लोकसभा में जारी गतिरोध मंगलवार को खत्म होने की संभावना है। संसदीय सूत्रों के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की पहल और सभी दलों के नेताओं से लगातार बातचीत के बाद विपक्ष और सरकार पेपर लीक रोकने से जुड़े संशोधन विधेयक पर चर्चा के लिए तैयार हो गए हैं। केंद्र सरकार ने सोमवार को सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया, जिसमें पेपर लीक के मामलों में अधिकतम 10 साल की जेल और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। मानसून सत्र शुरू होने के बाद से विपक्ष इस मुद्दे पर लगातार हंगामा कर रहा था, जिससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हो रही थी।
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली में उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा की बात कर रहा है, जबकि पेपर लीक के असली 'किंग' वही हैं। दुबे ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के पास इस विषय पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से बच रहा है, क्योंकि अगर संसद में इस मुद्दे पर विस्तार से बहस हुई तो कांग्रेस खुद बेनकाब हो जाएगी। उन्होंने दावा किया कि विपक्ष को सच सामने आने का डर है। इसके कुछ देर बाद ही सदन में फिर हंगामा होने लगा, जिसके बाद सदन की कार्यावही कल तक स्थगित कर दी गई।
लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के लगातार हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही एक बार फिर बाधित हो गई। लोकसभा की कार्यवाही तीसरी बार स्थगित कर दी गई, जबकि राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर तीन बजे तक के लिए टाल दी गई।लोकसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही शाम पांच बजे तक स्थगित करते हुए कहा कि इस दौरान सरकार और सभी दल आपसी सहमति बनाने का प्रयास करें, ताकि शाम पांच बजे से सदन में चर्चा शुरू हो सके। विपक्ष के विरोध के चलते दोनों सदनों में लगातार गतिरोध बना हुआ है।
दिल्ली-एनसीआर में चार नए नमो भारत कॉरिडोर के लिए डीपीआर तैयार
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) ने दिल्ली-एनसीआर में रेल संपर्क मजबूत करने के लिए चार नए नमो भारत कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) सौंपी है। आवास व शहरी मामलों के राज्यमंत्री तोखन साहू ने राज्यसभा को बताया कि दिल्ली-करनाल, दिल्ली-बावल, बावल-बेहरोड़ और गाजियाबाद-नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा कॉरिडोर की डीपीआर सौंपी गई है। मंत्री ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर पर अभी केंद्र सरकार विचार कर रही है क्योंकि नमो भारत परियोजना में भारी निवेश की जरूरत होती है। फंडिंग पर कोई भी फैसला लेने से पहले इनका विस्तृत तकनीकी और वित्तीय मूल्यांकन किया जाता है। उन्होंने कहा, इस तरह की जांच के बाद केंद्र सरकार प्रस्ताव की व्यवहार्यता और संसाधनों की उपलब्धता के आधार पर रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) परियोजना के लिए वित्तीय सहायता पर विचार करती है। साहू ने कहा कि पहले के योजना आयोग (नीति आयोग) की ओर से बनाई गई एक टास्क फोर्स ने तीन कॉरिडोर को लागू करने के लिए प्राथमिकता दी थी। इनमें दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ, दिल्ली-गुरुग्राम-अलवर और दिल्ली-पानीपत शामिल हैं। साहू ने बताया कि केंद्र सरकार से मार्च 2019 में मंजूरी पाने वाला 82.15 किलोमीटर लंबा दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर अब पूरी तरह चालू हो गया है।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही एक बार फिर शुरू हो गई है। इससे पहले विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित कर दी गई थी। कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही विपक्ष ने फिर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया, जिसके चलते सदन में हंगामा जारी है।
लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर भाजपा सांसद कंगना रनौत ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि विपक्ष ने यह तय कर लिया है कि जब तक उन्हें सत्ता की कुर्सी नहीं मिलेगी, तब तक वे संसद की कार्यवाही नहीं चलने देंगे, चाहे मुद्दा कितना भी महत्वपूर्ण क्यों न हो।
