डीएमके ने आज विधायक दल की बैठक की। इसमें कई बड़े प्रस्ताव पास हुए। पार्टी अध्यक्ष एम.के. स्टालिन को सभी राजनीतिक निर्णय लेने के लिए सर्वसम्मति से अधिकृत किया गया है। प्रस्ताव में जोर देकर कहा गया कि तमिलनाडु वर्तमान में किसी अन्य चुनाव के लिए तैयार नहीं है और राज्य को एक स्थिर सरकार की सख्त जरूरत है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि द्रविड़ आंदोलन के सिद्धांतों के विरोधी दलों को राज्य की राजनीति में जगह नहीं बनाने दी जाएगी। मौजूदा प्रशासनिक परिस्थितियों को देखते हुए स्टालिन अब गठबंधन और सरकार गठन पर अंतिम फैसला लेंगे।
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र अर्लेकर द्वारा टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित न करने पर कड़ी नाराजगी जताई है। नासिक में पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने इसे अत्यंत असंविधानिक कदम करार दिया। उन्होंने कहा कि 234 सदस्यीय सदन में 108 सीटों के साथ विजय की पार्टी सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। 112 विधायकों (कांग्रेस सहित) की सूची सौंपने के बाद भी न्योता न देना लोकतंत्र का अपमान है। राउत ने आरोप लगाया कि भाजपा के राज्यपाल जानबूझकर अड़ंगा लगा रहे हैं, जो पूरी तरह गलत है।
फिल्म निर्माता और मक्कल नीधि मैयम के नेता कमल हासन ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में जनता ने किसी एक दल को अपने दम पर सरकार बनाने का स्पष्ट बहुमत नहीं दिया है। तमिलनाडु के इतिहास में ऐसा परिणाम पहले कभी नहीं देखा गया। उन्होंने कहा कि उनके भाई एमके स्टालिन ने यह घोषणा की है कि उनकी पार्टी जनता के फैसले का सम्मान करेगी और जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाएगी। कमल हासन ने इसे राजनीतिक परिपक्वता बताया।
उन्होंने कहा कि अब सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों की भी जिम्मेदारी है कि वे संविधान के अनुसार अपना कर्तव्य निभाएं। उन्होंने कहा कि यह कोई मांग नहीं, बल्कि उनके सांविधानिक दायित्व की याद दिलाना है।
हासन ने कहा कि विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) ने 108 सीटें जीती हैं। ऐसे में उन्हें सरकार बनाने के लिए आमंत्रित नहीं करना तमिलनाडु की जनता के जनादेश का अपमान होगा। उन्होंने कहा कि 233 निर्वाचित सदस्य अब तक शपथ नहीं ले पाए हैं, जो लोकतंत्र और राज्य दोनों का अपमान है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एसआर बोम्मई मामले का हवाला देते हुए कहा कि बहुमत का परीक्षण विधानसभा में होना चाहिए, न कि राजभवन में। कमल हासन ने कहा कि वह पार्टी राजनीति की बात नहीं कर रहे, बल्कि एक भारतीय नागरिक के रूप में अपनी बात रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु की जनता के फैसले का सम्मान होना चाहिए।
टीवीके प्रमुख विजय शपथ तभी ले सकते हैं, जब उनके पास बहुमत साबित हो जाए। तमिलनाडु के राज्यपाल राज्य में एक स्थिर सरकार चाहते हैं। जैसे ही बहुमत साबित हो जाएगा, विजय शपथ ले सकते हैं। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
एआईएनआरसी के नेता एन रंगासामी ने पुदुचेरी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। रंगासामी ने अपना इस्तीफा उपराज्यपाल के. कैलाशनाथन को सौंपा। वह चार बार (2001-2006, 2006-2008, 2011-2016, और 2021 से अब तक) पुडुचेरी के मुख्यमंत्री रहे। रंगासामी के नेतृत्व वाले राजग ने 30 सदस्यीय विधानसभा में 18 सीटें जीत/बढ़त कर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। राजग में एआईएनआरसी, अन्नाद्रमुक, भाजपा और लछिया जननायगा कड़गम (एलजेके) शामिल हैं।
टीवीके प्रमुख विजय तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मुलाकात करने के लिए लोक भवन पहुंचे।
टीवीके प्रमुख विजय आज सुबह 11 बजे तमिलनाडु के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों के मुताबिक, तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके ने 234 में से 108 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई है। कांग्रेस ने पांच सीटें जीतने के बाद सरकार बनाने के लिए टीवीके को पूरा समर्थन देने का फैसला किया है।
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) के अध्यक्ष विजय ने मुख्यमंत्री बनने से पहले उन्हें प्रोटोकॉल के तहत दी गई पुलिस के काफिले वाली गाड़ियों को लेने से इनकार कर दिया। पार्टी ने गुरुवार को यह जानकारी दी।
एक पुलिस अधिकारी ने पुष्टि की कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद प्रोटोकॉल के अनुसार उन्हें जो मुख्यमंत्री स्तर की काफिले की गाड़ियां दी गई थीं, वे वापस कर दी गई हैं। लेकिन उन्हें आधिकारिक रूप से वापस नहीं लिया गया है। अधिकारी ने यह भी कहा कि शपथ ग्रहण समारोह की सभी तैयारियां पहले से ही चल रही हैं।
