अधीर रंजन चौधरी लोकसभा से निलंबित
अधीर रंजन चौधरी के बयान को लेकर संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने आपत्ति जताई। उन्होंने मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कांग्रेस सांसद को सदन से निलंबित करने का प्रस्ताव भी रखा। उन्होंने कहा कि समिति की रिपोर्ट आने तक अधीर रंजन को निलंबित किया जाए। लोकसभा अध्यक्ष ने जोशी के प्रस्ताव पर मतदान कराया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
लोकसभा में मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिर गया है। इससे पहले प्रधानमंत्री ने विपक्ष को जमकर लताड़ा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 5 मार्च 1966 को कांग्रेस ने अपनी वायु सेना से मिजोरम में असहाय नागरिकों पर हमला करवाया। कांग्रेस को जवाब देना चाहिए कि क्या यह किसी अन्य देश की वायु सेना थी। क्या मिजोरम के लोग मेरे देश के नागरिक नहीं थे? क्या उनकी सुरक्षा भारत सरकार की जिम्मेदारी नहीं थी?
पीएम मोदी ने कहा कि इनकी पीड़ा, संवेदना सेलेक्टिव है। इनकी सभी बातें राजनीति से शुरू होती है,राजनीति पर खत्म होती है। इन्हें राजनीति के अलावा कुछ नहीं सूझता। मणिपुर में छह साल से जो सरकार है, वह समस्या का हल ढूढ रही है। पहले तो आए दिन बंद होता था, कर्फ्यू लगता था। अब सरकार उसका समाधान खोज रही है। नॉर्थ ईस्ट जिस प्रकार से साउथ एशिया का विकास हो रहा है। हमारा नॉर्थ ईस्ट विकसित होने जा रहा है, इस विकास का केंद्र बिंदू बनने जा रहा है। इसलिए हमारी सरकार ने नॉर्थ ईस्ट को प्राथमिकता दी है। नौ सालों में हमने पूर्वोत्तर के लिए अहम काम प्राथमिकता के साथ किया है।
उन्होंने कहा कि यहां सदन में मां भारती के बारे में जो कहा गया है, उसने हर भारतीय की भावना को गहरी ठेस पहुंचाई है। मुझे नहीं पता कि क्या हो गया है। सत्ता के बिना ऐसा हाल किसी को हो जाता है। सत्ता सुख के बिना जी नहीं सकते? क्या भाषा बोल रहे हैं? पता नहीं क्यों कुछ लोगों को भारत की मां की मृत्यु की कामना करते देखा गया, इससे बड़ा दुख क्या होगा। ये लोग कभी लोकतंत्र की, कभी संविधान की हत्या की बात करते हैं। दरअसल, जो इनके मन में है, वही उनके कृतित्व में सामने आ जाता है। मैं हैरान हूं। ये बोलने वाले कौन लोग हैं, देश भूल गया है। क्या विभाजन की पीड़ा हम भूल गए? उन चीखों को लेकर आज भी वह हमारे सामने आता है। वह लोग जिन्होंने मां भारती के तीन-तीन टुकड़े कर दिए, वह भी तब जब मां भारत की बेड़ियों को काटना था, तब इन्होंने मां भारती की भुजाएं काट दीं। ये लोग किस मुंह से ऐसा बोलने की हिम्मत करते हैं? ये वो लोग हैं, जिस वंदे मातरम गीत ने देश के लिए मर-मिटने की प्रेरणा दी थी। हिंदुस्तान के हर कोने में वंदे मातरम चेतना का स्वर बन गया था, इन्होंने वंदे मातरम गीत के भी टुकड़े कर दिए। ये वो लोग हैं, जो भारत तेरे टुकड़े होंगे गैंग को बढ़ावा देते हैं। ये उन लोगों की मदद कर रहे हैं, जो कहते हैं कि सिलीगुड़ी के पास जो कॉरिडोर हैं, उसे काट दें, तो पूर्वोत्तर अलग हो जाएगा।
