तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख थलापति विजय को विधानसभा चुनाव में स्पष्ट बहुमत मिला है। नई सरकार के गठन की तैयारियां तेज हो गई हैं। विजय कल सुबह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत कई बड़े विपक्षी नेताओं के शामिल होने की संभावना है। चेन्नई में राजनीतिक हलचल लगातार बढ़ गई है।
तमिलनाडु में टीवीके की सरकार बनने का रास्ता साफ होते ही जश्न शुरू हो गया है। चेन्नई स्थित पार्टी मुख्यालय के बाहर भारी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भीड़ जमा हो गई। उत्साहित समर्थकों ने जमकर पटाखे फोड़े और अपनी खुशी का इजहार किया। विजय के मुख्यमंत्री बनने की आहट से कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह का माहौल है।
तमिलनाडु में सरकार गठन में देरी पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के. सेल्वापेरुन्थागई ने कड़ा ऐतराज जताया है। उन्होंने राज्यपाल से संविधान का पालन करते हुए लोकतंत्र बचाने की अपील की। सेल्वापेरुन्थागई ने सवाल किया कि 120 विधायकों का पूर्ण समर्थन होने के बावजूद टीवीके चीफ को मुख्यमंत्री बनने के लिए आमंत्रित क्यों नहीं किया जा रहा है। उन्होंने सीधा आरोप लगाया कि इस देरी के पीछे भाजपा की राजनीति है।
तमिलनाडु में टीवीके प्रमुख विजय का मुख्यमंत्री बनना अब तय हो गया है। वीसीके, भाकपा, माकपा, कांग्रेस और आईयूएमएल के मजबूत समर्थन के बाद सरकार गठन का रास्ता पूरी तरह साफ है। विजय चेन्नई स्थित अपने आवास से राजभवन के लिए निकल चुके हैं। सूत्रों के अनुसार, राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें आज शाम 6:30 बजे मुलाकात का समय दिया है।
तमिलनाडु के निवर्तमान मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य के ताजा राजनीतिक घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। स्टालिन ने स्पष्ट किया कि हालांकि उनके गठबंधन के कुछ साथियों ने मौजूदा संकट को टालने के लिए 'तमिलगा वेत्री कड़गम' को सरकार बनाने के लिए समर्थन दिया है, लेकिन वे वैचारिक रूप से अब भी द्रमुक के साथ हैं। स्टालिन ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस विधायकों ने गठबंधन का आभार तक नहीं जताया और उसी दिन नाता तोड़ लिया।
वहीं, वामपंथी नेताओं और वीसीके प्रमुख थोल. थिरुमावलवन का आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि ये दल अब भी द्रमुक के साथ मिलकर तमिलनाडु के हक की लड़ाई लड़ेंगे। स्टालिन ने वाइको, प्रेमलता विजयकांत और अन्य साथियों की वफादारी की भी सराहना की। जाते-जाते स्टालिन ने एक गरिमापूर्ण संदेश देते हुए इच्छा जताई कि विजय के नेतृत्व में बनने वाली नई सरकार उनके द्वारा शुरू की गई दूरदर्शी योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों को जारी रखेगी।
तमिलनाडु में सरकार बनाने की कोशिशों के बीच टीवीके (TVK) को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। IUML ने अपने 2 विधायकों के साथ विजय की पार्टी को समर्थन देने का एलान कर दिया है। इस नए समर्थन के बाद टीवीके गठबंधन के पास अब कुल 120 विधायकों का आंकड़ा हो गया है, जो बहुमत के लिए जरूरी 118 से दो ज्यादा है। इसके साथ ही विजय का मुख्यमंत्री बनना अब तय माना जा रहा है।
टीवीके नेता आधव अर्जुना ने एक पत्र सार्वजनिक करते हुए 'जीत' का उद्घोष किया है। अर्जुना का दावा है कि वीसीके ने सरकार बनाने के लिए टीवीके को अपना समर्थन दे दिया है।
तमिलनाडु में सरकार गठन को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच राज्य के पांच कांग्रेस विधायक शनिवार को हैदराबाद में डेरा डाले हुए हैं। माना जा रहा है कि पार्टी ने संभावित तोड़फोड़ या विधायकों की खरीद-फरोख्त की आशंका को देखते हुए यह कदम उठाया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, मेलूर से कांग्रेस विधायक पी. विश्वनाथन, जो पहले तेलंगाना में पार्टी मामलों के एआईसीसी प्रभारी रह चुके हैं, हैदराबाद में ठहरे इन पांच विधायकों के समूह का नेतृत्व कर रहे हैं। कांग्रेस पहले ही टीवीके को समर्थन देने का ऐलान कर चुकी है और यदि टीवीके की सरकार बनती है तो विश्वनाथन को मंत्री बनाया जा सकता है।
