Special Parliament Session News Live Updates: संसद के विशेष सत्र का आज तीसरा दिन है। आज लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन विधेयक’ पर लंबी बहस की जाएगी। बता दें, कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में विधेयक पेश किया था।
लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास
लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पास हो गया है। इसके पक्ष में 454 वोट पड़े। इस बिल का विरोध सिर्फ दो लोगों ने किया। अब देश की निगाहें राज्यसभा पर लगी हुई हैं।
महिला आरक्षण विधेयक पर मतदान
लोकसभा में लंबी चर्चा के बाद पर्चियों के जरिए महिला आरक्षण विधेयक पर मतदान हो रहा है।
राज्यसभा 21 सितंबर तक स्थगित
संसद का विशेष सत्र: राज्यसभा 21 सितंबर तक स्थगित हुई।
पर्चियों के जरिए महिला आरक्षण विधेयक पर मतदान
लोकसभा में पर्चियों के जरिए महिला आरक्षण विधेयक पर मतदान होगा। थोड़ी देर में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर वोटिंग कराई जाएगी।
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कही यह बात
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सुषमा स्वराज जी ने कहा था कि महिलाओं के प्रतिनिधित्व के बिना यह विकास यात्रा अधूरी है।
LIVE: 'डरो मत बनाम डरो मत', लोकसभा में राहुल और अमित शाह आमने-सामने
राहुल गांधी ने महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लिया और आखिर में जातिगत जनगणना का मुद्दा उठाया। इसके बाद लोकसभा में सत्तापक्ष की तरफ से शोर होने लगा। तब राहुल गांधी ने कई बार सत्तापक्ष के सदस्यों से कहा- डरो मत, डरो मत, डरो मत। एक बार लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने उन्हें इसके लिए टोका भी कि इस तरह के शब्दों का प्रयोग उचित नहीं है। राहुल गांधी के भाषण के तुरंत बाद गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन की बारी आई। जैसे ही वे बोलने के लिए खड़े हुए, अब विपक्ष की ओर से शोर होने लगा। इस पर अमित शाह ने भी चुटकी लेते हुए कहा- डरो मत, भागो मत।
युग बदलने वाला विधेयक: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महिला आरक्षण बिल युग बदलने वाला विधेयक है। इस दौरान विपक्ष ने जमकर हंगामा किया। पढ़ें पूरी खबर
विधेयक आज से ही लागू होना चाहिए: राहुल
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर बहस में हिस्सा लिया। कांग्रेस सांसद ने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक बहुत महत्वपूर्ण है। इस बिल को तुरंत ही लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसे लागू करने के लिए नहीं बनाया गया, बल्कि इसे अदाणी मुद्दे और जाति जनगणना के मुद्दे से ध्यान हटाने के लिए लाया गया। राहुल गांधी लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस में बोलते हुए कहा कि मेरे विचार में एक बात है जो इस बिल को अधूरा बनाती है, मैं चाहता हूं कि इस बिल में ओबीसी आरक्षण को भी शामिल किया जाए। पढ़ें पूरी खबर
चंद्रयान-3 मिशन पर राज्यसभा को जानकारी दी
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसरो के चंद्रयान-3 मिशन पर राज्यसभा को जानकारी दी।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी आज लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर बहस में हस्तक्षेप करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि 'मैं संसद में बोलूंगा और इसीलिए यहां आया हूं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज शाम करीब छह बजे लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पर बोलेंगे।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने महिला आरक्षण बिल पर लोकसभा में संबोधन दिया। उन्होंने कहा, "जब यह बिल लाया गया तो कुछ लोगों ने कहा कि यह "हमारा बिल" है...प्रस्तावित बिल के एक लेख में यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा था कि "तीसरे आम चुनाव में SC/ST की महिलाओं के लिए कोई सीट आरक्षित नहीं होगी...लेकिन इस सरकार द्वारा लाया गया बिल इस बिल के लागू होने के 15 साल बाद तक महिलाओं को आरक्षण की गारंटी देता है।" ईरानी ने कहा,."हमने महिलाओं को गिनने लायक बना दिया है। और अब समय आ गया है कि आप आगे आएं, और अपने शब्दों को केवल कागजों या भाषण तक ही सीमित न रखें, बल्कि कार्रवाई के साथ बोलें और नारी शक्ति वंदन अधिनियम का समर्थन करें।"
