जदयू सांसद और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन (ललन) सिंह ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी के शासनकाल के दौरान बाबा साहब भीम राव अंबेडकर को अपमानित किया गया और अब राहुल गांधी खुद की तुलना भीम राव अंबेडकर से कर रहे हैं। यह बचपना नहीं तो और क्या है? कल की जो घटना है, उनकी (राहुल गांधी) अगर नीयत सही होती तो ये घटना नहीं होती। यह सब अपरिपक्वता के गुण हैं। वे(राहुल गांधी) छात्र नेता की तरह व्यवहार करते हैं और सपना प्रधानमंत्री बनने का देखते हैं। लोकतंत्र इस तरह नहीं चलता है।'
भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, 'बड़ा दुर्भाग्य है कांग्रेस की मानसिकता पर, कांग्रेस की सोच पर और कांग्रेस के पागलपन पर कि अब वे बाबा साहब की तुलना राहुल गांधी से कर रहे हैं। और कल तो उन्होंने (राहुल गांधी) आदिवासी महिला को अपमानित करके खुद को आदिवासी और महिला विरोधी भी साबित कर दिया है।'
सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने पर कहा, 'यह संसद परिसर का मामला है। अगर कोई बात थी तो पहले लोकसभा अध्यक्ष के संज्ञान में जानी चाहिए थी। अध्यक्ष स्तर से इसका समाधान होना चाहिए था। यह संसद और परिषद में हमारे अध्यक्ष की सर्वोच्चता को चुनौती है।'
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मैं बहुत निराश हूं। मुझे लगता है कि हमारे देश में कई ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे हैं जिन पर चर्चा होनी चाहिए। दुख की बात है कि इस समय का अधिकांश हिस्सा व्यवधान में बर्बाद हो गया है। मुझे लगता है कि हमने भारत के लोगों को निराश किया है। यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। संसद बहस और चर्चा के लिए एक मंच है लेकिन व्यवधान के लिए नहीं है।'
भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'राहुल गांधी का जो अहंकार कल देखने को मिला और अपने साथी सांसदों का प्रति जो उनका रवैया था वो बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। सब नियमों का उल्लंघन करके, जो तय रास्ता था वहां से जाने के बजाय जान-बूझकर दलबल को साथ में लेकर जिस तरह से उन्होंने हुड़दंग मचाया है। यह माफी लायक नहीं है। एक नेता प्रतिपक्ष क्या इस सोच के साथ जा सकता है? जब उन्हें(राहुल गांधी) घायल के पास लेकर गए तो हाल चाल पूछना छोड़िए, माफी मांगना छोड़िए उनके चेहरे पर अहंकार नजर आ रहा था। उनका (राहुल गांधी) बयान था कि धक्का-मुक्की तो होती रहती है। इससे स्पष्ट होता है कि उनकी सोच है कि किसी के साथ कुछ भी कर दो, हमें तो कुछ होने वाला नहीं है।'
राज्यसभा की कार्यवाही भी 12 बजे फिर शुरू हुई, लेकिन हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को संसद परिसर में सांसदों की धक्का-मुक्की वाले विवाद पर कहा, 'यह सरकार डरती है। यह सरकार अदाणी मामले पर चर्चा करने से डरती है। यह किसी भी चर्चा से डरती है। उन्हें पता है कि आंबेडकर के लिए उनकी सच्ची भावनाएं सामने आ चुकी हैं। इसलिए, अब वे विपक्ष से डरे हुए हैं क्योंकि हम इस मुद्दे को उठा रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'यह सरकार की हताशा है। वे इतने हताश हैं कि वे झूठी FIR दर्ज कर रहे हैं। राहुल कभी किसी को धक्का नहीं दे सकते। मैं उनकी बहन हूं, मैं उन्हें जानती हूं। वे ऐसा कभी नहीं कर सकते। सच कहूं तो, देश भी यह जानता है। ये सब ध्यान भटकाने वाली बातें हैं।'
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, 'संसद की कार्यवाही तो खत्म हो जाएगी लेकिन मुद्दा खत्म नहीं होता है। विपक्ष की मांग है कि उन्हें(अमित शाह) अपनी गलती स्वीकार करनी चाहिए। देश को आगे ले जाने के लिए बाबा साहेब का संविधान ही हमें रास्ता दिखाता है और भाजपा समय-समय पर संविधान को कमजोर करने की कोशिश करती है। भाजपा के लोग सबसे पहले असंवैधानिक काम करते हैं, अन्याय करते हैं और जब आप पीड़ित लोगों के पक्ष में खड़े होते हैं तो वे आप पर झूठे मुकदमें लगाते हैं। उन्हें(अमित शाह) अपने शब्द वापस लेने चाहिए और बाबा साहेब भीम राव अंबेडकर जी का अपमान नहीं करना चाहिए।'
लोकसभा ने देश में एक साथ चुनाव कराने से संबंधित दो विधेयकों को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजने के प्रस्ताव को मंजूरी दी।
राज्यसभा में भी आंबेडकर मुद्दे पर हंगामा हुआ, जिसके बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई।
संसद की कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। दरअसल आंबेडकर मुद्दे पर शुक्रवार को भी हंगामा जारी रहा।
NDA सांसदों ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया और कांग्रेस पार्टी पर डॉ. बीआर आंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाया।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा राज्यसभा में डॉ. बीआर आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में INDIA अलायंस के सांसदों के विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं।
Winter Session of Parliament 2024 Live Updates: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से राज्यसभा में डॉ. बीआर आंबेडकर पर की गई टिप्पणी के विरोध में विपक्षी गठबंधन के सांसदों ने विरोध प्रदर्शन किया। जवाब में भाजपा ने भी बीते दिन हुई धक्कामुक्की की घटना को लेकर राहुल गांधी को सदन से निलंबित करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।