लोकसभा से पारित हुए ये बिल
स्थगन से पहले लोकसभा ने खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक 2023 ध्वनि मत से पारित कर दिया। 'द नेशनल नर्सिंग एंड मिडवाइफरी कमीशन बिल, 2023' और 'द नेशनल डेंटल कमीशन बिल, 2023' भी लोकसभा में पारित हुए।
लोकसभा भी पूरे दिन के लिए स्थगित
लोकसभा की कार्यवाही सोमवार 31 जुलाई तक के लिए स्थगित हुई।
हम अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे: प्रह्लाद जोशी
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्ष शांतिपूर्ण ढंग से चर्चा में भाग नहीं लेते और संसद में किसी भी विधेयक को पारित करने में सहयोग नहीं करते। हम उनसे रचनात्मक सुझाव लेने को तैयार हैं, लेकिन वे अचानक अविश्वास प्रस्ताव ले आए। जब भी जरूरत होगी, हम अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करेंगे और चूंकि हमारे पास संख्या है, इसलिए हमें कोई समस्या नहीं है। अगर वे चाहते हैं कि मणिपुर के संबंध में सच्चाई सामने आए, तो संसद से बेहतर कोई मंच नहीं है।
लोकसभा की कार्यवाही कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित
विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। इससे पहले कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा की मांग करते हुए लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया। राज्यसभा सांसद मनोज झा, राघव चड्ढा, रंजीत रंजन, सैयद नसीर हुसैन, जेबी माथेर, डॉ. वी शिवदासन और संदीप पाठक ने मणिपुर की स्थिति पर चर्चा के लिए राज्यसभा में स्थगन प्रस्ताव नोटिस दिया।
राघव चड्ढा ने आम बिरला से की यह अपील
आम आदमी पार्टी सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष द्वारा अविश्वास प्रस्ताव स्वीकार किए जाने के बाद संसद में कोई विधेयक पेश नहीं किए जाते हैं, लेकिन हम देख रहे हैं कि कई विधेयक संसद में पेश और पारित किए जाते हैं। मैं अध्यक्ष से अपील करता हूं कि अब लोकसभा में कोई विधायी कार्य नहीं होना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि I.N.D.I.A ब्लॉक का एक प्रतिनिधिमंडल मणिपुर के लोगों को समर्थन प्रदान करने और उनके साथ एकजुटता दिखाने की आशा के साथ मणिपुर का दौरा करेगा। मणिपुर वायरल वीडियो मामले को 85 दिनों के बाद सीबीआई को सौंपने के लिए अब बहुत देर हो चुकी है।
कांग्रेस की मांग : अविश्वास प्रस्ताव पर विचार कराए बिना न हो विधायी कार्य
कांग्रेस पार्टी ने कहा कि लोकसभा में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर जल्द चर्चा कराई जानी चाहिए, क्योंकि संसदीय परंपराओं और नियमों के अनुसार जब तक अविश्वास प्रस्ताव पर बहस नहीं हो जाती, तब तक किसी भी विधायी कार्य को अंजाम नहीं दिया जा सकता। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में हंगामे और विधेयक पास करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ठीक नहीं है। जब तक अविश्वास प्रस्ताव पर विचार नहीं हो जाता तब तक कोई भी नीतिगत मामला, ठोस प्रस्ताव सदन के समक्ष नहीं लाया जा सकता।