इंदिरा गांधी ने भी वीर सावरकर को बताया महान क्रांतिकारी
गृह मंत्री अमित शाह ने आगे कहा, 'क्या देशभक्ति किसी विचारधारा से जुड़ी हो सकती है? देश के प्रति बलिदान किसी धर्म के साथ जुड़ा हो सकता है?' शाह ने कहा कि इंदिरा जी ने सावरकर के निधन पर कहा, 'सावरकर एक महान व्यक्ति थे, उनका नाम साहस और देशभक्ति का पर्याय है। एक महान क्रांतिकारी, जिन्होंने अनगिनत लोगों को प्रेरणा देने का काम किया।'
एक अन्य वाक्य में इंदिरा गांधी ने श्री वाखले को पत्र लिखा था कि 'आपका पत्र मुझे मिला, वीर सावरकर द्वारा ब्रिटिश सरकार के प्रति साहसी प्रतिरोध का हमारे स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अपना एक महत्वपूर्ण स्थान है। मैं भारत के इस पुत्र की जन्म शताब्दी के लिए कोटि-कोटि शुभकामनाएं देती हूं।' अमित शाह ने कांग्रेस से कहा कि आप हमारी न सुनें लेकिन आप तो इंदिरा जी की भी नहीं सुनते।
'सारवरकर के खिलाफ झूठ फैलाया जाता है'
गृह मंत्री अमित शाह ने विनायक दामोदर सावरकर को लेकर राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान की भी आलोचना की। शाह ने कहा कि वीर सावरकर के खिलाफ हमेशा झूठ फैलाया गया। उन्होंने कहा,'लोकसभा में चर्चा के दौरान कांग्रेस के एक नेता ने सावरकर के लिए जो बयान दिए मैं उसे दोहरा नहीं सकता। उनके नाम के आगे जो वीर शब्द लगा है, ये किसी सरकार या किसी पार्टी के द्वारा नहीं दिया गया है। उनके नाम के सामने वीर, उनकी वीरता के कारण 140 करोड़ लोगों ने दिया है। ऐसे देशभक्त के लिए इस तरह के बयान देश के सबसे बड़ी पंचायत में दिए जाते हैं। इस संबंध में कई वर्षों से झूठ फैलाया जाता है। 1857 से लेकर 1947 तक के स्वतंत्रता संग्राम में किसी व्यक्ति को एक जीवन में दो आजीवन कारावास हुए हैं तो वो वीर सावरकर हैं।
'तुष्टिकरण, परिवारवाद, भ्रष्टाचार छोड़े कांग्रेस'
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, मैंने अभी-अभी सुना कि कांग्रेस पार्टी हरियाणा और महाराष्ट्र में हार के लिए आत्मनिरीक्षण करने के लिए एक समिति बना रही है। कोई समिति बनाने की कोई जरूरत नहीं है। तुष्टिकरण, परिवारवाद, भ्रष्टाचार छोड़ दो, जनता आपको चुनकर लाएगी। कुछ करने की जरूरत नहीं है।
'पुरानी परंपराओं पर हमें शर्म नहीं'
केंद्रीय गृह मंत्री ने राज्यसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, हमारी पुरानी परंपराओं पर हमें शर्म नहीं है। हम परंपराएं बदलेंगे। इंडिया गेट पर किंग पंचम जॉर्ज की मूर्ति हटा दी और सुभाष बाबू की प्रतिमा लगा दी। हमने वीर छत्रपति शिवा जी महाराज की प्रतिमा लगा दी। हमने राष्ट्रीय शहीद स्मारक बनाया और अमर जवान ज्योति को विलीन करने का काम किया। सेंगोल को इलाहाबाद के म्यूजियम में भेज दिया, नरेंद्र मोदी ने सेंगोल के विधिवत सेंगोल को संसद में स्थापित करने का काम किया।
संविधान पर चर्चा के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, संविधान दिवस मनाने पर लोग सवाल करते हैं, इसको जितनी बार स्मरण करोगे उतनी ही संविधान पर आस्था मजबूत होगी। अमित शाह ने दुष्यंत कुमार की इमरजेंसी पर लिखी पंक्तियां पढ़ीं- एक गुड़िया की कई कठपुतलियों में जान है..।
1975 के आपातकाल को लेकर कांग्रेस को घेरा
