पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रैली को संबोधित करते हुए कहा, अगर आप बंगाली में बात करते हैं, तो वे आपको बांग्लादेशी घोषित कर देते हैं। वे कहते हैं कि बंगाल में रोहिंग्या मौजूद हैं, लेकिन रोहिंग्या हैं कहां? अगर असम में रोहिंग्या नहीं हैं, तो वहां एसआईआर क्यों शुरू नहीं किया गया? यह सब इसलिए हो रहा है, क्योंकि वे महाराष्ट्र और हरियाणा की तरह बंगाल में भी सत्ता में आना चाहते हैं। लेकिन यह संभव नहीं है।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा, मैंने कल जो किया वह सही किया। मुझे हमलों की आदत हो गई है। कल का दिन मेरे लिए पुनर्जन्म जैसा था।
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने बताया कि कोर्ट में बहुत भीड़ थी। न्यायाधीश ने भीड़ के कारण सभी को बाहर जाने को कहा, सिवाय संबंधित वकील और उनके सहायक। अगली सुनवाई अब 14 जनवरी को होगी। इस कदम के बाद अब पार्टी और वकील अगले हफ्ते कोर्ट में अपने तर्क रख सकेंगे।
राज्यपाल सीवी आनंद बोस को हाल ही में एक धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसमें लिखा था कि उन्हें बम से उड़ाया जाएगा। इस पर उन्होंने कहा कि वे ऐसी धमकियों से बिल्कुल नहीं डरते। उन्होंने बताया कि पिछले साल जब वे जनता के बीच थे, तब उनके सामने बम फेंका गया था। यह किसी की नासमझी हो सकती है या जानबूझकर की गई हरकत, इसकी जांच संबंधित एजेंसियां करेंगी।
डाक्रेस लेन के दौरे पर राज्यपाल ने कहा कि वे जनता के बीच खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि लोगों के साथ रहना उनके लिए सबसे बड़ी सुरक्षा है। राज्यपाल का मानना है कि लोगों की सुरक्षा किसी भी अन्य सुरक्षा व्यवस्था से ज्यादा मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा कर्मी अपनी ड्यूटी के तहत उनके आसपास रहते हैं, भले ही वे खुद इसे जरूरी न मानें। राज्यपाल ने कहा कि उन्हें जनता से बहुत प्यार और भरोसा मिलता है।
इसके साथ ही राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने बताया कि उन्होंने बंगाल के विकास के लिए जनता के नजरिए से एक कार्ययोजना तैयार की है। उन्होंने इसे “जनता का घोषणापत्र” और “जनता की योजना” बताया, जिसे वे संबंधित अधिकारियों के सामने रखेंगे ताकि उस पर उचित कार्रवाई हो सके।
कोलकाता: पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का बयान
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ FIR दर्ज कराने के मामले पर राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि कानून सबसे ऊपर है। उन्होंने कहा कि यह मामला अब हाईकोर्ट में है, इसलिए फैसले का इंतजार करना चाहिए। राज्यपाल ने साफ किया कि अदालत के निर्णय के बाद ही वे इस पर कोई टिप्पणी करेंगे। ईडी के हाईकोर्ट जाने के सवाल पर भी राज्यपाल ने दोहराया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है और ऐसे में किसी भी तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
दिल्ली में टीएमसी के सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई टीएमसी सांसदों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने से रिहा कर दिया गया। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने ईडी की कार्रवाई पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आई-पैक का दफ्तर उनकी पार्टी की संपत्ति है और वहां ईडी ने लूट करने की कोशिश की। महुआ ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले ईडी ने जानबूझकर पार्टी का चुनावी डेटा खराब करने के इरादे से छापा मारा।
उन्होंने कहा कि अगर कोई आपके घर में चोरी करने आए, तो आपको अपनी संपत्ति बचाने का पूरा अधिकार है। हमारे पास भी अपनी संपत्ति बचाने का अधिकार है, नहीं तो ईडी इसे उठाकर भाजपा को दे देगी। टीएमसी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल विपक्षी दलों को डराने और दबाने के लिए किया जा रहा है। वहीं, ईडी की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कोलकाता में शुक्रवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की अध्यक्ष और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक रैली का नेतृत्व किया। यह रैली गुरुवार को चुनावी रणनीति बनाने वाली संस्था आई-पैक के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के बाद निकाली गई। टीएमसी ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताया।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता में उस स्थल पर पहुंचीं, जहां से वह ईडी के आई-पैक रेड के खिलाफ मार्च की अगुवाई की।
