वाणिका चौधरी जीसीजी 42 की नई प्रधान बनी।
पीयू छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के अंकित सबसे आगे चल रहे हैं। एनएसयूआई दूसरे और एएसएपी तीसरे नंबर पर है।
गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज फॉर वूमेन, सेक्टर-26 में आस्था पंवार को अध्यक्ष, आरती जसवाल को उपाध्यक्ष, शाव्या सूद को सचिव और नंदिनी को संयुक्त सचिव निर्वाचित किया गया। प्राचार्या डॉ. जितेंद्र कौर ने सभी विजयी प्रत्याशियों को बधाई दी।
पोस्ट ग्रेजुएट गवर्नमेंट कॉलेज, सेक्टर-46 में छात्र परिषद में बीए द्वितीय के परमिंदर सिंह निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किए गए। बीए प्रथम वर्ष के करणप्रीत सिंह सचिव चुने गए। चुनाव में 25.24 प्रतिशत मतदान हुआ। प्रधानाचार्या प्रो. (डॉ.) निशा अग्रवाल ने नव निर्वाचित प्रतिनिधियों को बधाई दी।
मेहर चंद महाजन डीएवी कॉलेज फॉर वूमेन, सेक्टर-36ए में छात्र परिषद चुनाव में खड़े तीनों उम्मीदवार निर्विरोध चुन लिए गए हैं। अध्यक्ष पद के लिए बीए तृतीय वर्ष की छात्रा गुरलीन कौर, उपाध्यक्ष पद के लिए बीबीए (बीएफएसआई) द्वितीय वर्ष की छात्रा मन्नत और सचिव पद के लिए बीकॉम द्वितीय वर्ष की छात्रा सरगम पसरीचा का चुनाव हुआ है।
देव समाज कॉलेज फॉर विमेन में छात्र संघ चुनाव में प्रधान पद पर परनीत कौर और सचिव पद के लिए अंशिका निर्विरोध चुनी गई है। उप प्रधान दित्या गुप्ता और संयुक्त सचिव प्रिंसेस चुनी गई हैं।सेक्टर 26 खालसा कॉलेज में सीएसएफ के नवजोत सिंह अध्यक्ष चुने गए हैं।
वोटों की गिनती शुरू हो गई है।
सेक्टर 45 का देव समाज कॉलेज में उपाध्यक्ष और संयुक्त सचिव के लिए वोटिंग हो रही है। प्रधान पहले ही निर्विरोध चुनी गई हैं । अब तक 30 प्रतिशत मतदान हुआ है। सेक्टर 50 के कॉमर्स कॉलेज में सभी पदों के लिए निर्विरोध चुनाव हुए हैं।
यूआईएलएस विभाग के बाहर 10:15 बजे गेट बंद कर दिया गया है। विद्यार्थियों को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा। विद्यार्थियों और पुलिस के बीच बहस चल रही है। पार्टियों के समर्थक अपने-अपने जानकार प्रोफेसर को फोन करके प्रवेश करवाने की रिक्वेस्ट कर रहे हैं।
अध्यक्ष पद के उम्मीदवार आदिल बराड़ को यूआईएलएस डिपार्टमेंट में पुलिस ने गेट से दूर किया। उनके पास आईकार्ड था लेकिन हर आने वाले विद्यार्थी से वोट मांग रहे थे।
यूआईएलएस विभाग में धनास से विद्यार्थी आर्यन अपनी फीस जमा करवाने आया था आर्यन ने बताया कि आज उसकी फीस सबमिट करने का आखिरी दिन है। वेबसाइट पर जो फीस दिख रही है वह गलत दिखा रही है उसकी कलेक्शन के लिए वह डिपार्टमेंट पहुंचे थे लेकिन उन्हें गेट से अंदर इंट्री नहीं मिली।
छात्र परिषद चुनाव से पहले रविवार शाम एबीवीपी और सोई ने गठबंधन कर लिया। दोनों संगठनों के साथ आने की चर्चा पिछले कुछ समय से कैंपस में चल रही थी, लेकिन औपचारिक गठबंधन के बाद चुनावी समीकरण तेजी से बदलने की चर्चा शुरू हो गई है। गठबंधन से एबीवीपी को चुनावी मैदान में मजबूती मिलने के साथ मुकाबला और कड़ा होने की संभावना जताई जा रही है।
राजनीतिक जानकार इस गठजोड़ को छात्र राजनीति से आगे पंजाब की सियासत के नजरिए से भी महत्वपूर्ण मान रहे हैं। छात्र संगठनों की गतिविधियां लंबे समय से बड़े राजनीतिक दलों की रणनीति और युवाओं तक पहुंच से जुड़ी रही हैं। ऐसे में एबीवीपी और सोई का साथ आना आगामी विधानसभा चुनाव के राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।