कंगना रनौत ने कहा कि जब शिक्षा सुधार से जुड़ा विधेयक सदन में आया तो विपक्षी सांसदों ने उसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूरे देश को देखना चाहिए कि जब यह विधेयक पेश हुआ तो विपक्ष ने हाथ उठाकर इसे अस्वीकार करने की कोशिश की और कहा कि यह विधेयक नहीं आना चाहिए।
#WATCH | On Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026, BJP MP Kangana Ranaut says, "I think they (the opposition) have made up their minds that until they get the chair, they won't let Parliament function, no matter how crucial the issues. Today, when… pic.twitter.com/ByYxX2BNp7
— ANI (@ANI) July 27, 2026
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) संसदीय दल की बैठक 'मंगल-मिलन' मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को सुबह 9:30 बजे संसद पुस्तकालय भवन (PLB) के जी.एम.सी. बालयोगी ऑडिटोरियम में आयोजित होगी।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय गृह मंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वह आखिर कहां हैं और सदन में आकर जवाब क्यों नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री को लोकसभा में आकर यह स्पष्ट करना चाहिए कि बिहार में AK-47 और दिल्ली में पेलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि लोगों के बीच यह धारणा बन रही है कि इन सभी घटनाओं के लिए गृह मंत्री ही जिम्मेदार हैं।
#WATCH | Congress MP KC Venugopal says, "Where is the Home Minister? Where is he hiding? He has to come to the Lok Sabha and answer who ordered the use of AK-47 in Bihar and pellet guns in Delhi. People are thinking that he is only commanding all these atrocities." pic.twitter.com/RqTucH9JZq
— ANI (@ANI) July 27, 2026
समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने छात्रों के खिलाफ कथित कार्रवाई को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा शासन में छात्रों पर अत्याचार रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। डिंपल यादव ने कहा कि दिल्ली में छात्रों के खिलाफ कथित तौर पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। वहीं, उन्होंने कहा कि जैसा बताया जा रहा है, बिहार में छात्रों के खिलाफ AK-47 का इस्तेमाल किए जाने की भी बात सामने आई है। उन्होंने इन घटनाओं की निंदा करते हुए इसे बेहद चिंताजनक बताया।
#WATCH | Delhi | Samajwadi Party MP Dimple Yadav says, "We are seeing how atrocities against the students are not stopping under the BJP rule. Pellet guns were used in Delhi, and like you are saying, AK-47 was used against students in Bihar. This is condemnable. The spirit of… pic.twitter.com/OA9wlrWI4c
— ANI (@ANI) July 27, 2026
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर विपक्ष से सदन में चर्चा की अपील की। उन्होंने कहा कि देशभर के छात्रों की चिंताओं को देखते हुए यह महत्वपूर्ण विधेयक लोकसभा में पेश किया जा रहा है, लेकिन कांग्रेस और कुछ विपक्षी सदस्य इस पर चर्चा करने के बजाय हंगामा कर रहे हैं।
किरेन रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा सुधारों को लेकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है और ऐसी व्यवस्था बनाने की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि इस विधेयक में पेपर लीक में शामिल पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कड़ी और समयबद्ध सजा का प्रावधान किया गया है।
#WATCH | Delhi: On Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026, Parliamentary Affairs Minister Kiren Rijiju says, "Today, in light of the concerns raised by students across the country, a crucial bill is being introduced in the Lok Sabha to address… pic.twitter.com/XJ97ZdaxPn
— ANI (@ANI) July 27, 2026
संसद की कार्यवाही दोबारा शुरू होते ही कांग्रेस सांसदों ने छात्रों के प्रदर्शन पर हुई कथित लाठीचार्ज की घटना का मुद्दा उठाया। कांग्रेस की ओर से राज्यसभा में उपनेता प्रमोद तिवारी ने यह मामला उठाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जवाबदेही तय करने की मांग की। विपक्ष के लगातार हंगामे और नारेबाजी के बीच पहले राज्यसभा और बाद में लोकसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही दोबारा शुरू हो गई है। हालांकि, कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा जारी रहा। राज्यसभा में हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। वहीं, लोकसभा की कार्यवाही जारी, जहां केंद्रीय राज्य मंत्री (कार्मिक) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 सदन में पेश किया।