जो बाहर गए, उन्हें पूछें कि कच्छतीवु कहां हैं, उनसे पूछिए। ये द्रमुक वाले मुझे चिट्ठी लिखते हैं कि मोदी जी उसे वापस ले आइए। तमिलनाडु से आगे और श्रीलंका से पहले यह टापू किसने किसी देश को दे दिया था? तब यह टापू मां भारती का अंग नहीं था? कौन था उस समय? श्रीमती इंदिरा गांधी के नेतृत्व में यह हुआ था। कांग्रेस का इतिहास मां भारती को छिन्न-भिन्न करने का रहा है। कांग्रेस का प्रेम क्या रहा है? एक सच्चाई बड़े दुख के साथ इस सदन के सामने रखना चाहता हूं। यह पीड़ा वह नहीं समझ पाएंगे, मैं चप्पे-चप्पे पर घुमा हुआ व्यक्ति हूं। मेरा इमोशनल अटैचमेंट है वहां के प्रति। मैं तीन प्रसंग आपके सामने रखना चाहता हूं।
'अगर इन्होंने मणिपुर पर चर्चा की गृह मंत्री की बात पर सहमति दिखाई देती थी तो विस्तृत चर्चा हो सकती थी। विस्तार से जब इन्होंने बात रखी तो पता चला कि ये लोग कैसा झूठ फैलाते हैं, कितना पाप फैला रखा है। मणिपुर की स्थिति पर देश के गृह मंत्री ने बड़े धैर्य से और राजनीति के बिना सारे विषय को विस्तार से समझाया। उसमें देश की जनता को जागरूक करने का प्रयास था। मणिपुर की समस्या के लिए रास्ते खोजने का प्रयास था।'
मणिपुर पर अदालत का फैसला आया। अब अदालतों में क्या हो रहा है, ये हम जानते हैं। उसके पक्ष-विपक्ष में स्थिति बनी। कई परिवारों को मुश्किल हुई। महिलाओं के साथ गंभीर अपराध हुए। यह अपराध अक्षम्य है। दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलवाने के लिए हम भरपूर प्रयास कर रहे हैं। जिस प्रकार से प्रयास चल रहे हैं, निकट भविष्य में शांति का सूरज जरूर उगेगा। मणिपुर फिर एक बार नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा। मैं मणिपुर के लोगों से भी आग्रहपूर्वक कहना चाहता हूं। वहां की माताओं, बहनों, बेटियों से कहना चाहता हूं- देश आपके साथ है। यह सदन आपके साथ है। हम सब मिलकर इस चुनौती का समाधान निकाल लिया, वहां शांति की स्थापना होगी। मणिपुर फिर विकास की राह पर तेज गति से आगे बढ़ेगा। प्रयासों में कोई कसर बाकी नहीं रहेगी।
पीएम मोदी के संबोधन के बीच विपक्षी दलों ने वॉकआउट कर दिया। इस पीएम ने कहा कि ये लोग सुनाने में तो विश्वास रखते हैं, लेकिन सुनने की क्षमता नहीं रखते।
'कुछ बातें समय पर कहने का अवसर मिलता है। इत्तेफाक देखिए। कल यहां दिल से बात करने की बात कही गई थी। उनके दिमाग के हाल को तो देश लंबे समय से जानता है, लेकिन अब उनके दिल का भी पता चल गया। इनका मोदी प्रेम तो इतना जबर्दस्त है कि चौबीसों घंटे सपने में मोदी आता है। अगर पानी पी लें तो कहते हैं कि मोदी को पानी पिला दिया। अगर मैं कड़ी धूप में भी चल पड़ता हूं और पसीना पोंछ देता हूं तो कहते हैं कि मोदी को पसीना ला दिया। इनके जीने का सहारा देखिए। एक गीत की पंक्ति है- डूबने वाले को तिनके का सहारा ही बहुत, दिल बहल जाए फकत इतना कि सारा ही बहुत, इतने पर भी आसमां वाला गिरा दे बिजलियां, कोई बतला दे जरा ये डूबता फिर क्या करे। मैं कांग्रेस की मुसीबत समझता हूं। इनकी लूट की दुकान है, झूठ का बाजार है। इसमें नफरत है, घोटाले हैं, तुष्टीकरण है, मन काले हैं, परिवारवाद के हवाले देश दशकों से हवाले है। तुम्हारी दुकान ने इमरजेंसी बेची है, बंटवारा बेचा है, सिखों पर जुल्म बेचे हैं। शर्म करो नफरत की दुकान वालों, तुमने सेना का स्वाभिमान बेचा है।'
