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Waqf Bill Protest: संसद से वक्फ बिल पारित होने के बाद आक्रोश; अहमदाबाद-कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन

Fri, 04 Apr 2025 03:40 PM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला

खास बातें

  • संसद के बजट सत्र में पारित हुआ वक्फ संशोधन विधेयक, 2025।
  • अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद कानून की शक्ल लेगा बिल।
  • मुस्लिम समुदाय के कुछ तबकों में इस प्रस्तावित कानून के खिलाफ आक्रोश।
  • धार्मिक मुद्दे में अनावश्यक सरकारी हस्तक्षेप का आरोप लगा रहे नाराज लोग।
  • कोलकाता और अहमदाबाद में सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी।
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वक्फ विधेयक में संशोधन के खिलाफ सड़कों पर प्रदर्शनकारी - फोटो : एएनआई
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लाइव अपडेट

04:08 PM, 04-Apr-2025

महबूबा मुफ्ती ने किया वक्फ बिल का विरोध

संसद में पारित वक्फ संशोधन विधेयक पर पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती का कहना है, 'ऐसा नहीं होना चाहिए। यह अल्पसंख्यकों और मुसलमानों की संस्था है और इस पर इस तरह से हमला करना और संसद में इसे पारित करना, मेरा मानना है कि डकैती के बराबर है, जो बहुत गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए।'

03:39 PM, 04-Apr-2025

कोलकाता में भी सड़कों पर उतरे मुस्लिम संगठनों के आक्रोशित प्रदर्शनकारी  

03:25 PM, 04-Apr-2025

Waqf Bill Protest: संसद से वक्फ बिल पारित होने के बाद आक्रोश; अहमदाबाद-कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन

Waqf Bill Protest: संसद के बजट सत्र के दौरान दोनों सदनों- लोकसभा और राज्यसभा से वक्फ संशोधन बिल बहुमत से पारित हो चुका है। अब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हस्ताक्षर के बाद विधेयक कानून की शक्ल ले लेगा। प्रस्तावित कानून के खिलाफ कई मुस्लिम संगठनों में आक्रोश है। भाजपा शासित राज्य- गुजरात के अहमदाबाद और तृणमूल कांग्रेस शासित प्रदेश पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता समेत कई शहरों में प्रदर्शन होने की शुरुआत हो गई है। अहमदाबाद में सड़कों पर उतरे आक्रोशित प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
संसद से कब पारित हुए विधेयक
गौरतलब है कि लोकसभा से वक्फ संशोधन विधेयक, 2025 तीन अप्रैल को पारित हुआ। दो अप्रैल को चर्चा की शुरुआत के बाद लगभग 12 घंटे की चर्चा हुई। देर रात विधेयक और इसमें प्रस्तावित संशोधनों पर वोटिंग के बाद लोकसभा से यह विधेयक देर रात 1.56 बजे पारित हुआ। इसके समर्थन में 288 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 232 वोट डाले गए। अगले दिन यानी चार अप्रैल को राज्यसभा में विधेयक पारित हुआ। राज्यसभा में तीन अप्रैल को इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत हुई। देर रात 2.32 बजे राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने विधेयक पारित होने की घोषणा की। राज्यसभा में इस विधेयक को 128 सांसदों का समर्थन मिला, जबकि विरोध में 95 वोट डाले गए।

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