गेर दोपहर में राजवाड़ा पर आएगी, लेकिन सुबह से रास्ते रोकने से लोग हुए परेशान
गेर के रंगों से भगवान कृष्ण सुरक्षित रहे, इसलिए मंदिरों को ढक दिया गया
बृज की होली और मथुरा वृंदावन में लठमार होली से हर कोई परिचित है। भगवान कृष्ण के मंदिरों में रंगोत्सव एक माह तक चलता है। राजवाड़ा के समीप भी तीन कृष्णा मंदिर हैं। जिसमें पहला बांके बिहारी का मंदिर, दूसरा गोपाल मंदिर और तीसरा यशोदा माता मंदिर है। रंग पंचमी की अवसर पर निकाले जाने वाली गेरों के रंगों से भगवान कृष्ण सुरक्षित रहे हैं, इसलिए कृष्ण के मंदिरों को भी ढक दिया गया है।
प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर को भी पूर्ण रूप से ढका गया ताकि रंगों से महालक्ष्मी मंदिर बचा
दिन में होली का रंग, शाम को क्रिकेट का संग
आज दिन में होली और संध्या को क्रिकेट मैच है, जिसमें भारत और न्यूजीलैंड का मुकाबला है। यदि भारत विजयी होता है तो राजबाड़े पर रात्रि में दीपावली का नजारा भी देखने को मिल सकता है।
संगम कॉर्नर से निकलेगी सृजन संस्था की 76वीं पारंपरिक गेर
रंगपंचमी के अवसर पर शहर में विभिन्न सामाजिक संस्थाओं की पारंपरिक गेर निकाली जाएगी। संगम कॉर्नर से संस्था सृजन के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल, संयोजक महेश दलोद्रा, गोविंद गोयल और तनुजा खंडेलवाल के नेतृत्व में गेर निकलेगी। इस वर्ष गेर का 76वां वर्ष है। आयोजन में बरसाना की प्रसिद्ध लट्ठमार होली का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
राधाकृष्ण फागयात्रा: गौड़ परिवार ने की शुरुआत
नरसिंह बाजार और लोधीपुरा से राधाकृष्ण फाग यात्रा निकलेगी। इसकी शुरुआत नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर में पूजन से होगी। 1998 में इसकी शुरुआत पूर्व मंत्री व क्षेत्र के विधायक स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ ने की थी। अब यह परंपरा उनकी पत्नी विधायक मालिनी गौड़ के मार्गदर्शन में उनके पुत्र और हिंद रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य लक्ष्मण सिंह गौड़ निभा रहे हैं। इस साल इस गेर का 28वां वर्ष है। एकलव्य लक्ष्मणसिंह गौड़ ने बताया कि इस वर्ष यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है, जिसमें महाकाल विराजमान रहेंगे।
मॉरल क्लब की गेर
इस गेर के संयोजक अभिमन्यु मिश्रा के अनुसार गेर में 15 ब्लोअर मशीनें, 6 डीजे गाड़ियां, एक बड़ी बोरिंग मशीन और 6 ट्रैक्टर-ट्रॉलियां शामिल होंगी। इनसे रंग गुलाल उड़ाया जाएगा। दो बड़े टैंकरों से पानी की छह मिसाइलें चलेंगी। ये 40 फीट तक रंगीन पानी की बौछार करेगी। गेर के जरिए हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा।
नगर निगम की गेर का तीसरा साल
इंदौर नगर निगम भी शहर की परंपराओं को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाता है। गणेश विसर्जन चल समारोह पर अनंत चतुर्दशी के दिन झांकी के बाद गत दो वर्षों से निगम ने गेर भी निकालना शुरू किया है। इस बार तीसरा साल है। आज निकलने वाली गेर में ऑपरेशन सिंदूर की झलक देखने को मिलेगी। नगर निगम ने एक टैंक तैयार किया है, इसी टैंक से गुलाल-पानी उड़ाया जाएगा। महापौर पुष्यमित्र भार्गव के अनुसार इस बार गेर में सैनिकों के शौर्य और पराक्रम को दिखाया जाएगा। ऑपरेशन सिंदूर की झलक दिखाते हुए टैंक से रंग वर्षा होगी।