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस अपने घमंड से इतनी चूर हो गई है कि उसे जमीन दिखाई तक नहीं देती। 61 वर्षों से तमिलनाडु के लोग कह रहे हैं कि कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस। पश्चिम बंगाल में उन्हें आखिरी बार 1972 में मिली थी, वे 51 साल से कह रहे हैं कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस। उत्तर प्रदेश, गुजरात के लोग 38 साल से कांग्रेस को कह रहे हैं- नो कॉन्फिडेंस। त्रिपुरा के लोग 35 वर्षों से यही कह रहे हैं। ओडिशा में कांग्रेस को आखिरी बार 1995 में जीत मिली थी, यानी 28 वर्षों से कांग्रेस को एक ही जवाब मिल रहा है- कांग्रेस नो कॉन्फिडेंस। नगालैंड के लोग भी 25 वर्षों से यही कह रहे हैं। जनता ने कांग्रेस के प्रति बार-बार नो कॉन्फिडेंस घोषित किया है।'
पीएम ने कहा कि कश्मीर दिन-रात जल रहा था, लेकिन कांग्रेस को कश्मीर के आम नागरिकों पर नहीं, हुर्रियत पर विश्वास करते थे। भारत ने आतंकवाद पर सर्जिकल स्ट्राइक किया, एयर स्ट्राइक किया। इन्हें भारत की सेना पर भरोसा नहीं था, दुश्मन के दावों पर भरोसा था। दुनिया में कोई भारत पर अपशब्द कहे, तुरंत उसे पकड़ लेते हैं। ऐसी मैग्नेटिक पावर इनके पास है। भारत में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देते हैं। मिट्टी के ढेले जितनी भी जिसकी कीमत न हो, ऐसी बातों को तवज्जो देना कांग्रेस की फितरत रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इनको (विपक्ष) भारत के सामर्थ्य पर विश्वास नहीं है। इनको भारत के लोगों पर विश्वास नहीं है। लेकिन इस सदन को बताना चाहता हूं कि इस देश का भी, भारत के लोगों का कांग्रेस के प्रति अविश्वास का भाव बहुत गहरा है। कांग्रेस अपने घमंड में इतनी चूर हो गई है कि उसे ज़मीन नहीं दिखाई दे रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं विपक्ष के साथियों के प्रति संवेदना व्यक्त करना चाहता हूं। कुछ ही दिन पहले बंगलुरू में आपने मिल-जुलकर करीब 1.5-2 दशक पुराने UPA का क्रिया कर्म किया है, उसका अंतिम संस्कार किया है। लोकतांत्रित व्यवहार की मुताबिक मुझे आप लोगों को सहानुभूति व्यक्त करनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि मैंने संवेदना व्यक्त नहीं की क्योंकि आप लोग जश्न मना रहे थे। जश्न क्यों मना रहे थे क्योंकि आप लोग खंडहर पर प्लास्टर लगा रहे थे। दशकों पुरानी खटारा गाड़ी को EV दिखाने के लिए कितना बड़ा मजबा लगाया था। आप (विपक्ष) जिसके पीछे चल रहे हैं उनको इस देश की ज़ुबान, इस देश के संस्कार की समझ नहीं है। पीड़ी दर पीड़ी यह लोग लाल और हरी मिर्च में अंतर नहीं समझ पाए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि 1990 में देश कंगाल होने की स्थिति में था। कांग्रेस के पिछले कार्यकाल में अर्थव्यवस्था 10, 11, 12 नंबर पर झूलती रही। लेकिन अब हमने शीर्ष-पांच में अपनी जगह बनाई। कांग्रेस के लोगों को लगता होगा कि ये जादू की छड़ी से हुआ है। मैं बताना चाहता हूं कि कठोर परिश्रम, निश्चित योजना और सुधारों, परिश्रम की पराकाष्ठा से हुआ है। 