रतन टाटा के निधन पर पूर्व राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने कहा, "वो सादगी और विनम्रता के प्रतीक थे...उनकी सोच बहुत अच्छी थी...वो सबको कहते थे कि अगर उद्योग लगाना है या व्यापार करना है तो सबसे पहले राष्ट्रहित आपका होना चाहिए।
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि अर्पित हुए सोशल मीडिया एक्स पर लिखा- श्री रतन टाटा जी ने अपने अथक परिश्रम व प्रगतिशील दृष्टिकोण से भारतीय उद्योग जगत को नई ऊंचाइयां दीं। लोककल्याण व मानवता की सेवा के क्षेत्र में श्री रतन टाटा जी द्वारा गढ़ी गई अभूतपूर्व मिसाल सदियों तक प्रेरणा देती रहेगी। देश को उनकी कमी हमेशा खलेगी। श्री रतन टाटा जी के परिजनों एवं प्रियजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। ईश्वर उन्हें श्रीचरणों में स्थान दें। ॐ शांति!
उद्योगपति रतन टाटा का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ वर्ली श्मशान घाट पर किया जाएगा।
वर्ली श्मशान घाट पहुंचा रतन टाटा का पार्थिव
मुंबई के वर्ली श्मशान घाट पहुंचा रतन टाटा का पार्थिव, थोड़ी ही देर में अंतिम संस्कार किया जाएगा।
वर्ली श्मशान घाट पहुंचे उद्योगपति रतन टाटा के परिजन, थोड़ी देर में रतन टाटा का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति- अन्नपूर्णा देवी
झारखंड की राजधानी रांची में रतन टाटा के निधन पर केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा, उद्योग जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। रतन टाटा जी बहुत ही दयालु प्रवृत्ति के थे और झारखंड से उनका विशेष लगाव था, उन्होंने सामाजिक दायित्व का भी निर्वाहन किया, देश को आगे बढ़ाने में भी उनका योगदान रहा।
गृहमंत्री अमित शाह ने अर्पित की पुष्पांजलि
रतन टाटा जी के निधन पर शोक व्यक्त करने वाले लाखों भारतीयों में शामिल हुआ हूं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की ओर से भी पुष्पांजलि अर्पित की। रतन टाटा जी को हमेशा देशभक्ति और ईमानदारी के प्रतीक के रूप में याद किया जाएगा। दुनिया भर में सम्मानित एक उद्योगपति के रूप में, उन्होंने टाटा समूह को वैश्विक स्तर पर प्रसिद्धि दिलाई। उनका जीवन और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता भारत के औद्योगिक परिदृश्य में एक ध्रुव तारे के रूप में खड़ी है। उन्होंने स्वच्छ कॉर्पोरेट प्रशासन, नियमों का पालन करते हुए टाटा समूह का नेतृत्व किया और टाटा ट्रस्ट के माध्यम से एक बेहतर समाज बनाने का प्रयास किया। रतन टाटा जी की विरासत आने वाले लंबे समय तक देश के औद्योगिक क्षेत्र का नेतृत्व करने वालों का मार्गदर्शन करती रहेगी।
रतन टाटा को मरणोपरांत मिले भारत रत्न- जगताप
रतन टाटा के निधन पर कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा, रतन टाटा ने अपने उद्योग सिर्फ अपने फायदे के लिए नहीं चलाए, उस प्रगति में मानवीय चेहरा था। ऐसे व्यक्ति को पहले ही भारत रत्न दिया जाना चाहिए था लेकिन कुछ लोगों ने राजनीति की, अब उन्हें मरणोपरांत भारत रत्न दिया जाना चाहिए, वह इसके हकदार थे।
मेघालय के सीएम कॉनराड के संगमा ने जताया दुख
रतन टाटा के निधन पर मेघालय के सीएम कॉनराड के संगमा ने कहा, रतन टाटा के निधन के बारे में सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है, वह न केवल उद्योग और टाटा को बदलने के लिए एक बहुत ही प्रसिद्ध व्यक्ति थे। बल्कि उनके परोपकारी कार्यों और लोगों के प्रति दयालुता के कारण भी, जिसके लिए उन्हें सबसे ज्यादा याद किया जाएगा।
