लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित हुई। केंद्र सरकार ने 90 साल पुराने विमान अधिनियम को बदलने के लिए विधेयक पेश किया; इसका उद्देश्य व्यापार को आसान बनाना है।
लोकसभा में वायनाड भूस्खलन पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
लोकसभा में केरल के विनाशकारी भूस्खलन पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि इस दुखद आपदा में जिन लोगों ने स्वजन गंवाए हैं, जो लापता हैं, जो ट्रॉमा में जी रहे हैं, जो घायल हुए हैं, उनके प्रति मैं हृदय से संवेदना व्यक्त करता हूं।
कुल राजस्व में प्रभावशाली बढ़ोत्तरी- वित्त मंत्री
राज्यसभा में बजट पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि कुल राजस्व में प्रभावशाली बढ़ोत्तरी देखी गई है। मीटरिंग पर प्रयासों ने बिजली क्षेत्र में बिलिंग और संग्रह दक्षता में सुधार किया है, जिसके परिणामस्वरूप गैर-कर राजस्व भी 22-23 में ₹5,148 करोड़ से बढ़कर 23-24 में ₹6,500 करोड़ हो गया है। यह एक बड़ा सुधार कदम है।
विपक्ष पर निर्मला सीतारमण का करारा हमला
राज्यसभा में बोलते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि, आर्टिकल 35A और 370 संविधान का हिस्सा नहीं थे। इसे बस संविधान के साथ जोड़ा गया था यह कहते हुए कि, ये भी संविधान का हिस्सा है। इसे जोड़ने के लिए कभी वैध तरीके से संशोधन नहीं लाया गया। आज जो संविधान हाथ में लेके घूमते हैं, उन्हें बताना चाहिए कि क्या ये धोखा नहीं था।
'कृषि से जुड़े सेक्टर्स के लिए 1.52 करोड़ का प्रावधान'
राज्यसभा में वित्त मंत्री ने कहा कि कृषि और इससे जुड़े सेक्टर्स के लिए बजट में 1.52 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान है जो इससे पिछले वर्ष से 8000 करोड़ ज्यादा है। तुलना के लिए बता दूं कि 2013-14 में, UPA के अंतिम वर्ष में कृषि के लिए सिर्फ 30000 करोड़ रु का आवंटन हुआ था।
'भारत को एक आकर्षक विनिर्माण गंतव्य बनाने की कोशिश'
वित्त मंत्री सीतारमण ने राज्यसभा में बजट चर्चा के जवाब में कहा- हमने भारत को एक आकर्षक विनिर्माण गंतव्य बनाने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि बजट में सहकारी संघवाद को पूरा समर्थन देने का प्रस्ताव; वित्त वर्ष 2025 में राज्यों को 22.91 लाख करोड़ रुपये की धनराशि दी गई, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 2.49 लाख करोड़ रुपये अधिक है।
राज्यसभा में वित्त मंत्री ने कहा कि, मैंने इस सदन को 2021-22 में वचन दिया था कि 2025-26 तक राजकोषीय घाटे को 4.5% के नीचे लाने के लिए काम करेंगे, जो 2021 में 9.2% तक पहुंच गया था। हम अपने लक्ष्य को पूरा करने के रास्ते पर चल रहे हैं।
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने लोकसभा में पीएम मोदी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। कांग्रेस सांसद ने बताया कि मैंने प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विशेषधिकार हनन का नोटिस दिया है। जब अनुराग ठाकुर के मंगलवार के बयान के अंश सदन की कार्यवाही से हटा दिए गए हैं तो उसके बाद पीएम मोदी ने ट्वीट कर अनुराग ठाकुर के बयान की तारीफ की और उनके बयान को प्रचारित किया।
'विपक्ष ने कहा कि आपदा के पैसे रिलीज करने का अधिकार राज्य के पास नहीं है, ये गलत है। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि SDRF में 10% राशि कोई भी राज्य अपने हिसाब से इश्यू कर सकता है। और 100% राशि के लिए भारत सरकार से किसी भी परमिशन की आवश्यकता नहीं है, केवल भारत सरकार की गाइडलाइन को फॉलो करना है।'
अमित शाह ने कहा कि 'इस देश में कई राज्य सरकारें ऐसी हैं, जिन्होंने इस प्रकार की चेतावनी का उपयोग करके शानदार आपदा प्रबंधन किया है। ओडिशा में जब नवीन बाबू की सरकार थी, तो हमने सात दिन पहले साइक्लोन का अलर्ट भेजा, सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु हुई, वो भी गलती से। गुजरात सरकार को हमने तीन दिन पहले साइक्लोन का अलर्ट भेजा, एक पशु भी नहीं मरा।'
राज्यसभा में केरल के वायनाड में हुई त्रासदी पर बोलते हुए अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही केरल सरकार को भारी बारिश की चेतावनी दी थी, लेकिन राज्य सरकार ने चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया। शाह ने कहा कि जब 23 जुलाई को ही चेतावनी दी गई थी तो लोगों को क्यों नहीं हटाया गया। अमित शाह ने कहा कि 'मैं सदन के सामने स्पष्ट करना चाहता हूं कि 23 जुलाई को केरल सरकार को मौसम संंबंधी चेतावनी भारत सरकार की ओर से दी गई थी, फिर 24 को, 25 को भी गई थी। 26 जुलाई को बताया गया कि 20 सेमी से ज्यादा वर्षा होगी, लैंडस्लाइड होने की संभावना है, कीचड़ भी आ सकता है और लोग इसमें दब कर मर भी सकते हैं।'
कर्नाटक के पूर्व सीएम बासवराज बोम्मई ने कहा कि 'मैं हैरान हूं कि बिना जाति पूछे जातीय सर्वे कैसे हो सकता है? अगर उन्हें (कांग्रेस) लगता है कि अनुराग ठाकुर ने उनका अपमान किया है तो वे जातीय सर्वे की बात करके पूरे देश का अपमान कर रहे हैं। वे जातीय सर्वे की बात कर रहे हैं तो क्या ये लोगों का अपमान नहीं है, जब उनसे जाति पूछी जाएगी?'
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, 'कल बजट चर्चा में भाजपा नेताओं द्वारा की गई असंवेदनशील और क्रूर टिप्पणियों के खिलाफ संसद के अंदर विरोध प्रदर्शन किया गया...हम जानते हैं कि जाति जनगणना एक बहुत ही भावनात्मक मुद्दा है और भारत में एससी-एसटी, ओबीसी के कई लोग जाति जनगणना चाहते हैं लेकिन कल भाजपा द्वारा उनकी मांग का मजाक उड़ाया गया। संसद के अंदर भाजपा द्वारा उनका अपमान किया गया... हम यहां उनके अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, जाति जनगणना के लिए लड़ रहे हैं और इसीलिए हमने विरोध किया।'
बीते दिनों केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की गतिविधियों में सरकारी कर्मचारियों के भाग लेने पर लगे प्रतिबंध को हटा लिया था। विपक्ष ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की। इसी मुद्दे पर बुधवार को विपक्ष ने सरकार के फैसले की आलोचना की, जिसके चलते राज्यसभा में थोड़ी देर हंगामा चला।
समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, 'ये जाति का सवाल नया नहीं है, जाति का सवाल बहुत पुराना है। जाति का सवाल जिसे जानना है उसे अंबेडकर की किताब 'एनिहिलेशन ऑफ़ कास्ट' जरूर पढ़ना चाहिए...इनके (बीजेपी) पास क्या जाति तोड़ो आंदोलन का कोई विकल्प है। जिसको जाति को लेकर दिक्कत और परेशानी है उसे मंडल कमीशन की किताब आज ही खरीद लेनी चाहिए और प्रस्तावना पढ़नी चाहिए। अगर जाति जनगणना की मांग हो रही है तो इसमें कोई गलत नहीं है। हमारे बहुत सारे फैसले और नीतियां तभी अच्छे होंगे जब जाति जनगणना होगा।'