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपातकाल को लेकर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कई लोगों को इन्होंने जेल में डाल दिया था जिसमें से कई लोग आज इनके साथ बैठे हैं। देश पर कोई हमला हुआ था क्या या देश में कोई आफत आ गई थी। ऐसा कुछ नहीं हुआ था। बस इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके निर्वाचन को अयोग्य ठहरा दिया था। नीरज डे एक यस सर कहने की वजह से 11 साल तक देश के अटॉर्नी जनरल रहे। मैं तो छोटा था, जेल में नहीं जाना पड़ा। मेरी आयु होती तो पूरे 19 महीने जेल में बंद रहना पसंद करता। मुझे मालूमात इसलिए पड़ी क्योंकि बिनाका गीतमाला सुनता था। घर में झगड़ा किया तो पता चला कि इंदिरा गांधी और किशोर कुमार का झगड़ा हो गया। उनकी आवाज अब नहीं सुनाई देगी। लता दीदी की आवाज में फिर से रिकॉर्डिंग हुई और तब यह कार्यक्रम शुरू हुआ।
'कच्चातिवू द्वीप हमारा भूभाग है, लेकिन हमारे पास नहीं'
अमित शाह ने कांग्रेस पर नागरिक अधिकारों के कत्ल के लिए संविधान संशोधन करने का आरोप लगाते हुए कच्चातिवू द्वीप को लेकर भी कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि रातोंरात इन्होंने ये द्वीप श्रीलंका को दे दिया और संसद के पास विषय ही नहीं आया। आज भी यह हमारा भूभाग है, लेकिन हमारे पास नहीं है। आपने पार्टी को तो परिवार की जागीर समझा ही है, संविधान को भी परिवार की जागीर समझ लिया है।
संविधान के साथ ऐसा अन्याय दुनिया के किसी शासक ने नहीं किया होगा।
'हमने तीन तलाक खत्म कर मुस्लिम माताओं-बहनों को अधिकार दिया'
वोटबैंक की राजनीति कांग्रेस करती है, वोटबैंक की राजनीति हम नहीं कर रहे हैं। वोटबैंक की राजनीति करके मुस्लिम बहनों के साथ इतने दिनों तक अन्याय करने का काम... कांग्रेस पार्टी ने किया है। हमने तो ट्रिपल तलाक समाप्त करके मुस्लिम माताओं-बहनों को अधिकार दिया।
'संविधान लहराने का नहीं, विश्वास का विषय'
अमित शाह ने कहा कि, इस चुनाव में अजीबोगरीब नजारा देखा। किसी ने आम सभा में संविधान को लहराया नहीं। संविधान लहराकर, झूठ बोलकर जनादेश लेने का कुत्सित प्रयास कांग्रेस के नेताओं ने किया। संविधान लहराने का विषय नहीं है, संविधान तो विश्वास का विषय है, श्रद्धा का विषय है। लोकसभा में किसी को मालूम नहीं था, जागरुकता नहीं थी। महाराष्ट्र चुनाव में संविधान बांटे गए.. एक पत्रकार के हाथ में आ गया। वह कॉपी कोरी थी...प्रस्तावना तक नहीं थी। 75 साल के इतिहास में संविधान के नाम पर इतना बड़ा छल हमने नहीं देखा है, न सुना है। हार का कारण ढूंढते हैं, बता दूं कि लोग जान गए कि संविधान की प्रति फर्जी लेकर घूमते हो तो लोगों ने हरा दिया।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर साधा निशाना
हमारे संविधान को कभी भी अपरिवर्तनशील नहीं माना गया। समय के साथ साथ देश भी बदलना चाहिए, समय के साथ साथ कानून भी बदलने चाहिए और समय के साथ साथ समाज भी बदलना चाहिए। परिवर्तन इस जीवन का मंत्र है, सत्य है। इसको हमारे संविधान सभी ने स्वीकार किया था। इसलिए आर्टिकल 368 में संविधान संशोधन के लिए प्रावधान किया गया था। अभी कुछ राजनेता आए हैं और 54 साल की आयु में अपने आप को युवा कहते हैं और घूमते रहते हैं कि संविधान बदल देंगे, संविधान बदल देंगे। मैं उनको कहना चाहता हूं कि संविधान के प्रावधानों को बदलने का प्रावधान अनुच्छेद 368 के अंदर संविधान में ही है।
'संविधान को चलाने वालों की भूमिका सकारात्मक हो'
राज्य सभा में संविधान पर चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, संविधान की रचना के बाद डॉ अंबेडकर ने बहुत सोच समझकर एक बात कही थी कि कोई संविधान कितना भी अच्छा हो, वह बुरा बन सकता है, अगर जिन पर उसे चलाने की जिम्मेदारी है, वो अच्छे नहीं हों। उसी तरह से कोई भी संविधान कितना भी बुरा हो, वो अच्छा साबित हो सकता है, अगर उसे चलाने वालों की भूमिका सकारात्मक और अच्छी हो। ये दोनों घटनाएं हमने संविधान के 75 साल के कालखंड में देखी हैं।
