प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस लिमिटेड द्वारा विकसित नागस्त्र-3 कामिकेज ड्रोन सिस्टम को अवलोकन किया। यह ड्रोन 100 किलोमीटर की दूरी तक के लक्ष्यों को भेद सकता है और इसकी मारक क्षमता 5 घंटे से ज्यादा है। प्रधानमंत्री मोदी सोलर इंडस्ट्रीज पहुंचे और यहां सोलर प्लांट में मध्यम ऊंचाई और लंबी दूरी के ड्रोन और उच्च ऊंचाई वाले लंबी दूरी के ड्रोन के लिए रनवे सुविधा का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि अगले ही महीने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी की जयंती भी है। आज मैं दीक्षाभूमि पर बाबा साहेब को नमन किया है और उनका आशीर्वाद भी लिया है। मैं इन विभूतियों को नमन करते हुए देशवासियों को नवरात्रि और सभी पर्वों की बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र यज्ञ के इस पावन अनुष्ठान में मुझे आज यहां आने का सौभाग्य मिला है। आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का ये दिन बहुत विशेष है। आज से नवरात्रि का पवित्र पर्व शुरू हो रहा है। देश के अलग अलग कोनों में आज गुड़ी पड़वा, उगादी और नवरेह त्योहार भी मनाया जा रहा है। आज भगवान झूलेलाल जी और गुरु अंगद देव जी का अवतरण दिवस भी है। ये हमारे प्रेरणापुंज परम पूज्यनीय डॉ साहब की जयंती का भी अवसर है। इसी साल आरएसएस की गौरवशाली यात्रा का 100 वर्ष भी पूरे हो रहे हैं। आज इस अवसर पर मुझे स्मृति मंदिर जाकर पूज्य डॉ. साहब और पूज्य गुरुजी को श्रद्धांजिल अर्पित करने का सौभाग्य मिला है।
प्रधानमंत्री मोदी ने म्यांमार में आए भूकंप का जिक्र किया। उन्होंने पीड़ितों की मदद के लिए चलाए गए ऑपरेशन ब्रह्मा के बारे में लोगों को बताया। उन्होंने कहा कि भारत सबकी मदद के लिए सबसे पहले तैयार रहता है। तुर्किये में आए भूकंप के बाद भारत ही सबसे पहले मदद के लिए आगे आया था। कही युद्ध की स्थिति हुई तो सिर्फ अपने ही नहीं, दूसरे देशों के लोगों को भी वापस लाने का काम किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने माधव नेत्रालय प्रीमियम सेंटर की आधारशिला रखी। इस दौरान RSS प्रमुख मोहन भागवत, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि महाराज और स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज भी मौजूद हैं।
दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को भी श्रद्धांजलि दी
प्रधानमंत्री मोदी ने दीक्षाभूमि पहुंचकर डॉ. बीआर आंबेडकर को भी श्रद्धांजलि दी। यहां डॉ. आंबेडकर ने 1956 में अपने हजारों अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था।
मोहन भागवत स्मृति मंदिर पहुंचे
RSS प्रमुख मोहन भागवत स्मृति मंदिर पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज स्मृति मंदिर और दीक्षाभूमि जाएंगे।