रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दो दिन के भारत दौरे के बाद शुक्रवार रात दिल्ली से मॉस्को रवाना हो गए। रवाना होने से पहले पुतिन ने भारत-रूस संबंधों को साथ चलें, साथ बढ़ें की साझेदारी बताया और भविष्य में सहयोग और मजबूत होने की उम्मीद जताई।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन से रवाना हुए, जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उनके सम्मान में भव्य भोज का आयोजन किया था।
राष्ट्रपति भवन में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में आयोजित रात्रिभोज के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाषण दिया। रात्रिभोज की सामने आईं तस्वीरों में प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन रात्रिभोज में साथ-साथ बैठे दिखे।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का राष्ट्रपति भवन पहुंचने पर औपचारिक स्वागत किया गया। राष्ट्रपति पुतिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से उनके सम्मान में आयोजित भोज में शामिल हुए।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मान में राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा आयोजित भोज में भाग लिया।
राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का स्वागत किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रूसी राष्ट्रपति के सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया है। जिसमें राष्ट्रपति पुतिन शामिल होंगे और इसके बाद वे स्वदेश रवाना हो जाएंगे।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन थोड़ी देर में राष्ट्रपति भवन पहुंचने वाले हैं। जहां राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ से उनके सम्मान में रात्रिभोज का आयोजन किया जा रहा है।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आगे कहा, 'मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत एक स्वतंत्र और संप्रभु नीति का पालन कर रहा है और साथ ही बहुत अच्छे परिणाम भी प्राप्त कर रहा है। आज, भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। प्रधानमंत्री मोदी की मजबूत आर्थिक नीति और मेक इन इंडिया कार्यक्रम जैसी ऐतिहासिक पहल की बदौलत भारत तकनीकी रूप से संप्रभु बन रहा है। भारत का आईटी और फार्मास्युटिकल क्षेत्र दुनिया में अग्रणी स्थान रखता है।'
व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'मैं रूस और भारत के बीच बहुआयामी आर्थिक संबंधों को गहरा करने पर विशेष ध्यान दे रहा हूं। आज की बैठकों के बाद, हमने भारत-रूस आर्थिक सहयोग विकसित करने के लिए एक दस्तावेज को अपनाया... रूसी व्यवसाय भारत से वस्तुओं और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला में खरीदारी बढ़ाने के लिए तैयार हैं। मैं व्यवसायों को आश्वस्त करना चाहता हूं कि रूस सभी पहलों का समर्थन करेगा।'
भारत-रूस बिजनेस फोरम में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, 'रूसी प्रतिनिधिमंडल केवल ऊर्जा मुद्दों पर चर्चा करने और तेल व गैस की आपूर्ति के लिए अनुबंधों पर हस्ताक्षर करने ही नहीं आया है। हम चाहते हैं कि भारत के साथ कई क्षेत्रों में हमारे बहुआयामी संबंध विकसित हों। प्रधानमंत्री ने हमारी निजी बातचीत में कई मौकों पर इस बात पर जोर दिया है कि भारत में कई क्षेत्रों में व्यापक और बढ़ते अवसर मौजूद हैं, लेकिन अब तक इनका उस हद तक उपयोग नहीं किया गया है, जितना दोनों पक्ष चाहते हैं। यही कारण है कि हमने यह मंच आयोजित किया है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत मंडपम में भारत-रूस बिजनेस फोरम में शामिल हुए हैं।
