मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेधावी विद्यार्थी नंबरों का अहंकार न पालें, क्योंकि यह शुरुआती सीढ़ी है। आगे जीवन की हर सीढ़ी पर चुनौतियां मिलेंगी, जिन पर अपने विवेक-बुद्धि से पार पाना होगा। उन्होंने कहा कि न तो मेहनत का कोई विकल्प होता है और न ही शॉर्ट कट कभी हमें स्थायी सफलता की ओर ले जाता है। साथ ही विद्यार्थियों का आह्वान किया कि भविष्य में समाज में कोई विकृति दिखने पर तत्काल उसका समाधान ढूंढने का प्रयास करें।
मुख्यमंत्री योगी बुधवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित अमर उजाला मेधावी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने यहां सभी बोर्डों के मेधावियों को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं को निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा से आप जीवन की सभी चुनौतियों का सामना कर सकेंगे। शिक्षा के प्रति भक्ति का भाव होना चाहिए। भक्ति में रावण ने कैलाश पर्वत तक उठा लिया था, पर अहंकार में अंगद का पैर भी नहीं उठा पाया था। अहंकार आने पर उत्थान नहीं, पतन होता है। अगर विद्यार्थियों ने ये सोच लिया कि अब तो 99 प्रतिशत अंक आ गए और अब मेहनत करने की जरूरत नहीं तो उन्हें जीवन में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। शिक्षा में भक्ति होने पर विद्यार्थी जीवन की सभी चुनौतियों को पार कर सकेंगे।
संदेश : चुनौतियों से भागो मत, दुनिया को बदलो
सीएम ने कहा कि हमें जीवन में आने वाले संकटों का धैर्यपूर्वक सामना करना चाहिए। चुनौतियों से जूझ़ते हुए अपने पुरुषार्थ से सफलता की मंजिल को चूमना ही वास्तविक सफलता है। भारत ने कोविड कालखंड में इसे साबित करके दिखाया है। जब पूरी दुनिया इस महामारी के सामने पस्त हो गई थी, तब भारत मुफ्त जांच, मुफ्त इलाज और मुफ्त टीकाकरण के कार्यक्रम चला रहा था। इतना ही नहीं राष्ट्रीय शिक्षा नीति के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में आजादी के बाद सबसे बड़े बदलाव को भी कोविड काल में ही लागू किया गया।
नसीहत : प्रश्नपत्र के माध्यम से नहीं होती हमेशा परीक्षा
सीएम ने कहा कि प्रश्नपत्र के माध्यम से ही जीवन में हमेशा परीक्षा नहीं होती है। कई बार ऐसी चुनौतियां आती हैं, जिनका समाधान अपनी पूरी मेधा लगाकर ही पा सकते हैं। सीएम ने कहा कि विद्यार्थियों का यह सम्मान उनके लिए प्रोत्साहन का अवसर है। यहां से प्रेरणा लेकर डॉक्टर, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अफसर, अभियंता और शिक्षक आदि बनें और देश की सेवा करने का संकल्प लें। आगे बढ़ेंगे तो जीवन के हर पड़ाव पर अभिनंदन और स्वागत मिलेगा।
आह्वान : विरासत से न मोड़ें मुंह
श्रावस्ती जिले में सम्मानित किए गए मेधावी।
- फोटो : amar ujala
सीएम ने कहा कि विद्यार्थी यह संकल्प लें कि राष्ट्र सर्वोपरि है। अपनी विरासत के प्रति सम्मान सदैव मन में रहना चाहिए। अगर आपको कोई गलत मार्ग पर ले जाना चाहे तो सुधार के लिए उसके विरुद्ध सदैव आवाज उठानी चाहिए।
प्रेरणा : राष्ट्रीयता के भाव से भारत ने ब्रिटेन को पछाड़ा
प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में आजादी के अमृत महोत्सव पर हर घर पर तिरंगा फहराया गया, जो हमारे राष्ट्रीयता के भाव को प्रस्तुत करता है। इसी राष्ट्रीय भावना का नतीजा है कि कभी भारत जिस ब्रिटेन का गुलाम हुआ करता था, आज उसे पछाड़कर दुनिया की पांचवें नंबर की अर्थव्यवस्था बन चुका है। अगले तीन-चार वर्षों में यह तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनेगा। पीएम के नेतृत्व में जी-20 देशों की बैठकों की अध्यक्षता भारत कर रहा है। यह कितने गौरव की बात है, इसका अंदाजा इससे लगा सकते हैं कि दुनिया की जीडीपी में 85 फीसदी हिस्सा जी-20 देशों का ही है। 80 प्रतिशत संसाधनों और 90 प्रतिशत पेटेंट पर भी इन्हीं देशों का अधिकार है।
नकलविहीन परीक्षा, आज यूपी की हकीकत
माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबी देवी
