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Parliament Session: कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, लोकसभा में 93 व राज्यसभा में 110 फीसदी हुआ काम

Sat, 18 Apr 2026 03:22 PM IST
Riya Dubey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Delimitation bill 2026, Parliament Special Sitting 2026 live updates in Hindi: संविधान में संशोधन के लिए पेश किए गए विधेयकों पर लगातार दो दिन चर्चा के बाद लोकसभा से पास नहीं हो सका। विशेष सत्र का शनिवार को आखिरी दिन था, सदन शुरू होने के महज कुछ देर बाद ही  दोनों सदनों की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई। 
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संसद का विशेष सत्र - फोटो : संसद टीवी / अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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लोकसभा में शुक्रवार शाम महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक पर मतदान हुआ था, जिसमें कुल 528 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इनमें 298 सांसदों ने विधेयक के पक्ष में और 230 ने विरोध में मतदान किया। हालांकि, ओम बिरला ने स्पष्ट किया था कि यह विधेयक आवश्यक दो-तिहाई बहुमत हासिल नहीं कर सका, जिसके चलते इसे पारित नहीं माना गया। 
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लोकसभा में बिल पास न होने पर सियासत तेज, कांग्रेस बोली- सरकार की योजना फेल

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक के लोकसभा में पारित न हो पाने पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि महिला आरक्षण को परिसीमन से जोड़ने की सरकार की रणनीति विफल हो गई है। उन्होंने कहा कि हम पहले ही 2023 का महिला आरक्षण कानून सर्वसम्मति से पास कर चुके हैं। अब सरकार को तुरंत कदम उठाते हुए इसे 2029 के चुनाव से पहले लागू करना चाहिए। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने महिला आरक्षण को परिसीमन प्रक्रिया से जोड़कर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश की।

दोनों सदनों में कार्यवाही शुरू

संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई। आज विशेष सत्र का आखिरी दिन है। 

दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के स्थगित कर दी। साथ ही राज्यसभा को भी अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। दरअसल, महिला आरक्षण और परिसीमन संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा से पास नहीं हो पाया।

हम महिला विरोधी नहीं है- खरगे

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि INDIA गठबंधन के सांसद महिला विरोधी नहीं हैं, बल्कि वे संविधान (131वां संशोधन) विधेयक और परिसीमन से जुड़े प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं।

संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए खरगे ने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार का उद्देश्य सत्ता हासिल कर भविष्य में परिसीमन कानून को साधारण बहुमत से बदलने का रास्ता बनाना है। उन्होंने कहा कि इसी वजह से कांग्रेस सांसद लोकसभा में इस विधेयक और परिसीमन बिल का विरोध कर रहे हैं। खरगे ने कहा कि हम लंबे समय से एक-तिहाई महिला आरक्षण के पक्ष में रहे हैं। 2023 के संशोधन को हमने सर्वसम्मति से समर्थन दिया और पास किया। लेकिन उसके नाम पर सरकार ने एक और संशोधन लाकर उसमें परिसीमन का प्रावधान जोड़ दिया, जिससे दोनों मुद्दों को जोड़ दिया गया।

हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है- प्रियंका गांधी

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि हमने भारत के संविधान की रक्षा का जश्न मनाया है। उन्होंने जो परिसीमन लाने की साजिश रची थी, उसे हमने हरा दिया। विपक्ष का कहना है कि सरकार को पुराने महिला आरक्षण विधेयक को वापस लाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन सरकार जिस तरीके से इसे लेकर आई है, उसका समर्थन नहीं किया जा सकता। 

परिसीमन पर एमके स्टालिन का बयान

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने परिसीमन के मुद्दे पर बड़ा राजनीतिक बयान दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि इस पूरे घटनाक्रम ने यह साफ कर दिया है कि  कौन हमारे दोस्त हैं और कौन गद्दार। स्टालिन ने अपने पोस्ट में डीएमके की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पार्टी ने नया इतिहास रचा है।
 

कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राजनीति से प्रेरित होकर और महिलाओं को अधिकार न देने की मानसिकता के साथ कांग्रेस और विपक्ष ने संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं होने दिया। हम दुखी इसलिए हैं क्योंकि इससे देश की महिलाओं को नुकसान हुआ है। देश की बागडोर संभालने और निर्णय प्रक्रिया में उन्हें प्रतिनिधित्व देने का प्रयास सफल नहीं हो सका। अब कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को महिलाओं का आक्रोश झेलना पड़ेगा।