2028 में जब आप अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे, तब देश तीसरे नंबर पर होगा, यह हमारा विश्वास है। हमारे विपक्ष के मित्रों की फितरत में ही अविश्वास भरा पड़ा है। हमने लाल किले से स्वच्छ भारत अभियान का आह्वान किया, लेकिन उन्होंने कहा कि कैसे हो सकता है, गांधी जी भी कहकर गए थे। हमने मां-बेटी को खुले में शौच पर जाने की मजबूरी से मुक्त करने के लिए शौचालयों पर जोर दिया, तब इन्होंने कहा कि क्या लाल किले से ऐसे विषय बोले जाते हैं? जनधन खाते के समय भी ऐसा ही कहा। हमने योग, आयुर्वेद की बात की तो उसका भी मखौल उड़ाया। कांग्रेस पार्टी और उनके दोस्तों का इतिहास रहा है कि उन्हें भारत पर और भारत के सामर्थ्य पर कभी भरोसा नहीं रहा। ये विश्वास किस पर करते थे? इनका पाकिस्तान से ऐसा प्रेम था कि उनकी बातों पर भरोसा कर लेते थे। पाकिस्तान कहता था कि हमले और बातचीत साथ चलेगी। ये मान लेते थे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अविश्वास और घमंड इनकी रगों में रच-बस गया है। वे जनता के विश्वास को देख नहीं पाते। ये जो शुतुरमुर्ग अप्रोच है, इसके लिए देश क्या कर सकता है? पुरानी सोच वाले लोग कहते हैं कि जब कुछ शुभ-मंगल होता है, बच्चे भी अपने अच्छे कपड़े पहनते हैं तो काला टीका लगा देते हैं। आज चारों तरफ देश का जो मंगल हो रहा है, देश का जय-जयकार हो रहा है तो मैं आपको धन्यवाद देता हूं कि काले कपड़े पहनकर आपने भी इसे बचाने का काम किया है। विपक्ष के साथियों ने डिक्शनरी खोल-खोलकर अपशब्द ले आए। भरपूर लाए, पता नहीं कहां-कहां से लाए, लेकिन अच्छा है कि मन का गुबार निकल गया होगा। वैसे तो ये दिन-रात मुझे कोसते रहते हैं। उनका प्रिय नारा है- मोदी तेरी कब्र खुदेगी। ये इनका पसंदीदा नारा है, लेकिन मेरे लिए इनकी ये गालियां, यह अलोकतांत्रिक भाषा, मैं इसका भी टॉनिक बना देता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पता नहीं हो सकता है इंडिया से कोई फोन आया हो। कांग्रेस बार-बार उनका अपमान करती है। कभी चुनावों के नाम उन्हें अस्थाई रूप से उन्हें हटा देते हैं। हम अधीर बाबू के प्रति अपनी पूरी संवेदना व्यक्त करते हैं। ...जरा जोर से हंस लीजिए।
प्रधानमंत्री ने कहा- अविश्वास प्रस्ताव पर भी आपने कैसे चर्चा की? आपके दरबारी भी सोशल मीडिया पर बहुत दुखी हैं। मजा देखिए। फील्डिंग विपक्ष ने लगाई, लेकिन चौके-छक्के यहीं (सत्तापक्ष) से लगे। इधर तो सेंचुरी हो रही है, लेकिन विपक्ष नो बॉल पर ही चर्चा करता जा रहा है। मैं विपक्ष के साथियों से यही कहूंगा कि तैयारी करके क्यों नहीं आते जी? थोड़ी मेहनत कीजिए। मैंने पांच साल दिए थे आपको तैयारी के लिए। 2018 में मैंने कहा था कि तैयारी करके आना। क्या हाल है आपका? क्या दारिद्र है? विपक्ष के हमारे साथियों को दिखास की, छपास की इच्छा रहती है, स्वाभाविक है। आप ये मत भूलिए कि देश भी आपको देख रहा है। आपके एक-एक शब्द को देश गौर से सुन रहा है, लेकिन हर बार देश को आपने निराशा के सिवा कुछ नहीं दिया। विपक्ष के रवैये पर कहूंगा कि जिनके खुद के बही-खाते बिगड़े हुए हैं, वो भी हमसे हमारा हिसाब पूछते हैं।
उन्होंने कहा कि आज मैं देख रहा हूं कि आपने तय कर लिया है कि एनडीए और भाजपा 2024 के चुनाव में पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़कर भव्य विजय के साथ जनता के आशीर्वाद से वापस आएगी।
लोकसभा में पीएम मोदी का संबोधन शुरू हो गया है। वे अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दे रहे हैं।
पीएम मोदी लोकसभा में पहुंच गए हैं। इससे पहले अधीर रंजन चौधरी के भाषण के दौरान पीएम सदन में आए थे। वे थोड़ी ही देर में अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देंगे।
समस्या कांग्रेस की तुष्टिकरण की वजह से शुरू हुई: सिंधिया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मणिपुर की घटना का दुरुपयोग कर अपना लॉन्चपैड बनाने की तैयारी कर रहे हैं। जो भी मणिपुर में हो रहा है वह निंदनीय है, उत्तर-पूर्व की सारी समस्या कांग्रेस की तुष्टिकरण की वजह से शुरू हुई हैं। उत्तर-पूर्व में विदेशियों को अंदर (भारत में) लेकर उनको अपने फायदे के लिए नागरिकता और शरण देने का काम हुआ।
कांग्रेस ने ट्वीट किया कि हमने पीएम मोदी को सदन में आने के लिए मजबूर किया। यह अविश्वास प्रस्ताव की ताकत है।
बीजेपी सांसद राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मैं 2008 बीजिंग ओलंपिक(चीन में) में था। हमें पता चला कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी हमसे मिलने आ रहे हैं। वे हमसे मिलने नहीं आये, वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से मिले। उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि मुझे 20 साल हो गए हैं इस संसद में, लेकिन ऐसा दृश्य मैंने 2 दशक में नहीं देखा है। प्रधानमंत्री के प्रति जो शब्द इस्तमाल किए गए हैं विपक्ष के द्वारा, मैं मानता हूं कि सदन के सामने नहीं, लेकिन देश की जनता के सामने माफी मांगनी चाहिए।
फार्मेसी अधिनियम, 1948 में संशोधन के लिए फार्मेसी (संशोधन) विधेयक, 2023 राज्यसभा में पारित हो गया। इससे पहले यह विधेयक 7 अगस्त को लोकसभा से पारित हुआ था।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 'जब धृतराष्ट्र अंधे थे, तब द्रौपदी का वस्त्र हरण हुआ था, आज भी राजा अंधे बैठे हैं....मणिपुर और हस्तिनापुर में कोई फर्क नहीं है।'
कांग्रेस सांसद ने कहा कि पीएम मोदी 100 बार पीएम बनें, हमें इससे मतलब नहीं है। हमें देश की जनता से मतलब है। मणिपुर के सांसदों को बोलने क्यों नहीं दिया गया।
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 'अविश्वास प्रस्ताव की ताकत ये है कि पीएम मोदी को आज संसद में आना पड़ा। हम में से किसी ने भी अविश्वास प्रस्ताव के बारे में नहीं सोचा था। हम सिर्फ ये चाहते हैं कि पीएम मोदी संसद में आएं और मणिपुर मुद्दे पर बोलें। हम किसी और भाजपा सदस्य को नहीं बल्कि प्रधानमंत्री को ही बुलाना चाहते थे।'
संसद में बोलते हुए एआईएमआईएम सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि 'हमारे गृह मंत्री क्विट इंडिया मूवमेंट के बारे में बोल रहे थे। मुझे हैरानी है कि अगर उन्हें पता है या नहीं कि क्विट इंडिया मूवमेंट की शुरुआत एक मुसलमान द्वारा की गई थी। अगर उन्हें पता होता तो वह फिर इस नाम का इस्तेमाल नहीं करते। केंद्र सरकार जिस तरह की राजनीति कर रहे हैं, वह देश को नुकसान पहुंचाने वाली है। मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि उनके लिए हिंदुत्व ज्यादा अहम है या फिर देश।' ओवैसी ने चीन मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए पूछा कि क्या चीन हमारी जमीन पर नहीं बैठा है? ओवैसी ने कहा कि समस्या सीमा पर नहीं देश में है।
'हम यह मानते हैं कि बैंकिंग सेक्टर को मजबूत होना चाहिए और हमने इसके लिए कई कदम उठाए हैं। आज बैंक बिना किसी राजनीतिक दबाव के काम करते हैं। यह पेशेवर ईमानदारी से काम करते हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों में फैलाया हुआ आपका रायता हम साफ कर रहे हैं।'
निर्मला सीतारमण ने कहा कि 'हमारी डीबीटी की कहानी पूरी दुनिया के लिए उदाहरण है। यूपीए की सरकार के दौरान वित्तीय वर्ष 2013-14 के दौरान डीबीटी ट्रांसफर सिर्फ 7367 करोड़ रुपये था। 2014-15 में ही यह बढ़कर पांच गुना हो गया था। वहीं बीते वित्तीय वर्ष में यह 7.16 लाख करोड़ रुपये रहा।'
वित्त मंत्री ने कहा कि 'लोगों ने 2014 और 2019 में यूपीए के खिलाफ विश्वास मत दिया और उन्हें हराया। उसी तरह 2024 में भी वैसी ही स्थिति रहने वाली है। कल गृहमंत्री ने कहा था कि यूपीए का नाम बदलने की क्या जरूरत थी? विपक्ष की एकता समझ से परे है कि वह एक साथ लड़ रहे हैं या एक दूसरे के खिलाफ। इसके बाद वित्त मंत्री ने कई राज्यों के नाम लिए जिनमें विपक्षी गठबंधन के साथी एक दूसरे के खिलाफ लड़ रहे हैं। सीतारमण ने कहा कि यूपीए ने पूरा एक दशक बर्बाद किया क्योंकि यूपीए में बहुत ज्यादा भ्रष्टाचार और भाई भतीजावाद था। आज हर संकट और विपरीत परिस्थितियां सुधारों और अवसरों में तब्दील हो चुकी है।'
'इंडिया नाम बदलना इसलिए पड़ा, क्योंकि यूपीए नाम से लोगों को बहुत कुछ याद आ रहा था। भ्रष्टाचार, घोटाला लोगों को यह सब याद आ गया था। अभी यह समझ नहीं आ रहा कि यह सब साथ लड़ रहे हैं या आपस में लड़ रहे हैं। क्योंकि पंजाब में कांग्रेस-आप आपस में लड़ रहे हैं। बंगाल में लेफ्ट-टीएमसी और कांग्रेस आपस में लड़ रहे हैं। त्रिपुरा में कांग्रेस और लेफ्ट आपस में लड़ रहे हैं। गुजरात में कांग्रेस और आप आपस में लड़ रहे हैं। गोवा में कांग्रेस और आप आपस में लड़ रहे हैं। केरल में भी लेफ्ट और कांग्रेस टकराव में हैं। ऐसे कई राज्य हैं। प्रोफेसर सौगत राय को मैं बता दूं कि कांग्रेस, मंत्री ही नहीं प्रधानमंत्री भी राज्यसभा से इंपोर्ट करती थी।'
विपक्ष पर तंज कसते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि 'बन गए, मिल गए और आ गए। आज कल यही शब्द इस्तेमाल होता है, जनता के बीच। पहले यूपीए के समय क्या होता था शब्द। बिजली आएगी, अब होता है बिजली आ गई। पीएम आवास का घर तब होता था बनेगा। अब होता है घर बन गया। पहले होता था सड़क बनेगा, अब होता है बन गया। पहले एयरपोर्ट बनेगा करते थे, अब बन गया। पहले कहते थे स्वास्थ्य सेवा मिलेगी, अब कहते हैं मिल गया। पहले जनता कहती थी कि राशन आसानी से मिलेगा, अब मिल गया। इसलिए इसका समझ आवश्यक है। एक्चुअल डिलीवरी से ही बदलाव होता है, न कि मुंह से शब्द फेंककर गुमराह करने से। आप सपने दिखाते थे, हम जनता के सपने साकार करते हैं।'
