लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, लोकसभा की बैठक कल दोपहर 1:15 बजे और राज्यसभा की बैठक कल दोपहर 2:15 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। कल से दोनों सदनों की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी।
राज्यसभा में व्हीलचेयर पर पहुंचे मनमोहन सिंह
इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सोमवार को संसद के पांच दिवसीय सत्र के पहले दिन व्हीलचेयर पर राज्यसभा की कार्यवाही में भाग लिया। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाले दल भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के सदस्यों ने महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में सदन में चमकीले गुलाबी रंग के पोस्टर प्रदर्शित किए।
संसद का पांच दिवसीय सत्र शुरू हो चुका है। पहले दिन, पुराने भवन में कार्यवाही चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चर्चा की शुरुआत की। वहीं, संसद के विशेष सत्र में विपक्षी नेताओं ने जमकर सरकार पर हमला किया। कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि नेहरू जी का मानना था कि अगर मजबूत विपक्ष नहीं है तो यह ठीक नहीं है। अब जब एक मजबूत विपक्ष है, तो उसे जांच एजेंसियों के माध्यम से कमजोर करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। वहीं, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूछा कि ये भारत, इंडिया का मुद्दा कहां से उठ गया है? पढें पूरी खबर...
संसद के विशेष सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के तमाम नेता सदन में मौजूद रहे। इस दौरान सदन में हंगामा भी हुआ। वहीं, सभापति विपक्ष के नेताओं को डांटते दिखे। उन्होंने गुस्से में यह तक कह दिया कि आइए आप बैठ जाइए मेरी जगह। जानें राज्यसभा में क्यों नाराज हुए सभापति...
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में दिए अपने भाषण में संसदीय इतिहास के कई बड़े मौकों को याद किया। पीएम मोदी ने कहा कि इसी सदन में अमेरिका के साथ ऐतिहासिक परमाणु समझौते पर अंतिम मुहर लगाई थी। इसी सदन में अनुच्छेद 370 हटाने, वन पेंशन-वन टैक्स...जीएसटी लागू करने और वन रैंक-वन पेंशन का फैसला भी हुआ। गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला भी यहीं हुआ। पढ़ें पूरी खबर...
संसद के विशेष सत्र की आज से शुरुआत हो गई है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत इंडिया गठबंधन के तमाम नेता सदन में मौजूद रहे। इस दौरान सदन में हंगामा भी हुआ। वहीं, सभापति विपक्ष के नेताओं को डांटते दिखे। उन्होंने गुस्से में यह तक कह दिया कि आइए आप बैठ जाइए मेरी जगह। पढ़ें पूरी खबर...
राज्यसभा द्वारा देश के संसदीय लोकतंत्र में दिये गये योगदान को ‘महत्वपूर्ण’ बताते हुए सदन के नेता पीयूष गोयल ने सोमवार को उम्मीद जताई कि सभी सदस्य नए संसद भवन में देश की 140 करोड़ जनता की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए एक नए संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ जाएंगे।
उच्च सदन में देश की संसदीय यात्रा के बारे में चर्चा की शुरुआत करते हुए गोयल ने यह बात कही। सदन के नेता ने गणेश चतुर्थी उत्सव की बधाई देते हुए कहा कि आज की चर्चा हम सभी को और उत्साह देगी और इस बात के लिए प्रेरित करेगी कि आगे भी हम देश के निर्माण में अपना योगदान कैसे दे सकते हैं।
वर्तमान सांसदों के लिए यह विशेष सौभाग्य का अवसर है क्योंकि हमें इतिहास और भविष्य दोनों की कड़ी बनने का अवसर मिल रहा है। कल और आज से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। नई उमंग, नए उत्साह से हम यहां से विदा लेने वाले हैं। सदन की दीवारों से हमने जो प्रेरणा, नया विश्वास पाया है, उसे हम आगे लेकर जाएंगे। आज का दिन उन पुरानी स्मृतियों का याद करने का समय दिया, उसके लिए मैं धन्यवाद देता हूं। मैं इस धरती को, सदन को प्रणाम करता हूं।
इसी सदन में न्यूक्लियर समझौते पर अंतिम मुहर लगी और इसी सदन में आर्टिकल 370, वन पेंशन वन टैक्स...जीएसटी, वन रैंक-वन पेंशन भी इसी सदन में देखा। गरीबों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला भी यहीं हुआ। भारत के लोकतंत्र में तमाम उतार-चढ़ाव हमने देखे हैं और ये सदन लोकतंत्र की ताकत हैं और लोकतंत्र के साक्षी हैं। इसी सदन में चार सांसदों वाली पार्टी सत्ता में होती थी और 100 सांसदों वाली पार्टी विपक्ष में होती थी। इसी सदन में एक वोट से सरकार गिरी थी। नरसिम्हा राव घर जाने की तैयारी कर रहे थे लेकिन इस सदन की ताकत से अगले पांच साल के लिए देश के पीएम बने। 2000 की अटल जी की सरकार में तीन राज्यों का गठन हुआ। जिसका हर किसी ने उत्सव मनाया। इसी सदन ने कैंटीन में मिलने वाली सब्सिडी को खत्म किया। इसी सदन के सदस्यों ने कोरोना काल में सांसद फंड का पैसा जनहित में दिया।
पंडित नेहरू के कार्यकाल के दौरान जब बाबा साहब भीमराव अंबेडकर मंत्री थे तो देश में बेस्ट प्रैक्टिस को लागू करने की दिशा में बहुत काम हुआ। अंबेडकर हमेशा कहते थे कि देश में सामाजिक समानता के लिए देश में औद्योगिकीकरण होना बेहद जरूरी है। उस समय जो उद्योग नीति लाई गई थी, वो आज भी उदाहरण है। लाल बहादुर शास्त्री ने 65 के युद्ध में देश के जवानों को इसी सदन से प्रेरित किया था और यहीं से उन्होंने हरित क्रांति की नींव रखी थी। बांग्लादेश की मुक्ति का आंदोलन और उसका समर्थन भी इसी सदन में इंदिरा गांधी के नेतृत्व में किया गया। इसी सदन में देश के लोकतंत्र पर आपातकाल के रूप में हुआ हमला भी देखा था। ये सदन हमेशा इसी बात का ऋणी रहेगा कि मतदान की उम्र 21 से 18 करने का फैसला किया गया। इसी सदन ने गठबंधन की सरकारें देखीं।
लोकतंत्र का ये सदन, आतंकी हमला हुआ। यह हमारी जीवात्मा पर हमला था, ये देश कभी उसे भूल नहीं सकता। जिन्होंने सदस्यों को बचाने केलिए अपने सीने पर गोलियां झेलीं, आज मैं उनकों भी नमन करता हूं। आज जब हम इस सदन को छोड़ रहे हैं तो मैं उन पत्रकारों को भी नमन करता हूं, जिन्होंने यहां की पल-पल की जानकारी देश को उपलब्ध कराई। उनका सामर्थ्य था कि वह अंदर की बात भी पहुंचाते थे और अंदर के अंदर की बात भी पहुंचाते थे...भारत की विकास यात्रा को सदन के माध्यम से समझाने की कोशिश की। आज उनके लोकतंत्र की महत्वपूर्ण ताकत बनने को याद करने का भी समय है।
अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने संसद में काम करने वाले कर्मियों का भी शुक्रिया जताया। उन्होंने कहा, "हम जनप्रतिनिधि अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं लेकिन हमारे बीच एक टोली भी बैठती है, जिनकी भी कई पीढ़ियां बदल गई, जो हमें कागज पत्र पकड़ाने के लिए दौड़ते हैं। इनके काम ने भी सदन के कार्य में गुणवत्ता लाने में अहम भूमिका निभाई और मैं हृदय से उनका अभिनंदन करता हूं। ऐसे ही किसी ने इसकी सफाई की, किसी ने सुरक्षा, ऐसे ही कितने अनगिनत लोगों ने हमें अच्छे ढंग से काम करने में मदद की। उन्हें मैं हमारी तरफ से हमारे सदन की तरफ से विशेष अभिनंदन करता हूं।"
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "सेंट्रल भवन से नेताओं का लगाव इतना ज्यादा है कि वह जनप्रतिनिधि ना होने के बावजूद अभी भी सेंट्रल हॉल आ जाते हैं। इसी भवन में दो साल 11 महीने तक संविधान सभा हुई और उसने देश को मार्गदर्शक संविधान दिया। इन 75 वर्षों में देशवासियों का संसद पर विश्वास बढ़ता ही गया है। लोकतंत्र की सबसे बड़ी खासियत यही है कि लोगों का इस संस्था के प्रति विश्वास अटूट रहे। पंडित नेहरू जी, शास्त्री जी, अटल जी, मनमोहन सिंह तक एक बहुत बड़ी श्रंखला ने सदन में सेवा की और देश को नई दिशा दी। आज उनका गुणगान करने का भी समय है। सरदार वल्लभ भाई पटेल, लोहिया जी ने देशवासियों की आवाज को ताकत देने का काम इस सदन में किया है। उमंग, उत्साह के पल के बीच में कभी सदन की आंख से आंसू भी बहे और देश के तीन प्रधानमंत्रियों को अपने कार्यकाल में ही खोने का दुख भी झेलना पड़ा। तब इस सदन में अश्रुपूर्ण विदाई दी थी।"
"आज जब हम इस सदन को छोड़कर नए भवन में जाने वाले हैं तो बहुत कुछ याद आ रही है। जब मैं पीएम बना था तो मैंने सदन की सीढ़ियों पर शीश झुकाया था। प्लेटफॉर्म पर रहने वाला संसद पहुंच गया। मैंने कभी कल्पना भी नहीं की थी ये देश इतना सम्मान और प्यार देगा। समाज के हर वर्ग का प्रतिनिधि इस सदन में नजर आता है और समाज के सभी तबके के लोग हैं। ये भारत के लोकतंत्र की ताकत है कि 25 साल की चंद्राणी मुर्मू इस सदन की सबसे छोटी सदस्य बनीं थी। अनेक संकटों और परेशानियों के बावजूद सांसद, संसद में आए हैं और शारीरिक परेशानी के बावजूद अपने जनप्रतिनिधि कर्तव्य का पालन किया। कई व्हीलचेयर पर आए और किसी ना किसी तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई है। कोरोना काल के दौरान भी हमारे सांसद सदन में आए।"
पीएम मोदी ने संसद के नए भवन में जाने को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा, "ये बहुत ही भावुक पल है। परिवार भी जब पुराना घर छोड़कर नया जाता है तो बहुत सारी यादें कुछ पल के लिए उसे झकझोर देती हैं। ये हम सब की सांझी विरासत है।"
इस सदन में जी20 की सफलता को सर्वसम्मति से सराहा है, मैं इसके लिए आपका आभार व्यक्त करता हूं। जी20 की सफलता भारत की सफलता है, किसी व्यक्ति या दल की सफलता है। भारत के संघीय ढांचे ने, विविधता ने 60 स्थानों पर 200 से अधिक सम्मेलन और उनकी मेजबानी पूरी विविधता और आन-बान शान से की और इसका प्रभाव पूरे विश्व पर पड़ा है। यह देश के गौरवगान को बढ़ाने वाला है। भारत इस बात के लिए गर्व करेगा। अध्यक्ष जी, आज भारत विश्व पटल पर अपनी जगह बना रहा है। इसकी वजह हमारे संस्कार हैं, सबका साथ, सबका विकास का मंत्र दुनिया को हमसे जोड़ रहा है।