रसिया कॉर्नर की गेर नहीं निकलेगी
राजमोहल्ला से निकलने वाली रसिया कॉर्नर की गेर आज नहीं निकलेगी। यह गेर पिछले 52 साल से निकल रही है। इसके आयोजक राजपाल जोशी का स्वास्थ्य खराब होने के कारण इस बार गेर निरस्त कर दी गई है।
गेर मार्ग पर कड़ी सुरक्षा, 500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात
गेर के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए गेर मार्ग से लेकर आसपास की इमारतों तक पुलिस बल तैनात रहेगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत गेर मार्ग पर 500 से अधिक पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं राजवाड़ा पर दंगा नियंत्रक वाहन ‘वज्र’ भी तैनात किया गया है।
गेर से पहले पोहे-कचोरी की दुकानों पर उमड़ी भीड़
इंदौर के लोग पोहे-कचोरी खाने का कोई भी मौका नहीं छोड़ते। भले ही गेर सुबह 10 बजे के बाद निकलेगी, लेकिन शहर में पोहा-कचोरी और जलेबी की दुकानों पर अभी से अच्छी-खासी भीड़ नजर आ रही है।
राजवाड़ा का माहौल
ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर निगम ने बनाया 15 फीट लंबा टैंक
नगर निगम गेर में नया आकर्षण जोड़ने जा रहा है। ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर निगम के वर्कशॉप में विशेष 'युद्धक टैंक' तैयार किया है। 15 फीट लंबा और 7 फीट चौड़ा यह टैंक निगम के कबाड़ से तैयार किया गया है। करीब 10 लोगों की टीम ने इसे बनाया है। यह टैंक गेर के दौरान लगभग 100 फीट की ऊंचाई तक रंग फेंक सकेगा और इस बार के रंगोत्सव में विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
अस्थाई जेल भी बनाई गई है
गेर में कई बार असामाजिक तत्व पत्थर फेंकेते है या एक दूसरे पर चप्पल-जूते फेंकते है। इससे निपटने के लिए सादी वर्दी मेें पुलिस जवान गेर में शामिल रहेंगे। वे गेर में कानून हाथ में लेने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखेंगे और पकड़े जाने पर उन्हें जेल की हवा भी खाना पड़ेगी। राजवाड़ा पुलिस चौकी और एमजी रोड थाने पर अस्थाई जेल बनाई गई है।
ठंडाई की दुकानों को भी सजाया गया
गेर मार्ग पर आने वाली ठंडाई की दुकानों को भी सजाया गया है। गेर देखने आने वाले लोग ठंडाई का लुफ्त भी लेते है।
बच्चे आकर्षक रंगों में नजर आए
रंगों से बचने के लिए चश्मे की दुकानों पर भी लगने लगी है भीड़
टोरी कॉर्नर से निकली मारल क्लब की गेर
मारल क्लब की गेर
करीब साढ़े 10 बजे टोरी कॉर्नर की गेर से गेर की शुरुआत हुई। इस गेर में बड़ी संख्या में लोग शामिल हैं। यह गेर लोगों पर रंग-गुलाल उड़ाते हुए आगे बढ़ी। टैंकरों से पानी व रंगों की जमकर बौछार हुई। कुछ ही देर में यह गेर गोराकुंड चौराहे पर पहुंच गई।
राजवाड़ा पर जुटने लगे लोग
गेर शुरू होने के पहले ही राजवाड़ा पर बड़ी संख्या में लोग जुटने लगे थे। कई युवक रंगों में पुते नजर आए। किसी ने पूरे शरीर को अलग अलग रंगों से पुतवा रखा था तो किसी ने अपने बालों पीले और गुलाबी रंगों से रंगवा लिया था। लोग उन्हें निहारते रहे।
छतों से गेर देखते लोग
राजवाड़ा पहुंची पहली गेर
रंगीन हुआ समां
