11:21 AM, 30-Apr-2023
मंजूर अहमद का जिक्र हुआ
प्रधानमंत्री ने कहा, ''जम्मू-कश्मीर की पेंसिल स्लेट्स के बारे में बताते हुए मंजूर अहमद का जिक्र हुआ था। मन की बात के इस सौवें एपिसोड में आपसे बात करके मुझे बहुत अच्छा लग रहा है। ये पेंसिल स्लेट्स का काम कैसा चल रहा है?''
मंजूर अहमद ने कहा, ''बहुत अच्छे से चल रहा है। जब से आपने हमारी बात मन की बात में कही, तब से बहुत काम बढ़ गया है। दूसरों को रोजगार मिल रहा है। मेरे पास दौ सौ से ज्यादा लोग हैं। एक-दो महीने में और दो सौ लोगों को रोजगार बढ़ जाएगा।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''मुझे बहुत खुशी हुई। मुझे बराबर याद है। उस दिन आपने मुझे कहा था कि यह ऐसा काम है, जिसकी कोई पहचान नहीं है। आपको इसकी पीड़ा भी थी। आपको इस पर मुश्किल भी होती थी। अब पहचान भी बन गई। दो सौ से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं। विस्तार करके और दो सौ लोगों को रोजगार दे रहे हैं। खुशी की खबर है।''
मंजूर अहमद ने इस पर कहा, ''किसानों को भी फायदा मिला। दो हजार का पेड़ अब पांच हजार का हो गया है। इतनी मांग बढ़ गई है। पहचान भी मिल रही है।''
प्रधानमंत्री ने कहा, ''देखिए, वोकल फॉर लोकल की ताकत कितनी जबर्दस्त है, यह आपने धरती पर उतारकर दिखा दी। मेरी तरफ से आपको और गांव के सभी किसानों को, आपके साथ काम कर रहे सभी साथियों को भी मेरी तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं।''