जातिगत जनगणना पर झामुमो सांसद महुआ माझी ने कहा, 'जातिगत जनगणना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि हम अभी तक नहीं जानते कि कौन-सी नीति लाई जाए, हमें पता नहीं होता कहां कौन-सी जाति ज्यादा या कम है और बिना इसके आप नीति कैसे बना सकते हैं? जैसे झारखंड में 'जल, जंगल, जमीन' की संस्कृति है। अगर झारखंड में जंगल काटे जाएंगे और उसकी जगह विकास के नाम पर कंक्रीट का मॉल बनाया जाएगा, तो वहां का समाज खुश नहीं होगा। इसी तरह से हर समुदाय की अपनी मांगें होती हैं। इसके लिए जाति जनगणना महत्वपूर्ण है...भारत विविधता पूर्ण देश है और यही कारण है कि जाति जनगणना महत्वपूर्ण है।'
केंद्रीय मंत्री प्रलहाद जोशी ने अनुराग ठाकुर के बयान पर कहा कि 'उन्होंने जाति नहीं पूछी थी। जो लोग जाति के बारे में जानते नहीं हैं, वह जातीय जनगणना के बारे में बात कर रहे हैं। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया तो वे अपने ऊपर क्यों ले रहे हैं? अनुराग ठाकुर ने सदन में ही ये साफ कर दिया था। विपक्ष मुद्दे को भटकाना चाहता है। पंडित नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और राजीव गांधी तक हर किसी ने अन्य पिछड़े वर्ग के आरक्षण का विरोध किया था।'
लोकसभा में शिवसेना संसदीय पार्टी का उपनेता धैर्यशील माने को चुना गया है। सीएम और पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस संबंध में लोकसभा स्पीकर को पत्र लिखा है।
अनुराग ठाकुर ने मंगलवार को लोकसभा में राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी को पता होना चाहिए कि एलओपी का मतलब लीडर ऑफ अपोजीशन (नेता प्रतिपक्ष) होता है, लीडर ऑफ प्रोपेगेंडा नहीं।' लोकसभा में जाति जनगणना पर कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी को 'एक्सीडेंटल हिंदू' बताते हुए कहा कि उनकी महाभारत को लेकर जानकारी भी ऐसी ही है। इस पर, कांग्रेस सदस्य लोकसभा में हंगामा करने लगे और वेल के समक्ष आ गए। इसके बाद अनुराग ठाकुर ने कहा, 'मैंने कहा था कि जिन्हें जाति का पता नहीं, वे जाति जनगणना की बात करते हैं। मैंने किसी का नाम नहीं लिया था लेकिन, जवाब देने के लिए कौन खड़े हो गए।'
अनुराग ठाकुर के बयान पर राहुल गांधी ने कहा, 'सभापति महोदय, जो भी इस देश में दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों की बात उठाता है, जो भी उनके लिए लड़ता है, उसे अपशब्द सुनने पड़ते हैं। मैं इन अपशब्दों को खुशी से स्वीकार करूंगा। जिस प्रकार महाभारत में अर्जुन का निशाना सिर्फ मछली की आंख पर था, उसी तरह मुझे जाति जनगणना दिख रही है और जाति जनगणना हम हर हाल में कराएंगे।' इसके बाद राहुल ने सत्तारूढ़ दल से कहा, 'आपको जितने अपशब्द कहने हैं, कह दीजिए। हम खुशी से स्वीकार करेंगे। अनुराग ठाकुर ने मेरे लिए अपशब्द कहे हैं मगर मैं उनकी तरफ से कोई माफी नहीं चाहता हूं, मुझे माफी की जरूरत नहीं है। मैं अपनी लड़ाई लड़ रहा हूं।'
मेरठ से भाजपा सासंद अरुण गोविल से जब लोकसभा में जारी हंगामे पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी के बारे में कुछ भी कहना अजीब सा है। मुझे समझ नहीं आता कि वह बात को किस तरह से लेते हैं, किस तरह से समझते हैं। क्योंकि वह बात को कहीं और ले जाते हैं। वह कहना कुछ चाहते हैं, लेकिन कहते कुछ और ही हैं।'