जैसे ही गेरों का सिलसिला टोरी कॉर्नर से राजवाड़ा की ओर आगे बढ़ा पूरे इलाके में रंगों के बादल उमड़ने लगे। रंग और गुलाल से क्षेत्र सतरंगी हो गया। वहां मौजूद कोई शख्स रंगों और पानी से भीगे बिना नहीं रह सका।
गेर में शामिल लोग मास्क पहने हुए
पानी की बौछारों और रंगों से सतरंगी आसमान
राजवाड़ा पहुंची टोरी कॉर्नर की गेर
पहली गेर टोरी कॉर्नर की निकली, वह करीब सवा 11 बजे राजवाड़ा पहुंच गई थी। गेर में सैकड़ों लोग शामिल हैं। राजवाड़ा पर ढोलों और ताशों की थाप पर युवा थिरकते नजर आए।
100 रुपये के टिकट लेकर देख रहे गेर
गोराकुंड के समीप तीन इमारतों की छतों से भी गेर देखने की प्रशासन ने सशुल्क व्यवस्था की है। यहां 100 रुपये का टिकट लेकर लोग गेर देख रहे हैं। करीब 150 लोगों की यहां व्यवस्था है और 100 से ज्यादा टिकट बिक चुके हैं। यहां बालाजी टावर, पृथ्वी लोक भवन व एक अन्य इमारत पर गेर देखने के इंतजाम किए गए हैं।
सतरंगी हुआ आसमां
टोरी कॉर्नर से आरंभ हुई गेरों में प्रतिवर्ष की अपेक्षा इस बार भीड़ कम
टोरी कॉर्नर से आरंभ हुई गेरों में प्रतिवर्ष की अपेक्षा इस बार भीड़ कम थी। राजवाड़ा से जरूर रहती है पर गौरकुण्ड चौराहे से गियर में भीड़ बढ़ती गई।
मॉरल क्लब की गेर राजबाड़ा पहुंची
मॉरल क्लब की गेर ने बनाया माहौल
टोरी कॉर्नर की गेर में भीड़ कम नजर आ रही थी, लेकिन मॉरल क्लब की गेर में खूब भीड़ आई। इस गेर ने रंगपंचमी का माहौल बना दिया। इसके बाद भीड़ लगातार बढ़ती चली गई। यह गेर जब राजवाड़ा पहुंची तो रंगीन जनसैलाब नजर आया।
रंगों में सराबोर हुए लोग
राजवाड़ा पर वाहन प्रतिबंधित
गेर को देखते हुए राजवाड़ा और आसपास के इलाकों में वाहन प्रतिबंधित कर दिए गए है। कृष्णपुरा ब्रिज पर बेरिकेड लगा दिए गए। वाहन चालक संजय सेतू से जवाहर मार्ग होते हुए पश्चिमी क्षेत्र की तरफ जा रहे है। राजवाड़ा से जुड़ी गलियों में भी बेरिकेड लगाए गए है, ताकि गेर मार्ग पर कोई वाहन न आ सके। रहवासियों के वाहन दूसरी जगह पार्क करने को कहा गया है।
मॉरल क्लब की गैर में उड़े रंग
राजवाड़ा के बुर्ज से भी गेर का आनंद
कुछ लोगों ने ऐतिहासिक राजवाड़े के दाहिने बुर्ज से भी गेर का मजा लिया। यहां भी प्रशासन ने गेर देखने के खास इंतजाम किए थे। दरअसल, इंदौर में पांच दिनी होली उत्सव की शुरुआत राजवाड़े से ही होलकर रियासत काल में हुई थी। यहां महाराज होलकर चांदी की पिचकारी से केसरिया रंग प्रजा पर छिड़कते थे और उपहार भी दिए जाते थे। अब रियासतें न रहीं, लेकिन बुलंद राजवाड़ा आज भी उस गौरवशाली अतीत की याद दिला रहा है।
चिकित्सा व्यवस्था के लिए दस एम्बुलेंस और 40 मेडिकल स्टाफ की तैनाती
गेर मार्ग पर हेल्थ विभाग ने आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के लिए दस एम्बुलेंस और लगभग 40 मेडिकल स्टाफ के तैनाती की है। सुबह 9 बजे से गेर के समाप्त होने तक तैनात रहेगा। टोरी कार्नर से लेकर गोराकुण्ड राजबाड़ा, इमामबाड़ा, जवाहर मार्ग सहित एमजी रोड के बीच मे दस स्पॉट पर मेडिकल टीम की एम्बुलेंस सहित ड्यूटी लगी है।
गेर में रंगो से तिरंगा बनाया
कड़े सुरक्षा इंतजाम, ड्रोन से नजर