इस दौरान पीएम मोदी ने कहा- रूस और भारत लंबे समय से सहयोगी है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति पुतिन के भारत दौरे के दौरान फ्री ट्रेड पर चर्चा हुई है। पीएम मोदी ने आगे कहा पर्यटक वीजा पर हमने कई अहम फैसले लिए हैं। पीएम ने कहा- सिविल न्यूक्लियर क्षेत्र में द्वार खोलेंगे, हम मानवता की भलाई करना चाहते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे कहा, 'रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र निजी क्षेत्र के लिए खोल दिए गए हैं। इससे इन क्षेत्रों में नए अवसर पैदा हुए हैं। अब हम असैन्य-परमाणु क्षेत्र में भी नई संभावनाओं के द्वार खोलने जा रहे हैं। यह केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि मानसिकता में सुधार है। इन सुधारों के पीछे एकमात्र संकल्प एक विकसित भारत है।' 'मैं हमारे सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए कुछ विचार प्रस्तुत करना चाहूंगा। सबसे पहले, रसद और संपर्क के क्षेत्र में, आज की बैठक में, राष्ट्रपति पुतिन और मैंने अपनी संपर्क क्षमता की पूरी क्षमता का उपयोग करने पर जोर दिया। हम आईएनएसटीसी, यानी उत्तरी समुद्री मार्ग, यानी चेन्नई-व्लादिवोस्तोक कॉरिडोर पर आगे बढ़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में जल्द ही प्रगति होगी। इससे पारगमन समय कम होगा, लागत कम होगी और व्यवसायों के लिए नए बाजार खुलेंगे। डिजिटल तकनीक की शक्ति से, हम वर्चुअल व्यापार गलियारों के माध्यम से सीमा शुल्क, रसद और नियामक प्रणालियों को जोड़ सकते हैं। इससे सीमा शुल्क निकासी में तेजी आएगी, कागजी कार्रवाई कम होगी और माल की आवाजाही और भी सहज हो जाएगी।'
पुतिन ने कहा, 'हमारा देश पिछली आधी सदी से भारतीय सेना को हथियार देने और आधुनिक बनाने में मदद कर रहा है, जिसमें एयर डिफेंस फोर्स, एविएशन और नेवी शामिल हैं। हम अभी हुई बातचीत के नतीजों से बेशक खुश हैं... मैं भरोसा जता सकता हूं कि मौजूदा दौरा और हुए समझौते हमारे देशों और लोगों, भारत और रूस के लोगों के फायदे के लिए रूसी-भारत की रणनीतिक साझेदारीको और गहरा करने में मदद करेंगे।'
पुतिन ने कहा, 'रूस और भारत ब्रिक्स, एससीओ और दुनिया के दूसरे ज़्यादातर देशों में एक जैसी सोच वाले देशों के साथ आजाद और आत्मनिर्भर विदेश नीति अपना रहे हैं। हम UN में दिए गए कानून के मुख्य सिद्धांत का बचाव कर रहे हैं। ब्रिक्स के संस्थापक देशों के तौर पर, रूस और भारत ने संगठन की अथॉरिटी बढ़ाने के लिए बहुत कुछ किया है और आगे भी करते रहेंगे। जैसा कि आप जानते हैं, अगले साल भारत ब्रिक्स की अध्यक्षता संभालेगा। हम अपने भारतीय दोस्तों को हर जरूरी मदद देंगे।'
राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आपका शुक्रिया। बातचीत सकारात्मक और मैत्रीपूर्ण माहौल में हुई। मेरे और प्रधानमंत्री मोदी के बीच नियमित तौर पर फोन पर बातचीत होती रहती है। हम भारतीय अर्थव्यवस्था की प्रगति के लिए सभी तरह के ईंधन की निर्बाध आपूर्ति जारी रखने के लिए तैयार हैं। रूस भारत के सबसे बड़े परमाणु संयंत्र के निर्माण में भी मदद कर रहा है। दोनों देश भुगतान के निराकरण के लिए धीरे-धीरे अपनी-अपनी राष्ट्रीय मुद्रा के इस्तेमाल की ओर भी बढ़ रहे हैं। हम सालाना द्विपक्षीय कारोबार को बढ़ाकर 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की आशा रखते हैं। भारत और यूरेशियन इकॉनोमिक यूनियन के बीच मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में भी बातचीत चल रही है।'
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, 'हम सबसे बड़ा भारतीय न्यूक्लियर प्लांट बनाने के प्रोजेक्ट पर भी काम कर रहे हैं। छह में से तीन रिएक्टर पहले ही एनर्जी नेटवर्क से जुड़ चुके हैं। हम अपने इंडियन पार्टनर्स के साथ मिलकर नए अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट रूट बनाने पर काम कर रहे हैं, जिसमें रूस या बेलारूस से हिंद महासागर तट तक नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट बनाने का प्रोजेक्ट भी शामिल है।'
पीएम मोदी ने कहा, 'पहलगाम में हुआ आतंकी हमला हो या क्रोकस सिटी हॉल पर किया गया कायरतापूर्ण हमला, इन सभी घटनाओं की जड़ एक ही है। भारत का अटल विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके विरुद्ध वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। इस वर्ष अक्टूबर में लाखों श्रद्धालुओं को 'काल्मिकिया' में International Buddhist Forum मे भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेषों का आशीर्वाद मिला।'
