केंद्रीय मंत्री और टीडीपी सांसद राम मोहन नायडू ने कहा, 'शर्तें रखना अच्छी बात नहीं है। लोकतंत्र शर्तों पर नहीं चलता। और जहां तक स्पीकर के चुनाव का सवाल है, एनडीए को जो करना चाहिए था, वो सब किया। खास तौर पर राजनाथ सिंह जी ने वरिष्ठ नेता होने के नाते सभी से संपर्क किया। उन्होंने विपक्ष से भी संपर्क किया और उनसे कहा कि हम ओम बिरला जी का नाम प्रस्तावित कर रहे हैं, इसलिए इसमें आपकी मदद चाहिए। लेकिन जब उनकी मदद करने की बारी आई, तो उन्होंने शर्त रखी कि हम तभी मदद करेंगे जब आप हमें ये (डिप्टी स्पीकर का पद) देंगे। स्पीकर को शर्तों के आधार पर समर्थन देने की कभी परंपरा नहीं रही...वे इसमें भी राजनीति करना चाहते हैं।'
संसद सत्र के दूसरे दिन भी लोकसभा सदस्यों का शपथ लेना जारी है। जो कल शपथ लेने से बच गए थे, वो आज शपथ ले रहे हैं। आज अभी तक भाजपा सांसद संबित पात्रा, अपराजिता सारंगी और पंजाब के पूर्व सीएम और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने शपथ ली।
विपक्षी गठबंधन की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने पर के सुरेश ने कहा कि मैंने अपना नामांकन भर दिया है। यह पार्टी का फैसला है, मेरा नहीं। लोकसभा में ये राय थी कि स्पीकर सत्ताधारी दल का और डिप्टी स्पीकर विपक्ष का होना चाहिए। डिप्टी स्पीकर पद पर हमारा अधिकार है, लेकिन वे (एनडीए) इसके लिए तैयार नहीं हैं। सुबह 11.50 तक हमने सरकार के जवाब का इंतजार किया, लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला तो हमने नामांकन भर दिया।'
विपक्षी गठबंधन की तरफ से के. सुरेश को लोकसभा स्पीकर पद का उम्मीदवार बनाए जाने पर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा 'उन्होंने (विपक्ष) कहा कि पहले डिप्टी स्पीकर के लिए नाम तय कर लें, फिर हम स्पीकर उम्मीदवार का समर्थन करेंगे! हम ऐसी राजनीति की निंदा करते हैं। अच्छी परंपरा तो यह होती कि स्पीकर सर्वसम्मति से चुना जाता। स्पीकर किसी पार्टी या विपक्ष का नहीं होता, वह पूरे सदन का होता है। इसी तरह डिप्टी स्पीकर भी किसी पार्टी या समूह का नहीं होता, वह पूरे सदन का होता है और इसलिए सदन की सहमति होनी चाहिए। ऐसी शर्तें कि कोई खास व्यक्ति या खास पार्टी का ही डिप्टी स्पीकर हो, लोकसभा की किसी भी परंपरा में फिट नहीं बैठतीं।'
लोकसभा स्पीकर पद के लिए कल यानी 26 जून की सुबह 11 बजे वोटिंग होगी। एनडीए की तरफ से ओम बिरला और विपक्ष की तरफ से कांग्रेस सांसद के. सुरेश उम्मीदवार होंगे।
लोकसभा स्पीकर पद के लिए चुनाव होने का रास्ता साफ हो गया है। दरअसल एनडीए की तरफ से ओम बिरला और विपक्षी गठबंधन की तरफ से के सुरेश ने स्पीकर पद के लिए नामांकन भर दिया है। स्पीकर पद के लिए लोकसभा में कल यानी 26 जून को चुनाव होगा।
लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) पद के लिए चुनाव हो सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सत्ता और विपक्ष में स्पीकर पद के लिए आम सहमति नहीं बन पा रही है। ऐसे में चुनाव हो सकता है। के सुरेश विपक्ष की तरफ से स्पीकर पद के उम्मीदवार हो सकते हैं।
सपा अध्यक्ष और सांसद अखिलेश यादव ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के चुनाव को लेकर कहा कि 'सबकुछ जल्द ही साफ हो जाएगा। विपक्ष की मांग है कि डिप्टी स्पीकर पद उन्हें मिलना चाहिए और हमारी पार्टी का भी यही स्टैंड है।'
भाजपा सांसद पंकज चौधरी, ओम बिरला के प्रस्तावक हो सकते हैं। ओम बिरला थोड़ी देर में स्पीकर पद के लिए नामांकन कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि डिप्टी स्पीकर पद विपक्ष को मिल सकता है।
राहुल गांधी ने कहा 'आज अखबार में लिखा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि विपक्ष को सरकार के साथ रचनात्मक सहयोग करना चाहिए। राजनाथ सिंह ने मल्लिकार्जुन खड़गे को फोन किया और उनसे स्पीकर को समर्थन देने को कहा। पूरा विपक्ष कहता है कि हम स्पीकर का समर्थन करेंगे लेकिन परंपरा यह है कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए। राजनाथ सिंह ने कहा कि वे मल्लिकार्जुन खड़गे से वापस बात करेंगे लेकिन उन्होंने अभी तक ऐसा नहीं किया है। पीएम मोदी विपक्ष से सहयोग मांग रहे हैं लेकिन हमारे नेता का अपमान हो रहा है।'
राहुल गांधी ने कहा कि 'राजनाथ सिंह ने मल्लिकार्जुन खरगे से बात की। हमने राजनाथ सिंह को कहा है कि हम स्पीकर पद पर उनके उम्मीदवार का समर्थन करेंगे, लेकिन डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को मिलना चाहिए।'