अभिनेता विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) ने तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने के बाद सरकार गठन के लिए कांग्रेस, भाकपा, माकपा और वीसीके से समर्थन मांगा था। ये सभी दल पहले डीएमके गठबंधन का हिस्सा थे। 23 अप्रैल को हुए अपने पहले विधानसभा चुनाव में टीवीके बहुमत के आंकड़े से 10 सीटें पीछे रह गई थी। वाम दलों की सहयोगी रही वीसीके के भी कम्युनिस्ट पार्टियों के रुख के बाद औपचारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने की घोषणा करने की संभावना है।
थोल थिरुमावलवन के नेतृत्व वाली VCK, राज्य में सरकार बनाने में विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने पर अपना आधिकारिक रुख आज घोषित करेगी। VCK के प्रवक्ता के.के. पावलन ने बताया कि थिरुमावलवन शाम 4 बजे यह घोषणा करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की उच्च-स्तरीय समिति ने शुक्रवार को उन्हें यह घोषणा करने के लिए अधिकृत किया था। हालांकि वामपंथी दलों ने पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया है, लेकिन थिरुमावलवन शुक्रवार शाम से ही इस घोषणा को टालते आ रहे हैं।
तमिलनाडु की राजनीतिक पार्टी एएमएमके ने गुइंडी पुलिस थाने में टीवीके के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। इस शिकायत में एएमएमके ने आरोप लगाया है कि टीवीके ने उनके समर्थन का फर्जी पत्र इस्तेमाल किया ताकि बहुमत साबित किया जा सके। यह शिकायत एएमएमके महासचिव टीटीवी दिनाकरण ने दर्ज कराई है। अधिकारियों का कहना है कि अभी इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। एएमएमके के राज्य में एकमात्र विधायक मन्नारगुडी सीट से विधायक एस कामराज हैं। दिनाकरण ने कहा टीवीके, जो खुद को पवित्र बताती है, वह फर्जीवाड़े और विधायकों की खरीद फरोख्त में शामिल है। हालांकि टीवीके ने एएमएमके के आरोपों को खारिज कर दिया और एक वीडिया जारी किया, जिसमें विधायक कामराज खुद समर्थन पत्र पर हस्ताक्षर करते दिखे।
तमिलनाडु में सरकार बनाने की खींचतान पर डीएमके नेता टीकेएस एलंगोवन ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि टीवीके प्रमुख विजय को शुरुआत में अकेले ही राज्यपाल के पास जाना चाहिए था। विजय ने दो सीटों पर चुनाव लड़ा था, इसलिए उनकी पार्टी के पास 107 सीटें थीं।
एलंगोवन के अनुसार, अगर विजय सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर अकेले दावा पेश करते, तो राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने का न्योता दे सकते थे। इसके बाद उन्हें सदन में अपनी ताकत साबित करने का मौका मिलता। लेकिन विजय ने दूसरी पार्टियों को साथ लिया और यह संख्या 112 तक पहुंच गई। 112 का आंकड़ा भी बहुमत के लिए जरूरी 118 सीटों से कम है। जब विजय ने गठबंधन के साथ दावा किया, तो राज्यपाल अब पूर्ण बहुमत मिलने का इंतजार कर रहे हैं। यही वजह है कि राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने के लिए नहीं बुला रहे हैं। अब विजय को सरकार बनाने के लिए पूर्ण बहुमत का आंकड़ा पार करना होगा।
तमिलनाडु के कांग्रेस विधायकों को बेंगलुरु भेजने की चर्चाओं पर कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इन खबरों को पूरी तरह से झूठ बताया है। शिवकुमार ने कहा कि कोई भी विधायक बेंगलुरु के ईगलटन रिसॉर्ट नहीं पहुंचा है। उन्होंने उन दावों को भी गलत बताया जिनमें कहा जा रहा था कि विधायक हैदराबाद चले गए हैं। शिवकुमार ने साफ किया कि उन्हें ऐसी किसी भी बात की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी हाईकमान ने इस विषय पर उनसे कोई चर्चा नहीं की है। शिवकुमार के अनुसार, अगर हाईकमान कुछ कहते हैं तो स्थिति अलग होती, लेकिन अभी तक ऐसी कोई बात नहीं हुई है।
तमिलनाडु के राजनीतिक संकट पर कांग्रेस के राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी ने अपनी बात रखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्यपाल का व्यवहार राज्य में वैकल्पिक सरकार बनने से रोकने वाला लग रहा है। तिवारी ने कहा कि राजनीति में ऐसे पल आते रहते हैं और इनसे घबराने की जरूरत नहीं है।
