प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट किया कि लोथल में राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर की प्रगति की समीक्षा की। यह दुनिया का सबसे बड़ा समुद्री संग्रहालय होगा। यह भारत की प्राचीन समुद्री परंपराओं को प्रदर्शित करेगा और पर्यटन, अनुसंधान, शिक्षा और कौशल विकास के केंद्र के रूप में कार्य करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोथल में निर्माणाधीन राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर की प्रगति की समीक्षा की। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी वीडियो में पीएम मोदी को एनएमएचसी की प्रगति की समीक्षा करते हुए दिखाया गया। जिसका विकास 4,500 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि एनएमएचसी का विकास देश की समृद्ध समुद्री विरासत को प्रदर्शित करने के लिए किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रीनफील्ड औद्योगिक केंद्र धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र का हवाई सर्वे किया। पीएमओ ने मोदी के हवाई सर्वे का वीडियो फुटेज जारी किया। धोलेरा विशेष निवेश क्षेत्र अहमदाबाद से लगभग 100 किलोमीटर दक्षिण में और राज्य की राजधानी गांधीनगर से 134 किलोमीटर दूर है। डीएसआईआर राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (एनआईसीडीसी) द्वारा पश्चिमी समर्पित मालवाहक गलियारे के प्रभाव क्षेत्र में औद्योगिक क्लस्टरों और नोड्स का एक रैखिक क्षेत्र बनाने के महत्वाकांक्षी कदम का हिस्सा है।
पीएम मोदी ने लोगों से किया स्वेदेशी अपनाने की अपील
पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए हमे सभी क्षेत्रों में एकसाथ काम करना होगा और अब हम जब जानते है कि विकसित भारत का रास्ता आत्मनिर्भर भारत सो होकर गुजरता है। इसलिए हमें याद रखना है कि हम जो भी खरीदे स्वदेशी खरीदे, हम जो भी बेचे वो स्वदेशी हो। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं सभी दुकानदारों से आग्रह करता हूं कि आप अपनी दुकानों पर एक पोस्टक लगाए, जिसमें लिखा हो कि गर्व से कहो ये स्वदेशी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब देश को अपने जहाज निर्माण (शिपबिल्डिंग) को मजबूत करना चाहिए था, तब कांग्रेस सरकारों ने विदेशी जहाज किराए पर लेना ज्यादा बेहतर समझा। पीएम मोदी ने कहा कि इसके कारण भारत का अपना शिपबिल्डिंग इकोसिस्टम लगभग खत्म हो गया और विदेशी जहाजों पर निर्भरता मजबूरी बन गई। उन्होंने कहा कि करीब 50 साल पहले भारत का लगभग 40% व्यापार अपने ही जहाजों के जरिए होता था, लेकिन अब यह घटकर सिर्फ 5% रह गया है।
पीएम मोदी ने कहा कि इसका मतलब यह है कि आज भारत को अपने 95% व्यापार के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भर रहना पड़ता है, जिससे देश को भारी आर्थिक नुकसान होता है। इस दौरान प्रधानमंत्री ने इसे आत्मनिर्भर भारत के रास्ते में बड़ी रुकावट बताया और देश को फिर से समुद्री शक्ति बनाने की दिशा में कदम उठाने पर जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनना है, तो आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ देशवासियों का यही संकल्प होना चाहिए कि चिप हो या शिप, हमें सब कुछ भारत में ही बनाना होगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसी सोच के साथ अब भारत समुद्री सेक्टर में नेक्स्ट जेनरेशन रिफॉर्म की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया गया है, अब सरकार ने बड़े जहाजों को इंफ्रास्ट्रक्चर (बुनियादी ढांचे) के रूप में मान्यता दे दी है। इस कदम से भारत के समुद्री व्यापार, पोर्ट्स और शिपिंग इंडस्ट्री को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।
कांग्रेस ने देश की क्षमता को दबाया, युवाओं का भविष्य छीना- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत में सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस ने देश की क्षमताओं को नजरअंदाज कर दिया। उन्होंने कहा कि आजादी के 6-7 दशक बीत जाने के बाद भी भारत वह सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसका वह हकदार था। उन्होंने इसके दो मुख्य कारण बताए, पहला, कांग्रेस ने लंबे समय तक देश को लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा और वैश्विक बाजारों से अलग-थलग किया। दूसरा, जब वैश्वीकरण का दौर आया, तो सिर्फ आयात का रास्ता अपनाया गया और घोटालों का सिलसिला शुरू हुआ।
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की नीतियों ने देश के युवाओं का सबसे ज्यादा नुकसान किया और भारत की असली ताकत को सामने नहीं आने दिया। उन्होंने जोर दिया कि अब समय है कि भारत आत्मनिर्भर बने और दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा हो।