#WATCH | Union Minister Jitendra Singh introduces Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, 2026 in Lok Sabha. pic.twitter.com/lq1lZ9lNAo
— ANI (@ANI) July 27, 2026
राहुल गांधी ने बिहार में पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने एक्स पर लिखा "छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है। खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ्तार करके उनपर FIR की जा रही है। मोदी जी, कहां गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है।"
राहुल ने आगे कहा "दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन चली और बिहार में AK-47। उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली- हर जगह पैटर्न एक ही है। पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है। सुधार इनके बस का नहीं है। अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज दबाएगी। मोदी जी, देश के छात्रों से माफी मांगिए और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए।"
#WATCH | Delhi | Congress MP Pawan Khera says, "You use pellet guns against the youth and think that the issue will not be raised in Parliament? No, the issue will be raised in Parliament. They will have to give an apology and take responsibility for the use of pellet guns."
— ANI (@ANI) July 27, 2026
On… pic.twitter.com/6GZADZL9h4
संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रियंका गांधी सहित विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर सीजेपी के नेतृत्व में हुए छात्र प्रदर्शन के दौरान हुई घटना को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने इस मामले में सरकार से जवाब देने और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई।
#WATCH | Delhi | Opposition MPs, including Priyanka Gandhi, are protesting at Makar Dwar of Parliament, demanding accountability of the Union Home Minister for the July 20 incident during the CJP-led students' protest at Jantar Mantar pic.twitter.com/lzs6Yfh5iH
— ANI (@ANI) July 27, 2026
संसद के मानसून सत्र के दौरान विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित रही। लगातार शोर-शराबे के चलते दोनों सदनों की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे से शुरू हो गई है। आज लोकसभा में पेपर लीक की घटनाओं पर रोक लगाने के उद्देश्य से लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा। इस विधेयक पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसे परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद के मकर द्वार पर एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें पगड़ी पहनाकर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। इसके बाद सांसद उन्हें पूरे सम्मान के साथ सदन के भीतर लेकर गए।
#WATCH | Delhi: Former Union Education Minister and BJP MP Dharmendra Pradhan arrives at the Parliament.
— ANI (@ANI) July 27, 2026
BJP-NDA MPs sloganeer "Dharmendra Pradhan zindabad" as they receive him here. pic.twitter.com/7DHXIzMkvI
नई दिल्ली में संसद भवन में आयोजित विपक्षी नेताओं की बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी शामिल होने पहुंचे।बैठक से पहले कांग्रेस सांसद फूलो देवी नेताम ने पेपर लीक के मुद्दे पर भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा "यह फैसला सही समय पर लिया गया है। भाजपा सरकार ने आखिरकार इस मुद्दे पर ध्यान दिया है। बार-बार होने वाले पेपर लीक का मामला अब गंभीर चर्चा का विषय बन चुका है।"
उन्होंने आगे कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह स्थिति पैदा किसने की? यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा मामला था, जहां लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आईं। ऐसे मुद्दे पर भाजपा सरकार को आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति नहीं करनी चाहिए। छात्रों की जीत हुई है, क्योंकि न्याय की उनकी मांग पूरी हुई है।