चश्मा अगर विदेशी है, तो संविधान में कभी नहीं दिखाई देगी भारतीयता: अमित शाह
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा, कोई ये न समझे कि हमारा संविधान दुनिया के संविधानों की नकल है। हां, हमने हर संविधान का अभ्यास जरूर किया है, क्योंकि हमारे यहां ऋग्वेद में कहा गया है, हर कोने से हमें अच्छाई प्राप्त हो, सुविचार प्राप्त हो, और सुविचार को स्वीकारने के लिए मेरा मन खुला हो। हमने सबसे अच्छा लिया है, लेकिन हमने हमारी परंपराओं को नहीं छोड़ा है। पढ़ने का चश्मा अगर विदेशी है, तो संविधान में भारतीयता कभी दिखाई नहीं देगी।
सच हो रही महर्षि अरविंद और स्वामी विवेकानंद की भविष्यवाणी: शाह
संविधान पर चर्चा के जवाब में केंद्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा, आज हम जिस मुकाम पर खड़े हैं, उस मुकाम पर महर्षि अरविंद और स्वामी विवेकानंद की वो भविष्यवाणी सच होती दिखाई पड़ती है कि भारत माता अपनी देदीप्यमान ओजस्वी स्वरूप में जब खड़ी होंगी, तब दुनिया की आंखें चकाचौंध हो जाएगी और पूरी दुनिया रोशनी के साथ भारत की ओर देखेगी।
तानाशाहों के गुमान को जनता ने चकनाचूर किया: शाह
संविधान पर चर्चा पर जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, अनेक तानाशाहों के गुमान को चकनाचूर करने का काम इस देश की जनता ने किया है। लोकतांत्रिक तरीके से किया है। जो कहते थे कि भारत आर्थिक तौर पर कभी आत्मनिर्भर नहीं हो पाएगा, उन्हें भी हमारी जनता और संविधान की खूबसूरती ने जवाब दिया है। हम आज दुनिया का पांचवां अर्थ तंत्र बनकर दुनिया के सामने खड़े हैं।
अमित शाह ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, कांग्रेस ने 55 साल में 77 संशोधन किए। निर्लज्ज तरीके से संविधान संशोधन किए गए।
आज पाताल तक गहरा पहुंचा हमारा लोकतंत्र: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, जो कहते थे कि इस देश में लोकतंत्र सफल नहीं होगा। मैं उन सभी लोगों को सदन के माध्यम से कहना चाहता हूं कि 75 साल हो गए, हमारे पास-पड़ोस और दुनियाभर में लोकतंत्र सफल नहीं हुआ। हमारा लोकतंत्र आज पाताल तक गहरा पहुंचा है। अनेक परिवर्तन रक्त की एक बूंद बहाए बगैर हमने किए और विचारधाराओं के आधार पर भी हमने परिवर्तन किए।
सरदार पटेल की वजह से दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा देश: केंद्रीय गृह मंत्री
बहुत लंबी आजादी की लड़ाई के बाद हम आजाद हुए। जब हम आजाद हुए तब दुनियाभर के राजनीतिक पंडितों ने कहा था कि यह देश बिखर जाएगा। शायद बन ही नहीं पाएगा। कुछ लोगों ने कहा था कि यहां लोकतांत्रिक मूल्य प्रतिस्थापित हो ही नहीं पाएंगे। एकता हो ही नहीं सकती और यह देश आर्थिक रूप से कभी भी आत्मनिर्भर नहीं होगा। आज 75 साल के समय के बाद संविधान को स्वीकार करने के बाद पीछे मुड़कर देखते हैं, तो सरदार पटेल का मैं धन्यवाद करना चाहता हूं। सरदार पटेल के अथक परिश्रम के कारण देश आज एकजुट होकर दुनिया के सामने मजबूती से खड़ा है।
आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरक होगी संविधान पर चर्चा: अमित शाह