समूचे गेर मार्ग पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं इलाके में मौजूद हैं। बैरिकेडिंग, अस्थाई जेल, वाच टावर के साथ ही ड्रोन से भी नजर रखी जा रही है। किसी भी असामाजिक तत्व को गलत हरकत करने पर तुरंत दबोच लिया जाएगा। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी चप्पे चप्पे पर नजर रख रहे हैं। राजवाड़ा और गेर मार्गों पर सिर्फ पैदल जाने की इजाजत है। वाहन प्रतिबंधित हैं।
मॉरल क्लब के ट्रक का ब्रेक फेल, हादसा टला
मॉरल क्लब की गेर में शामिल एक ट्रक के ब्रेक राजवाड़ा पर अचानक फेल हो गए। गनीमत रही कि ड्राइवर को समय रहते इसका पता चल गया, वरना हादसा हो सकता था। बाद में इस ट्रक को गेर के काफिले से बाहर निकाल दिया गया।
युवा थिरके
राजवाड़ा पहुंची हिन्द रक्षक संगठन की फाग यात्रा, भगवा पताका के साथ गूंजे भजन
राजवाड़ा पर हिन्द रक्षक संगठन की फाग यात्रा पहुंची। यात्रा में सबसे आगे कार्यकर्ता भगवा पताका लेकर चल रहे हैं, जबकि उनके पीछे भजन मंडलियां भक्ति गीत गाते हुए शामिल हैं।
12 बजे बाद बढ़ी भीड़, हटाए गए बैरिकेड
गेर देखने वालों की भीड़ शुरुआत में कम थी, लेकिन दोपहर 12 बजे बाद भीड़ अचानक बढ़ गई। इसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने राजवाड़ा की ओर जाने वाले रास्ते पर एमजी रोड पर लगाए गए बैरिकेड हटा दिए।
राजवाड़ा की ओर उमड़ा लोगों का सैलाब
रंगपंचमी की गेर देखने के लिए लोगों का हुजूम राजवाड़ा की ओर उमड़ रहा है। जिन लोगों ने गेर देख ली है, वे वापस लौटते भी नजर आ रहे हैं। एमजी रोड पर कृष्णपुरा पुल के पहले से ही बैरिकेडिंग कर दी गई है, जहां पुलिस द्वारा नियमों का पालन कराया जा रहा है। इसके आगे जेल रोड चौराहे से लेकर थोड़ा आगे हाई कोर्ट के समीप और कलेक्टर कार्यालय के नीचे उतरते ही बैरिकेड्स लगाए गए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में लोगों को बैरिकेड्स के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा।
पुलिस की सख्ती पर युवकों की चर्चा, बोले- अच्छा है मनचलों पर लगेगी लगाम
श्री कृष्णा टॉकीज के सामने स्थित एक अल्पाहार गृह में बैठे कुछ युवक आपस में चर्चा कर रहे थे कि इस बार पुलिस की सख्ती पहले की तुलना में कहीं ज्यादा है। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यह सख्ती अच्छी है, क्योंकि गेर और त्योहारों के दौरान कुछ लोग लड़कियों और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं। पुलिस की कड़ी व्यवस्था से ऐसे लोगों पर कम से कम लगाम तो लगेगी।
हिंद रक्षक की राधा कृष्ण फाग यात्रा में दिखी मातृ शक्ति
हिंद रक्षक संगठन द्वारा निकाली गई राधाकृष्ण फाग यात्रा करीब सवा 12 बजे राजवाड़ा पहुंची। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। गेरों में पहले महिलाएं शामिल नहीं होती थीं, इस संगठन ने महिलाओं को शामिल करने की शुरुआत की। रविवार को महिला दिवस के मौके पर इसमें मातृशक्ति ने शामिल होकर समाज में लैंगिक समानता को मजबूत किया। राधाकृष्ण के फाग गीतों पर महिलाओं की सुर में सुर मिलाए।
गेर में भगवान के पोस्टर
नंदी पर सवार होकर गेर में आए शिव
हिंद रक्षक की फाग यात्रा में राधा कृष्ण व अन्य भगवानों के साथ नंदी पर सवार शिव की झांकी भी शामिल थी। इससे इस गेर की अलग ही तस्वीर उभर रही थी। इस गेर में हजारों लोग नाचते गाते चल रहे थे। फाग यात्रा जहां से भी गुजरी उसने पूरे इलाके को भक्ति के रंग में रंग दिया।
