'इंडिया' (INDIA) गठबंधन दलों के संसद सदस्य सदन के पटल के लिए रणनीति तैयार करने के लिए 28 जुलाई को विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में बैठक करेंगे।
विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2023 पारित किया गया।
मणिपुर मुद्दे पर विपक्ष की नारेबाजी के बीच लोकसभा 28 जुलाई सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित।
प्रह्लाद जोशी का विपक्ष पर तंज
लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है। कार्यवाही शुरू होते ही हंगामा शुरू हो गया। हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष पर तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष ने अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर स्पीकर फैसला लेंगे। अभी 10 दिन का समय बचा है और जब भी स्पीकर तय करेंगे सरकार जवाब देने के लिए तैयार है। हमारे पास संख्या है और लोग हम पर और पीएम मोदी पर विश्वास करते हैं लेकिन उन पर विश्वास नहीं करते।
कांग्रेस नेता मणिकम टैगोर ने बताया कि 20 से अधिक सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल इस सप्ताह के अंत में मणिपुर का दौरा करेगा और राज्य की स्थिति का जायजा लेगा। टैगोर ने कहा कि विपक्षी सांसद काफी समय से हिंसा प्रभावित मणिपुर का दौरा करना चाहते थे लेकिन वहां के हालात को देखते हुए उन्हें अनुमति नहीं दी गई।
'संसद का अपमान कर रहे प्रधानमंत्री'
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'सदन में कामकाज हो रहा है। हम मांग कर रहे हैं कि प्रधानमंत्री सदन में आएं और बयान जारी करें लेकिन वह राजनीतिक बयानबाजी कर रहे हैं और राजस्थान में प्रचार में जुटे हैं। जब वह वहां जा सकते हैं तो क्या आधे घंटे के लिए सदन नहीं आ सकते और बयान नहीं दे सकते? इसका मतलब है कि उन्हें लोकतंत्र में विश्वास नहीं है। वह लोकतंत्र और संविधान को बचाना नहीं चाहते। वह संसद का अपमान कर रहे हैं।'
राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित
हंगामे के चलते राज्यसभा की कार्यवाही भी दो बजे तक स्थगित। इससे पहले राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक स्थगित की गई थी लेकिन जब कार्यवाही दोबारा शुरू हुई तो विपक्ष ने फिर से हंगामा शुरू कर दिया। जिसके चलते राज्यसभा की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
अखिलेश यादव ने मांगा इस्तीफा
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने मणिपुर मुद्दे पर सरकार से इस्तीफे की मांग की है और आरोप लगाया है कि ऐसा नहीं हो सकता कि सरकार को मणिपुर के हालात के बारे में जानकारी नहीं थी।
देशहित के मुद्दों पर नहीं होनी चाहिए राजनीति
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि 'मैं बीते कुछ महीनों में हुए घटनाक्रम के बारे में सदन को संबोधित करना चाहता था। आपने देखा कि प्रधानमंत्री ने सफल अमेरिकी दौरा किया लेकिन मुझे बुरा लगा कि विपक्ष सुनने के लिए ही तैयार नहीं है। ऐसा लगता है कि वह देश की हर उपलब्धि की बस आलोचना करना चाहते हैं। विदेश नीति एक ऐसा क्षेत्र है, जहां सब मिलकर काम करते हैं। हम देश में बहस कर सकते हैं लेकिन देश के बाहर जाकर हमें एकजुटता दिखानी चाहिए। विपक्ष को देखना चाहिए कि जब देश हित की बात हो तो राजनीति को एक तरफ रख देना चाहिए और इसकी तारीफ करनी चाहिए।'
केंद्रीय मंत्री बोले- विपक्ष का वर्तमान, भविष्य अंधकार में
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने राज्यसभा में विपक्ष के काले कपड़े पहनकर विरोध जताने पर कहा कि 'यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि ऐसे गंभीर मुद्दे पर राजनीति की जा रही है। यह भारत के सम्मान से जुड़ा है। मुझे लगता है कि जो लोग काले कपड़े पहने हुए हैं, वह देश की बढ़ती हुई शक्ति को नहीं समझ सकते। उनका भूत, वर्तमान और भविष्य अंधकार में है लेकिन हम उम्मीद करते हैं कि उनके जीवन में भी रोशनी हो।'
राज्यसभा में लगे मोदी-मोदी के नारे...
