बजट पेश करते वित्त मंत्री हरपाल चीमा और उनके पास बैठे मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : अजय वर्मा
पंजाब सरकार आज बजट पेश करेगी। यह भगवंत मान सरकार के वर्तमान कार्यकाल का आखिरी बजट है। अगला साल चुनावी होने के कारण हर वर्ग को इस बजट से खासी उम्मीदें हैं। वित्त मंत्री हरपाल चीमा बजट पेश करेंगे।
आठ मार्च रविवार को इंटरनेशनल वुमन डे पर पंजाब सरकार के 2026-27 के अंतिम बजट पर महिलाओं को खासी उम्मीद है। आम आदमी पार्टी (आप) ने 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले महिलाओं को एक हजार रुपए देने का वादा किया था, जिसे सरकार अपने अंतिम बजट में पूरा करने जा रही है। इसलिए सरकार के बजट का महिलाएं बेसब्री से इंतजार कर रही है। इसके अलावा सरकार की अप्रैल 2026 से शुरू होने वाली मेरी रसोई योजना का एलान भी बजट में किया जाएगा। जिसके तहत पंजाब के 40 लाख के करीब गरीब और मध्य वर्गीय परिवारों को 2 किलो चना दाल, 2 किलो चीनी, 1 किलो नमक, 1 लीटर सरसों का तेल और 200 ग्राम हल्दी पाउडर किट दी जाएगी।
बजट में महिलाओं, बेटियों और बहनों के लिए ला रहे बड़ी खुशखबरी- मान
- पंजाब सरकार का बजट आज, अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर मिलेगी पंजाब की महिलाओं को बड़ी सौगात
- पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाई देते हुए कहा, आज बजट में ला रहे हैं महिलाओं बेटियों और बहनों के लिए बहुत बड़ी खुशखबरी
- पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, इंटरनेशनल वुमेंस डे पर अपना 5वां बजट पेश करते हुए गर्व महसूस हो रहा है, जो महिलाओं के एम्पावरमेंट और इनक्लूसिव डेवलपमेंट के लिए हमारे कमिटमेंट को फिर से पक्का करता है।
- पंजाब सरकार का दावा, चुनावी घोषणा पत्र में महिलाओं से जुड़ी आखिरी गारंटी आज बजट के बाद पूरी हो जाएगी
- वित्तमंत्री महिलाओं के लिए करेंगे प्रतिमाह ₹1000 प्रोत्साहन राशि देने का एलान, कुछ महीने की बकाया राशि देने का भी हो सकता है एलान, सियासी विरोधी 4 साल का बकाया 48000 देने की मांग उठा रहे
- इसके अलावा शिक्षा, विकास, स्वास्थ्य, ग्रामीण और औद्योगिक विकास से संबंधित बजटीय प्रावधान भी बढ़ाने की तैयारी
- खेल का बजट भी बढ़ेगा रंगला और बदलता पंजाब मिशन को आगे बढ़ाने के लिए कई नई योजनाओं का भी किया जाएगा एलान
- पंथक एजेंडे को मजबूती देते हुए धार्मिक तीर्थ स्थल के विकास के लिए भी हो सकती है घोषणा
- युद्ध नशेयां विरुद्ध अभियान के तहत युवाओं को स्किल डेवलपमेंट की ओर ले जाने के लिए कौशल विकास कार्यक्रम के अंतर्गत किया जाएगा बजट का प्रावधान
- पंजाब के मंत्रियों ने किया दावा, मान सरकार के इस कार्यकाल का यह अंतिम बजट पंजाब के सभी वर्गों को लाभान्वित करेगा
- बढ़ते कर्ज को संतुलित और नियंत्रित कर
- सूबे की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना पंजाब सरकार के लिए बड़ी चुनौती
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने दी महिला दिवस की बधाई
पंजाब विधानसभा में बजट को लेकर तैयारियां।
- फोटो : अजय वर्मा
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा आज राज्य का बजट पेश करेंगे। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री ने अपनी मां का आशीर्वाद लिया। हरपाल चीमा ने कहा कि सबसे पहले, इंटरनेशनल वुमन डे पर, मैं आम आदमी पार्टी की तरफ से अपनी सभी माताओं, बहनों और बच्चों को बधाई देता हूं। आज महिला दिवस पर पंजाब का जो ऐतिहासिक बजट पेश हो रहा है, वह महिलाओं के लिए बहुत बड़ा सम्मान है। आज तक किसी भी पार्टी, किसी भी सरकार ने महिला दिवस पर बजट पेश नहीं किया है। पिछले चार वर्षों से लगातार पंजाब सरकार ने हर वर्ग के लिए काम किया है।