भाजपा सांसद ओम बिरला फिर से लोकसभा अध्यक्ष बनाए जा सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ओम बिरला एनडीए उम्मीदवार के तौर पर सुबह साढ़े 11 बजे नामांकन कर सकते हैं।
स्पीकर पद को लेकर केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से बात की और अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से कराने की अपील की। राजनाथ सिंह ने कहा कि निर्विरोध चुने जाने की परंपरा कायम रहनी चाहिए। अभी स्पीकर के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। नाम सामने आने के बाद खड़गे बाकी INDI गठबंधन दलों से बात करेंगे। कांग्रेस से जुड़े नेताओं का कहना है कि अध्यक्ष के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बहुत अधिक है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद भवन पहुंच गए हैं। आज लोकसभा स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद के लिए नामांकन किया जाएगा।
भाजपा नेता सीआर केसवन कहते हैं, 'भारतीय इतिहास के सबसे काले अध्यायों में से एक कांग्रेस द्वारा आपातकाल लागू करना है। आज सबसे उपयुक्त दिन है जब राहुल गांधी को एमके स्टालिन से बात करनी चाहिए। एमके स्टालिन खुद आपातकाल के शिकार थे। राहुल गांधी, जो संविधान की प्रति लेकर चलते दिख रहे हैं, वे एमके स्टालिन से बात कर सकते हैं और समझ सकते हैं कि उन्हें कैसे प्रताड़ित किया गया, कैसे उनके पिता और डीएमके सरकार को कांग्रेस ने बर्खास्त किया। चुनाव प्रचार के दौरान, राहुल गांधी ने अपने भाई एमके स्टालिन को मैसूर पाक दिया और कहा कि उन्हें तमिल लोगों से बहुत लगाव है, लेकिन कलकुरची में अवैध शराब पीने से 58 गरीब लोग, जिनमें से अधिकांश अनुसूचित जाति के थे, मर गए, क्या राहुल गांधी ने अपना मुंह खोला है? राहुल गांधी अपने भाई एमके स्टालिन से बात क्यों नहीं करते और उनसे पूछते कि क्या ये वो सामाजिक न्याय है जो ये गठबंधन (भारत) तमिलनाडु के लोगों को दे रहा है?'
सरकार और विपक्ष के बीच स्पीकर पद को लेकर सहमति बन गई है। मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है, लेकिन इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
संसद सत्र के पहले दिन काफी हंगामा होने के बाद अब सरकार ने स्पीकर और डिप्टी स्पीकर पद पर विपक्ष के साथ आपसी समझ बनाने की जिम्मेदारी केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपी है। राजनाथ सिंह विपक्षी नेताओं के साथ बैठक कर रहे हैं। साथ ही संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू भी विपक्षी नेताओं से बात कर रहे हैं।
लोकसभा अध्यक्ष पद को लेकर कांग्रेस सांसद के सुरेश का कहना है, 'अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से होना चाहिए। सदन की परंपरा के अनुसार अध्यक्ष का चुनाव सर्वसम्मति से होता है। भाजपा विपक्ष से चर्चा नहीं कर रही है। अभी तक उन्होंने अध्यक्ष पद के लिए आम सहमति के लिए कोई पहल नहीं की है। अगर अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं हुआ तो उपसभापति विपक्ष के पास आएगा। इस पर INDI गठबंधन के नेताओं ने पहले ही अपना रुख स्पष्ट कर दिया है।'
आपातकाल के काले दिन को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा 'आपातकाल लगाने वालों को हमारे संविधान के प्रति अपना प्यार दिखाने का कोई अधिकार नहीं है। ये वही लोग हैं जिन्होंने अनगिनत मौकों पर अनुच्छेद 356 थोपा, प्रेस की स्वतंत्रता को खत्म करने वाला विधेयक पारित किया, संघवाद को नष्ट किया और संविधान के हर पहलू का उल्लंघन किया।'
बीजद संसद में एक मजबूत विपक्ष की भूमिका निभाएगी। सोमवार को भुवनेश्वर में बीजद संसदीय दल की बैठक में पटनायक ने इस फैसले की घोषणा की। बीजद को लोकसभा चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था, जहां वह एक भी सीट नहीं जीत सकी थी, जबकि 24 साल तक सत्ता में रहने के बाद विधानसभा चुनाव में उसे भाजपा से हार का सामना करना पड़ा था।
18वीं लोकसभा के पहले सत्र का आगाज हंगामेदार रहा। पहले दिन सांसदों का शपथ ग्रहण समारोह हुआ। इस दौरान जैसे ही प्रधानमंत्री शपथ लेने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी और संविधान की प्रतियां लहराईं। इस दौरान पीएम मोदी ने आपातकाल को याद किया और कहा कि 25 जून न भूलने वाला दिन है। 50 साल पहले इसी दिन संविधान को कुचल दिया गया था। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भाजपा सांसद भृतहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर पद की शपथ दिलाई।