गठबंधन के बाद दोनों संगठनों के कार्यकर्ता और समर्थक संयुक्त रूप से चुनाव प्रचार करेंगे। इससे अन्य छात्र संगठनों के सामने चुनौती बढ़ सकती है। कैंपस में इस गठबंधन को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई हैं।
हालांकि गठबंधन का वास्तविक प्रभाव चुनाव परिणाम आने के बाद ही स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल पीयू छात्र परिषद चुनाव में मुकाबला पहले से अधिक रोचक हो गया है। साथ ही युवा राजनीति के बदलते रुझानों को लेकर भी इस गठजोड़ पर नजरें टिक गई हैं।
उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई से आकांक्षा ठाकुर, आईसा से अरमान सिंह, पीयूडीएफ से अरमान सिंह भिंडर, साखी से मनमीत कौर और आईएसओ से विपुल भादू मैदान में हैं। सचिव पद के लिए आर्यन सहारन, ध्यान सिंह और मुस्कान चौहान के बीच मुकाबला होगा। संयुक्त सचिव पद के लिए आमीन कौर, देवराज सिंह नैन, राम चंदर सिंह और विशाल बमल चुनाव लड़ रहे हैं।
एसैप के आदिल बराड़ अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। उनके समर्थकों ने हॉस्टल और विभागों में व्यक्तिगत संपर्क के साथ सोशल मीडिया के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की। एबीवीपी के अंकित बिढान ने भी आखिरी दौर में छात्र संपर्क तेज रखा। विभागों और छात्र समूहों में नेटवर्क के जरिए समर्थन जुटाने पर जोर रहा। एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू ने भी युवा वोटरों और व्यक्तिगत नेटवर्क को साधने में पूरी ताकत लगाई। सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार अभियान को धार दी गई। सत्थ के दर्शप्रीत सिंह के समर्थक कैंपस के अलग-अलग विभागों में सक्रिय रहे। बड़े मतदाता आधार वाले विभागों पर खास फोकस किया गया।
विश्वविद्यालय में मतदान के लिए 191 बूथ प्रस्तावित किए गए हैं। काउंटिंग पीयू के जिम्नेजियम हाॅल में होगी। रिजल्ट शाम को ही आ जाएगा।
चंडीगढ़ सेक्टर 26 स्थित खालसा कॉलेज में होने वाले छात्र संघ चुनाव को लेकर सुबह 8:30 बजे से ही कैंपस के आसपास छात्रों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया। पुलिस ने शांतिपूर्ण मतदान करने को लेकर एहतियात के तौर पर खालसा कॉलेज लाइट प्वाइंट से सेक्रेड इस हार्ड स्कूल तक की सड़क के दोनों और साइकिल ट्रैक और फुटपाथ पर आम दिना में पार्क होने वालों वाहनों को पूरी तरह से हटा रखा है। इसके साथ ही बस स्टॉप पर केवल उन्हीं छात्राओं को बैठने दिया जा रहा है, जिन्हें कहीं जाना है।
कॉलेज कैंपस के सामने छात्रों के खड़े होने पर पुलिस की ओर से लगाई गई पाबंदी के बाद प्रत्याशियों के समर्थक कॉलेज से कुछ दूर पर एकत्र होने लगे हैं। सेक्टर 26 खालसा कॉलेज से चुनाव लड़ रहे प्रत्याशी और उनके समर्थक के अलग-अलग झुंड सेक्टर-7 सीपीडब्ल्यूडी कॉलोनी और सेक्टर 26 स्थित बटरफ्लाई गार्डन के आसपास एकत्र होने लगे। हालांकि सेक्टर 26 थाना की ओर से इन स्थानों पर भी पुलिस मुलाजिमों की तैनाती है।
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है। अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। एसैप के आदिल बराड़, एबीवीपी के अंकित बिढान, सत्थ के दर्शप्रीत सिंह और एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू मैदान में हैं।