2,60,437 करोड़ रुपये का बजट पेश
महिला विधायकों के साथ वित्त मंत्री हरपाल चीमा।
- फोटो : अजय वर्मा
वित्त मंत्री हरपाल चीमा विधानसभा में बजट पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 2,60,437 करोड़ रुपये के बजट व्यय का प्रस्ताव रखता हूँ। प्रभावी राजस्व घाटा जीएसडीपी का 2.06 प्रतिशत और राजकोषीय घाटा जीएसडीपी का 4.08 प्रतिशत अनुमानित है। पंजाब में शिक्षा सुधार का किया गया वायदा अब संरचनात्मक बदलाव की ओर बढ़ गया है। पिछले चार वर्षों में, हमने बुनियादी ढांचे के उन्नयन, आधारभूत शिक्षा को मजबूत करने और सरकारी स्कूल प्रणाली के भीतर उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में, यह सुधार यात्रा अपने अगले चरण में प्रवेश कर रही है, अर्थात विस्तार के साथ मज़बूती। मैं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षा क्षेत्र में ₹19,279 करोड़ के बजटीय परिव्यय का प्रस्ताव रखता हूं, जो वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में 7% की वृद्धि है।
राष्ट्रीय नेतृत्व हासिल करने के बाद, अब हम पंजाब की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक मानकों के लिए तैयार कर रहे हैं। एक निर्णायक उपलब्धि के रूप में, पंजाब सरकार ने अगले 6 वर्षों में 3500 करोड़ रुपये के आवंटन से हमारी शिक्षा प्रणाली को बदलने के लिए सिक्खिया क्रांति 2.0 पहल शुरू की है।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए गरिमा, सुरक्षा और मजबूत बुनियादी ढांचा आवश्यक है। लगभग 20,000 सरकारी स्कूलों में, हमने बुनियादी और उन्नत दोनों मानकों को सुनिश्चित किया है। आज, 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी है। 10,095 शौचालयों का निर्माण किया गया है। एक लाख से अधिक नए डेस्क की खरीद से यह सुनिश्चित हुआ है कि कोई भी बच्चा फर्श पर न बैठे। 8,286 सफाई कर्मचारी स्कूलों में दैनिक सफाई सुनिश्चित कर रहे हैं। 3,000 से अधिक सुरक्षा कर्मी स्कूल परिसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। 1,798 कैंपस मैनेजर स्कूल प्रशासन में सहायता कर रहे हैं। बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए लगभग 6,200 कक्षाओं का नवनिर्माण किया गया है और 4,700 का जीर्णोद्धार किया गया है। इस वर्ष, स्कूल के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए 690 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस वर्ष का फोकस बड़े पैमाने पर सफेदी और सौंदर्यार्दीकरण अभियान होगा, ताकि हर सरकारी स्कूल गर्व, स्वच्छता और आकांक्षा को प्रतिबिंबित करे।
करियर परामर्श पोर्टल शुरू करेंगे
बजट सत्र के लिए सदन में जाते मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : अजय वर्मा
शिक्षा का लक्ष्य सार्थक भविष्य की ओर ले जाना होना चाहिए। हम कक्षा 9वीं से 12वीं तक के लगभग 7.35 लाख छात्रों को कवर करने वाले एक राज्यव्यापी करियर परामर्श ढांचे को संस्थागत रूप दे रहे हैं। हम अपने बच्चों को नौकरियों और उच्च शिक्षा के निर्णयों के बारे में अधिक जागरूक बनाने के लिए करियर परामर्श पोर्टल शुरू करेंगे।
चीमा ने कहा कि मुझे इस प्रतिष्ठित सदन को यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि सरकार ने श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के पवित्र नाम से एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति दी है।
पंजाब के लोगों को प्रदान किया जा रहा यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज
बजट पढ़ते वित्त मंत्री हरपाल चीमा।
- फोटो : अजय वर्मा