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने विधेयक को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिलहाल सरकार कई जगहों पर छात्रों और युवाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को जागरूकता को चुनौती नहीं मानना चाहिए। उनके अनुसार, जागरूकता ही सरकार के लिए चुनौती बन गई है। अखिलेश यादव ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के नेता एक साथ बैठेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे कि इस मुद्दे पर क्या किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि शिक्षा और परीक्षाओं की लड़ाई बहुत बड़ी है। जब से भाजपा सत्ता में आई है, उसने शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। मैं एक बार फिर युवाओं के हौसले और उनकी जागरूकता को बधाई देना चाहता हूं। यह सरकार उनकी जागरूकता को चुनौती नहीं दे सकती। परीक्षा सुधारों के लिए नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा 'सरकार आज टास्क फोर्स क्यों बना रही है? 2014 में ही क्यों नहीं बनाई गई? अगर उस समय यह कदम उठाया गया होता, तो देश 'विकसित' बनने की दिशा में और तेजी से आगे बढ़ता।'
#WATCH | Delhi: SP MP Akhilesh Yadav says, "...The struggle for education and examinations is big. Ever since the BJP came to power, it has destroyed education...Once again, I would like to congratulate the morale and awareness of youth. This Govt cannot challenge their… pic.twitter.com/ZDYUnj69bu
— ANI (@ANI) July 27, 2026
लोक परीक्षा संशोधन विधेयक, 2026 को केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह लोकसभा में पेश करेंगे। विधेयक पर चर्चा के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद अपने विचार रखेंगे। इनमें भाजपा से बांसुरी स्वराज और तेजस्वी सूर्या, तृणमूल कांग्रेस से शर्मिला सरकार और मिताली बाग, टीडीपी से लावु श्रीकृष्ण देवरायलु, शिवसेना से डॉ. श्रीकांत शिंदे, एनसीपी से सुनील तटकरे, अपना दल से अनुप्रिया पटेल और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से अरुण भारती शामिल हैं।
डीएमके सांसद तिरुचि शिवा ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत कार्यस्थगन का नोटिस दिया है। उन्होंने देश में डॉक्टर बनने की तैयारी कर रहे छात्रों की स्थिति, नीट परीक्षा से जुड़े तनाव और इसके बाद छात्रों की लगातार हो रही आत्महत्याओं पर चर्चा की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे पर चर्चा के साथ नीट परीक्षा को समाप्त करने की भी मांग उठाई है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने 20 जुलाई 2026 को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे और संसद की ओर मार्च कर रहे नीट-यूजी अभ्यर्थियों पर सुरक्षा बलों द्वारा कथित तौर पर अत्यधिक और घातक बल प्रयोग का मुद्दा उठाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ कथित रूप से पेलेट गन और शॉक बैटन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं और कुछ की आंखों की रोशनी प्रभावित होने की आशंका है। इस पूरे मामले में सरकार की जिम्मेदारी तय करने और चर्चा कराने की मांग की गई है। इसके अलावा कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में नए दल-बदल विरोधी कानून की आवश्यकता पर चर्चा कराने के लिए स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने संसद के दूसरे सप्ताह से ठीक पहले गृह मंत्री शाह को पत्र लिखा। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस के लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले दागने और पैलेट गन के इस्तेमाल पर हमले के लिए जवाबदेही की मांग की है। राहल ने लिखा, शांतिपूर्ण विरोध लोकतंत्र का अहम हिस्सा है और सरकार की जिम्मेदारी है कि वह प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करे और बातचीत के जरिये उनकी शिकायतों का समाधान करे। राहुल ने शाह से पूछा कि क्या युवाओं के खिलाफ पैलेट गन समेत जानलेवा बल प्रयोग को उन्होंने मंजूरी दी थी। कहा, छात्राओं से भी दुर्व्यवहार किया गया। राहुल ने कहा, देश इसका जवाब मांग रहा है। उन्होंने छात्र साहिल लोचब का भी जिक्र किया जिसे पैलेट गन के छर्रे लगे होने का दावा किया जा रहा है।
