राजस्थान में राजनीतिक उठापटक के बीच पहली बार सोनिया गांधी और अशोक गहलोत की बात होने का जानकारी सामने आई है। रविवार से चल रहे घटनाक्रम के बीच पहली बार दोनों में बातचीत हुई है। मीडिया सूत्रों के मुताबिक, उन्होंने आलाकमान को कभी चुनौती नहीं देने की बात कही है।
राजस्थान कांग्रेस में मची कलह के बीच दूसरी पार्टियां भी अवसर ढूंढने लगी है। बहुजन समाज पार्टी भी अब एक्टिव हो गई है। सोमवार की शाम को प्रदेश बसपा की पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और मायावती के भतीजे आकाश आनंद के नेतृत्व में एक बैठक हुई। जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। कहा जा रहा है कि बैठक में पार्टी से निकाले गए सभी 12 कार्यकर्ताओं को पार्टी में वापस लेने का निर्णय लिया गया है।
राजस्थान कांग्रेस में मचा सियासी बवाल थमता नहीं दिख रहा है। अशोक गहलोत गुट खुलकर अब विरोध जता रहा है। मंत्री शांति धारीवाल ने अजय माकन पर एजेंडा के तहत जयपुर आने का आरोप लगाया। राजस्थान कांग्रेस के सियासी संकट मामले में सोनिया गांधी ने पर्यवेक्षकों से लिखित रिपोर्ट मांगी है। अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे आज लिखित रिपोर्ट सौंपेंगे।