अंतिम सफर पर रतन टाटा
उद्योगपति रतन टाटा का पार्थिव शरीर मुंबई के एनसीपीए लॉन से अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा है। रतन टाटा का अंतिम संस्कार वर्ली श्मशान घाट पर होगा।
सुदर्शन पटनायक ने रतन टाटा को दी श्रद्धांजलि
ओडिशा के पुरी में रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए रेत पर कलाकृति बनाई।
'हमने एक एक महान व्यक्ति, एक सच्चे राष्ट्रवादी को खोया'
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा, यह देश के लिए सबसे दुखद दिनों में से एक है। हमने न केवल एक महान व्यक्ति, एक सच्चे राष्ट्रवादी, भारत की कहानी में विश्वास रखने वाले धरतीपुत्र को खो दिया है। अपने काम के प्रति जुनूनी, अपनी जीवनशैली में सरल, अपने मूल्यों में समृद्ध और फिर भी इतने विनम्र। पिछले हफ्ते, जब मैं न्यूयॉर्क में ताज होटल में था, तो लिफ्ट चलाने वाली महिला बहुत गर्व से मुझसे कह रही थी कि मैं रतन टाटा का दोस्त हूं और उन्होंने मुझे भारत आने के लिए आमंत्रित किया है। मैं रतन टाटा के मेहमान के रूप में 1 सप्ताह के लिए भारत आया था। रतन टाटा का यही चरित्र था। व्यापार जगत में, उन्होंने एक ऐसी विरासत छोड़ी है जिसे किसी के लिए भी कई जन्मों में हरा पाना बहुत मुश्किल होगा... जब टाटा स्टील ने अपने कुछ कर्मचारियों की संख्या कम कर दी, तो उन्होंने सुनिश्चित किया कि हर व्यक्ति को उनके शेष कार्य वर्षों के लिए पूरा वेतन मिले, बहुत प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, उन्होंने शुरुआत से ही अपने लिए एक पहचान बनाई।
उनका परोपकार दूसरों के लिए उदाहरण- प्रियांक खरगे
रतन टाटा के निधन पर कर्नाटक के मंत्री प्रियांक खरगे ने कहा, रतन टाटा सदी के सबसे बड़े प्रभावशाली लोगों में से एक थे। नए व्यवसाय बनाने, नवाचार करने और अपने सभी उपक्रमों में मानवीय भावना रखने के उनके जुनून के कारण, उन्होंने कभी भी शीर्ष अरबपतियों की सूची में जगह बनाने की कोशिश नहीं की। उनका परोपकार दूसरों के लिए एक उदाहरण है... उनका निधन न केवल उद्योग के लिए, बल्कि देश के लिए भी एक बड़ी क्षति है।
दिल्ली: रतन टाटा के निधन पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा ने कहा, "मैं उनसे कई बार मिला था. देश में उनका अपना स्थान था. वह देश के उद्योग जगत के स्तंभ थे, उनके जाने से जो शून्य पैदा हुआ है उसे भरना असंभव है।
दिल्ली: रतन टाटा के निधन पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "...टाटा हमारे देश के नवरत्नों में से एक हैं...मुझे उनके साथ कुछ समय बिताने का सौभाग्य मिला। रतन टाटा बहुत ही सहज, साधारण और बहुत स्नेहिल व्यक्ति थे। उनके निधन से देश को क्षति हुई है...हमें रतन टाटा जी की कमी जरूर खलेगी।
रतन टाटा के निधन पर भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, 'रतन टाटा जी से मेरा आखिरी संवाद इस साल फरवरी में हुआ था जब मुझे भारत रत्न से सम्मानित किए जाने पर बधाई देते हुए उनका गर्मजोशी भरा पत्र मिला था। उनकी गर्मजोशी, उदारता और दयालुता हमेशा बहुत प्यारी रही है।'
दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा को याद किया। उन्होंने कहा कि रतन टाटा का कल निधन हो गया। मैं उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। वे न केवल भारत में बल्कि दुनिया में एक सम्मानित उद्योगपति थे। उन्होंने ऐसे समय में टाटा समूह का नेतृत्व संभाला जब टाटा समूह के लिए बदलाव करना महत्वपूर्ण था। उन्होंने टाटा समूह के काम करने के तरीके और कई व्यवसायों को बदल दिया। रतन टाटा जी के नेतृत्व में व्यवसाय समूह ने शिक्षा और कैंसर उपचार सहित कई अन्य क्षेत्रों में बहुत काम किया। रतन टाटा की विरासत उद्योग जगत के लोगों का मार्गदर्शन करेगी।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा, 'भारत के कॉर्पोरेट जगत में एक दूरदर्शी नेता, मानवतावादी और महान व्यक्ति टाटा का जीवन विनम्रता और सफलता की एक असाधारण यात्रा थी। उनके असाधारण नेतृत्व में, टाटा ब्रांड ने अद्वितीय ऊंचाइयों को छुआ, नए आयाम जीते और हर भारतीय को गर्व से भर दिया। भारत को एक वैश्विक औद्योगिक शक्ति बनाने में उनके बेजोड़ योगदान ने एक अमिट छाप छोड़ी है।'
केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया और दक्षिणी राज्य के विकास के लिए उनके समर्थन को याद किया। उन्होंने कहा, 'भारतीय इतिहास में एक स्थायी विरासत रखने वाले उद्योगपति रतन टाटा के निधन से गहरा दुख हुआ। केरल के विकास के लिए उनके अटूट समर्थन को हमेशा याद किया जाएगा। उनके परिवार और टाटा समूह के प्रति हार्दिक संवेदना।'
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल रतन टाटा के साथ अपनी यादें ताजा करते हुए भावुक हो गए। उन्होंने कहा, 'मुझे याद है कि जब वे एक बार मुंबई में नाश्ते के लिए घर आए थे, तो हमने केवल एक साधारण इडली, सांभर, डोसा परोसा था... लेकिन उन्होंने बहुत सराहना की। उनके पास दुनिया के सबसे बेहतरीन रसोइये होंगे। लेकिन उन्होंने उस साधारण नाश्ते की बहुत सराहना की। वे नाश्ता परोसने वाले के प्रति बहुत दयालु थे और जब वे घर से जा रहे थे, तो उन्होंने बहुत ही खूबसूरत दो घंटे बिताने के बाद मेरी पत्नी से बहुत प्यार से पूछा - क्या आप मेरे साथ एक तस्वीर लेना चाहेंगी? हम वास्तव में ऐसा करना चाहते थे, लेकिन पूछने में शर्म आ रही थी। उन्होंने हमें यह पेशकश की और यही छोटे-छोटे विचारशील चीज़ें हैं जो उस व्यक्ति को रतन टाटा बनाती हैं जिन्हें 140 करोड़ भारतीय और पूरी दुनिया प्यार करती है।'
दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने कहा, "यह बहुत दुखद है। यह देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उन्होंने देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उद्योग और औद्योगीकरण और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए उनका विजन अद्भुत था। मेरी यही प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति मिले।"
मुंबई में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास ने कहा, 'हम अनुभवी उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। एक दूरदर्शी नेता और एक राष्ट्रीय आइकन जिनकी नवाचार और परोपकार के लिए अटूट प्रतिबद्धता ने भारत और दुनिया को बदल दिया। उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। हम उनके परिवार, दोस्तों और भारत के लोगों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।'
दिल्ली सरकार में मंत्री आप नेता सौरभ भारद्वाज ने रतन टाटा के निधन पर कहा, 'ऐसे लोग बहुत कम होते हैं जिनका कोई व्यापारिक साम्राज्य हो और जिनके बारे में लोग कहते हों कि वे मूल्यों वाले व्यक्ति थे... रतन टाटा एक ऐसा नाम थे जिनके व्यापारिक साम्राज्य और जिनके लिए लोगों के बहुत मन में सम्मान था, उनका निधन सभी के लिए दुखद है।'
उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, "रतन टाटा जी बहुत ही सफल उद्योगपति तो थे ही लेकिन उससे भी बड़े व्यक्ति के रूप में हम उन्हें देखते हैं। उन्होंने देश और समाज के लिए काम किया है। उन्होंने केवल सफल उद्योग नहीं बल्कि एक ऐसा ब्रांड खड़ा किया जिसने हमारे देश को एक वैश्विक पहचान दी... देश के लिए ये बहुत बड़ा नुकसान है।"
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, 'भारत के प्रसिद्ध उद्योगपति श्री रतन टाटा जी के निधन का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ। उन्होंने देश की औद्योगिक प्रगति और सामाजिक विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित किया। उनका दृष्टिकोण, समर्पण और व्यावसायिक कुशलता न केवल टाटा समूह को नई ऊंचाइयों तक ले गई, बल्कि राष्ट्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। उन्होंने रोजगार सृजन, समाज के सशक्तिकरण और नवाचार के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य किया। उनका जीवन हम सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।'
21वीं सदी के युवा उद्यमियों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहने वाले रतन टाटा नए युग की तकनीक से प्रेरित स्टार्ट-अप में भी निवेश करने से कभी पीछे नहीं हटे। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता में और कुछ निवेश कंपनी आरएनटी कैपिटल एडवाइजर्स के माध्यम से युवाओं की मदद की। टाटा ने 30 से अधिक स्टार्ट-अप्स में निवेश किया, जिनमें ओला इलेक्ट्रिक, पेटीएम, स्नैपडील, लेंसकार्ट और जिवामे प्रमुख हैं। उनके व्यक्तित्व का एक और पहलू उस समय सामने आया जब कुछ ही महीने पहले एक बरसात की शाम में टाटा ने आदेश दिया था कि मुंबई के डाउनटाउन में कंपनी के मुख्यालय के बाहर आवारा कुत्तों को आश्रय दिया जाए। ये घटना कुत्तों के प्रति उनकी करुणा की नजीर है।
86 वर्षीय विभूति रतन टाटा के निधन पर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा, भारतीय उद्योग जगत की एक महान हस्ती नहीं रही। उनका आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान भारत और उसके बाहर के उद्यमियों के लिए हमेशा प्रेरणादायी रहेगा। गहरी प्रतिबद्धता और करुणा के धनी, उनके परोपकारी योगदान और उनकी विनम्रता उनके द्वारा अपनाए गए आदर्शों को सटीक रूप से दर्शाती है। भारतीय उद्योग जगत के 'दिग्गज' के रूप में एक स्थायी विरासत छोड़कर जाने के कारण, भारत उन्हें बहुत याद करेगा। मैं इस दुख की घड़ी में उनके परिवार, मित्रों, प्रशंसकों और पूरे टाटा समूह के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करता हूं।'
रतन टाटा के निधन को अपूरणीय क्षति बताते हुए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा, 'भारत ने आज एक ऐसे महान उद्योगपति और उपाधि को खो दिया, न केवल भारतीय उद्योग जगत को नई ऊंचाई तक पहुंचाया, बल्कि अपनी निस्वार्थ सेवा और उदारता से समाज के हर वर्ग को प्रेरित किया। श्री रतन टाटा जी की सादगी, दूरदर्शिता और सेवा भावना युग-युगों तक प्रेरणा का स्रोत बनी हुई है। उनके देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है। ईश्वर दिव्य आत्मा को शांति प्रदान करें।'
रतन टाटा के निधन पर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी संवेदनाएं प्रकट कीं। उन्होंने कहा, रतन टाटा के निधन से बहुत दुःख हुआ। उद्योग और समाज में उनके उल्लेखनीय योगदान ने हमारे देश और दुनिया पर एक अमिट छाप छोड़ी है। वह सिर्फ़ एक व्यवसायिक आइकन ही नहीं थे, बल्कि विनम्रता, ईमानदारी और करुणा के प्रतीक थे। इस अपूरणीय क्षति की घड़ी में, हम उनके परिवार, दोस्तों और उन सभी लोगों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं।