पुराने कानून की धारा 12 में प्रावधान था कि परीक्षा में अनुचित साधनों की जांच के लिए सीबीआई को केस सौंपा जाता था। अब राज्य सरकारें चाहें, तो जांच के लिए एसआईटी का गठन कर सकती हैं। यदि केंद्र ने एसआईटी गठित की है, तो राज्य सरकारों की एसआईटी के मुकाबले जांच वही करेगी।
संगठित अपराध पर 10 करोड़ जुर्माना
सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए सख्त कानून बनाने वाला विधेयक आज संसद में पेश किया जाएगा। इसमें पेपर लीक मामले में शिकायत दर्ज होने की तारीख से लेकर दो महीने में जांच पूरी करनी होगी। फास्ट ट्रैक कोर्ट के जज को तीन माह में केस का निपटारा कर फैसला सुनाना होगा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक-2026 लोकसभा में पेश करेंगे। इसमें पेपर लीक के आरोपियों को जल्द और सख्त सजा दिलाने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का प्रस्ताव है। सभी राज्यों के हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करेंगे। संशोधन कानून लागू होने के बाद सभी लंबित मामले स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट में स्थानांतरित किए जाएंगे। इनका भी निपटारा तीन महीने में करना होगा।
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सरकार ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा दिलाकर विपक्ष के हाथ से बड़ा मुद्दा छीन लिया है। पेपर लीक रोकने संबंधी संशोधित बिल सदन के पटल पर आ रहा है, ऐसे में सरकार अब न केवल नकल विहीन परीक्षा कराने व दोषियों को कठोर सजा दिलाने का संदेश देगी, विरोधियों पर युवाओं को बरगलाने का आरोप लगाएगी। प्रधानमंत्री की ओर से युवाओं के लिए उठाए कदमों का एलान, शिक्षा में सुधार अभियान को संसद में भी प्रभावी तरीके से सामने रखा जाएगा।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा, छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में हम शाह का इस्तीफा मांगेंगे व उच्च शिक्षा सचिव के रूप में नरेश पाल गंगवार की नियुक्ति का मामला भी उठाएंगे। वहीं, राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की उप-नेता सागरिक घोष ने नियम 267 के तहत चर्चा का नोटिस देकर प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग के मुद्दे पर तुरंत चर्चा कराने की मांग की है।
विपक्षी दल सोमवार को सदन शुरू होने से पहले बैठक कर रणनीति तय करेंगे। राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यालय में इंडिया ब्लॉक के नेता जुटेंगे। कांग्रेस व समाजवादी पार्टी खास तौर पर एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने के पक्ष में हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की मांग कर रहे हैं। राहुल के तेवर से जाहिर है कि सिर्फ शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से विपक्ष संतुष्ट नहीं होगा। सदन में पेश होने जा रहे पेपर लीक रोकने से जुड़े विधेयक पर भी विपक्ष की बैठक में रणनीति बनेगी।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन खत्म होने के बाद संसद में आज से विपक्ष युवाओं पर लाठीचार्ज के सवाल पर गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग उठाएगा। श्रीराम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मुद्दा भी विपक्ष के एजेंडे में है, जिस पर वह सरकार को घेरेगा। वहीं, सरकार ने भी विपक्ष पर पलटवार के लिए तैयारी कर ली है। विपक्ष पर हमलावर रहते हुए सरकार संसद सत्र में अब अपने रुके हुए एजेंडे को तेजी से आगे बढ़ाएगी। वह संसद में रुके हुए विधायी कार्य कराने की कोशिश करेगी।
संसद के मानसून सत्र में आज दिल्ली में हुए बलप्रयोग के मामले में विपक्षी दल सरकार को घेरने का प्रयास करेंगे। माना जा रहा है कि विपक्ष गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा भी मांगेगा। विपक्षी दलों का कहना है कि दिल्ली पुलिस ने गृह मंत्री के निर्देश पर छात्रों और युवाओं को निशाना बनाया, ऐसे में शाह को माफी भी मांगनी चाहिए। सरकार की तैयारियों और विपक्षी खेमे में बन रही घेराव की रणनीति के बीच आज का सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं। लोकसभा के साथ-साथ राज्यसभा में भी विपक्षी दल सरकार से जवाबदेही के मुद्दे पर तीखे सवाल करेंगे।