सरकार ने राज्य के इतिहास में सबसे व्यापक स्वास्थ्य क्षेत्र सुधारों में से एक, 'मुख्यमंत्री सेहत योजना' शुरू की है, जिसके तहत पंजाब के लोगों को यूनिवर्सल हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज प्रदान किया जा रहा है। इस योजना के तहत, पंजाब का हर परिवार 900 से अधिक सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का हकदार है। सरलीकृत प्रक्रियाओं और सेहत कार्ड जारी करने मे, उपचार तक पहुंच सहज और पारदर्शी बना दी गई है। वित्त वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव है, यह योजना लगभग 65 लाख परिवारों को लाभान्वित करने और राज्य भर के परिवारों पर गंभीर चिकित्सा उपचार के वित्तीय बोझ को काफी कम करने वाली है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य भर में 143 और क्लीनिक स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त, 308 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को आम आदमी क्लीनिक में अपग्रेड किया जाएगा ताकि कवरेज का विस्तार हो सके और सेवा वितरण में सुधार हो सके, जिससे भगवंत मान सरकार द्वारा पांच वर्षों में स्थापित किए जाने वाले आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,432 हो जाएगी। ये कदम पूरे राज्य में पंजाब के समुदाय-आधारित प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल नेटवर्क को मजबूत करेंगे। मैं इस उद्देश्य के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 351 करोड़ रुपये के आवंटन का प्रस्ताव रखा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 6,879 करोड़ के बजटीय परिव्यय का प्रस्ताव करता हूं, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का विस्तार करने और पंजाब के प्रत्येक नागरिक के लिए सुलभ, किफायती और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं सुनिश्चित करने की हमारी प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान क्षेत्र के लिए 1220 करोड़ रुपये का बजट
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान क्षेत्र के लिए 1220 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है।
टिकाऊ फसल पैटर्न को बढ़ावा देने के अपने निरंतर प्रयास के हिस्से के रूप में, छह जिलों - पठानकोट, गुरदासपुर, बठिंडा, संगरूर, जालंधर और कपूरथला में धान से खरीफ मक्का की ओर रुख करने को प्रोत्साहित करने वाली एक पायलट परियोजना लागू की गई है, जिसमें 17,500 रुपये प्रति हेक्टेयर का प्रोत्साहन दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस उद्देश्य के लिए 15 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
पराली प्रबंधन के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में 600 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है। किसान समुदाय के प्रति अपनी दृढ प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, निःशुल्क और सब्सिडी वाली बिजली के प्रावधान के लिए, कृषि के लिए विजली सब्सिडी के लिए 7,715 करोड़ का आवंटन किया गया है।
बागवानी परिवर्तन को गति देने के लिए, राज्य जेआईसीए (JICA) के सहयोग ने अगले 10 वर्षों में कुल 1,300 करोड़ रुपये की लागत से एक केंद्रित कार्यक्रम लागू करेगा , ताकि पूरे पंजाब में जलवायु-लचीला और उच्च-मूल्य वाली वागवानी को बढ़ावा दिया जा सके। मुझे पंजाब में इस परिवर्तनकारी पहल की शुरुआत की घोषणा करते हुए अत्यधिक गर्व हो रहा है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2035 तक फलों, सब्जियों, फूलों और औषधीय फसलों के अंतर्गत क्षेत्रफल को 4.59 लाख हेक्टेयर से बढ़ाकर 17.34 लाख हेक्टेयर करना है, जो लगभग 300% की वृद्धि है। साथ ही, इसके तहत कुशल सिंचाई, एकीकृत कीट प्रबंधन और जैविक खेती जैसी टिकाऊ पद्धतियों को भी मजबूत किया जाएगा। यह परियोजना इस क्षेत्र में अत्यंत आवश्यक पूंजी लाएगी और नवीनतम बीजों, नर्सरी, अनुसंधान, अत्याधुनिक शामिल है।