समाजवादी पार्टी की सदस्य डिंपल यादव ने बुधवार को लोकसभा में सरकार से आग्रह किया कि महिलाओं के लिए आरक्षण के प्रावधान वाले ‘नारीशक्ति वंदन विधेयक’ में अनुसूचित जाति और अनुसूसित जनजाति (एससी/एसटी) के साथ ही अन्य पिछड़े वर्गों (ओबीसी) तथा अल्पसंख्यक वर्ग की महिलाओं के लिए अलग कोटा निर्धारित किया जाए। डिंपल ने लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीट आरक्षित करने के प्रावधान वाले ‘संविधान (एक सौ अट्ठाईसवां संशोधन) विधेयक, 2023’ पर निचले सदन में चर्चा में भाग लेते हुए यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘तीन तलाक’ की बात की और ऐसे में उनसे उम्मीद की जाती है कि आरक्षण विधेयक में अल्पसंख्यक महिलाओं को भी शामिल किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से लोकसभा सदस्य डिंपल ने यह सवाल भी किया कि चुनाव से ठीक पहले सरकार को महिलाओं की याद क्यों आई? उन्होंने यह सवाल किया, ‘‘क्या आरक्षण अगले लोकसभा चुनाव और आगामी विधानसभा चुनाव में लागू हो पाएगा या नहीं?
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर सवाल उठाते हुए इसे आधा-अधूरा विधेयक करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया साइट ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘नयी संसद के पहले दिन ही भाजपा सरकार ने ‘महाझूठ’ से अपनी पारी शुरू की है। जब जनगणना और परिसीमन के बिना महिला आरक्षण बिल लागू हो ही नहीं सकता, जिसमें कई साल लग जाएंगे, तो भाजपा सरकार को इस आपाधापी में महिलाओं से झूठ बोलने की क्या ज़रूरत थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा सरकार न जनगणना के पक्ष में है न जातिगत गणना के, इनके बिना तो महिला आरक्षण संभव ही नहीं है। ये आधा-अधूरा विधेयक ‘महिला आरक्षण’ जैसे गंभीर विषय का उपहास है, इसका जवाब महिलाएं आगामी चुनावों में भाजपा के विरूद्ध वोट डालकर देंगी।’’
द्रविण मुनेत्र कषगम (द्रमुक) ने बुधवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर महिला आरक्षण विधेयक को राजनीतिक रंग देने की कोशिश करने का आरोप लगाया और कहा कि महिलाओं को पूजा और वंदन की जरूरत नहीं है, उसे समानता और सम्मान की जरूरत है। लोकसभा में ‘संविधान (128वां संशोधन) विधेयक, 2023’ पर चर्चा में भाग लेते हुए द्रमुक की सदस्य कनिमोझी ने इसका समर्थन किया और कहा, ‘‘लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भाजपा ने इसे भी राजनीतिक रंग देने की कोशिश की। वर्ष 2024 के चुनावों को ध्यान में रखकर यह विधेयक लाया गया है।’’
शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा, "जितना उत्साह और खुशी कल थी, सरकार ने उसपर पानी फेर दिया। जनगणना के बाद परिसीमन होकर इस बिल को लागू किया जाएगा। अगले 5-6 साल तक ये लागू होने वाला नहीं है। जब आप(केंद्र सरकार) इसे लागू ही नहीं कर रहे तो आप इस बिल को लेकर क्यों आए?"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए बुधवार को लोकसभा में कहा कि आधी आबादी को अधिकार देने का विधेयक लाने का श्रेय केवल प्रधानमंत्री मोदी और उनकी पार्टी को जाता है। निचले सदन में महिला आरक्षण से संबंधित ‘संविधान (128वां संशेधान) विधेयक, 2023’ पर चर्चा में भाग लेते हुए दुबे ने कहा कि कांग्रेस समेत विपक्षी दल इतने वर्षों तक इस विधेयक को लेकर नहीं आए और प्रधानमंत्री मोदी तथा भाजपा ने इसे लाने का नैतिक साहस दिखाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस विधेयक का श्रेय लेना चाहती है, लेकिन विपक्ष गलत विधेयक लेकर आया था। दुबे ने कहा, ‘‘आपने इसमें भी राजनीति की। जो जीता वही सिकंदर होता है। गोल मारने वाले को ही श्रेय दिया जाता है और आज यह गोल प्रधानमंत्री ने मारा है। यह प्रधानमंत्री और भाजपा का विधेयक है, आपको मानना पड़ेगा।’’