लोकसभा के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर तीन बजे शुरू होने के बाद शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित हो गई।
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद के दोनों सदनों में विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है। लोकसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। वहीं, राज्यसभा को तीन बजे तक तक स्थगित कर दिया गया है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, अगर सरकार चर्चा के लिए तैयार थी, तो जिस दिन हमने मांग की थी, उसी दिन चर्चा शुरू हो जानी चाहिए थी। पहले क्यों तैयार नहीं थे? बाद में आपने छात्रों पर लाठीचार्ज कर दिया।
उन्होंने कहा, हम संसद सदस्य हैं, लेकिन आज सत्तापक्ष के लोगों ने ही संसद का दरवाजा रोक दिया। उन्हें शर्म आनी चाहिए। जब तक वह इस्तीफा नहीं देंगे, तब तक यह नहीं चलेगा। अब तक प्रधानमंत्री चुप क्यों थे? अगर आज की स्थिति के लिए कोई जिम्मेदार है, तो वह प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने खुलकर अपने सांसदों से छात्रों के आंदोलन का जवाब देने को कहा है। प्रधानमंत्री का इरादा ठीक नहीं है। उन्होंने कई मुद्दों पर कभी कुछ नहीं कहा।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, प्रधानमंत्री मोदी ने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का निर्देश दिया है, क्योंकि सरकार युवाओं के भविष्य के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, राहुल गांधी संसद में चर्चा नहीं चाहते। उन्होंने किसी को बताए बिना धरना दिया। वे गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करते हैं।
रविशंकर प्रसाद ने कहा, हम सभी युवाओं के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम खुली चर्चा के लिए तैयार हैं। हमारे पास कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन उनका काम सिर्फ अराजकता फैलाना है।
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा, विपक्ष और राहुल गांधी गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार कर रहे हैं। ये लोग तख्तियां लेकर आते हैं। लेकिन मुद्दे पर चर्चा नहीं करते। उन्होंने कहा, आज हम सभी जानना चाहते हैं कि वे चर्चा से क्यों भाग रहे हैं। संसद में नीट के मुद्दे पर चर्चा कीजिए। प्रधानमंत्री मोदी कह चुके हैं कि पेपर लीक के मामलों के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद कल्याण बनर्जी ने उन 20 बागी सांसदों के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन किया, जिन्होंने अलग समूह बना लिया है और एनडीए को समर्थन देने की इच्छा जताई है।
#WATCH | Delhi | TMC MP Kalyan Banerjee protests against the 20 rebel MPs who have formed another group and expressed their interest in supporting the NDA pic.twitter.com/yQoSQCo9ZZ
— ANI (@ANI) July 23, 2026
संसद परिसर में गुरुवार को एनडीए और इंडिया ब्लॉक के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों ने मकर द्वार पर अलग-अलग मुद्दों को लेकर एक साथ प्रदर्शन किया।
विपक्षी सांसद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और नीट पेपर लीक विवाद के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। वहीं, एनडीए सांसद इस मुद्दे पर संसद में चर्चा से विपक्ष के इनकार और कथित तौर पर फर्जी खबरें फैलाने के आरोप को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
इस दौरान तनाव तब बढ़ गया, जब माकपा सांसद जॉन ब्रिटास भाजपा नेता अरुण सिंह के हाथ से पोस्टर खींचते हुए दिखाई दिए। दोनों पक्षों के सांसद आमने-सामने आ गए, जिसके बाद संसद की सुरक्षा में तैनात कर्मियों ने बीच में मानव श्रृंखला बनाकर दोनों समूहों को अलग किया।
आमने-सामने की इस स्थिति के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा और बीजेपी नेताओं के बीच नारेबाजी भी हुई। इस घटना पर भाजपा सांसद संबित पात्रा ने कांग्रेस पर संसद में बहस से 'भागने' का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं, छात्रों और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के साथ बातचीत हुई है।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, धमेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा। आज हजारों युवा सड़कों पर हैं, उन पर लाठीचार्ज किया गया। कई युवा अस्पताल में भर्ती हैं। उनके माता-पिता परेशान हैं। इसलिए जब तक इस्तीफा नहीं होगा, चर्चा संभव नहीं है।
धमेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना होगा।
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 23, 2026
आज हजारों युवा सड़कों पर हैं, उन पर लाठीचार्ज किया गया। कई युवा हॉस्पिटल में भर्ती हैं, उनके माता-पिता परेशान हैं।
इसलिए जब तक इस्तीफा नहीं होगा, चर्चा संभव नहीं है। pic.twitter.com/hCRIqnd08r
संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि विपक्ष के हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है, फिर भी संसद के चौथे दिन की कार्यवाही बाधित हुई।
रिजिजू ने कहा, हमने कई विपक्षी दलों से बात की थी। लेकिन बाद में उन्होंने मनमाने तरीके से शर्तें रखना शुरू कर दिया। आज प्रधानमंत्री मोदी ने बिल्कुल साफ शब्दों में कहा है कि वह भारत के युवाओं के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि विपक्षी नेताओं में समझदारी आएगी।
रिजिजू ने कहा, यह साथ आने और भविष्य की दिशा तय करने का समय है। संसद इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए सही और उचित मंच है। बहस से बचने के लिए शर्तें न रखें। ऐसा लगता है कि वे बहाने ढूंढ रहे हैं।
विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच राज्यसभा की कार्यवाही 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। 12 बजे फिर दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू हो गई है।
कांग्रेस सांसद मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य नेता संसद परिसर के अंदर मकर द्वार पर इंडिया ब्लॉक के प्रदर्शन में शामिल हुए। वहीं, एनडीए सांसद भी इंडिया ब्लॉक के सांसदों के सामने प्रदर्शन कर रहे हैं।
#WATCH | Delhi: Congress MPs Mallikarjun Kharge, Rahul Gandhi, Priyanka Gandhi Vadra, Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav and others join the INDIA bloc protest at Makar Dwar inside the Parliament premises.