पीएम मोदी ने विदेशी निर्भरता को बताया भारत का असली दुश्मन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत विश्वबंधु की भावना के साथ आगे बढ़ रहा है और दुनिया में हमारा कोई बड़ा दुश्मन नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर भारत का कोई असली दुश्मन है, तो वह है दूसरे देशों पर हमारी निर्भरता। यही हमारी सबसे बड़ी कमजोरी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अब समय आ गया है कि हम सभी मिलकर इस दुश्मन को हराएं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करें।
आत्मनिर्भर भारत पर पीएम मोदी का जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जितनी ज्यादा विदेशी निर्भरता, उतनी ही ज्यादा देश की विफलता होती है। उन्होंने कहा कि शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाले देश यानी भारत को आत्मनिर्भर बनना ही होगा। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि जब तक हम अपनी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहेंगे, तब तक असली विकास संभव नहीं है। पीएम मोदी ने कहा कि 100 दुखों की एक ही दवाई आत्मनिर्भर भारत।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भारत में प्रतिभा और सामर्थ्य की कभी कोई कमी नहीं रही, लेकिन आजादी के बाद कांग्रेस सरकारों ने देश की क्षमताओं को नजरअंदाज किया। पीएम मोदी ने कहा कि देश आजादी के 6-7 दशक बाद भी वह सफलता हासिल नहीं कर पाया, जिसका वह हकदार था। इसके पीछे दो बड़े कारण रहे – कांग्रेस ने देश को लंबे समय तक लाइसेंस-कोटा राज में उलझाए रखा और भारत को दुनिया के बाजारों से दूर कर दिया।
उन्होंने कहा कि इन गलत नीतियों का सबसे बड़ा नुकसान देश के नौजवानों को हुआ, जिन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए पर्याप्त अवसर नहीं मिले। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में वर्तमान सरकार की योजनाओं को युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए उन्हें नई ऊर्जा देने की बात भी कही।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वे ऐसे समय में यहां आए हैं जब पवित्र नवरात्रि का त्योहार शुरू होने वाला है। उन्होंने कहा कि इस बार जीएसटी दरों में कटौती की वजह से बाजार और भी ज्यादा रंग-बिरंगे और जीवंत नजर आएंगे। कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि मैं माफी चाहता हूं कि हिंदी में बोल रहा हूं, लेकिन इस कार्यक्रम से देशभर के लाखों लोग जुड़े हैं, इसलिए मुझे हिंदी में बोलना जरूरी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में त्योहार, कारोबार और देश की अर्थव्यवस्था से जुड़े कई पहलुओं को सरल भाषा में जनता तक पहुंचाया।
पीएम मोदी ने कहा कि विश्व कर्मा जयंती से लेकर गांधी जयंती तक यानी 17 सितंबर से लेकर दो अक्तूबर तक पूरे देश में लाखों लोग सेवा पखवाड़ा मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि सैकड़ों जगहों पर रक्तदान केंद्र बनाया गया है। जहां लाखों लोग अपना रक्तदान कर चुके हैं।
पीएम नरेंद्र मोदी ने 'समुद्र से समृद्धि' को पूरे भारत का परियोजना बताया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत समेत विश्वभर जो मुझे प्यार मिला है, ये मेरी ताकत है।
पीएम नरेंद्र मोदी का गुजरात के भावनगर के गांधी मैदान से संबोधन शुरू...
भावनगर में पीएम मोदी ने 34,200 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की शुरुआत की
गुजरात के भावनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कई बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत ₹34,200 करोड़ से ज्यादा है। इनमें 'समुद्र से समृद्धि' नामक एक प्रमुख परियोजना भी शामिल है, जिसका उद्देश्य समुद्री क्षेत्र के जरिए व्यापार, रोजगार और विकास को बढ़ावा देना है। पीएम मोदी ने इन योजनाओं को गुजरात और देश के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा और कहा कि इससे आर्थिक तरक्की को नई रफ्तार मिलेगी।
प्रधानमंत्री मोदी ने भावनगर में किया रोडशो, लोगों ने जोरदार स्वागत किया
गुजरात के भावनगर में शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रोडशो में भाग लिया। यह रोडशो हवाई अड्डे से शुरू होकर लगभग एक किलोमीटर की दूरी तय करते हुए गांधी मैदान पर खत्म हुआ, जहां उनका सार्वजनिक कार्यक्रम था। रास्ते में बड़ी संख्या में लोग दोनों तरफ खड़े होकर मोदी को फूल भेंट कर और हाथ हिलाकर स्वागत कर रहे थे। रास्ते में मंच बनाए गए थे जहां नृत्य कलाकारों ने प्रदर्शन किया। साथ ही, ऑपरेशन सिंदूर की जीत के बैनर और जीएसटी सुधारों के लिए धन्यवाद के पोस्टर भी लगाए गए थे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज गुजरात के दौरे पर रहेंगे। उनके गुजरात दौरे की शुरुआत भावनगर से होगी। यहां वे 'समुद्र से समृद्धि' कार्यक्रम में शामिल होकर 34,200 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद वे एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वे धोलेरा का हवाई सर्वेक्षण करेंगे और समीक्षा बैठक करेंगे। प्रधानमंत्री अपने दौरे के दौरान लोथल में बन रहे नेशनल मरीन हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (एनएमएचसी) का भी जायजा लेंगे।