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार द्वारा लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाला विधेयक पेश किए जाने के एक दिन बाद बुधवार को कहा कि यह लैंगिक न्याय के लिए ‘‘हमारे दौर की सबसे परिवर्तनकारी क्रांति होगा।’’ राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘हमने स्थानीय निकाय के चुनावों में महिलाओं के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित किया है... एक और सुखद संयोग है कि राज्य विधानसभाओं और देश की संसद में महिलाओं के लिए ऐसा ही आरक्षण देने वाला एक प्रस्ताव अब आगे बढ़ रहा है। यह लैंगिक न्याय के लिए हमारे दौर की सबसे परिवर्तनकारी क्रांति होगा।’’
लोकसभा में बुधवार को महिला आरक्षण संबंधी संविधान संशोधन विधेयक पर चर्चा में भाग लेने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निशिकांत दुबे खड़े हुए तो विपक्ष के सदस्यों ने किसी महिला सांसद के नहीं बोलने पर आपत्ति जताई, जिस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ‘‘महिलाओं के बारे में भाइयों को भी आगे बढ़कर सोचना चाहिए’।’
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान महिला सशक्तीकरण पर अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा. "स्त्री की मेहनत, स्त्री की गरिमा और स्त्री के त्याग की पहचान करके ही हम लोग मनुष्यता की परीक्षा में पास हो सकते हैं। आजादी की लड़ाई और नए भारत के निर्माण हर मोर्चे पर स्त्री पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ी है। वह उम्मीदों, आकांक्षाओं, तकलीफों और घर गृहस्थी के बोझ के नीचे नहीं दबी।"
सोनिया ने कुछ प्रमुख महिला हस्तियों को याद करते हुए कहा, "सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी, अरुणा आसफ अली, विजयलक्ष्मी पंडित, राजकुमारी अमृत कौर और उनके साथ तमाम लाखों-लाखों महिलाओं से लेकिन आज की तारीख तक स्त्री ने कठिन समय में हर बार महात्मा गांधी, पंडित जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल, बाबा साहेब अंबेडकर और मौलाना आजाद के सपनों को जमीन पर उतार कर दिखाया है। इंदिरा गांधी जी का व्यक्तित्व इस सिलसिले में एक बहुत ही रोशन और जिंदा मिसाल है।"
संसद में बांटी गईं संविधान की प्रतियों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को कहा, "यह कैसे हो सकता है? उनके मन में जो है वह उनके कार्यों से झलकता है। अब प्रस्तावना और संविधान में संशोधन किया गया है। प्रस्तावना में सबसे महत्वपूर्ण शब्द समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष का न होना स्पष्ट रूप से संदेश है जो सरकार दे रही है कि वे इस पर विश्वास नहीं करते। यह पूरी तरह से दुर्भाग्यपूर्ण है।"
केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा, "आज तक महिला आरक्षण बिल पर ये UPA और INDI के लोग जनता को भ्रम में डालते रहें। उनकी पहले भी इच्छा नहीं थी और आज भी इसे पास कराने की इच्छा नहीं है, लेकिन ये बिल पास होगा और महिलाओं को आरक्षण जरूर मिलेगा।"
सोनिया गांधी ने कहा, "राजीव गांधी का सपना अभी तक आधा ही पूरा हुआ है, इस बिल के पारित होने के साथ वह पूरा होगा। कांग्रेस पार्टी इस बिल का समर्थन करती है... मैं एक सवाल पूछना चाहती हूं देश की स्त्रियां अपनी राजनीतिक ज़िम्मेदारी का इंतजार कर रही हैं लेकिन अभी भी इसके लिए उन्हें कितने वर्ष इंतज़ार करना होगा? कांग्रेस की मांग है कि यह बिल तुरंत लागू किया जाए और इसके साथ ही जातीय जनगणना भी कराई जाए।"
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, "यह मेरी जिंदगी का मार्मिक क्षण है, पहली बार स्थानीय निकायों में स्त्री की भागीदारी तय करने वाला संविधान संशोधन मेरे जीवन साथी राजीव गांधी ही लेकर आए थे... बाद में पीवी नरसिम्हा राव की सरकार में कांग्रेस ने उसे पारित कराया था, आज उसका नतीजा है कि आज देश भर के स्थानीय निकायों में हमारे पास 15 लाख चुनी हुई महिला नेता हैं।"
