहनीय कदम है।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास महाराज की मौजूदगी में गुजरात से पहुंची 108 फीट की अगरबत्ती जलाई गई। अयोध्या के सरयू नदी के रामघाट पर 108 फीट लंबी अगरबत्ती को प्रज्वलित किया गया। गुजरात के बड़ोदरा में तैयार की गई यह अगरबत्ती अयोध्या लाई गई है।
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने गायिका शिवश्री स्कंदप्रसाद की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर भजन पोस्ट किया है। पीएम मोदी ने गायिका की "प्रभु श्री राम की भक्ति की भावना को खूबसूरती से उजागर करने के लिए सराहना की। कन्नड़ में शिवश्री स्कंद प्रसाद की यह प्रस्तुति प्रभु श्री राम की भक्ति की भावना को खूबसूरती से उजागर करती है। वहीं, शिवश्री स्कंदप्रसाद कहती हैं कि "यह मेरे लिए बहुत खुशी का क्षण है। मेरे पास उस भावना का वर्णन करने के लिए शब्द नहीं हैं जो मैं अब अनुभव कर रही हूं। यह स्वयं भगवान राम का आशीर्वाद है।
कर्नाटक के मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति चयनित हुई है। अरुण ने इस मूर्ति का निर्माण रामसेवकपुरम कार्यशाला के सामने स्थित विवेक सृष्टि के परिसर में किया। इसलिए अनुष्ठान की शुरुआत इसी परिसर में मूर्ति निर्माण स्थल की पूजा के साथ होगी। इससे पहले परिसर में देवोत्थानी एकादशी से चल रहे वेदों के पारायण व हवन अनुष्ठान का सोमवार को समापन हो गया। अनुष्ठान को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। भूतल के ईशानकोण में नौ हवन कुंड व दो मंडप बनकर तैयार हैं। सोमवार को नवनिर्मित मंदिर की पानी से धोया गया उसकी साफ-सफाई की गई। पूरे मंदिर का शुद्धीकरण किया गया है। अनुष्ठान की सारी सामग्रियां परिसर में पहुंचा दी गई हैं।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का सात दिवसीय अनुष्ठान 16 जनवरी से शुरू हो जाएगा। रामलला 22 जनवरी को शुभ मुहूर्त में अपने नए घर में विराजमान होंगे। अनुष्ठान के पहले दिन कर्मकुटी का पूजन किया जाएगा। कर्मकुटी वह स्थान है, जहां रामलला की चयनित मूर्ति का निर्माण हुआ है। प्राण प्रतिष्ठा के अनुष्ठान में देशभर से 121 वैदिक आचार्य शामिल होंगे। ये सभी आचार्य सोमवार की देर शाम तक अयोध्या पहुंच चुके हैं। काशी के प्रख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर द्रविड़ व लक्ष्मीकांत दीक्षित भी अयोध्या पहुंच चुके हैं। इन्हीं के निर्देशन में सभी अनुष्ठान होंगे।
भगवान श्री रामलला सरकार के गर्भगृह में स्वर्ण मंडित द्वार की स्थापना के साथ ही भूतल पर सभी 14 स्वर्ण मंडित द्वारों की स्थापना का काम पूरा हो गया है।
प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र मंगलवार को अयोध्या आएंगे। वह सड़क मार्ग से लखनऊ से चलकर सुबह 9:30 बजे पहुंचेंगे। यहां आने के बाद विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे। साथ ही समीक्षा बैठक में भाग लेंगे।
भीषण शीत लहर के बीच अयोध्या में कोहरा छाया हुआ है। अयोध्या के लता मंगेशकर चौक का दृश्य।
राय ने बताया, प्राण प्रतिष्ठा से पहले मंगल ध्वनि गुंजायमान होगी। विभिन्न राज्यों के 25 प्रमुख और दुर्लभ वाद्ययंत्रों के मंगल वादन से अयोध्या में यह प्रतिष्ठा महोत्सव होगा।
चंपत राय ने बताया कि मैसूरू के शिल्पकार अरुण योगीराज की बनाई प्रतिमा गर्भगृह में स्थापित करने के लिए चुनी गई है। नई प्रतिमा श्याम शिला से निर्मित है और इसका वजन 150 से 200 किलो के बीच है। मूर्ति में प्रभु राम को पांच वर्षीय बालक के रूप में दर्शाया गया है।
राय ने बताया, प्राण प्रतिष्ठा का मुहूर्त काशी के प्रख्यात वैदिक आचार्य गणेश्वर शास्त्री द्रविड़ ने तय किया है और वाराणसी के आचार्य लक्ष्मीकांत दीक्षित के निर्देशन में 121 वैदिक आचार्य संपूर्ण कर्मकांड विधि संपन्न कराएंगे। महोत्सव में 150 से अधिक परंपराओं के संत-धर्माचार्य व 50 से अधिक आदिवासी, गिरिवासी, तटवासी, द्वीपवासी व जनजातीय लोगों की उपस्थिति होगी। मंदिर निर्माण से जुड़े 500 से अधिक लोग (इंजीनियर ग्रुप) भी शामिल होंगे।
चंपत राय ने बताया, 22 जनवरी को न्यूनतम विधियों की जरूरत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में दिन के 12:20 बजे प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य अनुष्ठान आरंभ होगा। यह पूजा करीब 40 मिनट तक चलेगी। इसके बाद करीब 75 मिनट पीएम मोदी, सीएम योगी, संघ प्रमुख मोहन भागवत संदेश देंगे। श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास आशीर्वाद देंगे। समारोह के लिए अतिथियों को 10:30 बजे तक रामजन्मभूमि परिसर में प्रवेश करना होगा। मंदिर परिसर में आठ हजार कुर्सियां लगाई जा रही हैं। महोत्सव में देश के विभिन्न राज्यों के 25 वाद्य यंत्रों से रामलला का अभिनंदन किया जाएगा।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का अनुष्ठान मंगलवार से आरंभ हो जाएगा और 21 जनवरी तक चलता रहेगा। रामलला की प्रतिमा 18 जनवरी को गर्भगृह में निर्धारित आसन पर स्थापित कर दी जाएगी। पिछले 70 वर्षों से पूजित वर्तमान प्रतिमा को भी नए मंदिर के गर्भगृह में ही रखा जाएगा। जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का पूरा ब्योरा सार्वजनिक किया।