पीएम मोदी ने कहा, 'दोनों देशों के बीच स्नेह और आत्म-सम्मान का भाव रहा है। हाल ही में रूस में भारत के दो नए वाणिज्य दूतावास खोले गए हैं। इससे दोनों देशों के नागरिकों के बीच संपर्क और सुगम और आपस में नजदीकियां बढ़ेंगी। शीघ्र ही हम रूसी नागरिकों के लिए नि:शुल्क 30 दिन का टूरिस्ट वीजा और 30 दिन के ग्रुप टूरिस्ट वीजा की शुरुआत करने जा रहे हैं। हम मिलकर वोकेशनल एजुकेशन, स्किलिंग और ट्रेनिंग पर भी काम करेंगे। दोनों देशों के स्कॉलर्स और खिलाड़ियों का आदान-प्रदान बढ़ेगा।'
पीएम मोदी ने कहा, 'यू्क्रेन के संबंध में भारत ने हमेशा से शांति का पक्ष रखा है। हम इस मुद्दे के स्थायी समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं। भारत अपना योगदान देने के लिए हमेशा तैयार रहा है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में भारत और रूस ने हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर सहयोग किया है। भारत का अटल विश्वास है कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर सीधा प्रहार है और इसके विरूद्ध वैश्विक एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'अब हम भारत के नाविकों की ध्रुवीय जल में ट्रेनिंग के लिए सहयोग करेंगे। यह आर्कटिक में हमारे सहयोग को नई ताकत तो देगा ही, साथ ही इससे भारत के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उसी प्रकार से जहाज निर्माण में हमारा गहरा सहयोग मेक इन इंडिया को सशक्त बनाने का सामर्थ्य रखता है। यह हमारे विन-विन सहयोग का एक और उत्तम उदाहरण है, जिससे नौकरियां, कौशल और क्षेत्रीय संपर्क सभी को बल मिलेगा। ऊर्जा सुरक्षा भारत–रूस साझेदारी का मजबूत और महत्वपूर्ण स्तंभ रहा है। असैन्य परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में हमारा दशकों पुराना सहयोग, स्वच्छ ताक़त की हमारी साझा प्राथमिकताओं को सार्थक बनाने में महत्वपूर्ण रहा है। हम इस विन-विन सहयोग को जारी रखेंगे। महत्वपूर्ण खनिज में हमारा सहयोग पूरे विश्व में सुरक्षित और विविध आपूर्ति श्रृंखलाएँ सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे स्वच्छ ऊर्जा, उच्च तकनीक विनिर्माण और नए युग के उद्योग में हमारी साझेदारी को ठोस समर्थन मिलेगा।'
राष्ट्रपति पुतिन के साथ साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'आज भारत-रूस के 23वें शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत करते हुए मुझे खुशी हो रही है। उनकी यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब हमारे द्विपक्षीय संबंध कई अहम पड़ावों से गुजर रहे हैं। 25 वर्ष पहले राष्ट्रपति पुतिन ने हमारी सामरिक भागीदारी की नींव रखी थी। उन्होंने इन संबंधों से निरंतर सींचा है। उनके नेतृत्व ने हर परिस्थिति में आपसी संबंधों को नई ऊंचाई दी है। भारत के प्रति गहरी मित्रता और अटूट प्रतिबद्धता के लिए मैं राष्ट्रपति पुतिन का आभार प्रकट करता हूं।'
'भारत-रूस की मित्रता ध्रुव तारे की तरह बनी रही। हम समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। आज हमने इस नींव को और मजबूत करने के लिए सहयोग के सभी पहलुओं पर चर्चा की है। आज हमने 2030 तक के लिए एक आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर सहमति बनाई है। इससे हमारा व्यापार और निवेश संतुलित और टिकाऊ बढ़ेगा तथा सहयोग के क्षेत्र में नए आयाम जुड़ेंगे। भारत-रूस व्यापारिक फोरम में भी हमें शामिल होने का अवसर मिलेगा। यह हमारे कारोबारी रिश्तों को नई ताकत देगा। इससे निर्यात, सह-निर्माण और सह-नवाचार के नए दरवाजे भी खुलेंगे।'
द्विपक्षीय मुलाकात के दौरान रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने कहा मुझे आमंत्रित करने के लिए धन्यवाद। यूक्रेन मुद्दे के समाधान के लिए हम कई सहयोगी देशों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं, जिनमें अमेरिका भी शामिल है। इस पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। बीते वर्षों में आपने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए काफी काम किया है। हम कई नए क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं, जिनमें उच्च तकनीक एयरक्राफ्ट, अंतरिक्ष और एआई जैसे क्षेत्र शामिल हैं।'