कलकत्ता हाईकोर्ट में ईडी रेड से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान भारी भीड़ और जबरदस्त हंगामा देखने को मिला। इसी कारण अदालत ने सुनवाई को स्थगित कर दिया।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एक वर्तमान मुख्यमंत्री, एक प्राइवेट प्रॉपर्टी में घुसकर जहां ईडी के द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग की कार्रवाई चल रही है, वहां जाती हैं और धमकाती हैं। पेपर छीनकर करके वहां से चली जाती। भाजपा सांसद ने कहा कि ईडी की रेड एक निजी कंपनी पर थी, जो कि कोयला घोटाले से जुड़ी थी।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को मोदी सरकार पर लोकतंत्र को दबाने के लिए जांच एजेंसियों का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वालों को जेल भेजा जा रहा है, जबकि अपराधियों को आसानी से जमानत मिल रही है। अभिषेक बनर्जी ने इसे भाजपा की नए भारत की सोच बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर तृणमूल कांग्रेस के ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा कि लोकतंत्र को सजा दी जा रही है, अपराधियों को इनाम मिल रहा है और चुनावों को प्रभावित किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने आई-पैक पर ईडी की छापेमारी को लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की प्रतिक्रिया पर कड़ा बयान दिया है। सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का कदम पूरी तरह आपराधिक अपराध है और यह संविधान पर सीधा हमला है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब भाजपा की सरकार बनेगी, तब कानून के तहत सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अधिकारी के मुताबिक ईडी और सीबीआई समेत सभी जांच एजेंसियां नियम और कानून के अनुसार ही काम करती हैं। इसके अलावा, उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
ईडी की कार्रवाई को लेकर भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्रकार वार्ता में कहा कल बंगाल में जो हुआ, वह आजाद भारत में पहले कभी नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का पूरा काम न सिर्फ अनैतिक, गैर-जिम्मेदार और असंवैधानिक है, बल्कि उन्होंने पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया को शर्मसार कर दिया है। उन्होंने कहा कि रेड निजी कंपनी के दफ्तर पर थी। हमें नहीं समझ आता कि इसमें ममता क्यों घबरा गई हैं। उन्हें डर है कि उनके घोटालों के राज खुल जाएंगे। प्रसाद ने कहा कि जांच को रोकना कानून का उल्लंघन है। ममता का हिसाब जनता करेगी।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा ईडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने पर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने कहा कि कानून सबसे ऊपर है और उसे हर हाल में लागू किया जाएगा। राज्यपाल ने कहा कि यह मामला अब हाईकोर्ट में विचाराधीन है, इसलिए फैसले का इंतजार किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अदालत के निर्णय के बाद ही वह अपनी राय देंगे।
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दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर टीएमसी सांसदों के विरोध प्रदर्शन पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष और सांसद समिक भट्टाचार्य ने तीखी प्रतिक्रिया दी।उन्होंने कहा 'टीएमसी नेता पश्चिम बंगाल के लोगों के सामने विरोध प्रदर्शन नहीं कर सकते। जनता ने टीएमसी को समझ लिया है। अगर टीएमसी भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन करेगी तो जनता हंसेगी। एक मुख्यमंत्री फाइलें छीन रहा है और ED जांच कर रही है, जबकि राजनीतिक कार्यालय पर छापेमारी नहीं हुई। टीएमसी नेता कोयला घोटाले में शामिल हैं। टीएमसी और भ्रष्टाचार पर्यायवाची हैं।'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के बाद टीएमसी सांसदों को संसद स्ट्रीट पुलिस थाने ले जाया गया। पुलिस ने सांसदों को हिरासत में लेकर थाने में रखा और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई उनके कार्यालय के बाहर हुए विरोध के तुरंत बाद की गई।
ममता बनर्जी ने आज कोलकाता में एक बड़ी रैली की घोषणा की है, जिसमें वे खुद नेतृत्व करेंगी। रैली का उद्देश्य केंद्रीय एजेंसियों की I‑PAC के खिलाफ कार्यवाही तथा उनके खिलाफ उठ रहे राजनीतिक आरोपों के विरोध के रूप में देखा जा रहा है।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद डेरेक ओ ब्रायन, महुआ मोइत्रा समेत आठ सांसदों को पुलिस ने हिरासत में लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब शुक्रवार सुबह पार्टी के सांसदों ने दिल्ली में गृह मंत्रालय के बाहर प्रदर्शन किया। डेरेक ओ ब्रॉयन, महुआ मोइत्रा, कीर्ति आजाद नारेबाजी करते नजर आए। सांसदों ने बंगाल मोदी-शाह की गंदी चालें नहीं चलेंगी के नारे लगाए।
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा 'हम भाजपा को हराएंगे। पूरा देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है।' वहीं सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी कहा 'आप देख रहे हैं कि यहां सांसदों के साथ क्या हो रहा है।
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टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव वर्ष में राजनीतिक दबाव पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें टीएमसी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय की I‑PAC के खिलाफ छापेमारी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं।