राज्यसभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित होने के बाद उच्च सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है और सदन को चलने नहीं दिया जा रहा है।
विपक्ष के भारी हंगामे के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कल सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
लोकसभा और राज्यसभा में फिर कार्यवाही शुरू हो गई है। मानसून सत्र के दूसरे दिन विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच दोनों सदनों को दो बार स्थगित किया गया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सीजेपी के नेतृत्व में निकाले गए छात्रों के विरोध मार्च के दौरान पुलिस कार्रवाई पर प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। राहुल गांधी ने इससे पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से भी मुलाकात की और सदन में छात्रों पर हुई 'बर्बरता' पर चर्चा कराने की मांग की।
राहुल गांधी ने पत्रकारों से कहा, कल जो हुआ, मोदी जी ने उसके लिए अब तक माफी तक नहीं मांगी है। देश के युवा शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। पूरा देश जानता है कि शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को दीमक की तरह खोखला कर दिया गया है। प्रधानमंत्री चुप क्यों हैं? उन्हें छात्रों से माफी मांगनी चाहिए और छात्रों की पिटाई का यह बकवास बंद करना चाहिए।
मानसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष नीट पेपर लीक और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन पर हुए लाठीचार्ज पर चर्चा की मांग पर अड़ा रहा। इसके चलते दिन में दूसरी बार दोनों सदनों की कार्यवाही 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, हम चाहते हैं कि इस पर (नीट पेपर लीक) चर्चा हो। चर्चा के बाद गृह मंत्री इस पर बयान दें। सदन के अन्य नेताओं को भी बात करने का मौका मिलना चाहिए। लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश चल रही है। यह अजीब दिख रहा है। मैंने पिछले 60 वर्षों में सरकार का ऐसा तरीका पहले कभी नहीं देखा है। हम चाहते हैं कि चर्चा करने का मौका दीजिए।
संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, हमारी मांग है कि धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें और शिक्षा प्रणाली और परीक्षा प्रणाली पर व्यापक चर्चा हो। दिल्ली पुलिस ने युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया है। देश इसे बर्दाश्त नहीं करेगा। सिविल ड्रेस में किसी को लाठीचार्ज करने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। जब सड़कों पर इस किस्म की चिंगारी हो तो संसद में भी आवाज उठानी पड़ती है।
संसद के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी विपक्ष का जोरदार हंगामा जारी रहा। राज्यसभा को दूसरी बार स्थगित कर दिया गया है। जबकि लोकसभा में विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी है।
लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है। दोनोंं सदनों में कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया था। फिर कार्रवाई शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू किया।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात के बाद कहा कि संसद में छात्रों पर हुई कार्रवाई और परीक्षा संकट को लेकर सरकार की जवाबदेही पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज सड़कों पर भी उठेगी और संसद में भी सुनी जाएगी।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने मंगलवार को राजधानी में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्या वास्तविक है और उनका भविष्य खतरे में डाला जा रहा है। संसद परिसर में पत्रकारों से बातचीत में प्रियंका गांधी ने कहा कि छात्र और उनके परिवार बेहतर भविष्य के लिए बहुत त्याग करते हैं और उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि यह पूरी तरह से निंदनीय है। ये युवा हैं और इनकी समस्या वास्तविक है। हम सभी जानते हैं कि वह समस्या क्या है। जब भी वे पैसे खर्च करते हैं, उनके माता-पिता उनके लिए कर्ज लेते हैं। वे संघर्ष करते हैं, उन्हें कोचिंग सेंटर जाना पड़ता है और उन्हें बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि वे बेहतर भविष्य चाहते हैं। उन्हें उस भविष्य की उम्मीद दिखाई देती है और आप उसे ही खत्म कर रहे हैं। इसे लंबे समय से चली आ रही समस्या बताते हुए कांग्रेस नेता ने कहा, यह बहुत गंभीर समस्या है। यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है और हम कई वर्षों से इस बारे में बात कर रहे हैं।
संसद के निचले सदन में हंगामे के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इस दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन की कार्यवाही और उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर अपनी बात रखी।
Delhi | Opposition MPs, led by Lok Sabha LoP Rahul Gandhi, met Lok Sabha Speaker Om Birla.
