राजस्थान में आगामी स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रदेश के 309 स्वायत्त शहरी निकायों में निकाय प्रमुख के पदों के आरक्षण की बहुप्रतीक्षित लॉटरी प्रक्रिया जयपुर स्थित स्वायत्त शासन विभाग में शुरू हो गई है। आरक्षण का यह ड्रा महज सीटों के वर्ग निर्धारण की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि रोटेशन पॉलिसी के तहत चुनावी दावेदारों और स्थानीय नेताओं के सियासी समीकरण को प्रभावित करने वाला अहम पड़ाव माना जा रहा है। आरक्षण तय होने के बाद कई निकायों में संभावित उम्मीदवारों की तस्वीर भी साफ होगी।