संसद के विशेष सत्र का तीसरे दिन की कार्यवाही शुरू हो गई। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस की शुरुआत हुई। आज कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा नेता स्मृति ईरानी समेत कई नेता इस बिल को लेकर चर्चा करेंगे।
भाजपा सांसद प्रकाश जावड़ेकर ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा कि इस पर कोई सवाल ही नहीं है कि एक रिवॉल्यूशन बना है। 2010 में कांग्रेस पार्टी महिला आरक्षण बिल लेकर आई थी, भाजपा ने समर्थन भी किया था लेकिन लोकसभा में इस बिल को पास करने की उनकी हिम्मत नहीं थी। अभी जो मुद्दें उठ रहे हैं यह दर्शा रहा है कि कोई अन्य मुद्दा नहीं है।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को कहा कि पहले ही राज्यसभा में 2010 में हमने (महिला आरक्षण बिल) पास किया है, लोकसभा में किसी कारण बिल पास नहीं हुआ। यह कोई नया विधेयक नहीं है... मेरा अंदाज़ा है कि ये लोग चुनाव की दृष्टि से ऐसा बोल रहे हैं, लेकिन इन्होंने कहा है जनगणना, परिसीमन होने के बाद सभी चीज़ों को ध्यान में रखते हुए इसे लागू किया जाएगा इसमें समय लगेगा, जो विधेयक राज्यसभा में पास हुआ था ये उसे आगे बढ़ा सकते थे लेकिन इनकी मंशा कुछ और है। हम महिला आरक्षण बिल के पक्ष में हैं लेकिन जो कमियां हैं उन्हें दुरुस्त करना चाहिए।
शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के सांसद संजय राउत ने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर कहा, "बिल पर श्रेय लेने की लड़ाई बंद होनी चाहिए। कल प्रधानमंत्री पुराने संसद भवन से पैदल चलकर नए संसद भवन में आए। इस देश की शुरूआत पैदल चलकर हो गई थी, गांधी जी पैदल चले, स्वतंत्रता संग्राम के कई नेता पैदल चले। राजीव गांधी पैदल चले, राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा पैदल चल कर की। मैंने कल पहली बार प्रधानमंत्री को पैदल चलते देखा लेकिन इस प्रवास और प्रयास में कई चीज़े पुराने लोगों ने कर ली है। जिसमें महिला विधेयक, ISRO और बहुत कुछ है। ये देश का कार्य है, सरकार आपकी है आने वाले दिनों में किसी और की होगी। अगर आप महिलाओं की बात करते हैं तो श्रेय वाद की बात क्यों करते हैं?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण विधेयक के पेश होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा, "कल ऐतिहासिक दिन था, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत के नए संसद भवन में कार्य प्रारंभ हुआ। साथ ही महिला आरक्षण बिल भी पेश हुआ। प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक काम किया है, मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं।"
50 फीसदी राज्यों से दिलानी होगी मंजूरी
संसद से पारित होने और कानून की शक्ल लेने से पहले विधेयक को 50 फीसदी राज्यों की विधानसभाओं से मंजूरी की जरूरत होगी। संविधान संशोधन विधेयक होने के कारण अनुच्छेद 368 के तहत ऐसा करना अनिवार्य हैै।
संसद के विशेष सत्र के तीसरे दिन आज लोकसभा में 'नारी शक्ति वंदन विधेयक' पर लंबी चर्चा की जाएगी। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष विधेयक पर अपनी-अपनी राय रखेंगे। कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कल लोकसभा में विधेयक पेश किया था। विधेयक पेश होते ही विपक्षी सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया था।
कांग्रेस की मुख्य वक्ता होंगी सोनिया गांधी
संसद भवन में आज महिला आरक्षण बिल पर बहस की जाएगी। इसे देखते हुए कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी आज महिला आरक्षण विधेयक पर बहस करने के लिए कांग्रेस की मुख्य वक्ता होंगी। वहीं, लोकसभा में सरकार की ओर से चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, भारती पवार और अपराजिता सारंगी बोलेंगी और संसद में सरकार का पक्ष रखेंगी।