उद्योग जगत के एक अन्य दिग्गज आनंद महिंद्रा ने भी टाटा के निधन पर शोक प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था ऐतिहासिक छलांग लगाने के कगार पर खड़ी है। इस स्थिति में आने में रतन के जीवन और काम का हमारे बहुत बड़ा योगदान है। ऐसे समय में उनका मार्गदर्शन और अमूल्य होता।
टाटा के निधन पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने कहा, 'रतन टाटा की तरह बहुत कम लोगों ने अपनी दूरदर्शिता और ईमानदारी से इस दुनिया पर ऐसी अमिट छाप छोड़ी है। आज, हमने न केवल एक व्यवसायी दिग्गज को खो दिया है, बल्कि एक सच्चे मानवतावादी को भी खो दिया है, जिनकी विरासत औद्योगिक परिदृश्य से आगे बढ़कर हर उस दिल में बसी है, जिसे उन्होंने छुआ था।'
क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने भी रतन टाटा के निधन पर शोक जताया। उन्होंने टाटा के भारत का असली रत्न करार दिया। उन्होंने कहा कि आने वाली कई पीढ़ियों को इससे प्रेरणा मिलेगी।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने टाटा को भारत के उद्योग जगत का स्तंभ बताते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था में इनका योगदान अभूतपूर्व है।
Ratan Tata Death: दिग्गज उद्योगपति और देश के दूसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान से सम्मानित रतन टाटा नहीं रहे। रतन टाटा के निधन पर देशभर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत तमाम हस्तियों ने दुख जताया है। टाटा के निधन पर इस औद्योगिक घराने के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने बयान जारी किया। उन्होंने कहा, 'हम रतन नवल टाटा को बहुत ही गहरे दुख के साथ विदाई दे रहे हैं। वे वास्तव में असाधारण शख्सियत थे। चंद्रशेखरन ने कहा, 'टाटा समूह के लिए, रतन टाटा एक अध्यक्ष से कहीं बढ़कर थे। मेरे लिए, वे एक गुरु, मार्गदर्शक और मित्र थे। उन्होंने उदाहरण के माध्यम से प्रेरित किया। उत्कृष्टता, अखंडता और नवाचार के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के साथ, उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने अपने नैतिक मानदंडों के प्रति हमेशा सच्चे रहते हुए वैश्विक स्तर पर विस्तार किया।
टाटा की पहल ने गहरी छाप छोड़ी, आने वाली पीढ़ियों को मिलेगा लाभ
चंद्रशेखरन ने कहा कि टाटा के परोपकार और समाज के विकास के प्रति समर्पण ने लाखों लोगों के जीवन को प्रभावित किया है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य सेवा तक, उनकी पहल ने एक गहरी छाप छोड़ी है जो आने वाली पीढ़ियों को लाभान्वित करेगी। तमाम कार्यों को सुदृढ़ बनाने में टाटा के साथ हुई हर व्यक्तिगत बातचीत उनकी वास्तविक विनम्रता की मिसाल है। टाटा संस के चेयरमैन चंद्रशेखरन ने कहा, 'पूरे टाटा परिवार की ओर से, मैं उनके प्रियजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। उनकी विरासत हमें प्रेरित करती रहेगी क्योंकि हम उन सिद्धांतों को बनाए रखने का प्रयास करते हैं जिनका उन्होंने इतने जुनून से समर्थन किया।'
प्रधानमंत्री मोदी का बयान
पीएम मोदी ने रतन टाटा को दूरदर्शी कारोबारी नेता, एक दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे। बकौल पीएम मोदी, रतन टाटा ने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। साथ ही, उनका योगदान बोर्डरूम से कहीं आगे तक गया।