राज्यसभा में 'भारत के 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा' पर चर्चा जारी है। इस पर जवाब देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा,यह चर्चा हमारे संविधान के कारण हमारा देश कितना आगे बढ़ा, इसका अहसास हमारी जनता को कराएगा। उन्होंने कहा, संविधान पर दोनों सदनों में जो चर्चा हुई है, वह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरक होगी। गृह मंत्री ने कहा, सरदार पटेल की वजह से देश मजबूत हुआ है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह थोड़ी देर में संविधान पर चर्चा का जवाब देंगे।
'एक राष्ट्र एक चुनाव' पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा, 'ये लोग RSS के एजेंडा को लागू करना चाहते हैं इसलिए हम लोग कहते हैं कि ये लोग संविधान विरोधी हैं। अभी ये कह रहे हैं कि 'एक राष्ट्र एक चुनाव', आगे कहेंगे 'एक राष्ट्र एक पार्टी, फिर कहेंगे कि 'एक राष्ट्र एक नेता' क्या मतलब हुआ, बाद में पता चलेगा कि विधानसभा चुनाव की जरूरत ही नहीं है। ये बीजेपी के लोग वास्तविक मुद्दे पर बात नहीं करते हैं। कहते हैं कि इससे खर्चा बचेगा। तो पीएम मोदी कितना विज्ञापन में खर्चा करते हैं? वह चुनाव से ज्यादा विज्ञापन पर खर्चा करते हैं। वह 11 साल में विज्ञापन पर कितना खर्चा किए ये बता दें? जो बिहार में एक फेज में चुनाव नहीं करा सकता उससे क्या उम्मीद की जाए कि वह 'एक राष्ट्र एक चुनाव' कराए।
लोकसभा में एक देश एक चुनाव विधेयक स्वीकार कर लिया गया है। इसके लिए मतदान हुआ, जिसमें 269 वोट विधेयक के पक्ष में पड़े और 198 सांसदों ने विधेयक का विरोध किया। विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया है। मतदान के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई।
सत्ता पक्ष और विपक्ष की तरफ से भी विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति को भेजने की मांग की गई है। वहीं एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने विधेयक का समर्थन किया।
एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह संविधान के आधारभूत ढांचे के खिलाफ है। यह विधेयक क्षेत्रीय पार्टियों को खत्म कर देगा और इससे सिर्फ राष्ट्रीय पार्टियों को फायदा होगा।
भाजपा ने एम्स, भुवनेश्वर और अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के चुनाव के लिए मतदान करने के लिए राज्यसभा सांसदों को तीन लाइन व्हिप जारी किए हैं। चुनाव गुरुवार, 19 दिसंबर, 2024 को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कमरा नंबर 63, संविधान सदन में होगा।
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि यह लोगों के वोट देने के अधिकार पर हमला है। चुनाव आयोग को इस विधेयक में बहुत ज्यादा अधिकार दिए गए हैं। संविधान में चुनाव आयोग को सिर्फ चुनाव कराने की व्यवस्था करने का ही प्रावधान किया गया है, लेकिन इस विधेयक में राष्ट्रपति के चुनाव आयोग से चुनाव को लेकर सलाह लेने का प्रावधान दिया गया है, जो संविधान के खिलाफ है।
टीएमसी के सांसद कल्याण बनर्जी ने विधेयक का विरोध करते हुए कहा कि संविधान संशोधन के तहत चुनाव आयोग को काफी शक्तियां दी जा रही हैं, जिसके बाद राज्य सरकारें चुनाव आयोग के सामने कुछ नहीं रह जाएंगी। कल्याण बनर्जी ने कहा कि यह विधेयक संविधान के खिलाफ है।
इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग ने भी विधेयक का विरोध किया। वहीं एनडीए की सहयोगी तेदेपा ने विधेयक को समर्थन देने की बात कही।
लोकसभा में एक देश एक चुनाव विधेयक पेश कर दिया गया है। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विधेयक को सदन के पटल पर रखा। विपक्ष इस विधेयक का विरोध कर रहा है। विपक्ष ने विधेयक को असंवैधानिक बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