भजनों पर थिरकते हुए युवा
गेर से संबंधित वीडियो
महाकाल की झांकी बनी आकर्षण का केंद्र
हिंदरक्षक की फाग यात्रा में शामिल महाकाल मंदिर उज्जैन की झांकी ने मंदिर की जीवंत छवि पेश की। यह झांकी लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। फाग यात्रा गेर के कई रंग देखने को मिले। यह सबसे लंबी, आकर्षक और भक्तिभाव वाली गेर थी। लोगों की भीड़ भी इसमें ही सबसे ज्यादा नजर आई।
फाग यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल
संस्था सृजन की गेर राजबाड़ा पहुंची
एक बजे राजवाड़ा पहुंची संगम कॉर्नर की गेर
संस्था सृजन के कमलेश खंडेलवाल के नेतृत्व में निकली संगम कॉर्नर की गेर 1 बजे के बाद राजवाड़ा पर पहुंची। इस गेर में हजारों की संख्या में युवा शामिल थे। गेर में शामिल टैंकरों व मिसाइलों से जमकर रंग और गुलाल की वर्षा हुई। राजवाड़ा पर जब यह गेर पहुंची तब वहां पैर रखने की जगह नहीं बची थी। लोगों ने उत्साह से गेर में भाग लिया।
भगवान कृष्ण के मोर पंखों से उड़ा रंग
भगवान कृष्ण के मोर पंखों से उड़ा रंग
संगम कॉर्नर की गेर में भगवान कृष्ण की झांकी के पीछे मोर पंखे सजाए गए थे। मोर पंखों से रंगों की बौछार हो रही थी। इस झांकी ने लोगों का मन मोह लिया। कृष्ण और मोर पंख और रास उल्लास का अद्भुत नाता है, जो इस झांकी ने जीवंत कर दिया।
भगवान भोलेनाथ की जटाओं से बहती गंगा
गेर खत्म, राजबाड़ा पर भीड़ बाहर निकलना शुरू
संबंधित वीडियो
दो बजे तक चला गेरों का कारवां
इंदौर का 76वां गेर महोत्सव सुबह 10.30 बजे शुरू हुआ और यह दोपहर करीब दो बजे खत्म हो गया। राजवाड़ा पर अंतिम गेर संगम कॉर्नर की थी। इसके गुजरने के बाद लोगों की भीड़ छंटने लगी। हालांकि, सराफा होकर अपने तय ठिकानों तक लौट रही गेरों को देखने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में डटे हुए थे। इसके बाद नगर निगम के 200 सफाई कर्मियों की विशेष टीम सक्रिय होगी और चंद घंटों में देश के सबसे स्वच्छ शहर के गेर मार्ग को चमका दिया जाएगा।
महापौर भी करने लगे सफाई
गेर खत्म होने के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी सफाई करते नजर आए।
- फोटो : अमर उजाला
गेर खत्म होने के बाद निगम कर्मी सफाई में जुट गए हैं। महापौर पुष्यमित्र भार्गव भी सफाई करते दिखे। 400 से अधिक सफाई मित्र और 20 से अधिक सफाई की गाड़ियां काम में जुटी हैंं। चंद घंटों में पूरा गेर मार्ग साफ हो जाएगा। बीते साल 2025 में रंगपंचमी के अवसर पर गेर मार्ग को रंग और गुलाल से तरबतर करती रही। 2025 में गेर मार्ग पर 400 से अधिक सफाई मित्रों की टीम तैनात थी, जो मार्ग क़ी सफाई कर रही थी। गेर के विभिन्न मार्गों पर आठ डंपर लगाए गए थे। 15 डंपर कचरा शाम 7:00 बजे तक निकल जा चुका था। गुलाल बहुत अधिक मात्रा में सड़कों पर फैला हुआ था, जबकि जूते चप्पल कम थे। इस सफाई अभियान में 25 स्वीपिंग मशीन, 10 पानी के टैंकर, 25 टिप्पर्स और जेसीबी मशीन से सफाई की गई थी। देर शाम तक रंगपंचमी का गैर मार्ग साफ हो गया था। इस बार शांतिपूर्वक रंगपंचमी महोत्सव संपन्न होना प्रशासन की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, पिछले वर्ष ट्रैक्टर से एक युवक की मौत मातम में बदल गई थी।