संचार मंत्रालय ने संसद को बताया कि सरकार को किसी भी व्यक्ति के किसी भी संदेश को गैरकानूनी ढंग से जानकारी में लेने के बारे में सूचना नहीं है। संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान ने राज्यसभा में इस संबंध में पूछे गए सवालों का जवाब ‘नहीं’ में दिया। उनसे पूछा गया था, ‘‘क्या सरकार को किसी भी संदेश की सामग्री के किसी भी गैरकानूनी तरीके से जानने के बारे में पता है।’ यह भी पूछा गया था कि क्या सरकार को किसी अधिकृत अधिकारी के बारे में पता है जो अवैध रूप से किसी संदेश के बारे में जानकारी ले रहा है?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारत में रोजाना औसतन 13,555 ट्रेनें चल रही हैं और इनमें से 37 फीसदी डीजल इंजनों से चल रही हैं। शेष 63 प्रतिशत बिजली के इंजनों के जरिए चलाई जा रही हैं। उन्होंने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में इस बात की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि देश भर में 6071 रेलवे स्टेशनों पर वाई-फाई सेवाएं मुहैया कराई गई हैं और हर महीने करीब 97.25 टेराबाइट डेटा का उपयोग होता है।
केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में कहा कि राजद्रोह से जुड़ी भारतीय दंड संहिता की धारा 124ए को हटाने से संबंधित कोई प्रस्ताव गृह मंत्रालय के पास विचाराधीन नहीं है।
कांग्रेस की राज्यसभा सदस्य एमी याज्ञनिक ने प्रस्ताव रखकर संयुक्त संसदीय समिति का गठन करने की मांग की है, जो सभी संबंधित पक्षों के साथ काम कर देश में हवा, पानी और जमीन प्रदूषण के वर्तमान हालात पर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत कर सके। उन्होंने सदन के पटल पर रखे निजी प्रस्ताव में सरकार से पर्यावरण प्रदूषण पर नियंत्रण और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए सख्त कानूनी प्रावधान करने की मांग भी की। याज्ञनिक ने कहा कि विभिन्न तरह के प्रदूषण की जांच के लिए देश में कई कानून-नीतियां, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जैसे प्राधिकरण हैं, लेकिन समस्या बनी रहती है।
सदस्यों से प्रस्ताव पास करने का अनुरोध करते हुए उन्होंने कहा कि इससे सभी क्षेत्रों के विशेषज्ञ, सभी कानून, नीतियां और नियम साथ आ सकेंगे। इन्हें अलग-अलग लेकर हम समस्या को कई गुना बढ़ा रहे हैं। हमें समझने की जरूरत है कि प्रावधान लागू कराने वाली एजेंसियों से कैसे व्यवहार किया जाए और नियमों का पालन न होने में उनकी क्या भूमिका है। आज के समय में स्वास्थ्य एक बड़ी समस्या है और यह विभिन्न तरह के प्रदूषण से प्रभावित हो रहा है। निर्मल भारत और स्वच्छ भारत जैसी योजनाओं के बावजूद हालात उन स्थानों पर काफी कठिन हैं, जहां कचरा जलाया जा रहा है या कचरे के उपचार का कोई इंतजाम नहीं और अनुपचारित औद्योगिक अपशिष्ट नदियों में बहाया जा रहा है।
उनके प्रस्ताव में हवा, जल और भूमि प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों का पता लगाने और उन पर लगाम लगाने के लिए कदम उठाने की मांग की गई है।
रेलमंत्री ने कहा कि ट्रेना सेवा बहाल होने के बाद मेल और एक्सप्रेस ट्रेनें सामान्य किराये के साथ चल रही हैं। वहीं, कोरोना के कारण स्टेशनों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए प्लेटफॉर्म टिकटों की बढ़ी दरों को कम करके पहले वाली कीमत पर बेचा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि कोरोना लोकडाउन के कारण सभी यात्री ट्रेनों को 23 मार्च, 2020 से निरस्त कर दिया गया था, जबकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बहाल रखने के लिए मालगाड़ी का संचालन जारी रखा गया था।