विपक्षी सांसदों के विरोध और काले कपड़े पहनने पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि विपक्षी जो तैयारी करके आए हैं, उसमें भी विविधता है। कांग्रेस पार्टी ने बिना किसी विपक्षी पार्टी से बातचीत किए अविश्वास प्रस्ताव दिया है...अविश्वास प्रस्ताव लाने से और काले कपड़े पहनने से कुछ नहीं होगा, बाद में काला पहनकर ही घूमना पड़ेगा। जोशी ने कहा कि गृहमंत्री तीन दिन के लिए मणिपुर गए थे।
वहीं कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री, मणिपुर के लोगों के घाव पर नमक छिड़क रहे हैं। जिस समय हम बोल रहे हैं कि वे मणिपुर जाकर देश की व्यवस्था संभाले, राष्ट्रहित में काम करें, उस समय वे यहां भाषण दे रहे हैं। पहली बार हमें ऐसा पीएम मिला है जो देश के एक हिस्से में आग लगने के बावजूद भाषण में मग्न है। यह काला कपड़ा पीएम मोदी के अहंकार के खिलाफ है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि विपक्ष का काम है विरोध करना, वे करें। देश बहुत तेज़ी से तरक्की कर रहा है लेकिन उन्हें यह पसंद नहीं आ रहा। वे कुछ भी करें उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी की सोच बहुत आगे की है। PM ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का सपना देखा है, क्या वे इसे रोकना चाहते हैं?
वहीं विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा में हंगामा जारी है।
विपक्षी गठबंधन INDIA के सभी सदस्य आज काले कपड़े पहनकर मणिपुर के हालात पर सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताएंगे। विपक्ष, मणिपुर के हालात पर विस्तृत चर्चा और प्रधानमंत्री से इस पर बयान देने की मांग कर रहा है। गुरुवार को विपक्षी नेताओं की बैठक भी हुई, जिसमें कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा है कि 'संजय सिंह और टीम इंडिया संसद के बाहर अपने धरने प्रदर्शन के चौथे दिन में प्रवेश कर गए हैं। यह देश और टीम इंडिया मांग कर रही है कि प्रधानमंत्री मोदी संसद आएं और मणिपुर पर बयान जारी करें और उस पर विस्तृत चर्चा भी हो। 20 जुलाई से हम ये मांग कर रहे हैं लेकिन ना इस पर कोई चर्चा हुई है और ना प्रधानमंत्री इस पर बयान दे रहे हैं। हमने ऐसी कई घटनाएं देखी हैं, जहां जो लोग सत्ता में हैं, उन्होंने इस्तीफा दिया और जवाबदेही दिखाई। बीते तीन महीने से मणिपुर जल रहा है और हमारे प्रधानमंत्री ने इस पर एक बयान तक जारी नहीं किया है। सरकार इस मुद्दे पर संसद में चर्चा भी नहीं होने दे रही है। हम उम्मीद कर रहे हैं कि आज लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया जाएगा।'
राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने कहा कि विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया है। यह अविश्वास प्रस्ताव इसलिए नहीं है कि हम प्रधानमंत्री को पसंद नहीं करते हैं बल्कि हम मणिपुर के लोगों के लिए जवाबदेही तय करना चाहते हैं। उनके (सरकार) पास सदन में बहुमत है लेकिन नैतिक बहुमत नहीं है....अगर प्रधानमंत्री मोदी इस पर बोलते हैं तो हो सकता है कि मणिपुर में हालात बेहतर हो जाएं। हम सिर्फ चाहते हैं कि संसद मणिपुर की घटना पर एकजुट होकर दुख जाहिर करे...अगर मणिपुर को यह महसूस नहीं कराया गया कि वह हमारा हिस्सा हैं तो पूरी संघीय व्यवस्था के लिए इससे खतरनाक कुछ नहीं हो सकता।