4,150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का प्रस्ताव
वित्त वर्ष 2026-27 में, पनकम्पा (PUNCAMPA) योजना के तहत 4,150 हेक्टेयर क्षेत्र में पौधारोपण का प्रस्ताव है। साथ ही स्वीकृत योजनाओं के तहत वनरोपण और वन्यजीव संरक्षण पहल की जाएगी, जिसके लिए 238 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
इसके अतिरिक्त, राज्य 760 करोड़ रुपये की जेआईसीए-समर्थित परियोजना शुरू कर रहा है, जिसे अगले आठ वर्षों में लागू किया जाना है। इस परियोजना का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से वनों के बाहर वृक्षारोपण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु लचीलापन को बढ़ावा देना है, जिससे पंजाब की दीर्घकालिक पर्यावरणीय स्थिरता मजबूत होगी।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकार मंडी बोर्ड और लोक निर्माण विभाग के माध्यम से शेष 19,876 किलोमीटर ग्रामीण सड़कों को पांच वर्षीय रखरखाव सहित ₹7,606 करोड़ की अनुमानित लागत पर पूरा करने का प्रस्ताव रखती है।
महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) ने ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका सुरक्षा को मजबूत करने और हमारे गांवों में टिकाऊ परिसंपत्ति निर्माण का समर्थन करने में एक मार्थक भूमिका निभाई है। जहां राष्ट्रीय स्तर पर कुछ बदलाव पेश किए गए हैं, हमारा मानना है कि योजना को अपनी मूल भावना और व्यापक ढांचे में जारी रहना चाहिए ताकि ग्रामीण मजदूरों के हित सुरक्षित रहें और सबसे कमजोर वर्गों के लिए मजदूरी रोजगार सहायता कमजोर न पड़े।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में पीएमएवाई (ग्रामीण) के तहत एक लाख और घरों को कवर करने का प्रस्ताव रखती है, जिसके लिए 800 करोड़ रुपये का आवंटन निर्धारित किया गया है।
नगर विकास कोष में अनुदान को 1,000 करोड़ रुपये किया
रंगला पंजाब विकास योजना से दोगुना करके 1170 करोड़ रुपये किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर विकास को गति दी जा सके। पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, राज्य के कोष से कार्यान्वयन एजेंसी तक धनराशि की रीयल टाईम ट्रैकिंग के लिए एक समर्पित डिजिटल पोर्टल चालू किया गया है, जिसमें कार्यों की जियो-टैग की गई निगरानी और फोटोग्राफिक दस्तावेजीकरण शामिल है।
वित्त वर्ष 2025-26 में नगर विकास कोष (एमडीएफ) के तहत 225 करोड़ रुपये के आवंटन की तुलना में, वित्त वर्ष 2026-27 में इस अनुदान को चार गुना बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये किया जा रहा है। एमडीएफ सभी शहरी स्थानीय निकायों के लिए आवश्यक नागरिक अवसंरचना जैसे सड़कें, स्ट्रीट लाइटिंग, जल आपूर्ति, सीवरेज, जल निकासी, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता, सार्वजनिक उपयोगिताएँ, सार्वजनिक सुरक्षा प्रणाली और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ अवसंरचना के निर्माण शामिल हैं।
उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली के लिए 500 करोड़ रुपये
पंजाब की औद्योगिक गति को सुदृढ़ करने के लिए, वित्त वर्ष 2026-27 में उद्योग एवं वाणिज्य क्षेत्र के लिए 2,805 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसमें उद्योगों को सब्सिडी वाली बिजली के लिए निरंतर सहायता और विभिन्न उद्योगों के लिए निवेश एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए 500 करोड़ रुपये की वित्तीय प्रोत्साहन राशि शामिल है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।
युद्ध नशे विरुद्ध एंड एंटी गैंगस्टर टेस्ट फोर्स के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन
वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रवेश परीक्षाओं और एसएराबी तैयारी के लिए समर्पित विंग के साथ प्रशिक्षण शुरू कर देगा, जिससे रक्षा सेवाओं में शामिल होने के लिए पंजाब के युवाओं के लिए संरचित मार्गों का और विस्तार होगा। विभिन्न पहलों को आगे बढ़ाने के लिए, वित्तीय वर्ष 2026-27 में 287 करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन किया गया है।
पिछले बजट में घोषणा के अनुसार, राज्य ने नशा और सामाजिक-आर्थिक जनगणना पहल पर निर्णायक रूप से आगे बढ़त हासिल की है। चालू वर्ष के दौरान, आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं, जिसमें सटीकता, पारदर्शिता और डेटा अखंडता सुनिश्चित करने के लिए एक समर्पित सॉफ्टवेयर प्लेटफॉर्म का विकास और क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं का व्यापक प्रशिक्षण शामिल है। इस तैयारी के आधार पर, जनगणना अप्रैल-2026 से शुरू की जाएगी, जिससे सरकार विश्वसनीय, साक्ष्य-आधारित आंकड़े तैयार कर सकेगी, जो लक्षित कल्याणकारी हस्तक्षेपों का मार्गदर्शन करेंगे।
युद्ध नशे विरुद्ध एंड एंटी गैंगस्टर टेस्ट फोर्स के लिए वित्त वर्ष 2026-27 में इस महत्वपूर्ण पहल के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 100 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।
खेलों के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट
प्रत्येक पूर्ण हो चुके गांव के खेल मैदान में, हमारी सरकार स्थानीय युवा क्लब को एक खेल किट प्रदान करेगी जिसमें क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल के उपकरण शामिल होंगे। ग्रामीण खेलों को बढ़ावा देने के अलावा, पहाड़ी क्षेत्रों में एडवेंचर स्पोर्ट्स शिविर पीपीपी मोड पर विकसित किए जाएंगे, जिससे पेशेवर और टिकाऊ प्रबंधन सुनिश्चित करते हुए एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए संरचित अवसरों का विस्तार होगा। इस व्यापक दृष्टिकोण और हस्तक्षेप के पैमाने को दर्शाते हुए वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,791 करोड़ रुपये के बजट आवंटन का प्रस्ताव है।
तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना शुरू की है, ताकि दो सर्किटों में बंटे- श्री अमृतसर साहिब और श्री आनंदपुर साहिब के प्रमुख धार्मिक स्थलों की मुफ्त और पूर्ण रूप से सहायता प्राप्त तीर्थयात्रा प्रदान की जा सके। वित्तीय वर्ष 2026-27 में, लगभग 7.15 लाख नागरिकों की तीर्थयात्रा की सुविधा के लिए 312 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्री गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती को राजकीय समारोह के रूप में मनाने का निर्णय लिया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगेंगे
गृह मामले, न्याय और जेल विभाग के लिए 11.577 करोड़ रुपये का बजट अनुमान प्रस्तावित किया गया है, जो संस्थागत क्षमता, तकनीकी क्षमता और परिचालन तत्परता को मजबूत करने की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निरंतर सतर्कता की आवश्यकता है। सीमावर्ती जिलों में 636 मामरिक स्थानों पर 2,367 सीसीटीवी कैमरे लगाकर रक्षा की दूसरी पंक्ति स्थापित करना, प्रौद्योगिकी-समर्थित निगरानी की दिशा में एक निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। 1,719 कैमरे पहले ही स्थापित किए जा चुके हैं और संबंधित पुलिस स्टेशनों में नियंत्रण कक्ष चालू हो गए हैं, जिससे 24 घंटे निगरानी ने मादक पदार्थों की तस्करी और राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों पर अंकुश लगाने के प्रयासों को काफी मजबूत किया है।