टीवीके ने साफ किया कि पार्टी के संस्थापक विजय ने खुद अनुरोध किया था कि काफिले की गाड़ियां वापस कर दी जाएं। टीवीके ने बयान जारी कर कहा कि विजय ने कहा है कि वह निर्णायक जनादेश के साथ सरकार बनाने के बाद ही मुख्यमंत्री स्तर की आधिकारिक सुरक्षा स्वीकार करेंगे। चार मई को जब टीवीके ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतीं, तब विजय को दी गई चार काफिले की गाड़ियां उनके आवास से उनके अनुरोध के बाद वापस भेज दी गईं।
बयान में कहा गया कि छह मई को भी पुलिस ने उनके पनैयूर स्थित आवास और यहां लोक भवन के सामने सुरक्षा तैनात की थी, जब विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था। उस समय भी विजय ने सरकारी वाहन का उपयोग नहीं किया और राज्यपाल से मिलने निजी तौर पर गए।
एआईएडीएमके ने कहा कि पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों (एमएलए) को पड़ोसी केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी ले जाया गया है और उन्हें वहीं ठहराया गया है। पार्टी प्रवक्ता कोवई सत्यन ने बुधवार को बताया कि विधायकों को पुदुचेरी में रखा गया है। लेकिन कितने विधायक वहां ले जाए गए हैं, इस बारे में उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी।
उन्होंने यह भी नहीं बताया कि इन विधायकों को पुदुचेरी ले जाने के पीछे क्या कारण है। यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब राज्य की 234 सीटों वाली विधानसभा में सरकार बनाने को लेकर सियासी हलचल तेज है और विभिन्न दलों के बीच समर्थन जुटाने की कोशिशें चल रही हैं।
इसी बीच, टीवीके बहुमत हासिल करने की कोशिश में जुटी हुई है। वहीं Iकांग्रे के पास 5 विधायक हैं और उसने पहले ही टीवीके को समर्थन देने की घोषणा कर दी है। हाल के विधानसभा चुनाव परिणामों के अनुसार, डीएमके को 59 सीटें मिली हैं। एआईएडीएमके को 47 सीटें मिली हैं, जबकि टीवीके ने 108 सीटों पर जीत दर्ज की है। इसके अलावा, कांग्रेस को 5, पीएमके को 4, आईयूएमएल को 2, भाकपा को 2, माकपा को 2 और वीसीके को 2 सीटें मिली हैं।
वीसीके के नेता तोल तिरुमावलवन ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने टीवीके प्रमुख विजय को सरकार बनाने का अवसर दिया है और उन्हें इसे आगे बढ़ाना चाहिए। तिरुमावलवन ने यह भी कहा कि यह जनता का जनादेश है। लेकिन टीवीके के पास अभी पूर्ण बहुमत नहीं है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से विजय ने कांग्रेस, वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल से समर्थन मांगा है। कांग्रेस पहले ही टीवीके को समर्थन दे चुकी है। हालांकि, वाम दल और वीसीके ने अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। तिरुमावलवन ने कहा कि वे जल्द ही अपने वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे, उसके बाद ही टीवीके के समर्थन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
डीएमके ने टीवीके को समर्थन देने के कांग्रेस के फैसले पर निशाना साधा है। डीएमके प्रवक्ता टीकेएस इलंगोवन ने कहा कि कांग्रेस ने चुनाव में टीवीके का मुकाबला किया था। लेकिन अब वह जनता का फैसला स्वीकार नहीं कर पा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने एआईएडीएमके के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन 28 सीटों में से सिर्फ पांच सीटें ही जीत सकी। इलंगोवन ने दावा किया कि कांग्रेस की खराब स्थिति के लिए टीवीके जिम्मेदार है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनता ने फैसला दे दिया है, तो कांग्रेस उसे स्वीकार क्यों नहीं कर रही।
तमिलनाडु कांग्रेस समिति ने टीवीके को सरकार बनाने के लिए समर्थन देने का एलान किया है। कांग्रेस ने द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था और उसे पांच सीटें मिली हैं। हालांकि, कांग्रेस ने समर्थन के साथ एक शर्त भी रखी है। पार्टी ने कहा कि टीवीके किसी भी ऐसी 'सांप्रदायिक ताकत' को अपने साथ न रखे, जो भारत के संविधान में भरोसा नहीं करती हो। कांग्रेस ने बयान में कहा कि तमिलनाडु कांग्रेस समिति और कांग्रेस विधायक दल ने टीवीके को पूरा समर्थन देने का फैसला किया है।
इधर, चेन्नई के जवाहर लाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में टीवीके प्रमुख विजय के शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां शुरू हो गई हैं। हालांकि, शपथ ग्रहण की तारीख को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है, क्योंकि सरकार बनाने के लिए टीवीके को अभी भी पांच और विधायकों के समर्थन की जरूरत है। पहले खबरें थीं कि विजय सात मई को शपथ ले सकते हैं।
तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने में लगी हुई है। इसी बीच, एआईएडीएमके ने साफ कहा है कि वह चुनाव के बाद विजय की पार्टी का समर्थन नहीं करेगी। एआईएडीएमके के उप महासचिव ने बयान जारी कर कहा, यह खबर पूरी तरह गलत है। किसी भी हालत में एआईएडीएमके, टीवीके का समर्थन नहीं करेगी। टीवीके ने तमिलनाडु विधानसभा की 234 में से 108 सीट पर जीत दर्ज की है। इसके साथ ही वह राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। हालांकि, सरकार बनाने के लिए पार्टी अभी भी बहुमत से 10 सीट पीछे है।