'ये सब कैसे संभव हुआ। 2014 से पीएम मोदी ने हमारी पॉलिसी को इतना सुधारा कि जिसकी वजह से कोविड संकट को पार करते हुए भी रिकवरी के रास्ते में सबसे तेज गति से आगे बढ़ रहे हैं। जनधन योजना, डिजिटल इंडिया मिशन, आयुष्मान भारत, जन औषधि केंद्र ऐसी योजनाओं से सबको फायदा पहुंचाने का काम हुआ है। छह दशकों से हम सुन रहे थे गरीबी हटाओ, लेकिन ऐसा हुआ क्या? अब आप साफ देख पा रहे हैं कि गरीबी कैसे हटा रहे हैं।'
केंद्रीय वित्तमंत्री ने कहा कि 'मॉर्गन एंड स्टैनली ने 2013 में भारत को भी सबसे कमजोर इकोनॉमी में जोड़ा। उसी मॉर्गन स्टैनली ने आज भारत को ऊपर रखा है। आज देश सबसे तेज विकास दर वाली अर्थव्यवस्था है। हमारे लिए जीडीपी ग्रोथ 7.2 फीसदी है 2022-23 के लिए। इसके 2023-24 में 6.5 फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान रखा गया है। जबकि बाकी इकोनॉमी के बढ़ने का अनुमान नीचे रखा गया है।'
'यूरोजोन भी काफी मुश्किल में है। वे संघर्ष का सामना कर रहे हैं। चीन एक बढ़ती अर्थव्यवस्था है। मैं अपनी अर्थव्यवस्था की उससे तुलना नहीं करुंगी। लेकिन जिसे मजबूत माना जाता था, वह आज कस्टमर की कमी से जूझ रहा है। चीन का सिचुएशन, यूके का सिचुएशन, यूरोजोन का सिचुएशन। आपने सुना होगा अमेरिका को भी डाउनग्रेड किया गया, जिसकी वजह से उसका शेयर मार्केट डंवाडोल हुआ है। हमें इन हालात को देखते हुए भारत की अर्थव्यवस्था को समझना चाहिए।'
लोकसभा की कार्यवाही फिर शुरू हो गई है। कार्रवाई शुरू होने के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सदन को संबोधित किया। अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने कहा कि 'आज आर्थिक विषयों में दुनियाभर में संकट का समय है। बढ़ती महंगाई और घटती विकास दर। मैं उदाहरण के लिए विदेश में जो चल रहा है, उसके बारे में बताती हूं। उसके बाद मैं देश पर भी आऊंगी। 2022 में दुनिया की अर्थव्यवस्था सिर्फ 3 फीसदी से कुछ ऊपर रही है। वर्ल्ड बैंक के मुताबिक, वैश्विक विकास दर 2023 में 2.1 फीसदी पर आ जाएगी। ब्रिटेन में सबसे चुनौतीपूर्ण समय है और बैंक ऑफ इंग्लैंड ने ब्याज दर 14 बार लगातार बढ़ाया है। उसका ब्याज दर 15 साल में सबसे ज्यादा है।'
राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि 'प्रधानमंत्री के आने से क्या होने वाला है, क्या परमात्मा हैं क्या? ये कोई भगवान नहीं हैं।' खरगे के इस बयान से सदन में हंगामा शुरू हो गया और राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी गई।
पश्चिम बंगाल से भाजपा सांसद सुकांत मजूमदार ने कहा कि आज संसद में अहम दिन है। खासकर विपक्ष के लिए। पीएम मोदी एक घंटे से ज्यादा बोलेंगे और विपक्ष को इसके लिए तैयार रहना चाहिए। राहुल गांधी के फ्लाइंग किस विवाद पर भाजपा सांसद ने कहा कि यह उनकी संस्कृति और उनकी रुचि को दर्शाता है। इससे पहले उन्होंने पीएम मोदी को गले लगाया था और अब वह संसद में फ्लाइंग किस दे रहे हैं।
डीएमके सांसद तिरुची शिवा ने पीएम मोदी द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर जवाब देने पर कहा कि 'हम उम्मीद कर रहे हैं कि वह आज संसद में बोलेंगे। सरकार का मुखिया होने के नाते वह संसद में विपक्ष के सवालों का जवाब देंगे।'
राहुल गांधी द्वारा अपने संबोधन में असंसदीय भाषा के इस्तेमाल पर केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सरकार पर उंगली उठाने से पहले अधीर रंजन चौधरी को लोकसभा स्पीकर और संसद टीवी की भूमिका समझनी चाहिए। राहुल गांधी को उनके संबोधन के दौरान कल कभी नहीं टोका गया लेकिन भारत माता की हत्या ऐसा शब्द नहीं है, जिसे संसद में इस्तेमाल करना चाहिए। बता दें कि अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अगर कोई असंसदीय शब्द है तो उसे हटाने का एक प्रावधान होता है। मुझे नहीं लगता कि राहुल गांधी ने कोई असंसदीय शब्द का इस्तेमाल किया है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत माता का अपमान हुआ है। मैंने ये मुद्दा लोकसभा स्पीकर के सामने उठाया है और उन्होंने मुझे आश्वासन दिया है कि वह इस मामले को देखेंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद में सरकार की रणनीति रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अर्जुन राम मेघवाल से चर्चा की।
20 जुलाई से विपक्षी I.N.D.I.A गठबंधन मांग कर रहा है कि प्रधानमंत्री संसद में आकर मणिपुर के बारे में बोलें और वहां के लोगों को शांति और एकजुटता का संदेश दें। प्रधानमंत्री को संसद में आने में 14 दिन लग गए...हमें उम्मीद है कि वह प्रस्तावक कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई द्वारा उठाए गए सवाल का जवाब देंगे...: संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर PM मोदी के जवाब देने पर कांग्रेस सांसद मनिकम टैगोर
अमित शाह ने लोकसभा में गिनाए पीएम मोदी के काम
अमित शाह ने एक दिन पहले अविश्वास प्रस्ताव के खिलाफ जवाब देते हुए सदन में कहा कि मैं पूरे देश को बताना चाहता हूं, प्रधानमंत्री ने हिंसा की खबरें देखते ही मुझे रात में चार बजे और अगली सुबह साढ़े छह फोन किया। और विपक्ष कहता है कि मोदी जी को बिल्कुल चिंता नहीं है। हमने तीन दिन तक लगातार काम किया। 16 वीडियो कॉन्फ्रेंस की। 36,000 सीएपीएफ कर्मियों को तुरंत राज्य में भेजा। वायुसेना के विमानों का इस्तेमाल किया। मुख्य सचिव और डीजीपी को बदल दिया। सूरत से नये सलाहकार को भेजा। सब कुछ चार मई को ही किया गया। हिंसा शुरू होने के चौबीस घंटों के अंदर कार्रवाई की गई।
मणिपुर हिंसा को लेकर विपक्ष द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ संसद में लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर पीएम मोदी आज जवाब देंगे। उम्मीद जताई जा रही है कि इस दौरान पीएम मोदी विपक्ष पर हमलावर हो सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शाम चार बजे पीएम मोदी सदन में अपनी बात रखेंगे।