लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को अध्यक्ष ओम बिरला से संसद परिसर के भीतर मीडिया पर लगाए गए कथित प्रतिबंधों को हटाने का आग्रह किया। बाद में, लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने पत्रकारों के एक समूह से मुलाकात की और उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी सभी शिकायतों का समाधान किया जाएगा और उन्हें अपने कर्तव्य के निर्वहन के लिए बेहतर सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, "कोचिंग एक फलता-फूलता उद्योग बन गया है, जिसमें हाई रिटर्न मिलता है। विज्ञापनों की जांच की जानी चाहिए। विज्ञापन पर खर्च किया गया हर पैसा छात्र से आ रहा है। हर नई इमारत छात्रों के पैसे से आ रही है। इसलिए वास्तव में एक ऐसे दृष्टिकोण की आवश्यकता है जो इस समस्या से निपटने में काफी मददगार हो सके..."
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में UPSC के 3 अभ्यर्थियों की मौत की घटना पर राज्यसभा में कहा, "...लापरवाही हुई है। जब जवाबदेही तय होगी, तभी समाधान निकलेगा...यह सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है कि ऐसी घटना दोबारा न हो...."
राहुल गांधी ने कहा कि 'हम आपके चक्रव्यूह को तोड़ेंगे। जातीय जनगणना आपको डराती है लेकिन इंडी गठबंधन जातीय जनगणना कराएगा और इसी तरह हम किसानों को एमएसपी की गारंटी देंगे। फिर चाहे आप इसे पसंद करें या नहीं।'
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट पेश किए जाने से पहले वित्त मंत्रालय में आयोजित पारंपरिक हलवा समारोह का पोस्टर दिखाया। उन्होंने कहा, 'इस फोटो में बजट का हलवा बांटा जा रहा है। मुझे इसमें एक भी ओबीसी, आदिवासी या दलित अधिकारी नहीं दिख रहा। देश का हलवा बन रहा है और 73% है ही नहीं। 20 अधिकारियों ने भारत का बजट तैयार किया। हिंदुस्तान का हलवा 20 लोगों में बांटने का काम किया है।' राहुल गांधी के इस बयान पर वित्त मंत्री मुस्कुराती और हैरानी में अपने सिर पर हाथ मारते दिखाई दीं।
राहुल गांधी ने कहा कि 'युवाओं को अग्निपथ योजना के चक्रव्यूह में फंसाया गया। किसानों ने सरकार से लीगल गारंटी योजना मांगी थी, लेकिन सरकार ने उनकी मांग नहीं मानी। किसान लंबे समय से सड़क पर आंदोलन कर रहे हैं। बीते दिनों वे मुझसे मिलने आए, लेकिन उन्हें यहां आने नहीं दिया गया।' राहुल ने कहा कि 'अगर सरकार बजट में एमएसपी का प्रावधान कर देती तो किसान इस चक्रव्यूह से निकल सकते थे। मैं विपक्षी गठबंधन की तरफ से कहना चाहता हूं कि हमारी सरकार बनने पर किसानों को एमएसपी दी जाएगी।'
राहुल गांधी ने कहा कि 'राहुल गांधी ने कहा कि 'मुझे उम्मीद थी कि बजट इस चक्रव्यूह की ताकत को कम करेगा, देश के किसानों की मदद करेगा और युवाओं को फायदा देगा, मजदूरों की मदद करेगा, छोटे व्यापारियों को फायदा देगा, लेकिन बजट में बड़े उद्योगों को फायदा देने का प्रावधान किया गया है। देश में एमएसएमई बड़े पैमाने पर रोजगार देता है, लेकिन नोटबंदी, जीएसटी और कर आतंकवाद से एमएसएमई पर हमला किया गया।'। रोजगार के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि 'बजट में इंटर्नशिप प्रोग्राम की बात शायद एक मजाक था। ये इंटर्नशिप देश के बड़ी कंपनियों में दी जाएगी, लेकिन इससे युवाओं को कोई फायदा नहीं होगा। युवाओं का आज का मुख्य मुद्दा पेपरलीक है।' राहुल गांधी ने कहा कि 'बीते 10 वर्षों में 70 बार इस देश में पेपरलीक की घटना हुई है।'
राहुल गांधी ने लोकसभा में बजट पर बोलते हुए कहा कि 'हजारों साल पहले कुरूक्षेत्र में 6 लोगों ने अभिमन्यु को 'चक्रव्यूह' में फंसा कर मारा था...मैंने थोड़ा रिसर्च किया और पता चला कि 'चक्रव्यूह' का दूसरा नाम होता है 'पद्मव्यूह'- जिसका अर्थ है 'कमल निर्माण'। 'चक्रव्यूह' कमल के फूल के आकार का है। 21वीं सदी में एक नया 'चक्रव्यूह' रचा गया है- वो भी कमल के फूल के रूप में तैयार हुआ है। इसका चिन्ह प्रधानमंत्री अपने सीने पर लगाकर चलते हैं। अभिमन्यु के साथ जो किया गया, वह भारत के साथ किया जा रहा है - युवा, किसान, महिलाएं, छोटे और मध्यम व्यवसाय के साथ वही किया जा रहा है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, 'भारत में डर का माहौल है और यह डर हमारे देश के हर पहलू में व्याप्त है।'
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में कहा, 'यह एक दर्दनाक घटना है। योजना बनाना और एनओसी देना अधिकारियों की जिम्मेदारी है। सवाल यह है कि कौन जिम्मेदार हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है? यह अवैध निर्माण का सिर्फ एक मामला नहीं है, हम यूपी में देख रहे हैं कि अवैध इमारतों पर बुलडोजर चलाया जा रहा है, क्या यह सरकार यहां बुलडोजर चलाएगी या नहीं?'