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने भी यूक्रेन मुद्दे पर भारत के फोकस के लिए प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार जताया। पुतिन ने कहा 'हमारे रिश्ते ऐतिहासिक रूप से मजबूत रहे हैं, लेकिन शब्द मायने नहीं रखते बल्कि सार महत्वपूर्ण है। हम सच में इसकी तारीफ करते हैं और आप निजी तौर पर यूक्रेन मुद्दे पर खास ध्यान देते हैं।'
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, 'कोरोनाकाल के बाद से आज तक दुनिया ने कई संकट झेले हैं। हम उम्मीद करते हैं कि बहुत जल्द दुनिया की सभी चिंताएं दूर होंगी और वैश्विक समुदाय के लिए नई उम्मीद पैदा होगी, जो दुनिया को सही राह में लेकर जाएगी।'
पीएम मोदी ने कहा 'यूक्रेन संकट को लेकर हम लगातार संपर्क में बने हुए हैं। एक सच्चे दोस्त की तरह आपने हमें समय-समय पर हर जानकारी दी। मेरा मानना है कि विश्वास एक बड़ी ताकत है। प्रधानमंत्री ने कहा शांति की राह पर चलकर ही दुनिया का कल्याण किया जा सकता है। साथ मिलकर हमें शांति की राह पर आगे बढ़ना चाहिए। पिछले कुछ दिनों से जो कुछ हो रहा है, उससे मुझे विश्वास है कि दुनिया में जल्द शांति आएगी।'
मोदी ने पुतिन से कहा कि रूस-यूक्रेन संघर्ष अब खत्म होना चाहिए। वह भी बातचीत और कूटनीतिक कोशिशों से। हम शांतिपूर्ण हल का समर्थन करते हैं। पीएम मोदी के इस बयान पर पुतिन ने कहा कि रूस भी संघर्ष के शांतिपूर्ण अंत के लिए काम कर रहा है।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ अपनी बैठक में PM नरेंद्र मोदी ने कहा, 'आपका यह दौरा बहुत ऐतिहासिक है। साल 2001 में आपके ऑफिस संभालने और पहली बार भारत आने के 25 साल पूरे हो गए हैं। आपके पहले दौरे में ही, एक रणनीतिक साझेदारी की मजबूत नींव रखी गई थी। मैं निजी तौर पर भी बहुत खुश हूं कि आपके साथ निजी स्तर पर मेरे रिश्तों ने भी 25 साल पूरे कर लिए हैं। मेरा मानना है कि 2001 में आपने जो रोल निभाया, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि एक दूरदर्शी नेता कैसा होता है, वह कहां से शुरू करता है और रिश्तों को कहां तक ले जा सकता है।'
राजघाट के बाद पुतिन नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस पहुंचे, जहां पीएम मोदी के साथ उनकी द्विपक्षीय मुलाकात चल रही है। इस मुलाकात में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि रूस और यूक्रेन युद्ध जल्द शांति की राह पर आएगा। भारत तटस्थ नहीं है बल्कि दृढ़ता से शांति के पक्ष में है। इस दौरान पीएम मोदी ने पुतिन से ये भी कहा कि उनका यह दौरा ऐतिहासिक है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन अपने भारत दौरे के दूसरे दिन राजघाट पहुंचे हैं। राजघाट पर पुतिन महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत के बाद रूस के राष्ट्रपति पुतिन रवाना हो गए हैं और अब उनका राजघाट जाने का कार्यक्रम है, जहां वे राष्ट्रपति महात्मा गांधी की समाधि पर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
रूस के राष्ट्रपति पुतिन राष्ट्रपति भवन पहुंच गए हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति भवन में उनका स्वागत किया। इसके बाद पुतिन को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्रपति भवन पहुंच गए हैं। थोड़ी ही देर में रूसी राष्ट्रपति पुतिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देने की तैयारियां चल रही हैं।भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर, दिल्ली के LG वीके सक्सेना, CDS जनरल अनिल चौहान और दूसरे गणमान्य लोग भी राष्ट्रपति भवन पहुंच चुके हैं।