— ANI (@ANI) July 23, 2026
NDA MPs are also protesting in front of the INDIA alliance MPs pic.twitter.com/BvECIxVLpd
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद संबित पात्रा ने कहा, आज सदन के बाहर के दृश्य आप देख सकते हैं। कांग्रेस बैनर लेकर प्रदर्शन करके सदन का समय भी बर्बाद कर रही है। जिन मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए, कांग्रेस उन मुद्दों से भाग रही है।
उन्होंने कहा, पिछले 2-3 दिनों में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष जेपी नड्डा ने छात्रों और सोनम वांगचुक से बात की। इन बातचीत से एक बात सामने आई कि पेपर लीक के मुद्दे पर गंभीरता से विचार होना चाहिए और इसके लिए कड़े कानून बनाए जाने चाहिए।
संबित पात्रा ने कहा, लेकिन कांग्रेस सदन में चर्चा नहीं चाहती, वह सिर्फ राजनीति करना चाहती है। प्रधानमंत्री ने पेपर लीक मामलों में न्याय दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐतिहासिक फैसला घोषित किया है।
संसद परिसर के मकर द्वार के पास गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की अपनी मांग दोहराई। कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी विपक्षी सांसदों के इस प्रदर्शन में शामिल हुईं।
वहीं, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसदों ने भी जवाबी प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ किया गया, जिन्हें दो महिला सांसदों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के बाद सदन से निलंबित किया गया है।
राज्यसभा में हंगामे के बीच केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार और सभी दल नीट पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए सहमत थे। लेकिन उच्च सदन में मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व वाली कांग्रेस ने चर्चा के लिए शर्तें रख दीं।
रिजिजू ने कहा, शर्तें न रखें और इस मुद्दे का राजनीतिकरण न करें। इससे साफ दिखता है कि वे चर्चा नहीं होने देना चाहते।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संसद परिसर में पत्रकारों से कहा, हमने पहले भी कहा है और अब भी कह रहे हैं कि हम हर मामले की जांच के लिए तैयार हैं। हम फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाएंगे, ताकि जो भी दोषी या आरोपी हैं, उन्हें न्याय के दायरे में लाया जा सके। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी आरोपी बच न पाए और जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोई संकल्प लेते हैं तो देश और दुनिया जानती है कि वह उसे पूरा करके ही रहते हैं।
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष के जोरदार हंगामे के बी राज्यसभा की कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी गई है।
संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष के हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है। राज्यसभा में हंगामा जारी है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने राज्यसभा में कामकाज स्थगित करने का नोटिस दिया है। उन्होंने सदन में दल-बदल विरोधी कानून पर विस्तार से चर्चा कराने की मांग की है।
Congress MP Manish Tewari has submitted a Suspension of Business notice in the Rajya Sabha, seeking a detailed discussion on the Anti-Defection Law. pic.twitter.com/lAfHZSPjwy
— ANI (@ANI) July 23, 2026
कांग्रेस सांसद रणदीप सुरजेवाला ने गुरुवार को राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया। उन्होंने नीट पेपर लीक, प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार पर तत्काल चर्चा की मांग की।
सुरजेवाला ने अपने नोटिस में कहा कि परीक्षा प्रणाली में गंभीर संकट को देखते हुए सदन के अन्य काम रोककर इस मुद्दे पर चर्चा कराई जाए। उन्होंने कहा कि नीट-यूजी 2026 रद्द होने, 22 लाख से ज्यादा छात्रों के प्रभावित होने और कई भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक के आरोपों ने परीक्षा व्यवस्था की कमियों को उजागर किया है।
कांग्रेस सांसद ने सीबीएसई की डिजिटल माध्यम से उत्तर-पुस्तिकाओं के मूल्यांकन की व्यवस्था में खामियों, छात्रों की परेशानियों और प्रदर्शन कर रहे छात्रों व अभिभावकों पर पुलिस कार्रवाई का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में भरोसा बनाए रखने के लिए पारदर्शिता और सुधारों पर तुरंत चर्चा जरूरी है।
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सांसद गुरुवार को संसद के मकर द्वार पर प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन 21 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास के पास कांग्रेस के धरने के विरोध में किया जाएगा। कांग्रेस ने यह धरना परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे को लेकर किया था। एनडीए सांसदों का यह प्रदर्शन सुबह 10:30 बजे शुरू होगा।
एक दिन पहले भारतीय जनता पार्टी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विपक्ष की जिम्मेदारियों से बच रहे हैं और केवल हंगामा करने की कोशिश कर रहे हैं।
विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ प्रधानमंत्री मोदी के आवास के पास धरना दिया था। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में किया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें कुछ समय के लिए हिरासत में ले लिया था।