भाजपा सांसद बांसुरी स्वराज ने दिल्ली की घटना पर कहा कि 'जिन छात्रों की मौत हुई, वह दिल्ली में रहकर आईएएस परीक्षा की तैयारी कर रहे थे, लेकिन दुख के साथ मुझे कहना पड़ेगा कि दिल्ली सरकार ने लापरवाही बरती, जिसकी वजह से छात्रों को जान गंवानी पड़ी। तीन छात्रों की मौत दिल्ली सरकार की संवेदनहीनता दर्शाती है, जो दिल्ली में बीते एक दशक से सत्ता में है, लेकिन दिल्ली के लोगों के लिए कोई काम नहीं किया गया। बीते दो वर्षों से एमसीडी पर भी आम आदमी पार्टी का कब्जा है, दिल्ली जल बोर्ड भी उनके नियंत्रण में है। ओल्ड राजेंद्र नगर के निवासी स्थानीय विधायक, पार्षद और अधिकारियों से शिकायत कर रहे थे, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं की गई। मैं मांग करती हूं कि गृह मंत्रालय एक समिति बनाकर इस मामले की जांच करे।'
ओल्ड राजेंद्र नगर की घटना को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को आम आदमी पार्टी के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान जमकर हंगामा हुआ और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने लोकसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे पर बोलते हुए कहा कि 'यह हैरान करने वाली स्थिति है, जब संघ लोक सेवा आयोग के जरिए देश की सेवा करने का सपना देखने वाले छात्रों और उनके परिजनों का सपना बर्बाद हो गया। इसमें मुआवजा दिया जाना चाहिए, लेकिन कोई भी मुआवजा इस हादसे की भरपाई नहीं कर सकता। कई ऐसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है। नियमों का गंभीर रूप से उल्लंघन हुआ। फायर सेफ्टी, बाढ़ सुरक्षा जैसे नियमों की अनदेखी की गई। ऐसे मामलों में निगम की भी जिम्मेदारी बनती है क्योंकि सभी जरूरी क्लीयरेंस सर्टिफिकेट बिना जांच के दिए गए।'
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को सदन में कहा कि मंत्रियों को उन सदस्यों की बात का संज्ञान बिल्कुल नहीं लेना चाहिए जो अपने स्थान पर बैठे-बैठे बोलते हैं। उन्होंने सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह टिप्पणी उस समय की, जब श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया अपने मंत्रालय से संबंधित पूरक प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। बिरला ने कहा, 'मंत्री जी, जो सदस्य बैठे-बैठे बोलते हैं, उनका नोटिस भी मत लीजिए। आप अध्यक्ष की तरफ देखकर बोलें।'
राज्यसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे पर चर्चा की मांग की गई है। उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने कहा, 'मुझे नियम 267 के तहत नोटिस मिले हैं...उन्होंने अधिकारियों की लापरवाही के कारण दिल्ली में यूपीएससी उम्मीदवारों की दुखद मौत पर चर्चा की मांग की है। मुझे लगता है कि देश के युवा जनसांख्यिकीय लाभांश को पोषित किया जाना चाहिए। आज कोचिंग व्यापार बन गई है। जब भी हम कोई समाचार पत्र पढ़ते हैं, तो पहले एक या दो पृष्ठ उनके विज्ञापनों के ही होते हैं।'
राज्यसभा ने सोमवार को उच्च सदन के पूर्व सदस्य प्रभात झा के निधन पर शोक जताया और सदस्यों ने उनके सम्मान में कुछ देर का मौन रखा। सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही सभापति जगदीप धनखड़ ने प्रभात झा के निधन का उल्लेख करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में उनके योगदान की सराहना की और कहा कि उनके लेखों में आम आदमी की चिंता झलकती थी। उन्होंने कहा, 'उनके निधन से देश ने एक शानदार लेखक, पत्रकार और योग्य सांसद खो दिया।' इसके बाद सदस्यों ने कुछ देर मौन रहकर झा को श्रद्धांजलि दी। प्रभात झा का गत शुक्रवार सुबह गुरुग्राम के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 67 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार थे।
दिल्ली कोचिंग हादसे का मामला आज लोकसभा में भी उठा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने घटना के दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि 'यह शर्मनाक घटना है। युवाओं का सपना बिखर गया और उनके परिजनों को भी सदमा लगा है। यह देश के लिए बेहद दुख की बात है। जब जीवन चला गया तो क्या कदम उठाए जा सकते हैं? पीड़ितों को मुआवजा मिलना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऐसी घटना फिर न हो और किसी को ये दुख न झेलना पड़े।'
लोकसभा में आज मनु भाकर के ओलंपिक मेडल जीतने पर बधाई दी गई। मनु भाकर ने रविवार को 10 मीटर एयर पिस्टल इवेंट में कांस्य पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया।
लोकसभा में दिल्ली कोचिंग हादसे का मुद्दा उठा। कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने घटना पर दुख जताया और कहा कि यह पूरे देश के लिए दुख की बात है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर कहते हैं, 'दिल्ली में सिविल सेवा के तीन उम्मीदवारों की मौत हो गई। कुछ दिन पहले दिल्ली एयरपोर्ट पर इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी एक घटना हुई थी और वहां एक ड्राइवर की मौत हो गई थी। दिल्ली में एक के बाद एक प्रोजेक्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विफलताएं सामने आ रही हैं। कुछ जवाबदेही होनी चाहिए। मैंने इस पर चर्चा के लिए संसद में स्थगन प्रस्ताव दिया है, हमें तुच्छ राजनीति में नहीं पड़ना चाहिए, हमें राष्ट्रीय राजधानी के लिए समाधान खोजने के बारे में सोचना चाहिए और मुझे उम्मीद है कि दिल्ली में इस तरह की समस्याओं के समाधान खोजने में अन्य सदस्य भी मुझसे सहमत होंगे।'
शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि, 'बजट से जुड़े कई मुद्दे हैं - जिस तरह से कर निर्धारण का फैसला किया गया है, उससे आम लोगों पर अधिक बोझ पड़ा है, महंगाई से कोई राहत नहीं मिली है। बेरोजगारी के मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया है और जिस तरह से बुनियादी ढांचे को तबाह किया जा रहा है - जैसा कि ओल्ड राजेंद्र नगर में हुआ - बेसमेंट में पानी भर जाने से 3 छात्रों की जान चली गई। मैं कहूंगी कि यह मौत नहीं बल्कि हत्या है और यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम बजटीय भाषणों के दौरान उन सभी मुद्दों को उठाएंगे। उन्हें (कोचिंग संस्थान को) जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, लेकिन इसके लिए जिम्मेदार अधिकारियों और एमसीडी के लोगों का क्या? इस मुद्दे पर भाजपा जो गंदी राजनीति कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है, एलजी से लेकर सभी स्तरों पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए।'
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में जम्मू और कश्मीर विनियोग विधेयक 2024 पेश करेंगी। बताया गया है कि 'निर्मला सीतारमण वित्तीय वर्ष 2024-25 की सेवाओं के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर की समेकित निधि से कुछ राशियों के भुगतान और विनियोग को अधिकृत करने के लिए, साथ ही बिल पेश करने और आगे बढ़ाने के लिए अनुमति देंगी।'
दिल्ली में कोचिंग हादसे में तीन छात्रों की मौत पर आज संसद में हंगामे के आसार हैं। कांग्रेस सांसद डॉ. अमर सिंह ने लोकसभा में कोचिंग हादसे पर स्थगन प्रस्ताव पेश किया है। कांग्रेस सांसद ने मांग की है कि दिल्ली कोचिंग सेंटर में हुए दर्दनाक हादसे में जान गंवाने वाले छात्रों की मौत की जवाबदेयी तय की जाए।
लोकसभा में विपक्ष की रणनीति के सवाल पर के सुरेश ने कहा कि कांग्रेस की लोकसभा सत्र को लेकर कोई रणनीति नहीं है, लेकिन कांग्रेस विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व करेगी और गठबंधन के नेता बैठकर रणनीति पर चर्चा करेंगे।