सरकार न केवल राज्य भर में सड़क और पुल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए, बल्कि मौजूदा परिसंपत्तियों के व्यवस्थित रखरखाव को सुनिश्चित करने के लिए भी दृढ़ता से प्रतिबद्ध है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक भवनों के निर्माण, उन्नयन और रखरखाव के लिए आवंटन को वित्तीय वर्ष 2025-26 (बजट अनुमान) की तुलना में दोगुना करके 5,440 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
भूजल संरक्षण के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजट
सरकार ने सतही जल के उपयोग को बढ़ाने और भूजल संरक्षण के दोहरे उद्देश्य से नहरी सिंचाई के अंतर्गत सिंचित क्षेत्र (कमांड एरिया) का और विस्तार करने की योजना बनाई है। सिंचाई क्षेत्र को लगभग पाँच लाख हेक्टेयर तक बहाल करने की उम्मीद के साथ, पाइपलाइनों और ईंट-निर्मित जलमागों के निर्माण के माध्यम से अंतिम-छोर कनेक्टिविटी को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस क्षेत्र के लिए 2,971 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है।
1,279 नई बसें चलाई जाएंगी
महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा योजना के अलावा, हमारी सरकार राज्य में मार्वजनिक परिवहन की पहुंच को और बढ़ाने पर भी विचार कर रही है, विशेष रूप से अविकसित क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर। वर्तमान में 2,267 बसें परिचालन में हैं और सरकार खरीद और पट्टे के सुमेल के माध्यम से मौजूदा बेड़े में 1,279 नई बसें जोड़ेगी। कुछ नई बसें पहले से ही चालू हैं और शेष नवंबर 2026 तक चालू हो जाएंगी। महिलाओं के मुफ्त बस सफर योजना के लिए 600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
लोगों की एक लंबे समय से मांग रही है कि नए राशन कार्डों के लिए पंजीकरण खोला जाए ताकि इस राज्य में, जो पूरे देश का पेट भरता है, पंजाब का कोई भी गरीब परिवार कभी भी अपनी थाली में पर्याप्त भोजन की चिंता न करे। हम आगामी वर्ष में 10 लाख नए लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा के द्वार खोलेंगे, उनका स्वागत करेंगे जो लंबे समय से अपने अधिकारपूर्ण समावेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यह समानता की विजय है, यह सुनिश्चित करना कि हमारे राज्य की प्रगति के लाभहमारे बीच के जरूरतमंद लोगों तक भी पहुंचे।
राज्य के लगभग 7,500 निवासियों को उचित मूल्य की दुकानें / राशन डिपो चलाने के लिए लाइसेंस जारी किए जाएंगे, जिससे राज्य में स्मार्ट कार्ड राशन योजना के तहत पंजीकृत लाभार्थियों को गेहूं के तेजी से वितरण में भी मदद मिलेगी।
महिलाओं के लिए मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना
वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि महिलाओं को प्रति माह 1000 रुपये मिलेंगे। मुख्यमंत्री मावां- धीयां सत्कार योजना के कार्यान्वयन की घोषणा की गई है। योजना के तहत भगवंत मान सरकार सभी वयस्क महिलाओं के बैंक खाते में सीधे 1,000 रुपये प्रति माह हस्तांतरित करेगी। इसके अलावा, अनुसूचित जाति समुदाय की महिलाओं के खाते में सीधे 1,500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला इस योजना के तहत पंजीकरण के लिए पात्र होगी। मौजूदा या पूर्व स्थायी सरकारी कर्मचारी, मौजूदा और पूर्व सांसद/विधायक और आयकर दाता इस योजना में शामिल नहीं होंगी। यहां तक कि मौजूदा सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं, जैसे वृद्धावस्था पेंशन या विधवा/निराश्रित महिला पेंशन या विकलांगता पेंशन योजना के तहत पंजीकृत महिलाएं भी इस योजना के तहत पात्र होंगी। कुल मिलाकर, पंजाब की लगभग 97% वयस्क महिलाएं इस योजना के तहत पात्र होंगी। इसके लिए 9300 करोड़ बजट का प्रावधान किया गया है।