— ANI (@ANI) July 21, 2026
(Pic Source: AICC) pic.twitter.com/odytq0v4Lp
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला। खरगे ने कहा, जो छात्र पेपर लीक और नीट परीक्षा को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं, उन पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। वे अस्पतालों में हैं। उनकी समस्याएं सुनी जानी चाहिए। खरगे के इस बयान के दौरान सदन में हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
संसद के मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस सांसद हिबी ईडन ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस दिया है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से आयोजित राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में बार-बार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के मुद्दे को उठाया है। हिबी ईडन ने इस मामले पर सदन में चर्चा कराने की मांग की है।
मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा के सभापति ने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। राज्यसभा सभापति ने खरगे के अच्छे स्वास्थ्य, खुशहाली और लंबी उम्र की कामना की।
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (एलजेपी) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं और उन्हें सही मार्गदर्शन मिलने की जरूरत पर बात की।
चिराग पासवान ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के उन युवाओं के अनुभव भी साझा किए, जिन्होंने न सिर्फ देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारत का नाम रोशन किया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने युवाओं के भविष्य को लेकर भी अपने विचार रखे।
संसद के मानसून सत्र की दिन की कार्यवाही शुरू होने से पहले इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने बैठक की। इस बैठक में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले समेत कई नेता मौजूद रहे। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे भी इस बैठक में शामिल हुए। बैठक में संसद सत्र के दौरान विपक्ष की रणनीति और उठाए जाने वाले मुद्दों पर चर्चा की गई।
आज संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन है। सुबह 11 बजे संसद शुरू होते ही विपक्ष के हंगामे के बीच लोकसभा और राज्यसभा में सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।
आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह ने सोमवार को राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया। इसमें उन्होंने सदन की दिनभर की कार्यवाही रोककर नीट-यूजी पेपर लीक के आरोपों, सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने की मांग की।
राज्यसभा महासचिव को दिए गए नोटिस में संजय सिंह ने कहा कि यह मुद्दा तत्काल सार्वजनिक महत्व का है। उन्होंने सदन की तय कार्यवाही को स्थगित कर इस विषय पर चर्चा कराने की मांग की। नीट-यूजी विवाद का जिक्र करते हुए संजय सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) की ओर से 3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा को बड़े स्तर पर पेपर लीक और गड़बड़ियों के आरोपों के बाद रद्द करना पड़ा। इसके बाद पूरे देश में दोबारा परीक्षा करानी पड़ी।
उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में यह कथित तौर पर नीट पेपर लीक का चौथा मामला है। इससे भारत की सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा होगी और इसे पारित करने के लिए पेश किया जाएगा। एक दिन पहले केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह विधेयक सदन में पेश किया था।
मेघवाल इस विधेयक को विचार और पारित करने के लिए सदन में रखेंगे। इस विधेयक के जरिए सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में आगे संशोधन किया जाना है।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) के राज्यसभा सांसद तिरुचि शिवा ने कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना और इससे तमिलनाडु पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर चर्चा की मांग की है। उन्होंने राज्यसभा में नियम 267 के तहत नोटिस दिया है। इस नोटिस में उन्होंने सदन की दिनभर की कार्यवाही रोककर इस मुद्दे पर चर्चा कराने की मांग की है।
राज्यसभा महासचिव को दिए गए अपने नोटिस में तिरुचि शिवा ने 21 जुलाई की कार्यसूची में शामिल अन्य सभी कामों के साथ-साथ नियम 15, 23 और 51 को स्थगित करने की मांग की है, ताकि इस मुद्दे पर चर्चा हो सके।
नोटिस में कहा गया है कि चर्चा कावेरी नदी पर प्रस्तावित मेकेदातु संतुलन जलाशय परियोजना, इससे प्रभावित राज्य तमिलनाडु पर पड़ने वाले असर और इस मामले में एक न्यायाधिकरण के गठन की जरूरत को लेकर होनी चाहिए।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) संसदीय दल की बैठक 'मंगल मिलन' में शामिल होने के बाद कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी नेताओं को मार्गदर्शन दिया। किरेन रिजिजू ने कहा कि यह बैठक बहुत उपयोगी रही। प्रधानमंत्री ने कई अहम मुद्दों पर बात की और सभी को दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने हाल के महीनों में देश की उपलब्धियों का जिक्र किया। साथ ही, कई देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) पर भी चर्चा की।