सांसद ने का कहना है कि उनका मुख्य उद्देश्य एआईएडीएमके के समर्थन से सरकार बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष शक्ति के रूप में काम कर रही है। पार्टी की पूरी कोशिश है कि भाजपा प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ता में न आ पाए।
प्रमोद तिवारी ने कार्यकर्ताओं और नेताओं से धैर्य रखने को कहा है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले भी कई बार मंत्रियों को हटाया गया है और कांग्रेस ने एकजुट होकर भाजपा और उसके सहयोगियों का मुकाबला किया है। फिलहाल कांग्रेस अपने सिद्धांतों पर चलते हुए राज्य में नई सरकार के गठन की कोशिशों में जुटी है।
विजय और थिरुमावलवन की संभावित मुलाकात को देखते हुए अशोक नगर स्थित वीसीके दफ्तर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। टीवीके प्रमुख विजय सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश कर रहे हैं।
तमिलनाडु में शुक्रवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर के खिलाफ प्रदर्शन किया। कांग्रेस का आरोप है कि राज्यपाल टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए बुलाने में जानबूझकर देरी कर रहे हैं।
चेन्नई, मदुरै और कोयंबटूर समेत राज्य के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन हुए। पार्टी कार्यकर्ताओं ने कहा कि इस देरी की वजह से राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो रही है। कांग्रेस को डर है कि इस समय का इस्तेमाल विधायकों को लालच देने या उनकी खरीद-फरोख्त के लिए किया जा सकता है।
तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के सेल्वापेरुन्थागाई ने राजभवन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल केंद्र की भाजपा सरकार के इशारे पर काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, सबसे बड़ी पार्टी को सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए तुरंत बुलाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्यपाल संवैधानिक नियमों का पालन करने में नाकाम रहे हैं।
वीसीके अध्यक्ष थोल थिरुमावलवन आज TVK को समर्थन देने के मुद्दे पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे।
चेन्नई में टीवीके की महिला विंग की राज्य समन्वयक डॉ स्फूर्ति अरुण ने वीसीके से समर्थन की अपील की है। उन्होंने कहा कि विजय अंबेडकर के बड़े समर्थक हैं और सामाजिक न्याय के लिए लड़ रहे हैं। वीसीके नेता थिरुमावलवन भी इसी विचारधारा को मानते हैं।
डॉ स्फूर्ति ने कहा, हमने वीसीके से साथ आने का अनुरोध किया है। इस मुद्दे पर अभी बातचीत चल रही है। उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों की सोच एक जैसी है। अगर वीसीके और टीवीके साथ आते हैं, तो यह एक बहुत मजबूत गठबंधन बनेगा। टीवीके को उम्मीद है कि सामाजिक न्याय की इस लड़ाई में उन्हें वीसीके का साथ जरूर मिलेगा।
तमिलनाडु में सरकार गठन: राज्य में जारी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच चेन्नई स्थित लोक भवन में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
टीटीवी दिनाकरन ने आरोप लगाया कि टीवीके ने राज्यपाल को जाली समर्थन पत्र सौंपा था।
तमिलनाडु में सरकार बनाने की हलचल के बीच कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने विरोधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने जनता का भरोसा खो दिया है, वे अब टीवीके प्रमुख विजय को मुख्यमंत्री बनने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने अपना फैसला सुना दिया है और इसे दबाना मुमकिन नहीं है। फिलहाल तमिलनाडु में सरकार बनाने को लेकर सियासी घमासान जारी है।
टीवीक को कांग्रेस, सीपीआई, वीसीके और सीपीआईएम समर्थन दे रही हैं। हालांकि वीसीके के समर्थन पर संशय है और अगर वीसीके के दोनों विधायक आधिकारिक रूप से विजय की टीवीके को समर्थन दे देते हैं तो सरकार गठन का रास्ता साफ हो सकता है।