पीएम ने कहा, "इन 75 वर्ष की हमारी यात्रा ने अनेक लोकतांत्रिक परंपरा और उत्तम से उत्तम सृजन किया और इसके सांसदों ने इसमें योगदान दिया। हम भले नए भवन में जाएंगे लेकिन पुराना भवन भी आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा। ये भारत के लोकतंत्र की स्वर्णिम यात्रा का गवाह है। अमृत काल की प्रथम प्रभा का काल, राष्ट्र में नया विश्वास, आत्मविश्वास, नए सपने और राष्ट्र का नया सामर्थ्य की चर्चा है। ये हमारे 75 साल के संसदीय इतिहास का एक सामूहिक प्रयास रहा है जिसके चलते आज दुनिया में देश की गूंज सुनाई दे रही है। चंद्रयान 3 की सफलता से पूरा देश अभिभूत है और इसमें भारत के सामर्थ्य का नया रूप, जो विज्ञान, तकनीक से जुड़ा है। मैं सदन के माध्यम से देश के वैज्ञानिकों को कोटि कोटि बधाई देता हूं उनका अभिनंदन करता हूं।"
पीएम मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए कहा, "संसदीय यात्रा उसका एक बार फिर स्मरण करने के लिए और नए सदन में जाने से पहले इतिहास की महत्वपूर्ण घड़ी को याद करते हुए आगे बढ़ने का अवसर है। आजादी के पहले ये सदन का स्थान हुआ करता था। आजादी के बाद इस संसद को पहचान मिली। इस इमारत के निर्माण का फैसला विदेशी सांसदों का था लेकिन ये हम बात हम ना कभी भूल सकते हैं कि इसके निर्माण में पसीना देशवासियों का लगा है, परिश्रम और पैसे भी मेरे देश के लोगों के लगे हैं।"
संसद के विशेष सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई हैं। इस दौरान विपक्ष ने हंगामा किया, जिसे लेकर लोकसभा के सभापति ओम बिरला ने नाराजगी भी जताई।
कल गणेश चतुर्थी का पावन पर्व है। गणेश जी विघ्नहर्ता माने जाते हैं। अब भारत की विकास यात्रा में कोई विघ्न नहीं रहेगा, अब निर्विघ्न रूप से सारे संकल्प और सपनें भारत परिपूर्ण करेगा। इसलिए गणेश चतुर्थी के दिन ये नव प्रस्थान नए भारत के सारे सपनों को चरितार्थ करने वाला बनेगा।
इस समय सारे देश में उमंग का माहौल और एक नया आत्मविश्वास हम सभी महसूस कर रहे हैं। उसी समय संसद का ये सत्र हो रहा है। ये सत्र छोटा है, लेकिन समय के हिसाब ये बहुत बड़ा है। ऐतिहासिक निर्णयों के ये सत्र है। इस सत्र की एक विशेषता ये है कि 75 साल की यात्रा अब नए मुकाम से शुरू हो रही है।
पीएम ने कहा, "नए स्थान पर उस यात्रा को आगे बढ़ाते समय, नए संकल्प, नई ऊर्जा और नए विश्वास से काम करना है। 2047 तक देश को विकसित बनाना है। इसके लिए जितने भी निर्णय होने वाले हैं, वो सभी इस नए संसद भवन में होंगे। मैं सभी आदरणीय सांसदों से आग्रह करता हूं कि छोटा सत्र है। वो यहां उमंग और उत्साह के साथ अपना ज्यादा से ज्यादा समय यहां दें।"
पीएम मोदी ने जी-20 के आयोजन पर भी बात की। उन्होंनने कहा कि जी20 में हम ग्लोबल साउथ की आवाज बने। जी-20 की अभूतपूर्व सफलता देश के लिए गर्व का विषय है। पीएम ने कहा कि जी-20 में भारत की विविधता का जश्न मना। पूरे विश्व में इस प्रकार की उपलब्धि को आधुनिकता, विज्ञान और तकनीक से जोड़कर देखा जाता है और जब ये सामर्थ्य विश्व के सामने आता है, तो अनेक संभावना, अनेक अवसर हमारे दरवाजे पर आकर खड़े हो जाते हैं। अफ्रीकन यूनियन को स्थायी सदस्यता और सर्वसम्मति से G20 का डिक्लेरेशन, ये सारी बातें भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत दे रही हैं।
पीएम मोदी सुबह ही संसद पहुंच गए। यहां उन्होंने प्रेस से बातचीत के दौरान चंद्रयान-3 मिशन पर बात की। पीम ने कहा कि चंद्रयान-3 मिशन भारत के लिए गौरव का विषय है। चंद्रयान-3 मिशन नई प्रेरणा का स्रोत बना। भारत चांद पर भी तिरंगा फहरा रहा है। शिव शक्ति पॉइंट भारत के लिए प्रेरणा का केंद्र बना है।
राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संसद के विशेष सत्र के लिए दिल्ली स्थित अपने आवास से रवाना हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सुबह 11 बजे लोकसभा में संबोधन देंगे। बता दें कि पुरानी संसद में यह पीएम मोदी का आखिरी संबोधन होगा। संसद के विशेष सत्र में पहले दिन सोमवार को आजादी के बाद 75 साल की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी।
संसद का विशेष सत्र आज से शुरू हो रहा है। 22 सितंबर तक चलने वाले इस सत्र में पहले दिन को छोड़कर बाकी दिन की कार्यवाही नए संसद भवन में होगी। गणेश चतुर्थी के दिन यानी 19 सितंबर को नए भवन में कार्यवाही की शुरुआत होगी।
इसी साल 28 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के नए संसद भवन का उद्घाटन किया था। अब संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन की कार्रवाई नए संसद भवन में शुरू होने के साथ यह पुरानी इमारत का स्थान ले लेगी, जिसमें अब कई खामियां आ चुकी हैं। पुराने संसद भवन को एक स्थायी संग्रहालय में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
जानते हैं कि आखिर नए और पुराने संसद भवन में क्या अंतर है? नए भवन में क्या-क्या खास है? नए संसद भवन की शुरुआत के बाद पुराने संसद भवन का क्या होगा?
लोकसभा और राज्यसभा के सभी सांसदों को संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन मंगलवार सुबह ग्रुप फोटो के लिए बुलाया गया है। आधिकारिक बुलेटिन में रविवार को यह जानकारी दी गई। संसदीय कार्यवाही मंगलवार से नए संसद भवन में चलेगी। लोकसभा सचिवालय बुलेटिन के अनुसार, सभी सांसदों को मंगलवार सुबह 9.30 बजे ग्रुप फोटो के लिए बुलाया गया है। नए संसद भवन में प्रवेश के लिए सांसदों को नए पहचान पत्र भी जारी किए जा रहे हैं। सांसदों की ग्रुप फोटो आमतौर पर उनके कार्यकाल की शुरुआत और अंत में ली जाती है। सूत्रों ने कहा कि यह मौजूदा संसद का आखिरी सत्र होने का एक संकेत है और सरकार लोकसभा चुनाव समय से पहले करवा सकती है।
संसद के विशेष सत्र में पहले दिन संसद की कार्यवाही पुराने भवन में होगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकसभा को संबोधित कर सकते हैं।
संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विशेष सत्र के दौरान कुल 8 विधेयकों को चर्चा और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। इनमें मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यालय की अवधि) विधेयक, 2023, द प्रेस एंड रजिस्ट्रेशन ऑफ पीरियोडिकल्स बिल, डाकघर विधेयक प्रमुख हैं।
संसद के विशेष सत्र में पहले दिन सोमवार को आजादी के बाद 75 साल की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। विषय होगा संसदीय यात्रा की शुरुआत, उपलब्धियां, अनुभव, स्मृतियां और उनसे मिली सीख। सूत्रों के अनुसार, इस पर चर्चा के बाद संभवत: बुधवार को पीएम जवाब देंगे। अंतिम दो दिन विधायी कामकाज निपटाए जाएंगे।
संसद के विशेष सत्र में पहले दिन सोमवार को आजादी के बाद 75 साल की उपलब्धियों पर चर्चा की जाएगी। विषय होगा संसदीय यात्रा की शुरुआत, उपलब्धियां, अनुभव, स्मृतियां और उनसे मिली सीख। सूत्रों के अनुसार, इस पर चर्चा के बाद संभवत: बुधवार को पीएम जवाब देंगे।