महिलाओं के अधिकार ने देकर कांग्रेस ने कल जश्न मनाया

भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि महिलाओं के अधिकार ने देकर कांग्रेस ने कल जश्न मनाया। हर दर्द महिलाएं याद रखेंगी। कांग्रेस ने यह कटाक्ष किया कि भाजपा के कुछ लोगों ने मसीहा बनने का प्रयास किया। यह सामंतवादी सोच की निशानी है, जिन्हें लगता है कि लोकतंत्र में किसी को सांविधानिक अधिकार दिलाया जाए तो वह अधिकार दिलाने वाला कोई मसीहा होगा। 
 

क्या महिलाएं इस्तेमाल का विषय हैं?- रविशंकर प्रसाद

भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि कांग्रेस के मंच से उनकी महिला सांसद की तरफ से कहा गया कि महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। क्या महिलाएं इस्तेमाल का विषय हैं? यह कैसी भाषा है? जिस देश की नारी दुर्गा, काली, सरस्वती और मां है, उसे इस्तेमाल की वस्तु बताया जा रहा है। इसी सोच के कारण यूपीए के समय बिलों कों फाड़ा गया। कांग्रेस जानबूझकर नहीं समझने का नाटक भी करती है। विधानसभा या लोकसभा की सीटों का पुनर्गठन परिसीमन के बिना नहीं हो सकता। परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होता है।

रेवंत रेड्डी ने भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने केंद्र सरकार पर महिला आरक्षण विधेयक के नाम पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाने की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि लोकसभा में पेश किए गए विधेयक अलग दिखते हैं, लेकिन असली मकसद सीटें बढ़ाना है। रेड्डी ने कहा कि अगर सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती, तो इसके लिए किसी नए बड़े बदलाव की जरूरत नहीं थी। उन्होंने कहा कि 2023 में पारित महिला आरक्षण कानून में छोटे संशोधन कर इसे लागू किया जा सकता था।
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लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शनिवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इसके साथ ही 28 जनवरी से शुरू हुए बजट सत्र का समापन हो गया। सत्र के दौरान लोकसभा में 93 फीसदी और राज्यसभा में 110 फीसदी कामकाज हुआ। सुबह 11 बजे लोकसभा की बैठक शुरू होते ही स्पीकर ओम बिरला ने समापन टिप्पणी पढ़ी आैर सदन  अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया। सत्र का समापन वंदे मातरम गायन  से हुआ।  बिरला ने  बताया कि सत्र में कुल 31 बैठकें हुईं। सदन की कार्यवाही 151 घंटे और 42 मिनट तक चली। इस सत्र में कार्य उत्पादकता 93 फीसदी रही।  

सत्र के दौरान 12 सरकारी विधेयक पेश किए गए और 9 विधेयक पारित हुए। इसमें वित्त विधेयक 2026, दिवालियापन और दिवालिया संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026, जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 व केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। राज्यसभा में सभापति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि कुल मिलाकर सदन 157 घंटे 40 मिनट चला व 109.87 प्रतिशत कामकाज हुआ। इस दौरान 117 प्रश्नों पर चर्चा हुई, 446 शून्यकाल उल्लेख व 207 विशेष उल्लेख किए गए। कार्यवाही स्थगित होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने अपने कार्यालय में सांसदों से मुलाकात की। इस दौरान पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा व केसी वेणुगोपाल समेत कई सांसद मौजूद रहे। 

बजट सत्र की कुछ प्रमुख झलकियां
  • विपक्ष के हंगामे के कारण राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी के जवाब के बिना ही पारित किया गया।
  • स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा हुई, जो अंत में खारिज हो गया।
  • राज्यसभा में मनोनीत सदस्य हरिवंश उपसभापति निर्वाचित किए गए। वह दो बार पहले भी जदयू सदस्य के रूप में उपसभापति चुने गए थे।
  • संभवत: पहली बार रविवार को आम बजट पेश हुआ।
  • लोकसभा में महिला आरक्षण अधिनियम से संबंधित संविधान (131वां) संशोधन विधेयक के रूप में 12 साल में पहली बार किसी बिल को पारित नहीं करा सकी केंद्र सरकार
  • इसी सत्र में एक नया इतिहास यह भी बना कि सत्र का समापन होने से ठीक पहले राष्ट्रगीत वंदे मातरम की केवल धुन बजाए जाने के स्थान पर इसके पूरे छह अंतरों का बजाया गया।
  • तीन चरणों में पूरा हुआ बजट सत्र संसद का बजट सत्र। 28 जनवरी से शुरू होकर पहला चरण 13 फरवरी तक चला था। दूसरा चरण नौ मार्च से दो अप्रैल और तीसरा 16 अप्रैल से 18 अप्रैल तक चला।
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