केंद्र सरकार पराली जलाने के संकट से उबरने के लिए इसके जैव ईंधन के तौर पर इस्तेमाल की योजना बना रही है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने लोकसभा में जलवायु परिवर्तन पर चर्चा के दौरान यह जानकारी दी। शिरोमणि अकाली दल की सदस्य हरसिमरत कौर बादल ने कहा कि पराली जलाने को लेकर पंजाब के किसानों को बदनाम किया जा रहा है। उन्होंने सरकार से उन किसानों को इस समस्या से निपटने के लिए संसाधन उपलब्ध कराने को कहा। यादव ने कहा कि एनटीपीसी ने हाल ही में किसानों से 3000 टन पराली खरीदी है और सरकार इसकी समीक्षा करेगी कि इसका जैव ईंधन के तौर किस प्रकार इस्तेमाल किया जा सकता है।
संसद के जारी शीतकालीन सत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को शीर्ष मंत्रियों के साथ रणनीतिक बैठक की। 29 दिसंबर को शुरू हुए सत्र में अब तक दोनों सदनों में लगातार व्यवधान जारी है और यह 23 दिसंबर को समाप्त हो जाएगा। इस दौरान कई विधेयकों को पेश और पारित कराया जाना है। इस बैठक में गृहमंत्री अमित शाह, वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण, उपभोक्ता एवं खाद्य एवं जनवितरण मामलों के मंत्री पीयूष गोयल आदि शामिल रहे।
रेल मंत्री अश्विन वैष्णव ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की दहशत के बीच ट्रेनों में यात्रियों को बेडरोल सुविधा बहाल करने के पहले स्थिति पर पूर्ण विचार किया जाएगा। रेलवे ने पिछले माह अपनी कुछ सेवाओं को बहाल कर दिया था। कोरोना महामारी के बाद से कई सेवाएं बंद थीं। इसके अलावा ट्रेनों के आगे से विशेष का तमगा भी हटा दिया था, जिससे किराया पुन: सामान्य हो गया। वहीं ट्रेनों में गर्म खान मुहैया कराने का भी फैसला किया था। हालांकि बेड रोल्स प्रदान करने का निर्णय अब भी लंबित है। राज्यसभा में एक तारांकित सवाल के लिखित जवाब में मंत्री वैष्णव ने कहा कि हम बेड रोल्स की सुविधा बहाल करने ही वाले थे, लेकिन ओमिक्रॉन के खतरे के बाद पर्याप्त विचार के बाद ही बहाल किया जाएगा।
लोकसभा में, नियम 193 के तहत जलवायु परिवर्तन पर चर्चा जारी है। सरकार ग्लोबल वार्मिंग कम करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने आगे कहा कि पहले पोस्टमॉर्टम करने का एक नियम था, दिन में ही पोस्टमार्टम किया जाता था, क्योंकि पहले बिजली की सुविधा और तकनीक अच्छी नहीं थी, लेकिन अब बिजली और टेक्नोलॉजी भी बदल चुकी है। इसलिए अब रात में भी पोस्टमॉर्टम का काम चलता रहेगा। कई खास मामलों में, वीडियोग्राफी के साथ दिन में पोस्टमॉर्टम किया जाता है।
लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कहा कि ओमिक्रॉन पर वैक्सीन कितनी प्रभावी है, उसके लिए लैब में स्टडी जारी है। इसके बाद ही उन्होंने बताया कि जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए देश में 36 लैब उपलब्ध हैं। इन लैबों में एक साथ 30 हजार जीनोम सीक्वेंसिंग की जा सकती हैं। प्राइवेट लैब का इस्तेमाल कर इसकी क्षमता भी बढ़ा सकते हैं।
लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही शुरू हो गई है। लोकसभा में प्रश्नकाल चल रहा है।
संसद शुरू होने से पहले संसद भवन में प्रधानमंत्री मोदी ने वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठक की। बैठक में अमित शाह, राजनाथ सिंह, पीयूष गोयल, निर्मला सीतारमण, अनुराग ठाकुर और किरण रिजाजु शामिल हुए।
संसद के शीतकालीन सत्र का आज 10वां दिन है। 12 सांसदों के निलंबन मामले पर विपक्ष का धरना प्रदर्शन आज भी जारी रहेगा। लोकसभा में आज जलवायु परिवर्तन पर नियम 193 के तहत चर्चा होने के आसार है। वहीं, नारकोटिक ड्रग्स और साइकोट्रॉपिक पदार्थ संशोधन विधेयक 2021 (NDPS act) को पेश कर पारित किया जा सकता है। संसदीय कार्य राज्यमंत्री अर्जुन राम मेघवाल अगले सप्ताह के सरकारी कार्यों के बारे में जानकारी देंगे। इसके अलावा राज्यसभा में याचिका समिति का प्रतिवेदन पेश किया जाएगा।