नड्डा ने कांग्रेस को आईना दिखाते हुए कहा कि जब देश में आपातकाल लगाया गया था, तब देश को कोई खतरा नहीं था बल्कि कुर्सी को खतरा था। आपातकाल के दौरान मीसा कानून के तहत हजारों लोगों को जेल में डाला गया। मीसा कानून का जिक्र कर नड्डा ने मीसा भारती का नाम रखने की वजह भी बताई। नड्डा ने विपक्ष के मीडिया का गला घोंटने के आरोपों पर कहा कि कांग्रेस सरकारों में मीडिया का किस तरह गला घोंटा गया कि इसके विरोध में अखबारों के पन्ने खाली छोड़ दिए गए थे।
राज्यसभा में संविधान पर चर्चा के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि अनुच्छेद 370 के तहत धारा 35ए बिना संसद की मंजूरी के जोड़ी गई। 35ए ही यह तय करता है कि जम्मू कश्मीर का नागिरक कौन होगा। नड्डा ने कहा कि देश के कई कानून जम्मू कश्मीर में लागू ही नहीं होते थे। देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान हो गए थे।
नड्डा ने कहा कि बंटवारे के बाद पाकिस्तान से आए कई लोग इस देश में प्रधानमंत्री बने, लेकिन जम्मू कश्मीर में ऐसे लोग पंचायत के अध्यक्ष तक नहीं बन सकते थे। जम्मू कश्मीर में पंजाब से सफाई कर्मचारी लाए गए थे और अनुच्छेद 370 के चलते उन सफाई कर्मचारियों के बच्चे सिर्फ सफाई कर्मचारी की नौकरी कर सकते थे न वो डॉक्टर बन सकते थे और न ही इंजीनियर। आज प्रधानमंत्री मोदी की वजह से जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न अंग बन गया है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार को लेकर विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के अंदर विरोध प्रदर्शन किया।
वन नेशन वन इलेक्शन पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'यह भारत के संविधान और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर एक हमला है जिसका पुरजोर विरोध कांग्रेस पार्टा और INDIA गठबंधन करेगा। यह बिल भाजपा की मंशा व्यक्त करता है कि वो किस प्रकार से भारत के चुनाव की निष्पक्षता को छिनने की कोशिश कर रहे हैं। भारत में निष्पक्ष चुनाव की हमारी मांग है।'
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू हो गई है। इस बीच विपक्षी सांसदों ने संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
हमारी पार्टी की मांग JPC की होगी: सुले
वन नेशन वन इलेक्शन पर NCP-SCP सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, "इसपर और चर्चा होने की जरूरत है...जो भी निर्णय हो, वो सभी से चर्चा करने के बाद हो। हमारी पार्टी की मांग JPC की होगी..."
सपा करेगी विरोध
वन नेशन, वन इलेक्शन पर समाजवादी पार्टी सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, "हमारी पार्टी उसका विरोध करेगी क्योंकि वो संविधान की तमाम धाराओं के खिलाफ है..."
कांग्रेसी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप
सभी कांग्रेसी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया गया है, जिसमें आज की कार्यवाही के लिए सदन में उनकी उपस्थिति अनिवार्य की गई है।
Winter Session of Parliament 2024 Live Updates : लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में पेश किया जाएगा। लोकसभा के एजेंडे में कहा गया है कि संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक के रूप में जाना जाता है, इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल पेश करेंगे। इसके साथ ही राज्यसभा में 'संविधान पर चर्चा' होगी।