रिजिजू के अनुसार, प्रधानमंत्री ने इन समझौतों को लेकर भरोसा दिलाया कि किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी भी तरह का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी भी देश के साथ किए जाने वाले मुक्त व्यापार समझौते में किसानों का कल्याण सबसे अहम रहेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ऐसे समझौते किसानों और देश, दोनों के हित में हों।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के संसदीय दल की बैठक मंगल मिलन की अध्यक्षता की। बैठक में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन समेत एनडीए के कई नेता शामिल हुए।
संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा होगी और इसे पारित करने के लिए पेश किया जाएगा। सोमवार को केंद्रीय कानून और न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह विधेयक सदन में पेश किया था।
अर्जुन राम मेघवाल इस विधेयक को सदन में विचार और पारित करने के लिए रखेंगे। इस विधेयक के जरिये सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) अधिनियम, 1956 में आगे संशोधन किया जाना है।
इससे पहले तृणमूल कांग्रेस सांसद सौगत रॉय, रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी के सांसद एनके प्रेमचंद्रन और कांग्रेस सांसद डीन कुरियाकोस एक वैधानिक प्रस्ताव पेश करेंगे। इसमें राष्ट्रपति से 16 मई 2026 को जारी सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन अध्यादेश, 2026 को अस्वीकार करने की मांग की जाएगी। दोनों प्रस्तावों को एक साथ लिया जाएगा।
सदन के संशोधित कामकाज की सूची में प्रश्नकाल, दस्तावेज पेश करना, संसदीय समितियों से जुड़े प्रस्ताव और नियम 377 के तहत उठाए जाने वाले मुद्दे भी शामिल हैं। लोकसभा के महासचिव 18वीं लोकसभा के सातवें सत्र के दौरान संसद के दोनों सदनों से पारित और राष्ट्रपति की मंजूरी वाले नौ विधेयक सदन के पटल पर रखेंगे।
कई केंद्रीय मंत्री भी अपने-अपने मंत्रालयों से जुड़े दस्तावेज सदन में पेश करेंगे। इनमें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय से जितिन प्रसाद, कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से रामनाथ ठाकुर, गृह मंत्रालय से नित्यानंद राय, मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय से एसपी सिंह बघेल, सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय से बीएल वर्मा और गृह मंत्रालय से बी संजय कुमार शामिल हैं। लोकसभा में आवास और शहरी मामलों की स्थायी समिति की एक रिपोर्ट से जुड़ा बयान भी रखा जाएगा।
तेलुगु देशम पार्टी के सांसद मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी और शिवसेना सांसद संजय दिना पाटिल सरकार की ओर से समिति की सिफारिशों और टिप्पणियों पर की गई अंतिम कार्रवाई से जुड़ा बयान पेश करेंगे। यह बयान 'स्मार्ट सिटीज मिशन: एक मूल्यांकन' विषय पर 17वीं लोकसभा की समिति की 21वीं रिपोर्ट से जुड़ा है।
मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण संबंधी स्थायी समिति की सिफारिशों को लागू करने की स्थिति पर तीन बयान देंगे। ये बयान पशुपालन और डेयरी विभाग से जुड़ी अनुदान मांगों की 24वीं रिपोर्ट (2024-25), 30वीं रिपोर्ट (2026-27) और 37वीं रिपोर्ट (2025-26) से संबंधित होंगे।
लोकसभा में अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण समिति के सदस्यों के चुनाव से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा होगी। भाजपा सांसद गणेश सिंह और रोडमल नागर एक साल के कार्यकाल के लिए समिति में लोकसभा के 20 सदस्यों के चुनाव का प्रस्ताव रखेंगे। इसके अलावा राज्यसभा से अपने 10 सदस्यों को इस समिति से जोड़ने और चुने गए सदस्यों के नाम लोकसभा को भेजने की सिफारिश की जाएगी।
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल और जय प्रकाश राज्यसभा से लोक लेखा समिति में एक सदस्य को जोड़ने का प्रस्ताव रखेंगे। यह पद भाजपा सांसद सुखेंदु शेखर राय के 8 जून 2026 से राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुआ है। इसी तरह भाजपा सांसद बैजयंत पांडा और शंकर लालवानी लोक उपक्रम समिति में एक सदस्य को शामिल करने का प्रस्ताव रखेंगे। यह पद राज्यसभा सांसद देवाशीष सामंतराय के 25 मई 2026 से इस्तीफा देने के बाद खाली हुआ है।
राज्यसभा में वंदे मातरम से जुड़े विधेयक पर होगी नजर
राज्यसभा में मंगलवार को राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया जाएगा। संशोधित कामकाज की सूची के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस विधेयक को पेश करने की अनुमति मांगेंगे। यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन के लिए लाया जा रहा है।