23वें भारत-रूस सम्मेलन में मुख्य रूप से रक्षा संबंधों को मजबूत करने, बाहरी दबावों से भारत-रूस व्यापार को बढ़ाने और छोटे मॉड्यूलर रिएक्टरों पर सहयोग की संभावनाओं पर फोकस किया जाएगा। भारत के लिए रूस के साथ बढ़ता व्यापार घाटा भी चर्चा का विषय हो सकता है। ऐसे में रूस की तरफ से भारत से आयात बढ़ाने की संभावनाओं पर बात होने की उम्मीद है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन आज राजघाट का दौरा करेंगे और राष्टपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। राष्ट्रपति पुतिन के दौरे को लेकर राजघाट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी है और पुतिन के दौरे को लेकर सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा चार साल बाद हो रहा है और जिस समय ये दौरा हो रहा है, उसकी प्रतीकात्मक तौर पर बहुत अहमियत है, यही वजह है कि पूरी दुनिया की पुतिन के इस भारत दौरे पर निगाहें हैं। पुतिन के इस दौरे से भारत और रूस के संबंध और मजबूत हो सकते हैं और दोनों देशों में रक्षा, व्यापार, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बन सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध रोकने के लिए जिस तरह से यूरोप और अमेरिका द्वारा रूस पर दबाव बनाया जा रहा है और अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने के लिए भारत पर जिस तरह से भारी भरकम टैरिफ लगाया है, उसे देखते हुए पुतिन का नई दिल्ली दौरा बेहद खास है। पुतिन शुक्रवार को भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे।
- भारत दौरे के दूसरे दिन व्लादिमीर पुतिन का सुबह 11 बजे राष्ट्रपति भवन में औपचारिक स्वागत किया जाएगा। इसके बाद पुतिन राजघाट जाकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देंगे। इसके बाद वे हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय और प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत में शामिल होंगे। बता दें कि प्रतिनिधिमंडलों की बैठक में कुछ प्रमुख उद्योगपति भी शामिल हो सकते हैं।
- शुक्रवार को पीएम मोदी और राष्ट्रपति पुतिन भारत-रूस बिजनेस फोरम में हिस्सा लेंगे। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के न्योते पर पुतिन राष्ट्रपति भवन में भोज में शामिल होंगे। इसके बाद राष्ट्रपति पुतिन मॉस्को के लिए रवाना होंगे।
भारत न सिर्फ एस-400 की रेजिमेंट बढ़ाना चाहता है, बल्कि इस डिफेंस सिस्टम के आधुनिक प्रारूप एस-500 प्रोमिथियस को खरीदने पर विचार कर रहा है। एस-500 सीधे तौर पर एस-400 का एडवांस्ड वर्जन है। इसकी रेंज 600 किलोमीटर तक की है और यह आसमान में 200 किलोमीटर ऊपर जाकर दुश्मन को तबाह कर सकता है। यानी दुनिया में मौजूद किसी भी रक्षा प्रणाली के मुकाबले एस-500 सबसे उन्नत है।
इतना ही नहीं एस-500 न सिर्फ एयरक्राफ्ट, बल्कि ड्रोन्स और आवाज की गति से कई गुना तेज उड़ने वाली मिसाइलों तक को आसानी से गिरा सकते हैं। इनमें लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें, हाइपरसॉनिक मिसाइलें और क्रूज मिसाइलें शामिल हैं। इस सिस्टम में 77एन6-एन1 मिसाइलें हैं, जो कि चीन के जे-20 फाइटर जेट को गिराने की क्षमता रखती हैं। हालांकि, अपनी इसी आधुनिकता के चलते एस-500 सिस्टम ज्याद महंगा है और इसके मेंटेनेंस की कीमत भी ज्यादा है। हालांकि, भारत इस डिफेंस सिस्टम को खरीदने पर सहमति जता सकता है।
पुतिन के दौरे पर भारत और रूस के बीच एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद को लेकर चर्चा हो सकती है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की अहम भूमिका रही थी। अब भारत पांच और एस-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदने पर विचार कर रहा है। साथ ही भारत रूस के पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट एसयू-57 की खरीद को लेकर भी चर्चा हो सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन के साथ एक मीटिंग होगी, जिसमें मुक्त व्यापार समझौते, रूसी सेना में भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी, नागरिक परमाणु सहयोग और रक्षा संबंधों को बढ़ावा देने पर बातचीत हो सकती है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे का आज दूसरा दिन है। रूसी राष्ट्रपति आज सबसे पहले राष्ट्रपति भवन जाएंगे, जहां उनका औपचारिक स्वागत होगा। इसके बाद पुतिन राजघाट जाएंगे और दोपहर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस-भारत की द्विपक्षीय बैठक का नेतृत्व करेंगे। व्लादिमीर पुतिन आज भारत के व्यापारियों से भी मुलाकात करेंगे और दोनों ही देशों में निवेश और व्यापार बढ़ाने से जुड़ी संभावनाएं तलाशेंगे। यहां पढ़ें दौरे से जुड़े सभी अपडेट्स....