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अब नकलविहीन परीक्षा यूपी की हकीकत है। सीसीटीवी की निगरानी में परीक्षा भी हकीकत है। यह बीते छह वर्ष में हुए बड़े बदलाव हैं।
बिना भेदभाव हो रहा विकास ही रामराज्य
मेधावियों को सम्मानित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बुधवार को राजधानी में सभी बोर्ड के टॉप टेन मेधावियों को सम्मानित करने का कार्य किया गया। इसके अलावा जिला स्तर के टॉप 10 मेधावियों को भी सरकार के मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने जिलों में ही सम्मानित किया। यूपी में दो करोड़ छात्र-छात्राओं को टैबलेट वितरित किया जा रहा है। अभ्युदय कोचिंग के माध्यम से सभी को आगे बढ़ने के समान अवसर मिल रहे हैं। स्कूलों-कॉलेजों में लंबे समय से रिक्त पदों पर शिक्षकों की तैनाती की गई है। जर्जर विद्यालयों के कायाकल्प का काम किया गया। नए स्कूल-कॉलेज खोले जा रहे हैं। गरीब, अनाथ और श्रमिकों के बच्चों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस 18 अटल आवासीय विद्यालय खोले जा रहे हैं। बिना किसी भेदभाव के शासन की योजनाएं जन-जन तक पहुंचाने का कार्य हो रहा है। यही वास्तविक रामराज्य है।
सीएम ने अमर उजाला के सामाजिक सरोकारों को सराहा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
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सीएम ने कहा कि अमर उजाला परिवार अपने सामाजिक सरोकारों के 75 वर्ष पूरे कर रहा है। समाचारों से सजग करने के साथ ही सामाजिक जिम्मेदारियों का भी बखूबी निर्वहन कर रहा है। आज छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में अमर उजाला की दमदार उपस्थिति है। हर साल अतुल माहेश्वरी छात्रवृत्ति प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देकर आगे बढ़ाने का काम किया जा रहा है। दिव्यांगों के लिए अमर उजाला के संस्थापक स्वर्गीय डोरी लाल अग्रवाल के नाम से छात्रवृत्ति देकर सराहनीय कार्य किया जा रहा है। यह विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में अमर उजाला का अहम योगदान है। रक्त दान शिविरों का आयोजन करके जिंदगियां बचाने का बड़ा काम कर रहा है।
सरकार और जनता के बीच मीडिया सेतु
योगी ने कहा कि सरकार कल्याणकारी योजनाओं को पूरे मनोयोग से लागू कर रही है, लेकिन करोड़ों-करोड़ जनता तक इन्हें पहुंचाने में मीडिया की अहम भूमिका है। परीक्षा में जो लोग नकल के धंधे से जुड़े हैं, उनके खिलाफ कलम चलाने में मीडिया को संकोच नहीं करना चाहिए।
मानव पर हावी न हो जाए तकनीक
सीएम ने कहा कि तकनीक जीवन को आसान बनाती है, लेकिन तकनीक सदैव मानव द्वारा निंयत्रित हो। अन्यथा इसके परिणाम सुखद नहीं होंगे। यूपी सरकार इन्हीं बातों को ध्यान में रखकर शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है। सभी तरह के पाठ्यक्रमों में बड़े बदलाव किए हैं।
'जीवन में परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेधावियों को निरंतर प्रयास करते रहने का संदेश दिया और कहा कि जीवन में कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं होता है। शिक्षा से आप जीवन की सभी चुनौतियों का सामना कर सकेंगे। शिक्षा में भक्ति होनी चाहिए। भक्ति में रावण ने कैलाश पर्वत उठा लिया था पर अहंकार में अंगद का पैर भी नहीं उठा पाया था। अगर आपने ये सोच लिया कि अब तो 99 प्रतिशत आ गए अब मेहनत करने की जरूरत नहीं तो आपको मुश्किल होगी। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि शिक्षा में भक्ति होने पर आप जीवन की सभी चुनौतियों को पार कर सकेंगे।
समारोह में अमर उजाला के कार्यकारी संपादक विजय त्रिपाठी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए अमर उजाला के सामाजिक सरोकारों की जानकारी दी। अमर उजाला के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट राहुल कांकरिया ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया।